Best herbs for hair growth – बालों की बढ़ोत्तरी के लिए श्रेष्ठ जड़ीबूटियाँ

कार्य या अन्य किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छा व्यक्तित्व काफी महत्वपूर्ण कारक होता है। ऐसे कई कारक हैं जो आपके व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनमें से एक बालों की समस्या है। कुछ लोगों के लिए बालों की समस्या काफी कष्टप्रद होती है। चाहे बाल झड़ना हो, सफ़ेद बाल या पतले बाल आदि की समस्या हो, ये एक व्यक्ति के व्यक्तित्व एवं बर्ताव को प्रभावित कर सकते हैं। ये समस्याएं शरीर में किसी पोषक या खनिज पदार्थ की कमी से या आनुवांशिक तौर पर हो सकती है। पर ये समस्याएं ठीक की जा सकती हैं। बाज़ार में आयुर्वेदिक इलाज, लेज़र इलाज जैसे विभिन्न इलाज के तरीके उपलब्ध हैं। परन्तु इन सबमें भी आयुर्वेदिक इलाज श्रेष्ठ हैं क्योंकि आप इसे अपने घर में किफायती दरों में किसी भी साइड इफेक्ट्स (side effects) की चिंता किये बगैर कर सकते हैं।

बालों की बढ़ोत्तरी के लिए श्रेष्ठ जड़ीबूटियाँ (Best herbs for hair growth)

एलो वेरा (Aloe Vera)

Aloe Vera

एलो वेरा का प्रयोग घर में विभिन्न प्रकार की बीमारियों से लड़ने के लिए किया जाता है। एलो वेरा आसानी से आपके स्थानीय बाज़ार में उपलब्ध होती है एवं काफी किफायती भी सिद्ध होती है।  एलो वेरा के प्रयोग से सिर की त्वचा से मृत कोशिकाएं दूर होती हैं तथा बालों की बढ़ोत्तरी में सहायता मिलती है।  यह त्वचा के रोमछिद्रों (pores) को साफ करके बालों की बढ़ोत्तरी में सहायता करता है।  इसमें सैलिसिलिक एसिड (salicylic acid) मौजूद होता है तथा यह केराटिन (keratin) के लाभ भी प्रदान करता है।  केराटिन बालों की बढ़ोत्तरी करने वाला मुख्य खनिज होता है।  एलो वेरा भी बालों के विभिन्न उत्पादों की प्रमुख सामग्री होती है।

आंवला (Amla)

Amla

आंवला भारतीय उपमहाद्वीप में काफी मात्रा में पाया जाता है।  प्राचीन आयुर्वेद में आंवला का काफी लम्बे समय से प्रयोग किया जाता रहा है। इसका प्रयोग कई बीमारियों जैसे पेट के रोगों, बालों की समस्याओं, रक्त की अशुद्धि आदि के निवारण के लिए किया जाता है।  आंवला में विटामिन सी (vitamin C) काफी मात्रा में पाया जाता है।  विटामिन सी कोलेजन (collagen) का उत्पादन बढ़ाती है जो बालों की वृद्धि में सहायता करता है।

आंवला गोलियों, पाउडर, रस आदि विभिन्न रूपों में उपलब्ध होता है तथा बालों के सफ़ेद होने की समस्या में भी काफी प्रभावी काम करता है।

भृंगराज (Bhringraj)

Bhringraj

भृंगराज, जिसे एक्लिप्टा अल्बा (Eclipta Alba) भी कहा जाता है, भारत एवं चीन में पाया जाता है।  इसका प्रयोग चीनी औषधियों एवं भारतीय आयुर्वेद में काफी मात्रा में किया जाता रहा है।  यह हमारे शरीर में मौजूद बालों की जड़ों की वृद्धि में काफी सहायता करता है। यह बालों के पतलेपन का भी इलाज करता है एवं इसकी गुणवत्ता बनाए रखता है।  भृंगराज के अंश बाज़ार में उपलब्ध हैं।

मेथी (Fenugreek)

Fenugreek

मेथी मूल रूप से यूरोप एवं एशिया के क्षेत्रों में पायी जाती है।  इसके बीजों का प्रयोग दवाइयों के निर्माण में किया जाता है।  मेथी का प्रयोग गंजेपन एव बालों के झड़ने के समाधान के रूप में किया जाता है।  इससे उत्पन्न परिणामों के दिखने में समय लगता है। इसके बीजों के पेस्ट का प्रयोग सीधे बालों पर किया जाता है।  बालों की देखभाल के कई उत्पादों में मेथी के अंश का प्रयोग किया जाता है।

रीठा (Reetha)

Reetha

रीठा भी काफी आसानी से भारतीय बाज़ार में मिलता है एवं बालों की बढ़ोत्तरी में काफी सहायक होता है।  इसके पके फल को पहले सुखाया जाता है एवं इसके पाउडर का प्रयोग औषधि एवं बालों की देखभाल के अन्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। रीठा का तेल बाज़ार में भी उपलब्ध है।  यह त्वचा के रोमछिद्रों एवं बालों की जड़ों को साफ़ करता है। यह बालों की झड़ने की समस्या का काफी प्रभावी इलाज है।

हेना (Henna)

Henna

अधिकतर लोगों का मानना है कि हेना का प्रयोग केवल बालों को रंग प्रदान करने के लिए होता है, परन्तु हेना एंटीबैक्टीरियल पोषक पदार्थों से भी भरपूर होती है जो बालों को साफ़ रखते हैं एवं कई प्रकार के बैक्टीरिया से बचाते हैं। हेना के पौधे की पत्तियों का प्रयोग बारीक पाउडर बनाने में किया जाता है। हेना बालों से अतिरिक्त तेल निकालती है एवं सिर की त्वचा का पीएच स्तर (pH level) बरक़रार रखती है।