Home remedies for fungal infections – फंगल इंफेक्शन के घरेलू उपाय

त्वचा में होने वाले इंफेक्शन को माइकोसिस (Mycosis) के नाम से भी जाना जाता है जो कई तरह के होते है और कई प्रकार के प्रभाव त्वचा पर डालते हैं. अपने केराटिन (Keratin) तत्व की वजह से यह त्वचा को प्रभावित कर देते हैं. फंगस के प्रमुख कारण एथलीट फुट, रिंग वर्म और यीस्ट इंफेक्शन जैसी कुछ बिमारियाँ है जो त्वचा में होती हैं. इनके प्रभाव से त्वचा लाल हो जाती है और साथ ही जलन तथा खुजली भी होती है. कई बार ऐसे स्थान में छोटे छोटे दानें भी निकल आते हैं. इसकी वजह से त्वचा की परत निकलने भी लगती है. फंगस हवा, पौधों, मिट्टी और पानी में मौजूद हो सकते हैं.

जहाँ फंगस का हल्का प्रभाव होने पर त्वचा पर लालिमा या डालें निकलते हैं वहीँ इसका प्रभाव अधिक होने से फेंफडों में संक्रमण तक होने की आशंका रहती है. कुछ घातक किस्म के फंगस भी होते हैं जो रक्त नलिकाओं में प्रवेश कर जाते हैं. इन दोनों ही अवस्थाओं में डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी होता है. गले या गुप्तांगों में होने वाले संक्रमण के इलाज में भी देरी नहीं करनी चाहिए. आँखों में होने वाला इंफेक्शन कई बार चोट की वजह से होता है. फंगल इंफेक्शन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी कमजोर बना देता है.

उपचार के अलावा कुछ घरेलू उपाय भी हैं जो फंगल इन्फेक्शन को ठीक करने में मदद करते हैं. यह उपाय दवा या उपचार के साथ भी लिए जा सकते है क्योंकि यह प्राकृतिक उपाय शरीर को प्राकृतिक तरीके से सुरक्षित रखने के साथ रोग से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करते हैं.

फंगल इंफेक्शन के घरेलू उपाय हिंदी में (Fungal Infection ke gharelu upay Hindi me)

हल्दी (Fungal Infection home remedy – Turmeric)

प्रभावित हिस्से को हल्दी मिले पानी से धोना फायदेमंद होता है. ऐसा नियमित रूप से करने पर संक्रमण का प्रभाव कम होने लगता है. अगर संक्रमण की जगह पर हल्दी का पेस्ट लगा दिया जाए तो इससे भी राहत मिलती है.

नीम (Neem)

नीम त्वचा के किसी भी तरह के संक्रमण को रोकने में लाभकारी है. नीम के पानी या नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर इस पानी का प्रयोग दिन में कई बार त्वचा पर किया जाना चाहिए. इन्फेक्शन वाली जगह पर नीम की पत्तियों का पेस्ट रात भर लगा कर छोड़ दें. इस उपाय को कुछ दिनों तक रोजाना करें.

पीपल की पत्तियां (Peepal tree leaves)

पीपल की पत्तियों को थोड़े पानी के साथ उबाल लें. इसे ठंडा होने दें और इस पानी का प्रयोग त्वचा को धोने के लिए करें. इससे घाव जल्दी ठीक होने लगते हैं.

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एलोवेरा (Infection ka gharelu ilaj in Hindi – Aloe Vera)

एलोवेरा त्वचा की जलन को कम करता है और ठंडक पहुंचाता है. एलोवेरा के जेल या तजा पत्तियों के गुदे को निकालकर त्वचा में लगाने से राहत मिलती है.

पुदीना (Mint leaves)

पुदीने में संक्रमण के प्रभाव को नष्ट करने की क्षमता होती है. पुदीने की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें. इस पुदीने के पेस्ट को त्वचा में लगा कर इसे 1 घंटे रहने दें.

कपूर (Camphor)

केरोसिन के तेल में 5 ग्राम कपूर और 1 ग्राम नेप्थलीन को मिला लें. इसे संक्रमण वाली जगह पर कुछ देर मलहम की तरह लगा कर छोड़ दें. जब तक रोग ठीक न हो जाये, इस उपाय को दिन में दो बार करें.

उड़द की दाल (Black gram)

उड़द की दाल को भिगो कर पेस लें. इस दाल के पेस्ट में शहद मिलाकर त्वचा पर कुछ समय तक लगाये रखें. इससे संक्रमण का प्रभाव धीरे धीरे कम होने लगता है.

नींबू (Lemon)

अगर आपके पास इमली के बीज मौजूद हैं तो आप इस उपाय को कर सकते हैं. इमली के बीज को पीस कर पाउडर बना लें. इसमें नींबू का रस मिलाकर इस पेस्ट को त्वचा पर लगा कर रखें. रोजाना इस उपाय को करने से फंगल इंफेक्शन जल्दी ठीक होने लगता है.

टी ट्री ऑइल (Tea tree oil)

टी ट्री ऑइल में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. त्वचा संक्रमण को दूर करने के लिए टी ट्री ऑइल को सीधे प्रभावित हिस्से में रोजाना दो बार लगायें.

यूकेलिप्टस ऑइल (Eucalyptus oil)

यूकेलिप्टस ऑइल में बजी एंटीफंगल गुण होते हैं. इसे भी त्वचा पर सीधे इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे रातभर लगा कर रखें और नियमित कुछ दिनों तक इसका प्रयोग करें.

लौंग (Clove)

लौंग या लौंग का तेल, दोनों ही त्वचा के संक्रमण को रोकने में मददगार होते हैं. इसमें दर्द और जलन भी कम करने का गुण पाया जाता है. अगर आपके पास लौंग का तेल नहीं है तो लौंग को पीसकर त्वचा में लगा के रखें और कुछ देर रखने के बाद धो लें.

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