10 things to avoid when you’re trying to get pregnant – गर्भवती होने का प्रयास करते समय परहेज करने योग्य 10 वस्तुएं

जब आप गर्भवती होने का प्रयास करती हैं तो आपकी कुछ आदतों में बदलाव होने की आवश्यकता है। नीचे उन 10 वस्तुओं की सूची दी जा रही है जिनसे गर्भावस्था की तैयारी करते समय आपको पूरी तरह परहेज करना चाहिए :

Lubricants – लुब्रिकेंट्स 

Does using a lubricant inhibit conception?- क्या लुब्रिकेंट्स का प्रयोग करने पर गर्भधारण में परेशानी होती है ?

परेशानी हो सकती है।  इससे जुड़े कुछ विरोधाभासी साक्ष्य हैं, पर कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि योनि के लुब्रिकेंट्स शुक्राणुओं को क्षतिग्रस्त करते हैं एवं उनकी गर्भाशय में जाकर अंडे को उर्वरित करने की प्रक्रिया में भी बाधा डालते हैं। यह दुकानों से खरीदे गए लुब्रिकेंट एवं कुछ घरेलू विकल्पों, जैसे जैतून का तेल, दोनों पर लागू होते हैं।

जहाँ अण्डोत्सर्ग से ठीक पहले उत्पादित सर्वाइकल म्यूकस (cervical mucus) का pH (अम्लता) शुक्राणुओं के जीवित रहने एवं हलचल करने के लिए सही होता है, पर अधिकतर लुब्रिकेंट्स का pH शुक्राणुओं के लिए अच्छा नहीं होता। असल में यह इतना अम्लीय होता है कि शुक्राणुओं को मारने के लिए पर्याप्त होता है। इसके अलावा, लुब्रिकेंट्स की मोटाई शुक्राणुओं का आगे बढ़ना मुश्किल बनाती है एवं पानी की मात्रा शुक्राणुओं को पानी सोखने के लिए बाध्य करके इन्हें क्षतिग्रस्त कर सकती है।

जब गर्भधारण आपका मुख्य उद्देश्य है तो फोरप्ले (foreplay) सबसे श्रेष्ठ लुब्रिकेंट होता है। सम्भोग करने से पहले अपना पूरा समय लें। अपने साथी को छूने, गले मिलने एवं चुम्बन लेने की प्रक्रिया में सम्मिलित होने को कहें। अधिकतर महिलाओं के अनुसार उन्हें पूर्ण रूप से सम्भोग के भाव में आने के लिए 15 से 20 मिनट की शारीरिक उत्तेजना की आवश्यकता होती है।

यदि फोरप्ले के सभी तरीकों के बाद भी आपको गीलेपन का अनुभव नहीं होता है तो लुब्रिकेंट के रूप में गर्म पानी का प्रयोग करें। पानी शुक्राणु के लिए हानिकारक नहीं होता है एवं शुक्राणुओं के गर्भाशय में पहुँचने की क्षमता में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करता।

यदि आपको अब भी गर्भवती होने के लिए लुब्रिकेंट के प्रयोग की आवश्यकता महसूस होती है, तो ऐसा विकल्प चुनें जो चिकित्सकीय जांच के दौरान दिखाया गया हो, जिससे कि यह गर्भधारण के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी हो।  इन्हें आमतौर पर उर्वरता अनुकूल लुब्रिकेंट्स के रूप में प्रचारित किया जाता है एवं इनके अंतर्गत प्री सीड एवं कंसीव प्लस (Pre-Seed and Conceive Plus) जैसे ब्रांड आते हैं।

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Certain medications – विशेष औषधियां

What medications should I stop taking now that I’m trying? – गर्भधारण की स्थिति में मुझे कौन सी औषधियां नहीं लेनी चाहिए?

इसका एक आसान जवाब यह है कि गर्भधारण से पूर्व सारी अनावश्यक औषधियां बंद कर दी जाएं, पर यह हमेशा संभव नहीं हो पाता।

ऐसी कुछ औषधियां जो भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकती हैं एवं आपको जिनसे परहेज करना चाहिए वे हैं आइसोट्रेटीनोइन (isotretinoin), जिसे एक्यूटेन (Accutane) के नाम से (एक्ने (acne) के लिए) जाना जाता है, कूमैडिन (Coumadin) – यह एक स्कंदनरोधी है जो खून का थक्का जमने से रोकता है, टेट्रासाइक्लीन (acne या संक्रमण के लिए), वैलपोरिक एसिड (valproic acid)  – मिर्गी के लिए, एसीइ (ACE) अवरोधक (उच्च रक्तचाप के लिए), शरीर में सीधे डालने वाली या गर्भनिरोधक औषधियां जैसे आईमिट्रेक्स एवं प्रोप्रानोलोल (Imitrex and propranolol) – माइग्रेन (migraine) के लिए, मलेरिया रोधी औषधियां जैसे प्लेकनील (Plaquenil), या स्टेरोइड्स  (steroids) जैसे कोर्टीसोन एवं प्रेड्नीसोन (cortisone and prednisone) की भारी खुराक (ल्यूपस (lupus) के लिए।     पर किसी भी प्रस्तावित औषधि को बंद करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य कर लें।

ओवर द काउंटर (over-the-counter) मिलने वाली कई औषधियों की छोटी खुराक सुरक्षित होती है।  पर कुछ नॉनस्टेरॉयडल (nonsteroidal) प्रज्वलनरोधी औषधियां (NSAIDS) जैसे मोट्रीन, अलीव (Motrin, Aleve) या ऐसी अन्य औषधियां जिनमें आईब्रुफेन (ibuprofen) हों, अण्डोत्सर्ग की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर सकती है एवं गर्भाशय की रेखा को आरोपण के प्रतिकूल बना सकती है।  टाइलेनोल (Tylenol) के अलावा – जिसे कभी भी लेना सुरक्षित है – आपको NSAIDS तभी लेना चाहिए जब या तो आपके मासिक धर्म का समय चल रहा हो एवं आप गर्भधारण का प्रयास कर रही हों।

किसी भी तरह की औषधि लेने से पूर्व अपने डॉक्टर से एक बार सलाह करना सर्वश्रेष्ठ होता है। कई औषधियों के गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित विकल्प होते हैं। उदाहरणस्वरुप, यदि आपको डीप वेन थ्रोम्बोसिस (deep vein thrombosis) के लिए स्कंदनरोधी की आवश्यकता हो, तो हेपारिन (heparin) सुरक्षित होती है – एवं कूमैडीन हानिकारक होती है क्योंकि यह प्लेसेंटा (placenta) को पार करती है। यदि आपको मिर्गी के लिए स्कंदनरोधी की आवश्यकता है तो डाईलेनटिन जोखिम भरा तो है पर वैलप्रोइक एसिड से सुरक्षित है। गर्भधारण करने से पूर्व अपने प्रसूति विज्ञानी से इस बारे में सलाह कर लें।

Large amounts of caffeine – काफी मात्रा में कैफीन

Caffeine: Does it affect your fertility? – कैफीन: क्या यह आपकी उर्वरता को प्रभावित करती है ?

Does caffeine affect fertility? – क्या कैफीन उर्वरता को प्रभावित करती है ?

जी हाँ, ऐसा हो सकता है। कुछ अध्ययनों ने कैफीन के सेवन एवं एक महिला के गर्भधारण के बीच सम्बन्ध पाया है तो कुछ को इसका कोई संकेत प्राप्त नहीं हुआ है।  अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है कि कैफीन एवं उर्वरता के बीच सीधा सम्बन्ध स्थापित करने के पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

हालांकि शोधकर्ता कम मात्रा में कैफीन के सेवन एवं उर्वरता की समस्या के बीच कोई सीधा सम्बन्ध स्थापित नहीं कर पाए हैं, परन्तु गर्भधारण का प्रयास करते हुए 200 से 300 मिलीग्राम कैफीन का नियमित सेवन सुरक्षित माना जाता है।  यह एक सामान्य से कम कड़ी कॉफ़ी तैयार करने हेतु करीब दो 8 औंस कप कॉफ़ी है। यदि आपकी कॉफ़ी की खपत इससे अधिक है तो आपके लिए कॉफ़ी से परहेज करना काफी अच्छा उपाय साबित होगा।

Which foods and beverages contain caffeine? – कौन से भोजन एवं पेय पदार्थों में कैफीन पाया जाता है?

कॉफ़ी निश्चित रूप से इन खाद्य पदार्थों में से एक है। कॉफ़ी में कैफीन की मात्रा कई कारणों से बदलती रहती है, जिनमें बीन (bean) के प्रकार, इसे कैसे भुना गया, किस तरह मिश्रित किया गया – एवं कॉफ़ी के कप का आकार शामिल है।  (उदाहरणस्वरुप, एस्प्रेसो में प्रति औंस अधिक कैफीन होती है, पर इसे एक छोटे कप में परोसा जाता है। अतः एक कॉफ़ी से भरा कप असल में शरीर के अन्दर अधिक कैफीन का संचार करता है। )

अपनी कॉफ़ी की खपत की देखरेख करने के लिए, आपको अन्य स्त्रोतों के बारे में भी पता होना चाहिए, जैसे चाय, सॉफ्ट ड्रिंक्स (soft drinks), शक्तिवर्धक पेय पदार्थ, चॉकलेट एवं कॉफ़ी आइसक्रीम।  कैफीन आयुर्वेदिक उत्पादों एवं ओवर द काउंटर औषधियों में भी पाया जाता है, जिसके अंतर्गत सिरदर्द, सर्दी एवं एलर्जी (allergy) के उपचार शामिल हैं।  लेबल्स (labels) को ध्यान से पढ़ें।

कॉफ़ीमात्राकैफीन
कॉफ़ी , सामान्य ब्रूड8 औंस95-200 मिलीग्राम
कॉफ़ी, स्टारबक्स ब्रूड16 औंस330 मिलीग्राम
कॉफ़ी, डंकिन दोनट्स16 औंस211 मिलीग्राम
कैफ़े लाते, मिस्तो, या काप्पुचिनो, स्टारबक्स16 औंस150 मिलीग्राम
कैफ़े लाते, मिस्तो, या काप्पुचिनो, स्टारबक्स12 औंस75 मिलीग्राम
एस्प्रेसो , स्टारबक्स1 औंस (1 शॉट )75 मिलीग्राम
एस्प्रेसो , सामान्य1 औंस (1 शॉट)64 मिलीग्राम
कॉफ़ी , सामान्य इंस्टेंट1 चम्मच  दाने31 मिलीग्राम
कॉफ़ी, सामान्य  कैफीनमुक्त8 औंस2 मिलीग्राम

 

चाय मात्रा कैफीन
काली चाय, ब्रूड8 औंस47 मिलीग्राम
ग्रीन टी, ब्रूड8 औंस25 मिलीग्राम
काली चाय, कैफीन रहित8 औंस2 मिलीग्राम
स्टारबक्स टाजो चाय टी लाते16 औंस95 मिलीग्राम
इंस्टेंट टी, मिठासरहित1 चम्मच पाउडर26 मिलीग्राम
Snapple16 औंस42 मिलीग्राम
Lipton Brisk iced tea12 औंस5 मिलीग्राम

 

सॉफ्ट ड्रिंक्स मात्रा कैफीन
कोक12 औंस35 मिलीग्राम
डाइट कोक12 औंस47 मिलीग्राम
पेप्सी12 औंस38 मिलीग्राम
डाइट पेप्सी12 औंस36 मिलीग्राम
जोल्ट कोला12 औंस72 मिलीग्राम
माउंटेन ड्यू12 औंस54 मिलीग्राम
7-अप12 औंस0 मिलीग्राम
सिएरा मिस्ट12 औंस0 मिलीग्राम
स्प्राइट

उर्जावर्धक पेय पदार्थ मात्रा कैफीन
रेड बुल8.3 औंस77 मिलीग्राम
सोबी एसेंशियल एनर्जी, बेरी ऑर ऑरेंज8 औंस48 मिलीग्राम
5-आवर एनर्जी2 औंस138 मिलीग्राम
12 औंस0 मिलीग्राम

 

How can I cut back on caffeine? – मैं कैफीन की मात्रा में कमी कैसे कर सकती हूँ?

यदि आपने कैफीन का सेवन कम करने का निश्चय किया है तो इसे छोड़ने से जुड़े लक्षणों, जैसे थकान एवं सिरदर्द से बचने के लिए इसे धीरे धीरे अपनी दिनचर्या से अलग करें।

आप किसी ऐसे पेय पदार्थ से शुरुआत करना चाहेंगे जो आधी नियमित ब्रू या आधी डीकैफ (decaf) हो।  या घरेलू गर्म पेय पदार्थों में पानी मिश्रित करके या इन्हें कम समय तक ब्रू  करके इनमें कैफीन की मात्रा कम करें।  यदि आप अंग्रेजी नाश्ते एवं चाय के साथ अपने दिन की शुरुआत करना चाहती हैं तो अपने टी बैग (tea bag) को पांच की बजाय एक मिनट तक डुबोकर रखने से कैफीन की मात्रा करीब आधी रह जाती है।

एक बार जब आपको कैफीन के बिना जीवन की आदत पड़ गयी तो आप पाएंगी कि फ्लेवर्ड सिरप (flavored syrup) के साथ गर्म दूध कॉफ़ी का अच्छा विकल्प है, एवं कैल्शियम (calcium) भी आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

Mercury in fish – मछली में मरकरी

गर्भधारण के समय मछली का सेवन: कैसे मरकरी से परहेज करके भी ओमेगा 3एस (omega-3s) प्राप्त करें?

Should I eat fish while trying to conceive? – क्या गर्भधारण का प्रयास करते हुए मुझे मछली का सेवन करना चाहिए ?

कई महिलाएं जो गर्भधारण की योजना बनाती हैं वे इस बारे में सोचती हैं। इसका जवाब हाँ है – भले ही आप आमतौर पर सीफ़ूड (seafood) का सेवन नहीं करती, इसे अपने गर्भावस्था के आहार में शामिल करने पर अवश्य विचार करें।  परन्तु आपको मछली का चुनाव सावधानी से करना होगा।

शोधों से पता चला है कि मछली कई तरह के पोषक तत्व प्रदान करती है जो आपके बच्चे के शुरूआती विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। अधिकतर विशेषज्ञ इस बात को मानते हैं कि दो ओमेगा 3 फैटी एसिड्स (fatty acids) – DHA एवं EPA – अन्य खाद्य पदार्थों में प्राप्त करना मुश्किल है।  मछली में सैचुरेटेड (saturated) वसा कम होता है तथा यह प्रोटीन (protein), विटामिन डी (vitamin D) एवं पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो विकसित हो रहे शिशु एवं स्वस्थ गर्भावस्था के लिए काफी आवश्यक होते हैं।

आपका शरीर कई हफ़्तों तक ओमेगा 3 को जमा करके रखेगा, अतः इस बात को सुनिश्चित करना एक अच्छा विकल्प होगा कि आप अभी इसकी पर्याप्त मात्रा लें जिससे गर्भावस्था के समय आपके शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा हो।

दूसरी तरफ, आपने यह भी सुना होगा कि मछली में मरकरी जैसे कुछ प्रदूषक तत्व होते हैं, जो एक शिशु के विकासशील मस्तिष्क एवं तंत्रिका प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मरकरी शरीर में जमा होती है – एवं एक बार इसकी खुराक कम करने से भी यह पूर्ण रूप से जाने में समय लेती है  – अतः आप गर्भवती होने से पूर्व इसके सेवन को लेकर चिंतित होने को लेकर सही हैं।

अधिकतर विशेषज्ञ मानते है कि महिलाओं को अपने प्रजनन वर्षों में अधिक मछलियों का सेवन करना चाहिए।  अमेरिकियों के लिए 2015 खाद्य मानदंड प्रस्तावित करते हैं कि व्यस्क प्रति सप्ताह उस सीफूड के एक प्रकार के करीब 8 औंस का सेवन करते हैं जिसमें मरकरी की मात्रा कम होती है।  (गर्भवती या देखभाल की आवश्यकता वाली महिलाओं के लिए वे प्रति सप्ताह 8 से 12 औंस प्रस्तावित करते हैं) परन्तु इस बात का पता लगाना काफी मुश्किल है कि इनमें से कौन सा श्रेष्ठ है।

नीचे कुछ ऐसे मानदंड दिए गए हैं जो आपको मरकरी के अधिक सेवन से बचाते हैं एवं वे पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं जिनकी आपको एवं आपके बच्चे को आवश्यकता होती है।

How does mercury get into fish? – मरकरी मछली में किस प्रकार प्रवेश करती है?

मरकरी हर जगह, यहाँ तक कि हमारे द्वारा प्रयुक्त हवा में भी मौजूद होती है।

कुछ स्त्रोत (जैसे ज्वालामुखी एवं जंगल की आग) प्राकृतिक होते हैं। पर यह विद्युत् संयंत्रों, सीमेंट (cement) संयंत्रों एवं कई रासायनिक तथा औद्योगिक निर्माताओं द्वारा हवा में छोड़ा जाता है।

मरकरी का प्रयोग कई सदियों से थर्मामीटर, थर्मोस्टेट, फ्लोरोसेंट लाइट (thermometers, thermostats, fluorescent lights) एवं अन्य कई वस्तुओं के उत्पादन में किया जाता रहा है।  जब ये वस्तुएं कचरे के भराव क्षेत्र में फेंक दी जाती हैं तो मरकरी पर्यावरण में प्रवेश करती है।

जब मरकरी पानी में घुल जाता है तो बैक्टीरिया (bacteria) इसे मिथाइलमरकरी (methylmercury) में परिवर्तित कर देती है।  मछलियाँ मिथाइलमरकरी को उस पानी से सोख लेती हैं जहां वे तैरती हैं एवं जहां के जीवाणुओं का उनके द्वारा सेवन किया जाता है।  मिथाइलमरकरी मछलियों की मांसपेशियों के प्रोटीन से खुद को कसकर बाँध लेती हैं एवं मछली के पकने तक वहीँ रहती हैं।\

What are the risks of getting too much mercury? – अत्याधिक मात्रा में मरकरी का सेवन करने के क्या जोखिम हो सकते हैं ?

आपका शरीर काफी आसानी से मछलियों से मिथाइलमरकरी को मछलियों से सोखकर महीनों तक रख सकता है।  एक बार आपके गर्भवती होने पर आपके शरीर का मरकरी प्लेसेंटा को भी पार कर सकता है।

कई अध्ययनों से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान मिथाइलमरकरी की कम खुराक के भी संपर्क में आने से बच्चे के विकासशील मस्तिष्क एवं तंत्रिका प्रणाली को काफी हानि पहुँच सकती है।   इसके परिणाम सामान्य से गंभीर हो सकते हैं।  पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी (EPA)  के अनुसार ज्ञान सम्बन्धी कौशल (जैसे याददाश्त एवं ध्यान लगाने की क्षमता), भाषा, हाथ पाँव की कार्यक्षमता एवं नज़र प्रभावित हो सकते हैं।

गर्भ में पलने वाला शिशु, नवजात शिशु एवं कम आयु  के बच्चों की मिथाइलमरकरी के हानिकारक तत्वों से प्रभावित होने की अधिक संभावना होती है। इसी कारण गर्भवती एवं गर्भधारण का विचार कर रही महिलाओं या देखभाल की आवश्यकता वाली महिलाओं को ग्रहण की जाने वाली मछली के प्रकार पर ध्यान देना चाहिए।

Why not just stop eating fish? – क्या हम मछली का सेवन छोड़ नहीं सकते ?

मछली पोषण का एक काफी प्रभावी माध्यम है।

उदाहरणस्वरुप, एक बड़े डेनिश अध्ययन में, उन बच्चों में, जिनकी माओं ने गर्भावस्था के दौरान सबसे अधिक मछलियों का सेवन किया था (प्रति सप्ताह औसतन 14 औंस), 6 एवं 18 महीनों में मोटर (मोटर) एवं ज्ञान कौशल उन बच्चों से अधिक पाया गया जिनकी माओं ने मछली की कम मात्रा अक सेवन किया था।

जिन बच्चों की माओं ने ना के बराबर मछलियों का सेवन किया था, उन बच्चों के विकास की दर सबसे कम पायी गयी।

कुछ शोधों में यह भी पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान मछलियों का सेवन करने से समय से पहले जन्म एवं जन्म के समय वज़न के सामान्य से कम होने की समस्या की भी रोकथाम की जा सकती है। अतः आको गर्भावस्था के दौरान भी मछलियों का सेवन अवश्य करना चाहिए।

Which fish are best to eat? – कौन सी मछलियाँ सबसे फायदेमंद होती हैं?

अच्छे विकल्पों में सालमन, ट्राउट, एनकोविस, हेरिंग, सार्दाइंस एवं शैड (salmon, trout, trout, anchovies, herring, sardines, and shad) मुख्य हैं।  उदाहरणस्वरुप, सालमन के 8 औंस,.रेनबो ट्राउट (rainbow trout) के 12 औंस या हफ्ते के 16 सार्दाइंस आपको न्यूनतम मरकरी के साथ ओमेगा 3एस की एक अच्छी खुराक प्रदान कर सकते हैं।

परड्यू (Purdue) विश्वविद्यालय एक उपयोगी वॉलेट कार्ड (wallet card) प्रकाशित करता है जो आपको बताता है कि मुख्य व्यावसायिक मछलियाँ प्रदूषण मानक पर किस स्थान पर आती हैं एवं इनमें से कितनी मछलियां सेवन करने योग्य हैं।

परड्यू ने आइफोन/आईपोड (iPhone/iPod) एप भी निर्मित किये हैं जो आपकी सीफ़ूड की खपत पर नज़र रखती है एवं ओमेगा 3एस, मरकरी एवं पीसीबी (PCB), औद्योगिक प्रदूषक तत्वों का एक समूह जो आपके बच्चे की तंत्रिका प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकते हैं, की खुराक का अंदाजा लगाता है।

Which fish should I avoid altogether? – मुझे किस मछली से पूर्ण रूप से परहेज करना चाहिए?

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) एवं EPA  प्रजनन आयु की महिलाओं एवं बच्चों को 4 उच्च मरकरी वाली प्रजातियों का सेवन करने से मना करती हैं : स्वोर्डफ़िश, शार्क, किंग मैकरील एवं टाइलफिश (swordfish, shark, king mackerel, and tilefish), जो मेक्सिको की खाड़ी में पायी जाती है।

कई अन्य विशेषज्ञ एवं अधिवक्ता दल इस सूची को बढ़ाना चाहते हैं।  परड्यू विश्वविद्यालय के टोक्सिकोलोजिस्ट (toxicologist) चार्ल्स सांतेर प्रस्तावित करते हैं कि आपको ताज़ी या जमी हुई टूना (tuna) तथा अन्य कई प्रकार की मछलियों के सेवन से परहेज करना चाहिए।

What about canned tuna? – क्या डिब्बाबंद टूना मेरे लिए सही है?

जब बात टूना की हो रही हो तो कुछ विरोधाभास उत्पन्न हो जाते हैं।

FDA के अनुसार डिब्बाबंद हलकी टूना का सेवन करना सही है परन्तु आपको अल्बाकोर (albacore) सफ़ेद टूना का सेवन सप्ताह में 6 औंस तक सीमित  करना चाहिए, क्योंकि इसमें मिथाइलमरकरी की काफी अधिक मात्रा होती है।

परड्यू विश्वविद्यालय के मानदंडों के अनुसार सप्ताह में करीबन 12 औंस डिब्बाबंद हल्की टूना का सेवन करना ठीक है, परन्तु डिब्बाबंद सफ़ेद टूना का सेवन प्रति सप्ताह 4 औंस से अधिक नहीं होना चाहिए।

अन्य विशेषज्ञ, जैसे एडवर्ड ग्रोथ, जो कि स्वतंत्र खाद्य सुरक्षा एवं पर्यावरण स्वास्थ्य सलाहकार एवं उपभोक्ता संघ के भूतपूर्व प्रधान सलाहकार हैं, डिब्बाबंद टूना को पूर्ण रूप से छोड़ने की सलाह देते हैं।  ग्रोथ का कहना है कि डिब्बाबंद टूना अमेरिकी भोजन में मिथाइलमरकरी का अब तक का सबसे बड़ा स्त्रोत है।

उपभोक्ता रिपोर्ट्स पत्रिका भी प्रस्तावित करती है कि गर्भवती महिलाओं को हर प्रकार के डिब्बाबंद टूना से परहेज करना चाहिए; गर्भावस्था के दौरान आपके लिए इसे अपनी आहार तालिका से बाहर कर देना ही श्रेयस्कर होगा। उन्होंने यह पाया कि सफ़ेद टूना में निरंतर रूप से काफी उच्च मात्रा में मिथाइलमरकरी है एवं कुछ हल्की टूना में भी यह उच्च मात्रा में पाया जाता है, अतः इसका सेवन लाभप्रद नहीं है।

What about fish caught in local waters? – क्या स्थानीय जल में पकड़ी गयी मछलियों का सेवन किया जा सकता है?

किन मछली से परहेज करना है एवं किस मछली की कितनी खुराक लेनी है आदि जानकारी के लिए अपने राज्य या स्थानीय स्वास्थ्य एवं पर्यावरण एजेंसियों द्वारा जारी की गयी चेतावनी की ओर ध्यान दें।

ये सुझाव आमतौर पर मछली पकड़ने के क्षेत्रों के पास दिशासूचक पर लिखे होते हैं। आप इसपर अपने राज्य की चेतावनी एवं सुझावों की सूची भी देख सकते हैं, जिसे परड्यू विश्वविद्यालय समय समय पर बदलता रहता है।

यदि आपको किसी स्थानीय मछली पर कोई चेतावनी ना मिले तो EPA यह प्रस्तावित करता है कि आप  इसकी खपत प्रति सप्ताह 6 औंस तक सीमित रखें एवं उस सप्ताह और किसी भी मछली का सेवन ना करें।

What can I eat, other than fish, to get my omega-3s? – ओमेगा 3 एस प्राप्त करने के लिए मछली के अलावा मैं किसका सेवन कर सकती हूँ?

अन्य खाद्य पदार्थों में DHA एवं EPA प्राप्त करना आसान नहीं है।

कई खाद्य पदार्थ – जैसे अंडे, दूध, सोय पेय पदार्थ, रस, योगर्ट (yogurt), ब्रेड (bread) एवं अनाज – अब ओमेगा 3 एस से भरपूर होते हैं, पर इनमें से अधिकतर में केवल ALA की ही मात्रा होती है।  ALA एक ओमेगा 3 है जो कुछ स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, परन्तु वे नहीं जो आप DHA एवं EPA से प्राप्त कर सकते हैं। (अधिकतर खाद्य उत्पाद लेबलों में ओमेगा 3 के प्रकार का वर्णन नहीं किया जाता)

आपने सुना होगा कि पटसन का बीज ओमेगा 3 एस का एक अच्छा स्त्रोत है, पर यह DHA या EPA प्रदान नहीं करता।  पौधों आधारित खाद्य पदार्थों में मौजूद एकमात्र ओमेगा 3 फैटी एसिड ALA है।

What about omega-3 supplements? – ओमेगा 3 पूरक पदार्थों के क्या लाभ होते हैं?

यदि आप मछली नहीं खाती तो आप ओमेगा 3 पूरक पदार्थों का सेवन कर सकती हैं। कुछ अध्ययनों ने गर्भवती या देखभाल की आवश्यकता वाली महिलाओं द्वारा ओमेगा 3 पूरक पदार्थ लेने की स्थिति में बच्चों के ज्ञान के विकास में सूक्ष्म लाभ दिखाया है, पर अधिकतर महिलाओं को इन पूरक पदार्थों से अधिक लाभ प्राप्त नहीं हुआ।

ओमेगा 3 पूरक पदार्थ EPA एवं DHA प्रदान करते हैं एवं मरकरी से रहित होते हैं। इनमें से कईयों में मछली का तेल होता है, परन्तु मरकरी वसायुक्त कोशिकाओं में पाई नहीं जाती, अतः यह तेल में मौजूद नहीं होते पर PCB मौजूद हो सकते हैं।

नोट: कुछ महिलाएं ओमेगा 3एस के स्त्रोत के रूप में कॉड लिवर (cod liver) के तेल का सेवन करती हैं।  यह जोखिम भरा होता है। कॉड लिवर तेल में विटामिन ए (vitamin A) की काफी उच्च मात्रा होती है, जिसका अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। एक ऑर चिंता की बात यह है कि यह पता लगाना काफी मुश्किल है कि क्या तेल से PCB जैसे विषैले तत्व दूर करने के लिए इन्हें फ़िल्टर (filter) किया गया है अथवा नहीं।

How much omega-3s should I get each day? – हमें हर दिन कितनी मात्रा में ओमेगा 3एस का सेवन करना चाहिए?

2015 अमेरिकी खाद्य मानदंडों के अनुसार गर्भवती एवं स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को प्रति सप्ताह ओमेगा 3एस से युक्त मछली के 8 औंस का सेवन करने से 250 मिलीग्राम EPA एवं/DHA प्राप्त होता है।

खाद्य एवं पोषण मंडल (वह दल जो पोषक तत्वों की रोजाना की प्रस्तावित खुराक तय करता है) ने DHA या EPA का प्रस्तावित स्तर तय नहीं किया है।

How can I find out how much mercury is in my body? – मुझे मेरे शरीर में मौजूद मरकरी के बारे में कैसे पता चलेगा?

आपके रक्त या बालों के सैंपल की मदद से मरकरी की जांच करना काफी आसान है, पर आमतौर पर यह जांच प्रस्तावित नहीं की जाती है। मछलियों की मात्रा एवं प्रकार की उपरोक्त निदेशिकाएं आपके मरकरी के स्तर को सुरक्षित रखेंगी।

यदि आप प्रस्तावित मात्रा से अधिक मछली का सेवन करते हैं एवं चिंतित हैं तो अपने स्वास्थ्य सलाहकार से परीक्षण की बात करें। यदि आपके शरीर में परीक्षण के बाद अत्याधिक मरकरी पायी जाती है तो आपका सलाहकार या डायटीशियन (dietitian) इसके अनुसार आपके खानपान में बदलाव प्रस्तावित करेगा।

Alcohol – शराब

Should I stop drinking before I start trying to conceive?- क्या गर्भधारण का प्रयास करने से पूर्व मुझे मद्यपान का त्याग करना चाहिए?

जी हाँ।  एक बच्चे का गर्भावस्था के पहले कुछ हफ़्तों में माँ के अपनी गर्भावस्था के बारे में जानने से पूर्व ही काफी तेज़ी से विकास होता है। कुछ शोधों से पता चला है कि कम मात्रा में भी शराब का सेवन करने पर गर्भपात की संभावना में काफी बढ़ोत्तरी हो सकती है।

विशेषज्ञों ने भी तक गर्भवती महिलाओं के लिए शराब की सुरक्षित मात्रा तय नहीं की है और ना ही उन्हें यह पता है कि बच्चों में शराब के प्रति संवेदनशीलता एवं प्रतिक्रया किस प्रकार भिन्न हो सकती है।  परन्तु क्योंकि शराब के हानिकारक प्रभाव जगजाहिर हैं, अतः गर्भधारण करने का प्रयास कर रही एवं पहले से गर्भवती महिलाओं सुरक्षित रहने के लिए हर प्रकार की शराब से परहेज करना चाहिए।

यदि आप गर्भवती होने का प्रयास कर रही हैं तो यह काफी आवश्यक है कि आप अपनी प्रजनन अवस्था के दूसरे चक्र में अण्डोत्सर्ग के बाद शराब का सेवन ना करें, क्योंकि इस समय आप गर्भवती हो सकती हैं। यदि आपका मासिक धर्म हो रहा है तो अपनी गर्भावस्था के पहले चरण में अण्डोत्सर्ग की प्रतीक्षा करते हुए दो गिलास वाइन (wine) पीना सुरक्षित है। शराब से इतर विकल्पों के लिए, बेबीसेण्टर (BabyCenter) की श्रेष्ठ “वर्जिन”(virgin) पेय पदार्थों की सूची देखें।

Smoking – धूम्रपान

Can smoking affect my sperm count? – क्या धूम्रपान से मेरे शुक्राणुओं की संख्या में प्रभाव पड़ सकता है?

जी हाँ, ऐसा बिल्कुल हो सकता है। धूम्रपान सिर्फ उन महिलाओं के लिए हानिकारक नहीं है जो गर्भधारण का प्रयास कर रही हैं – बल्कि यह पुरुषों के लिए भी काफी हानिकारक साबित होता है। फर्टिलिटी काउंसलिंग (fertility counseling) में पंजीकृत सारे जोड़ों को तुरंत धूम्रपान छोड़ना प्रस्तावित किया जाता है। इसके लिये कई कार्यक्रम आपकी सहायता कर सकते हैं।

तम्बाकू के सेवन से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या एवं गुणवत्ता में कमी देखी गयी है। यह वीर्य के एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) स्तर को भी हानि पहुंचा सकता है।  एंटीऑक्सीडेंट शुक्राणुओं को फ्री रेडिकल्स (free radicals) से होने वाली क्षति से सुरक्षित रखते हैं, जो उनकी गतिशीलता एवं अंडे को उर्वर करने की उनकी क्षमता को प्रभावित करता है। यदि कोई जोड़ा उर्वरता उपचार करवा रहा है तो पुरुष के धूम्रपान करने की स्थिति में इन- विट्रो फर्टिलाइजेशन (in-vitro fertilization) के दौरान खराब परिणाम भी सामने आए हैं।

इस बात का पूर्ण साक्ष्य है कि मारिजुआना (marijuana) का सेवन करने से भी पुरुषों की उर्वरता कम होती है।  मारिजुआना एंडोक्राइन (endocrine) प्रणाली, जो प्रजनन हॉर्मोन्स (hormones) पर नियंत्रण करती है, को प्रभावित करता है एवं पुरुष के टेस्टोस्टेरोन (testosterone). जो शुक्राणुओं के उत्पादन के लिए ज़िम्मेदार हॉर्मोन होता है, के स्तर को कम करता है।  मारिजुआना मनुष्य के शुक्राणुओं के लिए भी विषैला होता है एवं इनकी गतिशीलता एवं उर्वरता में काफी कमी लाता है।

गर्भधारण के समय मारिजुआना एवं तम्बाकू का सेवन पूर्ण रूप से बंद किया जाना चाहिए।

Certain chemicals- विशेष रसायन

Which household cleaners could hurt your fertility – कौन से घरेलू क्लीनर आपकी उर्वरता को प्रभावित कर सकते हैं?

यदि आप घर साफ़ करने से बचने का कोई बहना ढूंढ रही हैं, तो इस तथ्य पर गौर करें – कई आम क्लीनरों में मौजूद रसायनों का उर्वरता पर काफी विषैला प्रभाव पड़ता है।

“विज्ञान केवल काला या सफ़ेद नहीं होता, परन्तु इस बात के पर्याप्त सबूत हैं जिससे हमें इन रसायनों के हमारी प्रजनन प्रणाली पर हो रहे प्रभाव के बारे में सोचकर सचेत हो जाना चाहिए” कहना है एलेग्जेंड्रा गोर्मन स्क्रेंटन का, जो विमेंस वौइस् फॉर द अर्थ (Women’s Voices for the Earth) में विज्ञान एवं शोध निदेशिका तथा दल की रिपोर्ट घरेलू जोखिम: प्रजनन नुकसान एवं घरेलू क्लीनिंग उत्पाद की लेखिका हैं।

स्क्रेंटन कहती हैं, “लेबलिंग मानकों का अभाव समस्या को और भी बढ़ाता है। “सिर्फ इसलिए कि किसी उत्पाद में “प्राकृतिक” या “जैव निम्नीकरणीय” लिखा है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह सुरक्षित है” ।

नीचे कुछ ऐसे नुस्खे दिए जा रहे हैं जो आपको इस बात का ज्ञान कराएंगे कि क्या छोड़ें एवं किसे अपनाएं :

Fragrances – खुशबुएँ

क्लीनिंग वस्तुओं, जैसे लांड्री डिटर्जेंट (laundry detergents)  में सिंथेटिक (Synthetic) खुशबुएँ आमतौर पर थैलेट्स (phthalates) नामक रसायन से बंधी रहती हैं।   “निर्माता चाहते हैं कि डिब्बा खोलने पर, उत्पाद का इस्तेमाल करते समय एवं बाद में कपड़ों को सूंघते समय आपको खुशबू का अहसास हो”, कहना है मार्टिन वुल्फ का, जो सेवेंथ जनरेशन (Seventh Generation), एक ऐसी कंपनी जो विषैले उत्पादों से मुक्त शुद्ध क्लीन्ज़र का निर्माण करती है, के उत्पाद एवं पर्यावरण तकनीकी विभाग में निदेशक हैं।  “पर्यावरण में खुशबू काफी तेज़ी से फैलती है; ; [थैलेट्स] कपड़ों से खुशबू को बांधती है जिससे आप इन्हें सूंघते रहते हैं” ।  वुल्फ का कहना है कि  हर प्रकार के एयर फ्रेशेनिंग (air-freshening) उत्पादों से परहेज किया जाना चाहिए।  प्राकृतिक रूप से बदबू दूर करने वाले तत्व जैसे बेकिंग सोडा (baking soda) एवं ताज़ी हवा ज़्यादा बेहतर विकल्प है।

Petroleum-based surfactants – पेट्रोलियम आधारित आर्द्रक

एक और तरह के रसायन, अल्काइल फेनोक्सी एथोक्सिलेट्स (alkyl phenoxy ethoxylates) या APE ज़्यादा प्रसिद्ध नहीं हैं पर फिर भी इन्हें लेकर काफी शंका है। ये आर्द्रक या ऐसे माध्यम होते हैं जो पानी की सतह पर परिवर्तन पैदा करके आसानी से बिखरते हैं एवं इनका प्रयोग मुख्य रूप से लांड्री डिटर्जेंट एवं फैब्रिक सॉफ़्नर (fabric softeners) में किया जाता है।  पशुओं पर हुए शोध में, APE शुक्राणुओं की कम होती संख्या एवं अंडकोष के आकार से सम्बंधित होता है। क्योंकि ये प्राकृतिक रूप से जैवनिम्नीकृत नहीं होते, अतः एक बार लांड्री में धुलने के बाद APE पानी में प्रवेश कर जाते हैं। हालांकि इसके मनुष्यों पर प्रभाव पर कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, यह बात जानना आवश्यक है कि APE परिवार के एक रसायन,नोनोक्सिल-9 (nonoxyl-9) का प्रयोग शुक्रानुनाशक के रूप में किया जाता है।

Solvents – द्रावक

कांच के कई क्लीनरों, कारपेट (carpet) क्लीनरों, ठोस सतह क्लीनरों एवं ओवन क्लीनरों में मौजूद द्रावकों में EGBE, या 2-बुटोक्सीथैनोल पाया जाता है, जिसके प्रयोगशाला के पशुओं में पायी गयी उर्वरता की समस्याओं के साथ सम्बन्ध पाया गया है। “लोग यह नहीं सोचते कि जब एक द्रावक चिकनाई को हटा सकता है तो यह काफी आसानी से आपकी त्वचा एवं आपके शरीर में भी प्रवेश करने की क्षमता रखता है”, कहना है डेवरा ली डेविस का, जो पिट्सबर्ग कैंसर संस्थान के सेण्टर ऑफ़ एनवायर्नमेंटल ऑन्कोलॉजी (Center of Environmental Oncology) में M.P.H., निदेशक एवं ग्रेजुएट स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ (Graduate School of Public Health) में महामारी विज्ञान की प्रोफेसर (professor) हैं। “चीन में हुए अध्ययन, जहां उर्वरता की काफी गहन तरीके से जांच की जाती है, महिलाओं में घटती उर्वरता को इन रसायनों के साथ जोड़ते हैं।”

Making safer choices – सुरक्षित चुनाव करना

गर्भधारण की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए सबसे अच्छा उपाय सावधानी बरतना है। डेविस का कहना है कि “प्रजनन एक काफी संवेदनशील एवं गूढ़ प्रक्रिया है। एवं रसायनों का परीक्षण एक बार में एक के अनुसार ही किया जाता है, परन्तु हम सब सारे रसायनों के संपर्क में ही आते हैं।  इन मिश्रणों का हमारे शरीर पर हो रहे प्रभाव की वृहतता जानने में हम अभी भी सफल नहीं हुए हैं।”

सुरक्षित क्लीनर का चुनाव ना कर पाने के पीछे साफ़ लेबलिंग का ना होना भी काफी अहम कारण है।  निर्माता की वेबसाइट पर जाकर मटेरियल सेफ्टी डाटा शीट्स (Material Safety Data Sheets (MSDS) देखकर यह पता लगाएं कि इस बोतल में क्या है (हालांकि MSDS आमतौर पर हर उत्पाद का वर्णन नहीं करता है, बल्कि सिर्फ उनका नाम लिखता है जो उनके हिसाब से जोखिम भरे होते हैं) अधिक जानकारी के लिए, डिब्बे पर उपभोक्ता सेवा के नंबर पर संपर्क करें एवं उनसे उत्पाद की सामग्रियों के बारे में पूछें। “जो भी कंपनी कुछ नहीं बताती उसपर भरोसा नहीं किया जा सकता”, कहना है सेवेंथ जनरेशन के वुल्फ का।

Three ways to clean green – “क्लीन ग्रीन के तीन तरीके

सेवेंथ जनरेशन – पारंपरिक क्लीनर्स से हटकर क्लीनर बनाने वाली पहली कंपनियों में से एक, सेवेंथ जनरेशन काफी आसानी से इसके उत्पादों में मौजूद सामग्रियों का खुलासा करती है।  हर बोतल के पीछे एक कार्यशील सामग्री सूची दी गयी होती है, एवं सम्पूर्ण सामग्री सूची वेबसाइट में दी गयी होती है। सभी क्लीनरों (स्वचालित डिशवाशर (dishwasher) डिटर्जेंट के अलावा) के निर्माण में किसी भी पेट्रोलियम आधारित उत्पाद का इस्तेमाल नहीं किया जाता एवं ये जैव निम्नीकृत तथा विष से मुक्त होते हैं।  यदि आप किसी भी प्रकार की खुशबू एवं डाई (dye) से रहित विकल्प की तलाश में हैं तो इस क्लीनर का प्रयोग अवश्य करें।

होली काऊ – हालांकि इनकी रंग बिरंगी बोतलें एवं खुशनुमा गाय को देखकर मन में कई अन्य विचार आ सकते हैं, पर जब बात सुरक्षित एवं प्रभावी सफाई की हो तो ये उत्पाद सबसे ज्यादा मांग में होते हैं। होली काऊ  विषैले पदार्थों से मुक्त, हर स्थिति के लिए एवं घनत्वयुक्त क्लीनर का निर्माण करती है जो कंपनी के दावों के अनुसार कार के इंजन का ग्रीज़ हटाने में सक्षम हैं, पर आप इसका प्रयोग अपने बर्तनों पर भी कर सकती हैं।

खुद से निर्मित किये जा सकने वाले क्लीनर – यदि आपके मन में कुछ नया करने की भावना है तो आप अपने खुद के उत्पादों को भी मिश्रित कर सकती हैं।  विमेंस वॉइसेस फॉर द अर्थ की पास विभिन्न विषमुक्त क्लीनर्स बनाने का स्त्रोत उपलब्ध है।  इस क्लीनर का प्रयोग करें : दो कप सफ़ेद सिरके एवं दो कप पानी को आपस में मिश्रित करें। अगर आप चाहें तो इसमें खुशबू के लिए आवश्यक तेल की कुछ बूँदें डाल सकते हैं।  कड़े दागों को साफ करने हेतु इसकी शक्ति बढ़ाने के लिए इस मिश्रण को माइक्रोवेव (microwave) में तब तक डाले रखें जब तक यह हल्का गर्म ना हो जाए।

Stress – तनाव

Can stress get in the way of getting pregnant? – क्या तनाव गर्भधारण की प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है?

तनाव गर्भधारण में बाधा डाल सकता है। असल में यदि आपको गर्भधारण करने में परेशानी हो रही हैतो आपने कई लोगों से यह सुन ही लिया होगा, ” तनाव मत लो, सब ठीक हो जाएगा। ” हालांकि सुनने में यह अच्छा नहीं लगता, पर मानें ना मानें, यह सच है।

ऐसा इसलिए क्योंकि तनाव हाइपोथालामस (hypothalamus) – मस्तिष्क की एक ग्रंथि जो आपकी भूख भावनाओं, एवं उन हॉर्मोन्स पर नियंत्रण रखती है जो आपके अंडाशय को अंडे छोड़ने का आदेश देते हैं – की कार्यशीलता को प्रभावित करता है।  यदि आप तनाव में हैं तो आप या तो आप अपने चक्र के बाद के समय में अण्डोत्सर्ग करती हैं या बिल्कुल नहीं।  अतः अगर आप 14वें दिन यह सोचकर सम्भोग कर रही हैं कि आपका अण्डोत्सर्ग होने वाला है तो आप गर्भधारण का मौक़ा चूक सकती हैं।

निरंतर एवं अचानक तनाव के बीच अंतर पता होना आवश्यक है। यदि आपके तनाव का स्तर काफी ज़्यादा परन्तु नियमित है, तो आपके शरीर को इसकी आदत हो जाएगी एवं आपका अण्डोत्सर्ग हर चक्र में होगा।  अचानक आये तनाव – जैसे किसी दुर्घटना या परिवार में किसी की मृत्यु से आने वाला तनाव – की वजह से आपके मासिक चक्र में अनियमितताएं आती हैं और अण्डोत्सर्ग में भी बाधा उत्पन्न होती है।

ज़ाहिर तौर पर हर महिला में यह अलग अलग रूप से होता है।  कई महिलाओं में शहर के बाहर यात्रा करने मात्र से ही अण्डोत्सर्ग देर से होता है।  कई महिलाओं के शरीर में किसी बड़ी दुर्घटना से भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

यह याद रखना काफी आवश्यक है कि तनाव केवल किसी नकारात्मक तत्व के प्रति प्रतिक्रिया नहीं है।  सकारात्मक तनाव भी आपके चक्र को प्रभावित कर सकता है जिससे आपके अण्डोत्सर्ग में देर या बाधा उत्पन्न हो सकती है।  दुल्हनें कई बार अजीब चक्र की शिकायत करती हैं क्योंकि अपने विवाह को लेकर वे सकारात्मक रूप से तनाव में रहती हैं।

यदि आप गर्भवती होने का प्रयास कर रही हैं एवं आप तनाव में हैं तो आपका सर्वाइकल द्रव्य (cervical fluid) आपको चेतावनी देता है कि कुछ गड़बड़ है।  अण्डोत्सर्ग की प्रतीक्षा करते हुए सर्वाइकल द्रव्य के गीलेपन का अहसास करने की बजाय आप बीच में गीलेपन का अहसास पाएंगी जो सूखे दिनों के बीच में होगा। यह ऐसा होगा कि आपका शरीर अण्डोत्सर्ग का प्रयास तो कर रहा है पर तनाव इसमें बाधा उत्पन्न कर रहा है।

आप शरीर के बेसल (basal) तापमान का पता लगाकर अपने अण्डोत्सर्ग के समय का पता लगा सकती हैं। आपको अण्डोत्सर्ग के अगले दिन एक नियमित वृद्धि दिखाई देगी जो करीब 12 से 16 दिनों तक कायम रहेगी।

अच्छी खबर यह है कि अण्डोत्सर्ग में देरी से आपका पूरा चक्र लंबा हो जाता है।  इससे ल्युटीयल (luteal) चरण छोटा नहीं होता – यह आमतौर पर अण्डोत्सर्ग के 12 से 16 दिन अगले मासिक धर्म की शुरुआत तक चलता है।  यह आवश्यक है क्योंकि ल्युटीयल चरण का छोटा होना शुरूआती गर्भपात से जोड़कर देखा जाता है।

अतः जहां तनाव से आपके अण्डोत्सर्ग में बाधा उत्पन्न होती है, इससे आपकी सफल गर्भावस्था की प्रक्रिया में कोई असर तब तक नहीं पड़ता जब तक आपको यह पता हो कि सर्वाइकल द्रव्य का निरीक्षण करके अण्डोत्सर्ग की तिथि का पता कैसे लगाना है।

देखें कि किस तरह तनाव एक पुरुष की उर्वरता को प्रभावित करता है।

Hot tubs – हॉट टब्स

Should we steer clear of the hot tub while trying to get pregnant? – गर्भधारण का प्रयास करते हुए क्या मुझे हॉट टब्स से दूर रहना चाहिए?

जो पुरुष पिता बनने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें हॉट टब में नियमित एवं लंबा समय बिताने से परहेज करना चाहिए। शोधों से पता चला है कि यदि आपका वीर्यकोष नियमित रूप से ताप के संपर्क में आता है तो इससे आपके शुक्राणुओं की संख्या में काफि कमी आती है। एक बार हॉट टब में समय बिताने के बाद एक पुरुष के शुक्राणुओं की संख्या सामान्य होने में चार से छह महीने लग सकते हैं।

इस बात के भी कुछ सबूत हैं कि गर्मी के संपर्क में आने से शुक्राणुओं के डीएनए (DNA) को भी काफी क्षति होती है। पुरुषों का वीर्यकोष उनके शरीर से बाहर एक कारण से होता है: उन्हें स्वस्थ शुक्राणु का उत्पादन करने के लिए ठन्डे वातावरण की आवश्यकता होती है।

अंडकोष के चारों ओर गर्मी पैदा करने वाले तत्व जैसे हॉट टब, साइकिलिंग (cycling), सॉना (sauna) एवं कसे हुए अंतर्वस्त्र कुछ हद तक ठीक हैं। परन्तु यदि किसी पुरुष के शुक्राणुओं की संख्या काफी कम हो तो गर्भधारण के समय उसे इनसे परहेज करना चाहिए।

इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि गर्मी से महिलाओं के अण्डों पर कोई प्रभाव पड़ता है, पर हम यह जानते हैं कि हॉट टब एवं सॉना गर्भावस्था के दौरान प्रस्तावित नहीं है।

कुछ शोधों ने साबित किया है कि शुरुआती गर्भावस्था के दौरान अपने शरीर का तापमान बढ़ाने (उदाहरणस्वरुप हॉट टब या सॉना या किसी हॉट योग कक्षा में) से न्यूरल ट्यूब बर्थ डिफेक्ट्स (neural tube birth defects) एवं अन्य जन्मजात विसंगतियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। 2003 में हुए एक शोध के अनुसार यह देखा गया कि जिन महिलाओं ने  गर्भावस्था के शुरूआती दौर में हॉट टब्स का प्रयोग किया, उनमें गर्भपात का जोखिम करीब दोगुना था।

यदि आप पूर्ण रूप से सुरक्षित रहना चाहती हैं तो गर्भधारण का प्रयास करते हुए भी हॉट टब के प्रयोग से परहेज करें।

यहाँ पुरुषों की उर्वरता समस्याओं के सामान्य कारणों के बारे में पढ़ें।

Marijuana – मारिजुआना

Will using marijuana affect our chances of getting pregnant? – क्या मारिजुआना के प्रयोग से गर्भधारण में समस्याएं आ सकती हैं?

जी हाँ।  समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कुछ शोधों से पता चला है कि मारिजुआना का नियमित तौर पर सेवन करने से पुरुषों एवं महिलाओं के प्रजनन हॉर्मोन्स के घनत्व में काफी मात्रा में कमी आती है।

हॉर्मोन टेस्टोस्टेरोन का कम घनत्व पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी का कारण बनता है। डीहाइड्रोपियांड्रोस्टेरोन की कम मात्रा महिलाओं में अण्डों के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।

इसके अलावा, टीएचसी (THC), जो मारिजुआना का एक मुख्य अंग होता है, महिलाओं के प्रजनन अंग में प्रवेश कर जाता है एवं शुक्राणुओं की गतिशीलता को प्रभावित करता है जिससे उर्वरता की संभावना काफी कम हो जाती है।

ड्रग्स (drugs) को अभी छोड़ने का सबसे अच्छा कारण यह है कि गर्भावस्था के दौरान नशे का प्रयोग सही नहीं है।

कुछ शोधों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से मारिजुआना का सेवन करने से आपके बच्चे के समय से पहले जन्म लेने एवं वज़न सामान्य से कम होने की काफी संभावना होती है। क्योंकि धूम्रपान करने से रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड (carbon monoxide) के स्तर में बढ़ोत्तरी होती है, अतः बच्चे को ठीक से ऑक्सीजन (oxygen) मिल नहीं पाता जिससे उसका विकास प्रभावित होता है।

कुछ अन्य शोध यह बताते हैं कि जो शिशु अपने माँ के गर्भ में रहते हुए मारिजुआना के सम्पर्क में आते हैं, उनकी मस्तिष्क की कार्यशीलता भिन्न एवं सोने के तरीके काफी अजीब होते हैं। आगे जाकर वे तनाव या बर्ताव से जुड़ी समस्याओं, जैसे आवेगशीलता एवं ध्यान ना दे पाने,  का भी शिकार हो सकते हैं। कुछ अध्ययन नवजात शिशुओं के मारिजुआना के संपर्क में आने एवं स्कूल में परीक्षा के अंकों के कम होने के बीच भी सम्बन्ध स्थापित करते हैं।

इसके अलावा, यह बताना भी काफी मुश्किल होता है कि आपके द्वारा प्रयुक्त मारिजुआना शुद्ध है भी या नहीं। हो सकता है कि इसमें अन्य ड्रग्स या तृणनाशक मिले हुए हों जो आपके होने वाले बच्चे को और भी जोखिम में डाल सकते हैं।  कई कानूनी रूप से वैध चिकित्सालयों पर भी बारीकी से ध्यान नहीं दिया जाता, हालांकि कुछ यह दावा करते हैं कि उनके उत्पाद स्वीकृत या प्रामाणिक हैं।

यदि आप मारिजुआना का प्रयोग करती हैं तो हमारे विचार से मारिजुआना लेने के न्यूनतम एक महीने के बाद ही गर्भधारण का प्रयास करें, क्योंकि आपके शरीर से इस ड्रग की सारी निशानियाँ दूर होने में इतना समय लग ही जाता है।

यदि आप औषधीय रूप से मारिजुआना का प्रयोग कर रही हैं तो अपने स्वास्थ्य सहायक को अपने गर्भावस्था की योजनाओं के बारे में सूचित करें। वह आपको कोई सुरक्षित विकल्प सुझा सकती हैं।

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