Hindi tips and benefits of Lavender oil for skin care – लैवेंडर तेल के लाभ – शरीर की देखभाल और त्वचा की देखभाल के लिए उपयोग

लैवेंडर तेल/लैवेंडर ऑयल सभी आवश्यक तेलों में से सबसे बहुमुखी है। सामान्यतः शरीर पर इसके आराम के परिणाम के लिए, चिकित्सकीय ग्रेड लैवेंडर त्वचा के लिए अधिकतर उपयोग किया जाता है। लैवेंडर फूल, यह घाव को साफ करने, चोट और त्वचा खुजलाहट के लिये उपयोगी हो सकता है।

इसकी खुशबू शान्तिदायक, आरामदायक और संतुलनदायक है- भौतिक और मजबूत कराती है। हर समय अपने साथ लैवेंडर के बर्तन को लेना, आपको अपने साथ प्रथम सहायता, इत्र को लेना लेने जैसा है।

लैवेंडर के तेल के असली लाभ (The real benefits of lavender oil – lavender oil ke labh)

हमेशा अपने घर में लैवेंडर के तेल की एक बोतल ज़रूर रखें। लैवेंडर एक खूबसूरत फूल होता है जो शरीर के विभिन्न दर्द दूर करने में, स्नायुओं की पीड़ा कम करने में और सिर की त्वचा तथा चेहरे को संक्रमण से दूर करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लैवेंडर का तेल सांसों की समस्या दूर करने में भी काफी उपयोगी साबित होता है और रक्त के संचार को भी सुचारू रूप से चलाने में आपकी मदद करता है। लैटिन (Latin) भाषा में लैवेंडर का अर्थ होता है धोना। लैवेंडर के तेल को निकालने के लिए इसके फूल से स्टीम डिस्टिलेशन (steam distillation) की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है। लैवेंडर का तेल अरोमाथेरेपी (aromatherapy) के लिए बिल्कुल उपयुक्त होता है और इसकी सहायता से खुशबूदार मिश्रण तैयार किये जा सकते हैं। हर आवश्यक तेल दूसरे आवश्यक तेल के साथ ठीक से मिल नहीं पाता। लैवेंडर का तेल पाइन, क्लेयरी सेज, सेडर वुड, जेरानियम और जायफल (pine, clary sage, cedar wood, geranium and nutmeg) के तेल के साथ अच्छे से मिश्रित हो जाता है। आप लैवेंडर के तेल की मदद से खुशबूदार जेल (gel), तेल, लोशन (lotion) और अन्य मिश्रण तैयार कर सकते हैं। हम हमेशा अपने घरों से कीड़े मकौड़े निकालने की नयी नयी तरकीबें सोचने की कोशिश करते रहते हैं। लैवेंडर के तेल की महक मच्छर, मक्खी एवं अन्य कीड़े मकौड़े पसंद नहीं करते।

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तेल का प्रयोग करने के परिणाम (The Outcome of oil application)

इस तेल का प्रयोग शरीर पर करने से आपको कीड़े नहीं काटते। इस तेल का दोगुना फायदा यह है कि ना सिर्फ यह कीड़े मकौडों को दूर रखता है, बल्कि इसमें जलनरोधी गुण भी होते हैं, जो आपको किसी कीड़े के काटने से होने वाले दर्द और जलन से निजात दिलाते हैं। लैवेंडर का तेल उन लोगों के लिए काफी अच्छा साबित होता है जो एक्ने (acne) के शिकार होते हैं। एक्ने एक अनचाही समस्या होती है जिससे आप बदसूरत लगते हैं और इनके जाने के बाद भी दाग रह जाते हैं। यह जवान लोगों के लिए काफी शर्मनाक स्थिति होती है। यह एक तरह का बैक्टीरियल (bacterial० संक्रमण होता है जो लाल दाग के रूप में होता है और काफी दर्दभरा भी होता है। लैवेंडर का तेल इस बैक्टीरिया से लड़ता है और अतिरिक्त सीबम (sebum) की मात्रा को भी नियंत्रित करता है। लैवेंडर का आवश्यक तेल कई प्रकार के दर्द दूर करने में काफी सहायक साबित होता है। यह मांसपेशियों के दर्द, सूजन के दर्द, खिंचाव, गठिया, पीठ के दर्द आदि से निजात दिलाता है। इससे रोज़ाना अच्छे से मालिश करने पर जोड़ों का दर्द भी दूर होता है। आप इसके गुणों के बारे में जितना भी कहें उतना ही कम होगा। लैवेंडर का आवश्यक तेल मूत्र निकासी की प्रक्रिया को भी सुचारू रूप से चलाने में आपकी मदद करता है। जिन लोगों को मूत्र निकासी की समस्या है, वे अच्छे परिणामों के लिए इस तेल का प्रयोग कर सकते हैं। लैवेंडर का तेल हार्मोनल (hormonal) नियंत्रण बनाकर रखता है, जिससे सिस्टाईटिस (cystitis) की समस्या को दूर करने में आसानी होती है। यह तेल सांसों की किसी प्रकार की समस्या से भी हमें निजात दिलाता है। यह गले के संक्रमण, सर्दी खांसी, फ्लू (flu), दमा, साइनस (sinus) के लक्षणों, ब्रोंकाइटिस (bronchitis), गंभीर मात्रा में कफ (cough), टोंसिलाईटिस (tonsillitis) और लैरिंजाइटिस (laryngitis) से भी मुक्ति दिलाता है। आप लैवेंडर के तेल का भाप के रूप में प्रयोग कर सकते हैं, या फिर अपनी छाती, पीठ और गले पर इसे लगा सकते हैं। लैवेंडर के तेल की मदद से अन्दर का बलगम बाहर आता है। लैवेंडर का तेल सिर की जुएँ और इनके अण्डों का भी पूरी तरह से खात्मा करता है। यह बालों के झड़ने की समस्या और अलोपेसिया (alopecia) का भी उपचार करता है। यह गंजापन दूर करने का भी काफी प्रभावी नुस्खा साबित होता है। वैज्ञानिकों से शोध में यह पाया है कि इससे चूहों के स्तनों का कैंसर (cancer) ठीक होता है, जिसका अर्थ यह है कि यह महिलाओं के लिए भी अत्यंत लाभदायक है।

लैवेंडर के तेल का कई कारणों से प्रयोग किया जाता है (Lavender oil is diversely used for many purposes – lavender oil ke gun)

चमकती त्वचा के लिये ब्यूटी टिप्स

एक और अहम् चीज़ है हमारे शरीर में रक्त का आवागमन। लैवेंडर का तेल रक्त के संचार में हमारी मदद करता है। यह आपके रक्तचाप को भी नियंत्रित रखता है। रक्त संचार के अच्छा होने से आपकी त्वचा तरोताज़ा, चमकदार और स्वस्थ रहती है। यह तेल मांसपेशियों की शक्ति को बढ़ाता है और मस्तिष्क की कार्यशीलता में भी इजाफा करता है। अतः इससे दिल के दौरे की आशंका काफी कम रहती है।

आजकल हाजमे की समस्या काफी आम सी हो गयी है। पर यह फायदेमंद तेल आपकी आँतों में से खाने को आगे बढ़ाता है। यह तेल गैस्ट्रिक (gastric) रस और बाइल (bile) निकालकर हाजमे, उल्टी और दस्त की समस्या को प्रभावी रूप से दूर करता है।

यहाँ आपके दैनिक जीवन में आप के लिये लैवेंडर को शामिल करने के तरीके हैं (Lavender oil is diversely used for many purposes / Desi ilaj with lavender tel in Hindi)

  • जलने का उपाय : दर्द को कम करने के लिए जले हुए क्षेत्र की त्वचा पर 2-3 बूंद लैवेंडर तेल को लगायें। मैने हाल ही में इसका उपयोग तब किया था जब एक गर्म चाय की प्याली मेरे ऊपर गिर गयी थी, संयोगवश यह मेरे साथ ही था। कोई लालिमा, बड़ापन या वेदना नहीं हुई। साथ ही जलने का कोई निशान नहीं बना। लैवेंडर आश्चर्यजनक ढ़ंग से कार्य करता है।
  • कीड़े के काटने पर घरेलू उपाय: मधुमक्खी के काटने पर या कीड़े के कुतरने पर खुजलाहट को कम या रोकने के लिये लैवेंडर के तेल को लगायें।
  • शांति के लिए देसी इलाज: अपने खून निकलते हथेली पर 2-3 बूंदें लैवेंडर तेल की रगड़े, इसके बाद इसकी गंध को प्रमस्तिष्कखंड ग्रंथि( भावनात्मक केंद्र) तक पहुंचने के लिये सूंघें। इसके बाद अपने पैरों, माथे, कलाई(कहीं भी) पर शरीर पर तुरंत आराम पहुचाने के लिये रगड़े। घनी आबादी वाले क्षेत्रों जैसे हवाइ जहाज, सबवे में लोगों द्वारा उपयोग किये जाने के लिये अच्छा उपयोगी है।

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  • सोने के लिये (Gharelu upay of lavender tel in Hindi): ताज़गी के लिये, सिंघी लगाने और सांस लेने के तरीके का उपयोग करें। इसके बाद, लैवेंडर के तेल को हथेली और और चमकदार तकिये पर पोंछे यह आपको अच्छी नींद लाने में सहायता करता है।
  • नकसीर: नकसीर को रोकने के लिये एक बूंद लैवेंडर के तेल की टिश्शू पर लें और एक बर्फ के टुकड़े पर लपेट दें। इस बर्फ के टुकड़े से घिरे टिश्शू को नाक के नीचे होंठ के ऊपर बीचोबीच रखकर तब तक सूंघें जब तक कि नाक से निकलने वाला खून बंद न हो जाये।(किनारों और मसूढ़ों को सुन्न न होने दें।)
  • चीरे पर: निकलने वाले खून को रोकने के लिये, घाव साफ करने के लिये और पैथोजन को मारने के लिये लैवेंडर के तेल को लगायें।
  • एक्जिमा / रूसी: लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें के साथ बादाम या वनस्पति तेल (नारियल, तिल आदि) को मिलायें और ऊपर से एक्ज़िमा और रूसी पर लगायें।
  • मतली या बीमारी बदलाव: बिमारी के बदलाव के लक्षणों को हटाने के लिये, जीभ के अंत पर, कान के पीछे या नाभी के चारों ओर लैवेंडर के तेल की बूंदों को लगा सकते हैं।
  • फटे या सूर्य से जले होंठ: लैवेंडर तेल की बूंदों को फटे और सूर्य जले होंठों पर रगड़ने से लाभ पहुंचता है।
  • रूसी: रूसी को खत्म करने में मदद करने के लिए लैवेंडर के तेल की कुछ बूँदें को खोपड़ी पर रगड़े।
  • सूखी या पपड़ीदार त्वचा: सूखी या पपड़ीदार त्वचा पर लैवेंडर का तेल रगड़ें
  • शरीर में उच्च तापमान: अपनी हथेलियों के बीच लैवेंडर के तेल की एक बूंद को रगड़ें और हल्के बुखार के लक्षण को हटाने के लिये इसे गहरी सांस से सूंघे।
  • ठंड घाव: एक ठंड पीड़ादायक पर लैवेंडर तेल को लगायें।

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