Hindi remedies for lines on nails – Beau’s Lines – कैसे करे बीयू लाइन्स का इलाज

नाखूनों की बीमारी, जिसके अंतर्गत नाखूनों पर समानांतर और तिरछी रेखाएं आने लगती हैं, तो इसे बीयू की बीमारी कहा जाता है। यह कई बार नाखूनों के ऊपर चंद्राकार आकृति के रूप में दिखाई पड़ता है। शरीर में केराटिन (keratin) के उत्पादन में कमी आने की वजह से यह समस्या जन्म लेती है। कई बार नाखून ज़्यादा बढ़ जाने की वजह से ये रेखाएं दिखाई नहीं देती। इस बीमारी के अन्य कारण भी होते हैं, जैसे सदमा, नाखूनों का मुड़ना या किसी नाखून पर अत्याधिक दबाव पड़ना। नाखूनों के आकार प्रकार के आधार पर भी ये बीमारी आपको घेर सकती है। कई बार किसी मेटाबोलिक (metabolic) कमी की वजह से भी नाखूनों में ये दाग आ जाते हैं।

बीयू लाइन्स नाखून के पार जा रही गहरी अंडाकार लाइनें हैं। बीयू लाइन्स यह नाम फ्रांसीसी चिकित्सक जोसफ होनोरे साइमन बीयू के नाम पर पड़ा था जिन्होंने सबसे पहली बार 1846 में नाखून पर इन अनुप्रस्थ लकीरें या क्षैतिज खांचे का वर्णन किया था। यह समस्या उंगली और पैर के नाखूनों पर होती है और अक्सर तब आती है जब नाखून का मैट्रिक्स घायल हो जाता है या नाखून बढ़ना बंद हो जाता है।

नाखून रोग का विवरण (Description)

बीयू लाइने नाखून के विकास के धीमे होने या रुकने के बाद दिखाई देती हैं। ये लकीरें नाखून पर एक पीले बैंड की तरह दिखाई देती हैं। वे एक चंद्रमा के आकार में नाख़ून के नीचे से शुरू होती है और फिर नाखून के विकास के साथ बढ़ती जाती है। अगर ये बीमारी किसी वजह से या जन्मजात ना हो तो यह नाख़ून से बढ़ती है व गायब हो जाती है। घायल अनुप्रस्थ रेखा को ठीक होने में 9 से 18 महीने लग सकते है, इसमें नाख़ून एक हफ्ते में एक मिलीमीटर बढ़ता है।

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नाखून पर सफेद दाग, बीयू लाइनों के कारण (Causes of beau’s lines)

नाखून में इस तरह की आड़ी लाइने या चोंटे आमतौर पर एक दरवाजे में ऊँगली आने से या कोई भारी वस्तु के पैर की अंगुली पर गिरने से आती है। इस समस्या के कुछ अन्य कारण भी हो सकते है जैसे नाखून पर पुरानी चोट, कुपोषण, कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव और मधुमेह जैसी चयापचय की स्थिति। नाखून पर एक आड़ी रिज या लाइन की दृश्यता चिंता का कारण नहीं है बल्कि यह एक डॉक्टर से परामर्श करने के लिए संकेत है। बीयू की लाइनें रक्‍तवाही की समस्याओं का संकेत देती है साथ ही साथ कुछ और बीमारियां जैसे की निमोनिया, गलसुआ और लाल रंग बुखार जैसी बीमारियों के भी आसार हो सकते है। कभी कभी कलाई भी बीयू लाइनों की वजह से स्थिर हो जाती है। अनुप्रस्थ लकीरो का होना भी यह संकेत देता है की यह बीमारी सिर्फ किसी एक अंग के बजाय पूरे शरीर को प्रभावित करती है या जन्मजात रोगों के मामलों में भी ये हानिकारक है। खिलाडियों के अंगूठे के नाखून पर अक्सर अनुप्रस्थ लकीरें मिलती है, जो की भागते या जॉगिंग करते समय जोर से पैर पटकने से होती है। नाखुनो पर दर्द एक्जिमा, हैबिट-टिक डेफॉर्मिटी, मांसल रक्तगुल्म, नाखून के आसपास मवाद का गठन और संक्रमण की वजह से नाखून के आसपास के ऊतकों की सूजन की वजह से हो सकता है। 

बीयू लाइनों का उपचार (Treatment of beau’s lines)

कुछ महीनों के लिए रात में नाखून और हाथ की मालिश करने से अनुप्रस्थ लाइनों को रोका जा सकता है। पाचन ऐनजाइम्स हमारी पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद कर सकते हैं जो निर्जलीकरण के प्रमुख कारण होते है  और जिसकी वजह से नाखूनों पर नमी की कमी हो जाती है। नाख़ून पर यह आड़ी लाइने चोट की वजह से आ सकती है, लेकिन अगर यह लाइने ज्यादा गहरी है तो यह कुछ स्वास्थ्य समस्या, पोषण की कमी, और चयापचय विकारों के कारण होती है। बीयू लाइनों को ठीक करने के कुछ सामान्य उपचार-

नाखूनों के आसपास के कालेपन को दूर करने के घरेलू नुस्खे

  • नाखून के रोग (nakhun ke rog), हल्के एंटीसेप्टिक घोल को प्रभावित क्षेत्र पर लगाये।
  • प्रभावित क्षेत्र को गर्म व नमकीन पानी में भिगोएँ और पैर के अंगूठे और उंगलियों पर पट्टी लगाये।
  • नाखून के रोग, नेल पॉलिश रिमूवर के उपयोग से बचे क्योंकि इससे नाखून सूख जाता है।
  • मल्टी विटामिन और जिंक सप्लीमेंट का रोज़ उपयोग करे।
  • नाखून के रोग, नाखुनो को ताकत देने के लिए उन्हें गर्म तेल में भिगोएँ।
  • बीयू लाइन्स से होने वाली आगे की जटिलताओं से बचने के लिए एक चिकित्सक से सलाह जरूर ले।
  • एक पात्र में गर्म पानी लें और इसमें थोड़ा सा नमक मिलाएं।
  • अब इसमें उन नाखूनों को डुबोएं जो बीयू की बीमारी के शिकार हैं।
  • इन्हें 10 मिनट तक पानी में डुबोकर रखें और एक बार समयसीमा समाप्त होने पर इसे एक साफ़ तौलिए से पोंछ लें
  • कसे हुए जूते पहनने से परहेज करें।
  • अपनी तकलीफ को दूर करने के लिए इस उपचार का प्रयोग रोज़ाना करें।
  • नमक के पानी से अपने पैर धोने के बाद अगले कदम के रूप में अपने प्रभावित भाग में एंटीसेप्टिक (antiseptic) क्रीम का प्रयोग करें।
  • नाखूनों के प्रभावित भाग को पट्टी से ढककर रखें।

बीयू की बीमारी के लक्षण (Symptoms of beau’s illness)

इस बीमारी के कुछ ख़ास लक्षण होते हैं। नीचे ऐसे ही कुछ लक्षणों का ज़िक्र किया गया है।

  • नाखूनों की पट्टी की पूरी सतह को घेरकर रेखाओं का बढ़ना
  • अगर एक नाखून की जड़ से आपको कई नाखून निकले दिखते हैं तो ये भी एक लक्षण है।
  • ब्लश नेल (Blush nail) भी इस बीमारी का एक लक्षण होता है। इसके अंतर्गत नाखूनों का रंग तो सामान्य रहता है, पर नाखूनों के ठीक नीचे पैदा हुए टिश्यू (tissue) का रंग नीला पड़ जाता है। इस समस्या को रक्त के सही प्रकार से ऑक्सीजन (oxygen) ना मिल पाने की समस्या के रूप में जाना जाता है।
  • दानेदार नाखून भी इस बीमारी की निशानी कहे जा सकते हैं। इसके अंतर्गत आपके नाखूनों में गड्ढे दिखने लगते हैं। आमतौर पर डर्मेटाइटिस (dermatitis) के मरीज़ इस समस्या से जूझते हैं।

2नाखूनों में दरार को ठीक करने के उपाय

  • कई बार नाखूनों के टूटने से भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • अगर आपके नाखून मुड़े हुए दिख रहे हैं तो यह बीयू की बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसा तब होता है, जब आपके नाखूनों के आसपास की त्वचा क्षतिग्रस्त हो जाती है।
  • कुत्रे हुए नाखूनों में भी ये समस्या हो सकती है। यह समस्या तब पैदा होती है, जब एक व्यक्ति अपने नाखूनों को काफी कुतरता है। इस तरह की आदत दूसरे लोग बर्दाश्त नहीं कर पाते।

बीयू की बीमारी के संभावित शिकार और कारण (Risk line in beau’s illness)

  • इस समस्या के शिकार हर उम्र वर्ग के व्यक्ति हो सकते हैं।
  • कैंसर (Cancer) के मरीज़, जिन्हें कीमोथेरेपी (chemotherapy) लेनी पड़ती है, भी इस समस्या से पीड़ित होते हैं।
  • नाखूनों पर किसी कारणवश ज़्यादा दबाव पड़ने से भी यह समस्या उत्पन्न होती है।
  • कुछ ख़ास दवाइयों का सेवन करने वाले लोग भी इस समस्या का शिकार होते हैं।

घर पर बीयू की बीमारी का इलाज (Alternative way of treating beau’s illness just at home)

  • नहाने के तुरंत बाद कमज़ोर नाखूनों को काट लें।
  • अब इनपर इस तरह मॉइस्चराइजर (moisturizer) लगाएं कि यह नाखूनों के हर एक कोने में चला जाए।
  • अगर आपके हाथ में बीयू की बीमारी की निशानी दिख रही है तो हाथ धो लें और हर बार हाथ धोने के बाद हाथों को नमी प्रदान करें।
  • सोने से पहले नाखूनों और नाखूनों के क्यूटिकल्स (cuticles) पर अच्छे से मॉइस्चराइजर लगाएं और हाथों के दस्ताने पहन लें।
  • नेल पोलिश रिमूवर (nail polish remover) का प्रयोग ज़्यादा ना करें। इनमें एसीटोन (acetone) होता है, जो नाखूनों को काफी प्रभावी रूप से सुखाने की क्षमता रखता है।

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