Flower oils for body massage – बॉडी मसाज थेरेपी के लिए असरदार फूल के तेल

बॉडी मसाज में प्रयुक्त होने वाले हर्बल तेल कई तरह के होते हैं जैसे ट्री हर्बल आयल, हर्ब आयल या दूसरे प्राकृतिक तेल। हर प्रकार के तेल की अपनी खूबियां होती हैं और उसे प्रयोग में लाने का अपना एक तरीका होता है। उदाहरण के लिए फूलों के तेल या फ्लावर आयल त्वचा के लिए काफी अच्छे होते हैं पर उनकी एक ख़ास खूबी होती है।

ये आमतौर पर सुगन्धित तेल होते हैं जो आपके शरीर को ताज़गी एवं ऊर्जा देने के काम आते हैं।लम्बे समय तक घर से बाहर रहने के बाद अगर घर आने के बाद इस तेल की खुशबू मिल जाए तो सारी थकान मिट जाती है।

शुद्ध एसेंशियल आयल पौधों के कई हिस्सों से निकाले जाते हैं जैसे फूल,पत्ते,रेसिन,छाल,जड़ें,तने,बीज आदि। फूलों से निकाले गए तेल को फ्लावर फ्रेग्रेन्स आयल कहते हैं। हर एसेंशियल आयल अपने में कुछ उपचार की खूबियां समेटे होता है।

फ्लावर एसेंशियल आयल एवं अन्य एसेंशियल ऑयल्स में सिर्फ यही अंतर है कि जहां फ्लावर एसेंशियल आयल फूलों से निकाले जाते है वहीँ अन्य एसेंशियल आयल पेड़ पौधो के अन्य भागों से।फ्लावर आयल इंसानों द्वारा निर्मित होते हैं और प्राकृतिक सुगंध प्रदान करते हैं। ये काफी गाढ़े होते हैं अतः इस्तेमाल के पहले इन्हें पतला कर लेना चाहिए।

खुशबूदार तेल से मसाज कैसे करें (Body massage kaise kare)

मसाज के तरीके – आर्निका मोंटाना (Arnica Montana)

ये फूल अल्पाइन के जंगलों में उगता है। ये फूल नारंगी तथा पीले रंग के होते हैं। इनके लम्बे तने और छोटी पत्तियां होती है। इनसे निकला तेल विभिन्न उपचारों के लिए प्रयोग किया जाता है जैसे मसाज थेरेपी एवं अरोमाथेरपी। आर्निका मोंटाना के फूल को विभिन्न शारीरिक समस्याओं जैसे मान्स्पेशियों में दर्द या खिंचाव,कटने या छिलने और गठिया को ठीक करने में प्रयोग किया जाता है।

बॉडी मसाज के फायदे – मर्जोरम (Marjoram)

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यह एक प्रसिद्द पौधा है जो कि औषधीय कारणों से ग्रीक लोगों द्वारा प्रयोग किया जाता है। यह पाचन समस्याओं जैसे कब्ज़ और पेट दर्द को दूर करने में काफी फायदेमंद है। मर्जोरम के तेल में काफी शांतिदायक उपचारी गुण हैं और हाइपर एक्टिविटी एवं तनाव दूर करने में ये काफी मददगार है। मर्जोरम के तेल को पत्तों और फूलों से निकालने के बाद भाप द्वारा स्वच्छ किया जाता है। अस्थमा और साइनसाइटिस जैसी समस्याओं को दूर करने में भी यह काफी कारगर है। इस तेल को मसाज आयल के साथ मिलाकर लगाने से सरदर्द एवं तनाव दूर होता है। थकान और डिप्रेशन जैसी कठिनाइयों को भी ये तेल दूर करता है और साँसों की कई समस्याओं को भी दूर करता है। हालाँकि ये गर्भवती महिलाओं को प्रयोग करना वांछनीय नहीं है।

मसाज के तरीके – रोजमेरी आयल (Rosemary oil)

यह तेल आपको दिमागी सुकून देने के लिए काफी कारगर सिद्ध होता है। इसे इस जड़ी बूटी के फूलों वाले हिस्से से निकाला जाता है और फिर तने को स्वच्छ किया जाता है।रोजमेरी का तेल स्मरणं शक्ति बढ़ाता है तथा कनजेशन तथा साइनसाइटिस में भी राहत पहुंचाता है। मसाज आयल एवं लोशन में मिलाने पर ये मान्स्पेशियों की सूजन,अर्थराइटिस,लिवर तथा अन्य पाचन समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता है। बालों को स्वस्थ रखने के लिए भी इस तेल का शैम्पू में मिलाकर प्रयोग किया जा सकता है। त्वचा की समस्याओं में भी ये कारगर है।

बॉडी मसाज के फायदे (Body massage ke fayde) – लैंग लैंग (Ylang-Ylang)

यह तेल अपनी तेज़ गंध के लिए काफी जाना जाता है। इसकी मीठी खुशबू तनाव को दूर करने तथा कामुकता में वृद्धि करने में काफी कारगर साबित होती है। इस तेल को इस पेड़ के फूलों से स्टीम डिस्टिलेशन (steam distillation) की पद्दति से निकाला जाता है। लैंग लैंग का प्रयोग किसी भी वेपोराइजर (vaporizer) या अन्य लोशन्स (lotions) के साथ मिश्रित करके मसाज की पद्दति के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है। लैंग लैंग का तेल सिर दर्द, मतली, त्वचा की समस्याओं आदि का उपचार करता है तथा बालों को बढ़ाने में मदद करता है। यह उच्च रक्तचाप (high blood pressure) को कम करता है और आँतों की समस्या से भी निजात दिलाता है।

तेल मालिश से लाभ – रोज आयल (Rose oil)

यह एक जग प्रसिद्द बात है कि गुलाब की कोई भी वस्त चाहे वो रोज एक्सट्रैक्ट्स हों,रोज़ मिनरल वाटर हो या रोज़ आयल हो,आपके स्किन कलर के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। इसके तेलकी खुशबू आपको तरोताज़ा कर देती है,इसके पोषक तत्व आपकी उम्र छुपाने का काम करते हैं। इस तेल की मसाज से आपकी त्वचा जवान और खिली खिली दिखती है। ये हर्बल तेल एक टोनर का भी काम करता है और यह त्वचाके रोमछिद्रों में कसावट लाता है।

मसाज करने का तरीका – जैस्मिन आयल (Jasmine oil)

अगर आपको तेज़ खुशबू पसंद है तो ये आपकी पसंदीदा खुशबू होगी।इसे काम मात्रा में प्रयोग करना ही हितकर होगा क्योंकि इसकी तेज़ खुशबू से भी चक्कर आना और छींक जैसी समस्याएं आ सकती हैं। यह शरीर को ताज़गी देता है,कासी मांसपेशियों को ढीला करता है और इसके अलावा यह एंटी डिप्रेसेंट का भी काम करता है।

चमेली के तेल से होने वाले ब्यूटी और शरीर के लाभ

बॉडी मसाज के फायदे (Body massage ke fayde) – कैमोमाइल का तेल (Chamomile oil)

यह तेल अन्य तेलों की तरह बेहतरीन रूप से खुशबूदार नहीं है। इसकी गंध काफी तेज़ होती है और यह काफी गंभीर परिस्थितियों में कड़वी भी लग सकती है। लेकिन फिर भी यह सिर के दर्द और शरीर की मांसपेशियों के दर्द का इलाज में काफी प्रभावी साबित होता है। यह आपके शरीर के लिए एक बेहतरीन एंटीसेप्टिक तेल (antiseptic oil) का भी काम करता है, खासकर तब जब आपके शरीर में असहनीय जलन हो रही हो। फोड़े, फुंसियां आदि त्वचा की समस्याएं भी इस तेल की मदद से दूर की जा सकती हैं।

मसाज करने का तरीका – लैवेंडर आयल (Lavender oil)

इस तेल से ना केवल आपका मूड अच्छा होता है एवं तनाव कम होता है बल्कि इसके एंटी माइक्रोबियल गुण आपकी त्वचा को पोषण देते हैं। यह स्किन कलर के संक्रमण और एक्ने से लड़ने में आपकी मदद करता है।

तेल मालिश से लाभ – नेरोली का तेल (Neroli oil se body spa at home in hindi)

यह रानियों का ख़ास तेल माना जाता था, क्योंकि यह उनकी सुन्दरता का सबसे बड़ा राज़ हुआ करता था। यह त्वचा की रंगत में काफी निखार ले आता है और उम्र बढ़ने की स्थिति में भी आपकी रंगत को बनाए रखता है। यह त्वचा की लोच में भी काफी सुधार करता है। यह स्ट्रेच मार्क्स (stretch marks) की स्थिति में भी काफी लाभदायक साबित होता है। इस बेहतरीन आयुर्वेदिक तेल का प्रयोग करने से आपके शरीर की थकान दूर होती है एवं आपको काफी सुकून मिलता है।

बॉडी मसाज के लाभ – सूरजमुखी का तेल (Body massage ke labh – Sunflower oil)

सूरजमुखी का तेल एक काफी हल्का और चिपचिपेपन से मुक्त तेल होता है, जो त्वचा के अतिरिक्त तेल को प्रभावी रूप से निकाल देता है। यह तेल सूरजमुखी के बीजों से निकाला जाता है, जो लिनोलिक एसिड, स्टियरिक एसिड तथा पाल्मिटिक एसिड (linoleic acid, stearic acid and palmitic acid) से युक्त होते हैं। त्वचा में लिनोलिक एसिड के प्रयोग से उम कम होती है और इसे क्लीन्ज़र (cleanser) और साबुन से निकाला जा सकता है। इस तेल को कम मात्रा में ही खरीदें, क्योंकि इसे ज़्यादा दिनों तक जमा करके नहीं रखा जा सकता। वैकल्पिक तौर पर विटामिन इ (vitamin E) के दो कैप्सूल्स (capsules) बोतल में डालें, जो कुछ ज़्यादा दिनों तक टिकते हैं। जिन लोगों को सूरजमुखी से एलर्जी (allergy) है, वे इसका प्रयोग ना करें।

बॉडी मसाज के लाभ – जैस्मिन की पंखुड़ियों का तेल (Jasmine petal oil)

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यह हर तरह की त्वचा के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। त्वचा पर जैस्मिन के पंखुड़ियों के तेल की मालिश करने से त्वचा मुलायम हो जाती है और इससे कोशिकाओं के उत्पादन में भी सहायता मिलती है।

मसाज कैसे करें – मसाज के लिए कुछ और खुशबूदार तेल (Some more essence oils for massage therapy)

  • युकलिप्टस के तेल (eucalyptus oil) की खुशबू काफी तीव्र होती है और यह आसानी से पहचान में आ जाता है। युकलिप्टस का तेल युकलिप्टस के पेड़ की पत्तियों और तनों के स्टीम डिस्टिलेशन से प्राप्त किया जाता है। यह साँसों की समस्याओं को ठीक करने का एक काफी प्रभावी माध्यम है और इसमें एकाग्रता बढ़ाने के गुण भी होते हैं। यह एंटीसेप्टिक, एंटीपास्मोडिक, डीकन्जेस्टेंट, ड्यूरेटिक तथा स्टिमुलेंट (antiseptic, antispasmodic, decongestant, diuretic and stimulant) के रूप में भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इसमें ठंडक प्रदान करने के गुण होते हैं जो माइग्रेन (migraine), बुखार तथा मांसपेशियों के दर्द से लड़ते हैं।
  • देवदार की लकड़ी का तेल भी एक भीनी खुशबू वाला तेल होता है, जिसे देवदार की लकड़ियों से प्राप्त किया जाता है। आप इसे मसाज पद्दति के तेल की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं, या फिर इसे अपनी फेशियल क्रीम (facial cream) में भी मिला सकते हैं। देवदार की लकड़ी के तेल का प्रयोग तनाव और बेचैनी से राहत दिलाने के लिए आमतौर पर किया जाता है। यह मूत्राशय के संक्रमण को ठीक करने में भी मदद करता है।
  • मसाज कैसे करें, बर्गामोट (bergamot) एक प्रकार का सिट्रस (citrus) खुशबू वाला तेल होता है, जो कि इस फल की छाल को निचोड़कर प्राप्त किया जाता है। यह एक प्रसिद्द अरोमाथेरेपी (aromatherapy) तेल है, जिसका प्रयोग परफ्यूम्स और कोलोंस (perfumes and colognes) में काफी किया जाता है। बर्गामोट का प्रयोग एक सुगन्धित पदार्थ के रूप में या फिर वेपोराइज़र के रूप में किया जा सकता है। आप इसे नहाने के पानी में या मालिश के तेलों में भी मिश्रित कर सकते हैं। इस तेल का प्रयोग तनाव, बेचैनी, चिंता तथा सोराइसिस एवं एक्जिमा (psoriasis and eczema) जैसी त्वचा की समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह लिवर (liver), हाजमे की प्रणाली तथा स्प्लीन (spleen) को भी ठीक करता है।
  • पुदीने के तेल में ठंडक और ताजगी प्रदान करने वाले तत्व मौजूद होते हैं और मानसिक शक्ति को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। पुदीना एक ऐसा तत्व है, जिसमें शक्ति बढ़ाने के गुण होते हैं। यह इसके फूलों से निकाला जाता है और फिर इसमें स्टीम डिस्टिलेशन की प्रक्रिया की जाती है। यह वेपोराइज़र्स, मालिश के तेलों, लोशन आदि में इस्तेमाल किया जाता है। यह ठंडक प्रदान करने के तत्वों से युक्त होता है जिससे कामुकता बढ़ती है, ध्यान लगता है तथा हाजमा सही रहता है।
  • मसाज कैसे करें, नीम्बू का तेल एक बेहतरीन तेल है, जो अपनी साफ़ महक और शरीर को सुकून प्रदान करने के अपने बेहतरीन गुणों की वजह से काफी प्रसिद्ध है। यह तेल नीम्बू के फल के छिलकों से निकाला जाता है। आप शरीर की शक्ति में वृद्धि करने के लिए इसका वेपोरायज़र के रूप में प्रयोग कर सकते हैं, या फिर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी करने के लिए इसका मालिश के तेल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह एकाग्रता बढ़ाता है, हाज़मे की प्रक्रिया में सहायता करता है तथा एक्ने और आर्थराइटिस (acne and arthritis) के लक्षणों को भी दूर करता है

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