Benefits of eating dates in pregnancy in Hindi – प्रेग्‍नेंसी में खजूर खाने के फायदे

खजूर अधिक एनेर्जी लेवल देने वाले खाद्य-प्रदार्थ है। अहम बात ये है कि इसमें पाया जाने वाला फ्रुक्‍टोज ब्लड शुगर लेवल को बिना नुकसान पहुंचाए ही एनर्जी देता है। गर्भावस्‍था के छठे महीने से रोज छह से सात खजूर जरूर खाएं। कई सारे रिसर्च सारे करने के बाद ये पता चला है की अगर लेट प्रेगनेंसी में रोज खजूर खाया जाए तो प्रेगनेंसी की कई दिक्कतें ही केवल दूर नहीं होती बल्कि डिलीवरी के समय भी मां और शिशु को कई तरह के रिस्क से बचाया जा सकता है।

खजूर खाने से शरीर में ऑक्सि‍टोसिन की मात्रा सही होती है जो डिलीवरी के समय यूटरेस की सेंसिटीविटी को बढ़ाने का काम करती है। ऑक्‍स‍िटोसिन, प्रोस्टाग्लेंडिंस को प्रोड्यूस करता है जो लेबर के लिए बहुत जरूरी है। इससे यूटरेस में संकुचन क्रिया तेज हो जाती है।

100 ग्राम खजूर में 277 कैलोरी होती है। प्रोटीन 1.8 ग्राम, फाइबर 6.7 ग्राम, फैट 0.2 ग्राम, फोलेट 15 एमसीजी, आयरन 0.9 एमजी, विटामिन के 2.7 एमसीजी, मैग्निशयम 54 एमजी और पोटेशियम 696 एमजी पाया जाता है। यानी खजूर में वह सब कुछ होता है ज‍िसकी जरूरत एक प्रेग्‍नेंट महिला को होती है। एक दिन की सभी जरूरते छह खजूर खाने से ही पूरे हो जाती है।

प्रेग्‍नेंसी में खजूर खाने के कई फायदे हैं –

  1. गर्भावस्‍था में एनर्जी की जरूरत आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा होती है। करीब छह खजूर खाकर आप अपने अंदर एनर्जी का पूरा खजाना भर सकती हैं।
  2. प्रेग्‍नेंसी में एक कॉमन प्रॉब्लम होती है, कब्‍ज की। खजूर हाई फाइबर से भरा होता है। इसलिए ये पेट को साफ रखने में बहुत कारगर है। साथ ही ये कोलेस्ट्रोल लेवल को भी बैलेंस रखता है।
  3. मां के साथ शिशु के लिए गर्भावस्‍था में प्रोटीन की जरूर बहुत होती है। प्रोटीन एमिनो एसिड प्रोड्यूस करता है और खजूर में प्रोटीन की मात्रा इतनी होती है कि वह जरूरत को पूरा करने में सक्षम होता है।ये बॉडी ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है।
  4. खजूर में पाया जाने वाला फोलेट बहुत महत्वपूर्ण होता है। ये शिशु में इनबॉर्न डि‍फेक्‍ट को रोकने में बहुत कारगर है। दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड के साथ ही अपर क्लेफ्ट जैसी समस्‍या से बच्चों को बचाता है।
  5. विटामिन के से भरपूर खजूर शिशु के बोन और डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी है।
  6. खजूर में खून की कमी दूर करने का बहुत बड़ा गुण है। इसमें फोलिक एसिड भरपूर होता है। एनीमिया में कई बार आयरन से ज्यादा फोलिक एसिड की जरूरत होती है और ये उसी जरूरत को पूरा करता है।
  7. शिशु के साथ मां के बोन्स के लिए मैग्निशियम की जरूरत होती है। इस जरूरत को भी खजूर ही पूरा करता है। शिशु के दांत के साथ ही लीवर और किडनी की असामान्यता को भी मैग्निशियम ही सही करता है।

इस तरह गर्भवती महिलाओं के ल‍िए खजूर का सेवन फायदेमंद माना जाता है। लेकिन फ‍िर भी इसे डॉक्‍टर की सलाह लेकर खाना ही बेहतर रहेगा।