Health benefits of besan flour / gram flour – बेसन के स्वास्थ्य संबंधी फायदे

बाजार में कई तरह के आटे मौजूद होते है लेकिन स्वास्थ्य के मामले में चने का आटा यानी बेसन सबसे आगे रहता है। क्योंकि इसे उन दालों से मिलकर बनाया जाता है जिसमें अधिक मात्रा में प्रोटीन (protein) और कई महत्वपूर्ण पोषण मौजूद होते है।

हालांकि आटे बनने की प्रक्रिया में कई तरह के पोषक तत्व खत्म हो जाते है लेकिन चने के आटे को हाथों से बनाया जाता है बजाय किसी मशीन (machine) से.. तो चलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में आपको बेसन के स्वास्थ्य संबंधी फायदो के बारे में बताते है।

बेसन कॉलेस्ट्रल लेवल को नियंत्रित रखता है (Besan flour helps in reducing blood cholesterol level)

बेसन के लाभ (besan ke labh) बेसन में किसी भी तरह का कोई हानिकारक फैट (fat) नहीं होता है जो आपके कॉलेस्ट्रॉल लेवल (cholesterol level) को प्रभावित करे। जिसका सीधा असर आपके कार्डियोवसकुलर (cardiovascular ) के स्वास्थ्य पर पड़ता है। बल्कि बेसन में लाभकारी फैट्स (fats) मौजूद होते है जो कॉलेस्ट्रॉल लेवल (cholesterol level) को कम कर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते है। बेहतर ह्रदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है (promotes better heart health) जैसे कि हमने आपको बताया कि बेसन कॉलेस्ट्रॉल लेवल पर नियंत्रण रखता है। इसी के साथ ये ह्रदय के स्वास्थ्य को भी कायम रखता है। बेसन में सोडियम (sodium) होता है जो ह्रदय की मांसपेशियों के समुचित कार्य को सुनिश्चित करता है। बेसन को बाजार में मौजूद सबसे बेहतर आटा माना जाता है और स्वास्थ्य के लिए वरदान माना जाता है।

रक्तचाप को नियंत्रित रखता है (Controls blood pressure)

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बेसन खाने के फायदे बेसन मैग्नेशियम (magnesium) युक्त होता है जो ब्लड प्रेशर (blood pressure ) पर नियंत्रण रखता है। इसी के साथ ये आपकी वस्कुलर हेल्थ (vascular health) के  लिए भी लाभकारी होता है।

डायबिटिस का उपचार है बेसन (Besan can control diabetes)

बेसन में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (glycemic index) जो मधुमेह के मरीजों के लिए बेहतरी खाना माना जाता है। आपको बता दें कि मधुमेह से पीड़ित मरीजों को चावल और गेहूं के आटा की बजाय बेसन के बने व्यंजन का सेवन करना चाहिए।

बेसन वजन को संतुलित रखता है (Besan can be ideal for weight management)

क्या आप अपने बढ़ते वजन से परेशान है? क्या आपका वजन रुकने का नाम नहीं ले रहा है? तो आप नियमित रुप से खाने वाला आटा बदलें और फिर फर्क देखें। बेसन में डायट्री फाइबर्स (dietary fibers) भरपूर मात्रा में होते है  जिसकी वजह से ये भूख को आसानी से खत्म कर देता है। जिस तरह के फैट (fat) बेसन में मौजूद होते है वो स्वास्थ्य के लिए बेहतर फैट्स माने जाते है और वो फैट (fat) कभी भी आपका वजन बढ़ने नहीं देता है। तो वजन को संतुलित करने के लिए आज ही से बेसन आटे को चुने।

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एनिमिया के लिए बेसन है बेहतर उपचार(Besan for fighting anemia hai besan ke labh)

जैसा की आप लोग जानते है कि बेसन ग्राम (gram) से बनता है जिसमें अधिक मात्रा में आयरन (iron) होता है। जिसके चलते इसका सेवन करने से आयरन (iron ) की कमी पूरी होती है। बेसन के गुण (besan ke gun) इसी के साथ बेसन में फोलेट (folate) भी पाया जाता है जो एनिमिया जैसी बीमारी से लड़ने में कारगर साबित होता है। रोजाना खाने वाले आटे की जगह बेसन को  खाने से आपको बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते है।

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बेसन मूड के लिए भी है बेहतर विकल्प(Besan for a better mood)

बेसन विटामिन बी6 (vitamin B6) युक्त होता है जो सेरोटोनिन (serotonin) के संश्लेषण में एक अह्म भूमिका निभाता है। शरीर में नयूरोट्रांसमीटर मौजूद होते है जो तनाव का दूर करता है। इसी के साथ ये बेहतर स्वास्थ्य को भी कायम रखने में कारगर है।

बेसन होता है प्रोटीन युक्त (Besan is protein rich hai besan ke gun)

बाजार में मौजूद तमाम आटे शरीर में कार्बोहाइड्रेट बढ़ाते है लेकिन ग्राम का आटा यानी बेसन आपके शरीर को ऊर्जा देता है क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में प्रोटीन (protein) पाया जाता है। जिसके चलते ये हमेशा आटे के मामले में बेहतर विकल्प माना जाता है।

हड्डियों को मजबूत बनाने में (Besan for stronger bones)

बेसन में कैल्शियम (calcium) ज्यादा मात्रा में नहीं होता है लेकिन बेसन में जिस रूप में मौजूद होता है उसे शरीर आसानी से एबजॉर्ज (absorb) कर लेता है। जिससे आपके शरीर की हड्डियां मजबूत बनती है। इसलिए ये हड्डियां मजबूत करने के लिए ग्राम के आटे का सेवन जरुर करना चाहिए।

प्रेग्नेन्सी के लिए है आदर्श भोजन (Besan flour – an ideal food for pregnancy)

जैसी की हमने आपको बताया कि बेसन में आयरन और फोलेट (folate) अधिक मात्रा में होता है इसलिए गर्भावस्था के दौरान इसे आदर्श भोजन माना जाता है। ये सिर्फ एनिमिया (anaemia) से ही नहीं लड़ता बल्कि भ्रूण के समुचित विकास तंत्रिका को सुनिश्चि करता है। बेसन के फायदे (besan ke fayde) में बेसन में मौजूद कैल्शियम मां और बच्चे की हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। बेसन में अधिक मात्रा में मौजूद विटामिन बी-6 (vitamin b6) मां के मूड (mood) को अच्छा बनाने में मदद करता है।

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अन्य मिनरल्स (Other minerals hai besan ke fayde)

बेसन का आटा मिनरल्स के अलावा कई अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है। मैंगनीज (manganese), तांबा, कॉपर (copper), जिन्क (zinc), फास्फोरस (phosphorus), मैग्नीशियम (magnesium), आयरन (iron) और पोटेशियम (potassium) जैसे पोषक तत्व पाएं जाते है। हालांकी ये सभी मिनरल्स (minerals) कम मात्रा में बेसन में मौजूद होते है लेकिन ये शरीर के स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प होता है।

बेसन के सौंदर्य से जुड़े फायदे (Besan beauty benefits)

सभी के घरों में पाया जाने वाला बेसन कई तरह से काम आ सकता हैं। वैसे तो बेसन कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओ को दूर करने में सक्षम होता है, इसके अलावा भी इसे कई अन्य चीजों में इस्तेमाल किया जा सकता है। बेसन को कई चीजों के साथ इस्तेमाल करके आप अपनी त्वचा में नई रंगत ला सकती हैं। यह प्राकृतिक रूप से निखार लाने का बेहद ही कारगर तरीका है। अगर आप भी अपने चेहरे में कोई बदलाव चाहते हैं तो इसे एक बार आजमा कर देखें। तैलीय त्वचा के लिए बेसन एक वरदान की तरह होता हैं। इसमें दही, गुलाब जल मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इससे आपकी त्वचा की सारी गदंगी साफ हो जाएगी। इसके अलावा आप बेसन में शहद, दही या फिर पानी को मिलाकर भी अपने चेहरे पर स्क्रब (scrub) कर के निखरी और बेदाग त्वचा को पा सकती है

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