Hindi remedies for conjunctivitis – कंजक्टिवाइटिस (आँखो का लालपन और सूजन) से बचने के घरेलू उपाय

आँखों का संक्रमण (aankh ke rog) कई तरह का होता है। औषधीय विज्ञान में इसकी कई श्रेणियाँ हैं और सबके लक्षण अलग अलग हैं। अगर आप कंजक्टिवाइटिस से परेशान हैं तो औषधियों का सेवन करने से पहले घरेलू नुस्खे अपनाना श्रेयस्कर रहता है। कंजक्टिवाइटिस में आँखें सुर्ख लाल हो जाती हैं और यह एक संक्रामक रोग है जो एक से दूसरे व्यक्ति को फैलता है। अब आप कई तरह के प्राकृतिक उपाय अपना सकते हैं जिनके प्रयोग के बाद इस बीमारी से आपको छुटकारा मिल जाएगा। कुछ लोगों को पता नहीं होता कि ये रोग एलर्जी के कारण होता है,संक्रामक है या वायरस की वजह से होता है।

आँख की बीमारी – लक्षण (Symptoms)

  • आँखों से पानी आना
  • एक आँख से दूसरी आँख में फैलना
  • आँखों में परेशानी
  • पलकों के ऊपर जलन

कंजंक्टिवाइटिस वायरस या बैक्टीरिया किसी के द्वारा भी हो सकती है पर दोनों के लक्षण अलग अलग होते हैं। ऊपर दिए गए लक्षण वायरस से हुए कंजक्टिवाइटिस के हैं। पर अगर आप गुलाबी आँखों के संक्रमण के शिकार हैं जो कि बैक्टीरिया द्वारा होता है तो आप अपनी आँखों से एक हरा और पीला द्रव्य निकलता अनुभव कर सकते हैं। इस स्थिति में भी यह संक्रंमण एक आँख से दुसरे में फैलता है।

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प्राकृतिक घरेलू नुस्खे (Natural home remedies for conjunctivitis)

स्तन का दूध (Breast milk)

स्तन के दूध में एक ख़ास तरह का गुण होता है जिसे औषधीय भाषा में इम्म्युनोग्लोबिन ए कहते हैं। आँखों के रोग, यह आँखों को गुलाबी करने वाले बैक्टीरिया से बचाव करने में काफी हद तक सक्षम होता है। क्योंकि इससे आपकी आँखों के बैक्टीरिया की रोकथाम होती है अतः इससे आपकी आँखों का संक्रमण भी ठीक हो जाता है। आँख से पानी गिरना, विज्ञान ने आँखों से निकलने वाले कोलोस्ट्रम नामक द्रव्य और इससे नवजात शिशु की आँखों पर हुए संक्रमण पर शोध किया है। इस शोध में यह पाया गया है कि स्तनपान इस संक्रमण को कम करता है।

लगाने की विधि (How to apply?)

दूध की कुछ बूँदें लें एवं आँखों के संक्रमित क्षेत्र पर लगाएं। अब अपनी पलकों को थोड़ा उठाने का प्रयत्न करें जिससे कि ये दूध आँखों के भीतरी भाग की ओर चला जाय। अच्छे परिणामों के लिए इस विधि का प्रयोग दिन में 3 बार करें।

आँखों की देखभाल – हर्बल चाय का लेप (Herbal tea Poultics)

यह एक जान अमान्य तथ्य है कि अगर आप हर्बल चाय का सेवन पीने में या फिर इसके कैप्सूल को खाकर करें तो इससे कंजंक्टिवाइटिस में काफी आराम मिलता है। आँखों में दर्द, आँखों की किसी भी परेशानी के लिए यह एक काफी कारगर इलाज है। चाय बनाकर इसे ठंडा होने दें और फिर इससे अपनी आँखों को धोएं। अगर आप जलन (aankhon mein jalan) की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं तो चाय में थोड़ा नमक डाल दें।

प्रयोग की विधि (Way to use it)

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चाय बनाने में पानी का बिलकुल प्रयोग ना करें क्योंकि इससे आपकी आँखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पर अगर आप बिलकुल स्वच्छ पानी का प्रयोग करते हैं तो फिर इससे अच्छी बात हो ही नहीं सकती।

आँखों की देखभाल – शहद (Honey)

घर में शहद मिलना काफी आसान है क्योंकि कई बार रसोई में चीनी की जगह शहद का प्रयोग किया जाता है और ये आपको स्वस्थ भी रखता है। सारे देश और यहां तक कि विदेशों में किये गए शोध के मुताबिक़ शहद में एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं और शरीर को ऊर्जा देने में भी ये काफी लाभकारी है। यहाँ तक कि वैज्ञानिकों के एक समूह ने 18 जांच केंद्र बिठाकर यह पाया कि शहद अन्य एंटीबायोटिक क्रीम्स से ज़्यादा बेहतर काम करता है।

शहद के प्रकार (Kind of honey to be used)

शहद कई प्रकारों में उपलब्ध होता है। मनुका शहद एक ऐसा शहद है जो कि काफी लाभकारी है क्योंकि इसमें डिहाइड्रोक्सीएसीटोन नामक यौगिक की काफी ज़्यादा मात्रा होती है।

प्रयोग की विधि (How to use it?)

जब आप कंजंक्टिवाइटिस के शिकार हों तो आपको शहद लगाने की विधि के बारे में भी पूरा ज्ञान होना चाहिए। जिन सामग्रियों की आपको आवश्यकता होगी वो हैं 1/4 चम्मच कच्चा शहद,चुटकी भर नमक और 1/4 कप शुद्ध जल। गर्म पानी लें और उसमें नमक एवं कच्चा शहद मिलाएं। पानी को ज़्यादा गर्म ना करें क्योंकि इससे पानी के गुण नष्ट हो सकते हैं। आँख से पानी आना, ये दोनों चीज़ें पानी में मिलाने के पश्चात एक साफ़ ड्राप लें और उसमें मिश्रण भरकर आँखों में डालें।

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