Yoga poses to increase the metabolism and lose weight – वेट लॉस और मेटाबोलिस्म को बढ़ाने वाले सबसे अच्छे योगासन

हमारे शरीर के लिए रोज़ नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास बहुत लाभदायक होता है। योग शरीर को स्वस्थ रखता है साथ ही लचीला बनाता है। यह त्वचा की रंगत बेहतर कर मांसपेशियों को मजबूती देता है और इसके साथ ही साथ दिमाग को शांत करता है। हम सभी जानते हैं की वज़न कम करने के लिए योग (weight kam karne ke liye yoga) फायदेमंद तो होता ही है पर ऐसे बहुत से आसन हैं

जिन्हें आप अपनी ज़रूरत के अनुसार जैसे मांसपेशियों को मजबूती देने, कंधो को मजबूत करने, सही ब्लड सर्कुलेशन के लिए, मेटाबोलिस्म (metabolism) की संख्या बढ़ाने, वज़न कम या ज़्यादा करने या लंबाई बढ़ाने के लिए चुन सकते हैं।

लेकिन जब भी आप अपनी ऐसी किसी ज़रूरत के अनुसार योगाभ्यास करने जा रहे हों तो हमेशा पहले किसी ट्रेनर (trainer) या अनुभवी की सलाह लेना आवश्यक होता है। यहाँ नीचे कुछ आसनों की जानकारी दी जा रही है जो शरीर में मेटाबोलिस्म रेट को बढ़ाने में मदद करती है।

उत्कटासन (Twisted chair pose)

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सबसे पहले किसी आसन पर खड़े हो जाएँ और अपने दोनों हथेलियों को बाहर की तरफ खुला रखेँ। अब घुटनों को मोड़ते हुए कुर्सी में बैठने वाली मुद्रा में जाएँ। पर ध्यान रहे की आपका पूरा वज़न घुटनों में होना चाहिए और कूल्हे तथा कमर के नीचे के हिस्से को आराम की मुद्रा में रखना चाहिए। आपके हाथ घुटनों पर होने चाहिए और कमर के ऊपर का हिस्सा बिल्कुल सीधा होना चाहिए। अब अपने हाथों को ऊपर की ओर ले जाते हुये एक दूसरे के समानान्तर रखें। पीठ तथा गर्दन एकदम सीधी होनी चाहिए। यह आसन आपके पिछले हिस्से को मजबूत बनाता है और शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर करने के साथ मेटाबोलिस्म को भी बढ़ाता है। उत्कटासन आपके शरीर के अंगों को संतुलन देने के लिए भी मददगार होता है।

सलभासन (locust pose)

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एक आसन में अपने पेट के बल लेट जाइए। अब अपने हाथों को ज़मीन पर टिका कर खुला रखिए। सांस अंदर लेते हुये अपने बाएँ पैर को ऊपर की ओर उठाइए और कुछ क्षण सांस रोक कर पैर को इसी अवस्था में रखिए। अब सांस धीरे धीरे बाहर छोड़ते हुये पैर को नीचे लाइए। अब इसी क्रिया को दाहिने पैर के साथ दोहराये। इसके बाद दोनों पैरों को एक साथ सांस अंदर लेते हुये ऊपर की तरफ उठाएँ और सांस छोड़ते हुये नीचे लाएँ। इस अभ्यास को आप दिन में 2 से 3 बार कर सकते हैं।

धनुरासन (Bow Pose)

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एक आसन पर पेट के बल लेट जाएँ। अब अपने पैरों को घुटनों तक ऊपर की ओर उठाएँ। और अपने हाथों से एड़ियों को पकड़ कर सहारा दें। अब एक लंबी सांस लेते हुये अपने शरीर के निचले अंगों और कंधे को ऊपर की ओर उठाएँ, आपका पूरा वज़न पेट पर होना चाहिए। कोशिश करें और ज़्यादा से ज़्यादा समय इस स्थिति में रहें। सांस छोड़ते हुये अपनी पहली अवस्था में वापस आएँ। इस आसन को दिन में दो बार ज़रूर करें।

गरुड़ासन (Eagle pose)

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अपने आसन पर सीधे खड़े हो जाएँ। अपने घुटनों को थोड़ा मोड लें। अब अपने दाहिने पैर को बाएँ पैर की पिंडली से लपेट दें। इसी तरह अपने दाहिने हाथ को नमस्कार की मुद्रा में रखते हुये बाएँ हाथ को दाहिने हाथ के नीचे से लाकर अंदर की तरफ से लपेटें। आपके बाएँ हाथ की उँगलियाँ दाहिनी हथेली को छूती हुई होनी चाहिए। इस स्थिति में आपका मुह हथेलियाँ और घुटने क्रमशः एक सीध में या एक लाइन के रूप में होने चाहिए। इस अवस्था में कुछ देर रहने के बाद दूसरे पैर से इसी प्रक्रिया को दोहरा लें। यह आसन शरीर के अंगों के साथ दिमाग को भी संतुलित करता है तथा आपका ध्यान केन्द्रित करता है। शरीर का निचला हिस्सा मजबूत होता है। यह आसन पीठ दर्द में भी राहत देता है।

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