Best health benefits of eating curry Leaves, curry Leaf – करी पत्तों के स्वास्थ्य पर लाभ

करी के पत्ते काफी लम्बे समय से भारत में विभिन्न कार्यों के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं। ये पत्ते हर प्रकार के भारतीय व्यंजनों में खासतौर पर डाले जाते हैं। ये पत्ते कड़वे होते हैं तथा इनकी महक काफी तेज़ होती है। इन पत्तों को भोजन में से फेंकना नहीं चाहिए, क्योंकि इनके बहुत से गुण होते हैं। इसके स्वास्थ्य पर भी कई लाभ होते हैं, जिनमें से कुछ नीचे दिए जा रहे हैं।

कड़ी पत्ता के लाभ इससे किडनी की समस्या का इलाज (Solution for kidney problem hai kadi patta ke gun)

पेट में दर्द किडनी (kidney) की समस्या का एक मुख्य कारण हो सकता है। किडनी की समस्या की वजह से लोगों को अंतिम चरण में डायलिसिस (dialysis) के लिए जाना पड़ता है। परन्तु करी पत्ते किडनी की हर समस्या को बिना किसी साइड इफ़ेक्ट (side effects) के दूर करते हैं। अगर आपके परिवार में किसी को किडनी की कोई समस्या है तो यह काफी आवश्यक है कि आप पहले दिन से ही बचाव के उपाय अपनाएं। इस समस्या से निपटने के लिए अपने भोजन में ज़्यादा से ज़्यादा करी पत्तों का प्रयोग करें।

कढ़ी पत्ता के फायदे पित्त को नियंत्रित करे (Controlling bile hai curry patta ke labh)

करी पत्ते खाने के स्वास्थ्य लाभ

क्योंकि करी पत्तों का पौधा एक औषधीय जड़ीबूटी है, इसके पत्तों के अलावा अन्य भाग भी औषधीय गुणों से भरपूर हैं। करी पत्तों के पेड़ की छाल (bark) हाज़मे की समस्या, मधुमेह (diabetes) और पेट की अन्य समस्याओं से मुक्ति दिलाती है। अगर आप बिलियस उलटी (bilious vomiting) की समस्या से ग्रस्त हैं तो करी के पत्ते इसका काफी प्रभावी उपचार हैं। करी के पत्तों तथा छाल को गर्म पानी में डुबोएं तथा इसे कुछ देर तक रखें। एक घंटे के बाद ये पट्टियां और छाल पानी से निकाल लें तथा पित्त और उलटी की समस्या से निजात पाने के लिए ये पानी पी लें।

करी पत्ता के लाभ गर्भावस्था की समस्याएं के लिए (Problems in pregnancy)

गर्भावस्था एक महिला के जीवन का ऐसा क्षण है, जहाँ वो ना सिर्फ खुद का बल्कि अपने अंदर पल रहे बच्चे का भी काफी ख्याल रखती है। पर ऐसा करते हुए एक गर्भवती महिला को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness), उलटी का भाव आदि कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिनसे एक महिला इस समय प्रभावित होती है। मतली (nausea) वो एक कारण है जिसकी वजह से गर्भावस्था के बाद एक महिला के शरीर में हॉर्मोन्स (hormones) का परिवर्तन होता है। अगर आप उबले करी पत्तों से युक्त पानी का सेवन करें तो इससे गर्भवती महिलाओं को होने वाली परेशानी और मॉर्निंग सिकनेस की समस्या में काफी कमी आएगी।

करी पत्ते के फायदे बालों की देखभाल के लिए (Hair care or kari patta balo ke liye)

अगर आप डैंड्रफ (dandruff) और बालों के झड़ने जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं तो करी पत्ते आपके लिए एक प्रकार का रामबाण इलाज हैं। आप इन पत्तों की वजह से अपने बालों की लम्बाई में भी इज़ाफ़ा कर सकती हैं। इसके लिए एक पात्र में पानी उबालें तथा उसमें करी पत्ते, तुलसी के पत्ते, जपाकुसुम (hibiscus) के फूल तथा नारियल का तेल डालें। इन सबको उबालें तथा इसके बाद कुछ देर तक ठंडा होने के लिए छोड़ दें। अब इस मिश्रण को अपने सिर पर लगाएं और धीरे धीरे इसे अपने बालों की जड़ों में अच्छे से फैलाएं। इसे आधे घंटे तक अपने बालों में रखें तथा इसके बाद एक सौम्य शैम्पू से धो दें। इससे आपके बालों को जल्दी बढ़ने में सहायता मिलेगी।

तुलसी के पत्ते का घरेलु फेस पैक

कुछ लोगों को बालों के सफ़ेद होने की समस्या काफी सताती है। यहाँ तक कि किशोर उम्र के लोग (teenagers) भी समय से पहले बालों की कई तरह की समस्याओं से प्रभावित हो जाते हैं। इसे ठीक करने के लिए निचे दी गयी पद्दति का पालन करें।

  • कड़ी पत्ता के गुण, एक पतीले में थोड़ा तेल गर्म करें। इसके लिए आप नारियल के तेल, बादाम के तेल या ओलिव ऑइल (olive oil) का प्रयोग कर सकते हैं।
  • अब इसमें थोड़े से करी पत्ते डालें।
  • करी पत्तों को तब तक भुनने दें जब तक कि ये सुनहरे भूरे रंग के ना हो जाएं।
  • कड़ी पत्ता के गुण, इसके बाद तेल को आंच से हटा लें।
  • इसे ठंडा होने दें और एक बार ऐसा होने पर इसे एक पात्र में डाल लें।
  • करी पत्ते के गुण, इस तेल को अपने सिर पर रोज़ाना लगाएं। इससे आपके बालों में समय से पहले सफेदी (premature graying) नहीं आएगी।

करी के पत्ते दस्त (diarrhea) का काफी प्रभावी इलाज हैं। इन पत्तों में कारबाज़ोल एल्कलॉइड्स (carbazole alkaloids) होते हैं, जिनसे दस्त का काफी अच्छा इलाज होता है। दस्त को ठीक करने के लिए करी पत्ते लें तथा इसका पेस्ट या रस बनाकर सेवन करें।

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