Foot care tips in Hindi for dry & cracked feet – सूखे और फटे पांव/पैर के लिये बेहतरीन पैरों की देखभाल की सलाह

रूखी और फ़टी एड़ियां किसी प्रकार की सौन्दर्य समस्या हो सकती हैं, जिनका इलाज आसानी से किया जा सकता है, या फिर कोई गंभीर समस्या हो सकती है जिसकी हमें अच्छे से देखभाल करने की आवश्यकता है। रूखी और मोटी त्वचा के अलावा इस समस्या के अन्तर्गत आपको सूजन, लालपन, जलन, खुजली तथा त्वचा के निकलने का सामना करना पड़ता है।

हम सब द्वारा पैरों को प्राय: अंदेखा किया जाता है। हम लोगों में से ज्यादतर लोग पैरों को महत्व नहीं देते है। सम्पूर्ण खूबसूरती का तात्पर्य सिर से पैर के अंगूठे तक है। खूबसूरत चेहरे और बद्सूरत पैर की तो कल्पना नहीं की जा सकती है। पैरों की देखभाल के लिये यहाँ कुछ घरेलू सलाह दिये जा रहे हैं।

पैरों का अपपर्णन (Exfoliating the foot)

पैरो से मृत त्वचा को हटाने की प्रक्रिया अपपर्णन कहलाता है। पैरों का अपापर्णन मृत त्वचा को हटाकर नई त्वचा को बनने के द्वारा त्वचा का पुनर्निर्माण करते हैं।

पैरों को भिगोना (Soak feet)

  • एक बाल्टी पानी को ले लें।
  • इस पानी में अधा चम्मच सिरका मिला दें।
  • इस पानी में 5 चम्मच सेंधा नमक मिलायें।
  • इस पानी में 30 मिनट तक अपने पैरो को डालकर बैठे। 30 मिनट के बाद पैरो के अंत को पत्थर से अच्छी तरह रगड़े।

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पैरों के स्क्रब नुस्खे के साथ अपपर्णन (Foot scrub)

3 चमम्च चावल का आटा और 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच सेब आसव का रस लें। इन सभी सामग्रियों को अच्छे से मिला कर इससे चिकना लेप तैयार कर लें। ऊपर बताये गये पानी में या सादे गुनगुने पानी में 10 मिनट तक अपना पैर भिगो लें। इसके बाद पैरों के स्क्रब नुस्खे के साथ अपने पैरों का स्क्रब करें। यह सब्से अच्छा पैरों को स्क्रब करने का तरीका है।

फटी एड़ियों – फटे पांव के लिये उपाय (Hindi remedies for foot cracks)

फटी एड़ियों के लिये पेट्रोलियम जेली  को नीबू रस के साथ मिलाकर लगायें।

गुनगुने पानी को लेकर और इसमें नीबू रस को अच्छे से मिला लें। इस गुनगुने पानी में अपने पैरों को 30 मिनट के लिये रखें और पैरों को धुल दें। नीबू में पाया जाने वाला अम्ल फटी एड़ियों को ठीक करता है।

पैरों पर मॉइस्चराइज़र को लगाना (Moisturizer for feet)

अपपर्णन की प्रक्रिया करने के बाद मॉइस्चराइज़र को पैरो पर लगाना बहुत ही महत्तवपूर्ण है। पैरो को भिगोना पैर से नमी को हटा देता है। इसके लिये कई प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र उपलब्ध हैं। पैरो पर जैतून के तेल को आरम से लगायें। जैतून के तेल में पाया जाने वाला विटामिन ई पैरो की त्वचा की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करेगा। फटे पैरों पर प्राकृतिक नारियल तेल को लगाये यह पैरो को नमी भी पहुंचायेगा।

फटे पैर की सुरक्षा (How to protect the feet)

देखभाल पैरों की, पैरों पर अपपर्णन और मॉइस्चराइज़र की प्रक्रिया को करने के बाद हमे लगभग 5 घण्टे तक इसे बचा कर रखना चाहिये। प्रक्रिया को पूरा करने के बाद मोजों को पहने।

खूबसूरत पैरों के लिए सुझाव

पैरो के अपपर्णन और मॉइस्चराइज़र की प्रक्रिया रातों में करें और बिस्तर पर मोजों को पहन कर जायें। सभी प्रक्रियाओं को एक एक पर पालन करें। हम निश्चित रूप से घर पर अच्छे पैर पायेंगे।

वनस्पति तेल (Vegetable oil)

आप कई तरह के वनस्पति तेलों की मदद से अपनी फ़टी एड़ियों को ठीक कर सकते हैं। तिल, जैतून, नारियल या अन्य कोई भी वनस्पति तेल जो हाइड्रोजीनेटेड (hydrogenated) हो, काम करेगा। अगर आप अच्छे परिणाम देखना चाहते हैं तो रात में सोने से पहले अपने पैरों पर तेल का प्रयोग करें, जिससे कि इन्हें असर दिखाने का पूरा मौक़ा मिल सके। सबसे पहले साबुन वाले पानी में अपने पैर डुबोएं तथा अपने पैरों को एक प्यूमिस स्टोन (pumice stone) की मदद से स्क्रब (scrub) कर लें। इसके बाद अपने पैरों को धोकर अच्छे से सुखा लें। अब किसी भी वनस्पति तेल को अपनी एड़ियों एवं पैरों पर लगाएं। अच्छे धुले हुए मोज़े पहन लें और इन्हें रातभर के लिए छोड़ दें। आपकी एड़ियां सुबह काफी नरम हो जाएंगी। पैर फटना, इसका प्रयोग तब तक करते रहें, जब तक आपके एड़ियों की दरारें गायब नहीं हो जाती।

दलिया (Oatmeal)

एक चम्मच पिसा हुआ दलिया लें और इसमें जोजोबा (jojoba) का तेल मिश्रित करके एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट का प्रयोग प्रभावित भागों पर करें, जिसमें फ़टी एड़ियां शामिल हैं। इस मिश्रण को अपने पैरों पर आधे घंटे के लिए रखें। इसके बाद इसे ठन्डे पानी से धोकर अच्छे से पोंछ लें। अच्छे परिणामों के लिए इस विधि का प्रयोग हर दूसरे दिन करें।

फलों का पैक (Fruit pack)

एक केले को मसलकर इसमें 2 चम्मच जैतून का तेल मिश्रित करें। फलों के इस पैक को अपनी एड़ियों और पैरों पर अच्छे से लगाएं। लगाने के बाद इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें। जैतून के तेल के नमी प्रदान करने वाले गुण और केले के पोषक तत्व आपकी फ़टी एड़ियों को पोषण देकर काफी हद तक ठीक कर देते हैं।

अवोकेडो और केले का गूदा (Avocado and banana pulp)

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केले का पका गूदा लें और इसका प्रयोग अपनी एड़ियों पर अच्छे से करें। वैकल्पिक तौर पर पके अवोकेडो और आधे केले का गूदा लें और इनको मिक्सर (mixer) में डालकर अच्छे से मिश्रित कर लें। जब इसका अच्छे से पेस्ट तैयार हो जाए तो इसका प्रयोग अपनी रूखी और फ़टी एड़ियों पर करें।

नीम (Indian lilac or neem se pairon ki dekhbhal)

नीम भी आपकी फ़टी और रूखी एड़ियों को ठीक करने में काफी कारगर साबित होता है। अगर आपका पेअर संक्रमित और खुजलीदार हो जाए तो आप खासतौर पर नीम का प्रयोग कर सकते हैं। नीम की पत्तियां रूखी और चिड़चिड़ी त्वचा को आराम प्रदान करती हैं तथा संक्रमणों से लड़ने में सहायक होती हैं, क्योंकि इनका स्वभाव एंटी माइक्रोबियल (antimicrobial) होता है। एड़ी फटना, एक मुट्ठी नीम की पत्तियों को लेकर मसल लें और इनका पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट में 3 चम्मच हल्दी पाउडर का मिश्रण करें। इस पेस्ट का प्रयोग अपनी फ़टी एड़ियों पर करें और करीब आधे घंटे के लिए छोड़ दें। अपने पैरों को थोड़े से गर्म पानी से धो लें और एक साफ़ तौलिए की मदद से इन्हें पोंछ लें।

पैराफिन वैक्स (Paraffin wax se pair ka rukhapan dur)

अगर आपकी एड़ियां बुरी तरह फ़टी हुई हैं तो पैराफिन वैक्स की मदद से आपका उपचार किया जा सकता है। इसके प्रयोग से आपको तुरंत राहत प्राप्त होती है। यह एक प्राकृतिक आर्द्रक (humectant) का कार्य करके आपकी त्वचा को मुलायम बनाता है। फटी एड़ियों का इलाज, पिघली हुई पैराफिन वैक्स लेकर इसमें 2 चम्मच नारियल या सरसों का तेल मिश्रित करें। इस मिश्रण को कमरे के तापमान तक आने दें और फिर ऊपर की तरफ एक पतली परत के पैदा होने तक प्रतीक्षा करें। अब इस मिश्रण में अपने पैरों को डुबोएं और 5 से 10 सेकंड तक प्रतीक्षा करें। ऐसा तब तक करें जब तक या तो मोम की कई परतें जम जाएं या फिर आपको अच्छे परिणाम दिखने लगें। प्लास्टिक (plastic) की परत से अपने पैरों को ढक लें और इसे हटाने तथा त्वचा से मोम छुड़ाने से पहले आधे घंटे तक प्रतीक्षा कर लें। इस विधि का प्रयोग हफ्ते में 1 या 2 बार करें। लेकिन अगर आप मधुमेह के मरीज़ हैं या फिर आपके शरीर में रक्त का संचार अच्छे से नहीं हो पाता तो इस उपचार का प्रयोग ना करें। इस बात को भी सुनिश्चित करें कि मोम के गर्म रहते हुए इसमें अपने पैरों को ना डुबोएं।