Food to control Asthma – दमा (अस्थमा) का नियंत्रण करने के लिए सर्वोत्तम खाद्य पदार्थ

दमा सांसों की एक पीड़ादायक समस्या है जिसके अंतर्गत आपको सांस लेने में काफी कठिनाई होती है। यह मुख्य तौर पर एलर्जी (allergic reactions) या अन्य किसी चीज़ से संवेदनशीलता की वजह से होता है। वैसे तो किसी भी भोजन से दमा ठीक नहीं होता, पर फिर भी कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन से इस स्थिति से राहत मिलती है और स्वास्थ्य बना रहता है। वैसे तो हर व्यक्ति को अलग अलग खाद्य पदार्थों से अलग अलग प्रभाव होता है, ऐसे कुछ सामान्य दिशा निर्देश हैं जिनकी मदद से आपको दमे पर काबू पांने में मदद मिलती है।

दमा रोकने के बेहतरीन खाद्य पदार्थ (Best foods to control asthma)

सेब (Apples hai asthma ka upchar)

सेब एक ऐसा फल है जिसका सेवन आपको रोज़ करना चाहिए। शोधों में ऐसा पाया गया है कि जो लोग हफ्ते में 2से 5सब हमेशा खाते हैं, उन्हें दमा का रोग होने की सम्भावना 32% तक कम हो जाती है। इससे कम मात्रा में सेब का सेवन करने पर आपको मनचाहा परिणाम नहीं मिलेगा। इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड (flavonoid) की मदद से यह इतना अच्छा काम करता है।

खरबूजा (Muskmelon)

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इस फल में  काफी मात्रा में विटामिन सी (vitamin C)  है  जो कि काफी कारगर एंटीऑक्सीडेंटस (antioxidants) होते हैं। ये फ्री रैडिकल्स (free radicals) से लड़कर आपको फेफड़ों के संक्रमण और अन्य नुकसानों से बचाते हैं। जापान में बच्चों पर हुए एक शोध से यह पता चला कि जो बच्चे विटामिन सी का ज़्यादा सेवन करते हैं, उन्हें दमे का रोग लगने की सम्भावना काफी कम होती है। विटामिन सी करीबन हर प्रमुख फल और सब्जियों में मौजूद होता है। इनमें से कुछ हैं अंगूर, संतरे, ब्रोकली (broccoli), टमाटर आदि।

गाजर (Carrots se asthma ke upay)

गाजर में बीटा कैरोटीन (beta-carotene) होता है, जो एक काफी शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। शोधों से पता चला है कि बीटा कैरोटीन हमारे शरीर में जाकर विटामिन ए (vitamin A) का रूप ले लेता है और इससे दमे के दौरे पड़ने कम हो जाते हैं। यह हमारी आंखों और प्रतिरोधक रक्षा प्रणाली को भी काफी अच्छी स्थिति में रखता है। यह आपको दिल की बीमारियों, अल्ज़ाइमर और कैंसर (alzheimer and cancer) से भी बचाता है। आप खुबानी, मीठे आलू, हरी मिर्च और गाजर से बीटा कैरोटीन प्राप्त कर सकते हैं।

कॉफी (Coffee)

आपको कैफीन (caffeine) के प्रभावों के बारे में अच्छे से पता ही होगा। परन्तु आप शायद यह नहीं जानते होंगे कि इसकी मदद से आपको दमे के लक्षणों से भी निजात मिलती है। एक शोध के मुताबिक कॉफी से करीब 4घंटे तक हवा के आवागमन को सुचारू रूप से चलाए रखा जा सकता है। इसका फायदा काली चाय पीने जैसा ही होता है और आप दोनों में से कुछ भी पी सकते हैं।

पटसन के बीज (Flax seeds)

ये ओमेगा 3 फैटी एसिड्स और मैग्नेशियम (omega-3 fatty acids and magnesium) से भरपूर होते हैं। तैलीय मछलियों और सालमन में ओमेगा 3 मौजूद होता है। ये दमे से आपको बचाते हैं और दौरा पड़ने से रोकते हैं। दूसरी तरफ मैग्नेशियम आपके ब्रोंकाई (bronchi) के आसपास की मांसपेशियों को काफी आराम प्रदान करते हैं।

लहसुन (Garlic se asthma ka ilaaj)

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भारतीय व्यंजनों में लहसुन का काफी प्रयोग किया जाता है। इसमें जलनरोधी गुण होते हैं जो इसे एक प्रभावी तत्व बनाते हैं। इसमें एलिसिन (allicin) नामक एक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो ना सिर्फ फ्री रैडिकल्स से लड़ता है, बल्कि हमें दमे की समस्या से भी निजात दिलाता है।

जैतून का तेल (Olive oil dama ke liye)

आप अपने सलाद में शुद्ध जैतून का तेल मिश्रित करके खुद को दमे की समस्या से बचा सकते हैं। इसके जलनरोधी गुणों की वजह से जैतून का तेल दमे का बेहतरीन इलाज साबित होता है। इस तेल से भोजन भुनने या तलने से इसके पोषक गुण समाप्त हो जाते हैं, अतः आपको इसका सेवन करने का कोई अन्य तरीका ढूंढना पड़ेगा।

एवोकैडो (Avocado)

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट दमे का काफी प्रभावी रूप से उपचार करने की क्षमता रखते हैं। इनमें शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने का हुनर होता है। इनमें मोनोअनसैचुरेटेड (monounsaturated) वसा भी होता है जो आपके कोलेस्ट्रॉल (cholestrol) के स्तर को नियंत्रण में रखता है।

दमे को ठीक करना काफी मुश्किल होता है। यह एक बार बार होने वाली समस्या है जिसका कोई स्थाई इलाज नहीं है। इस बात का भी ध्यान रखें कि इस स्थिति में कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। मूंगफली, अतिरिक्त नमक, शेलफिश (shellfish) आदि का सेवन ना करें। अपने खानपान में ज़रूरी परिवर्तन करें और स्वस्थ जीवन जियें।

दमे से बचने और इसे रोकने के नुस्खे (Tips to prevent and control asthma)

एलर्जी रहित तकियों और बिस्तरों का प्रयोग करें (Use pillows and mattresses which are allergy proof)

खाने की आम खराब आदतों से बचने के लिए सुझाव

  • हर हफ्ते गर्म पानी से अपने बिस्तर और तकिए को धोएं।
  • पानी का तापमान 130 डिग्री फारेनहाइट (130 degrees F) से ज़्यादा होना चाहिए।
  • इससे गंदगी और एलर्जी पैदा करने वाले जीवाणु पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
  • नमी कम करने के लिए डीह्यूमिडिफायर (dehumidifier) का प्रयोग करें।

सोने के कमरे में पालतू जानवरों को ना आने दें (Don’t let pets get into bedroom)

  • अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं तो आपको उनकी त्वचा से गिरने वाले रोओं के बारे में पता ही होगा। इन छोटे त्वचा के टुकड़ों के बिखरने से भी दमे की शुरुआत हो सकती है।
  • पालतू जानवरों को अपने सोने के कमरे में ना आने दें।
  • इस बात को भी सुनिश्चित करें कि आपके घर का हर कोना साफ सुथरा हो।

सोने के कमरे से पुराने कपड़े और खिलौने हटा लें (Remove old cloth or toys from bedrooms)

  • अगर आपके पास कोई ऐसा कपड़ा है जो आप बार बार बदल नहीं सकते, जैसे फर्श का कार्पेट (carpet), तो इसे हफ्ते में एक बार साफ करें।
  • पुराने कपड़ों और काम में ना आने वाले खिलौनों को हटा दें। ये और भी गंदगी फैलाते हैं और उस भाग को प्रदूषित करते हैं।

पानी टपकना (Leaky faucets)

  • दमे की समस्या बढ़ाने में फफूंद भी काफी ज़िम्मेदार हैं। इन्हें कम करने के लिए अपने बाथरूम को साफ सुथरा रखें।
  • घर में रखे पौधों को हटाएं और उन्हें अपनी छत या बगीचे में रखें।
  • बाथरूम में पंखे लगाकर हर कोना सूखा रखें।

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कठोर रसायन वाले उत्पाद का प्रयोग ना करें (Don’t use harsh chemical products)

  • घर में प्रयुक्त होने वाले क्लीनर (cleaners) के धुएं से भी दमे की समस्या जन्म ले सकती है।
  • इन चीज़ों से परहेज करें और इसकी जगह किसी और चीज़ का प्रयोग करें।
  • इस धुएं को सांस के साथ लेने से काफी समस्याएं आ सकती हैं, अतः इसे घर में बिल्कुल भी प्रयोग ना करें।

शांत रहें (Keep calm)

  • कई बार दमे का दौरा अधिक चिंता और तनाव की वजह से भी होता है।
  • खुद को शांत रखने के नए तरीके ढूंढें।
  • दिमाग ठंडा रखने के लिए योग और ध्यान का सहारा लें।

अन्य उपाय (Others se dama ka upchar)

  • इस बात का ध्यान रखें कि आपके आसपास की हवा स्वास्थ्यकर हो। धूल और गंदगी से दूर रहें।
  • घर में ही व्यायाम करें और ऐसे व्यायाम ही करें जो आप कर सकें। ‘
  • मौसमी बीमारियों के खिलाफ बचाव उपाय लें।

दमे को नियंत्रण में रखने के लिए दवाइयों के साथ अपने आहार में भी सही खाद्य पदार्थ लें। निचे दिए गए ५ उपायों से दमे का नियंत्रण हो सकता है।

  • ज्यादा फल और सब्जियां लें : अस्थमा का घरेलू उपचार, फलों और सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आपके स्वास्थय के लिए अच्छे होते हैं। ताजा फलों और सब्जियों में सुजन रोधी घटक होते हैं जो फेफड़ों के सुजन को रोकता है। फलों और सब्जियों में कैलोरी कम होते हैं जिसके कारण आपका वजन नियंत्रण में रहता है।
  • अस्थमा के घरेलू उपचार, फेफड़ों की सेहत के लिए मछली के तेल का खुराक: मछली के तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं जो आपके फेफड़ों और स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। मछली का तेल लेने से दमा की दवाइयों की मात्रा कम करने में मदद करता है।
  • दमा उपचार, रोज एक सेब खाने से दमा दूर रहता है: सेब के छिलके में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जिनसे एलर्जी और दमा दूर रहते हैं| हफ्ते में 2 बार सेब खाने से दमा नियंत्रण में रहता है।

प्रकृति का सबसे अच्छा एस्ट्रोजेन युक्त भोजन

  • दूध, अंडे और मछली में विटामिन डी होता है जो दमे को नियंत्रित करता है। अस्थमा का आयुर्वेदिक इलाज, थोडी देर के लिए धुप में रहने से भी विटामिन डी मिलता है।
  • दमा उपाय, मिर्ची में विटामिन सी होता है जो आपके स्वास्थय और दमे के लिए अच्छा होता है। मिर्ची में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आपके श्वसन संस्था का स्वास्थय सुधारकर एलर्जी और दमा नियंत्रण में रखते हैं।
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