How to test tonsillitis – Best home remedies for tonsillitis – टॉन्सिल के घरेलू उपाय हिंदी में

टॉन्सिल (Tonsils) गले के दोनों ओर स्थित लिम्फेटिक टिश्यु या ऊत्तक होते हैं. ये ऊत्तक बैक्टीरिया और संक्रमण से लड़कर सुरक्षा का कार्य करते हैं. ये  उन बैक्टीरिया और वायरस को अपने में अवशोषित करते हैं जो शरीर के किसी अंग या भीतरी हिस्से को क्षति पहुंचा सकते हैं. टोंसिलाइटिस होने पर सूजन और दर्द का अनुभव होता है. यह खासकर बदलते हुए मौसम में बच्चों को प्रभावित करता है. यह अवस्था तब दिखाई देती है जब टोंसिल कीटाणुओं या बैक्टीरिया का सामना नहीं कर पाते और उनमें परिणामस्वरूप सूजन हो जाती है.

टोंसिलाइटिस के लक्षण और जांच (Tonsillitis test or diagnosis)

टोंसिलाइटिस की अवस्था में सूखा बलगम, उच्च शरीर  ताप या ज्वर के साथ कंपकपी होती है. सांसों में दुर्गन्ध भी इसका एक खास लक्षण है. शुरूआती दिनों में सूजन और लालिमा मुंह और जीभ में भी दिखाई देती है. टोंसिलाइटिस 12 से 13 दिनों तक प्रभवे रहता है और इसके दोबारा लौटने की संभावना भी हो सकती है. ठंडे या मौसम के बदलने के दौरान यह फिर अपना प्रभाव दिखा सकता है. इसमें गले में सूजन के साथ साथ जीभ कठोर और स्वाद खराब होने का अनुभव भी होता है.

अगर रोगी डॉक्टर के पास जाये तो उसे गले में एक तरह की पट्टी लगा कर टेस्ट के लिए भेजा जाता है.

टोंसिल के कारण और प्रभाव हिंदी में (How it affects and causes)

बैक्टीरिया और वायरस का सामना करने की वजह से यह समस्या गले को प्रभावित करती है. जब टोंसिल वायरस का सामना कर उन्हें अवशोषित नहीं कर पाते तो यह प्रभावित होकर सूज जाते हैं. इस रोग में बात करने में परेशानी होती है. यह स्थिति गले में दर्द से भी बदतर होती है जिसमें मुंह की लार को निगलना भी तकलीफदेह होता है. टोंसिल का प्रमुख लक्षण गले में अचानक सूजन और दर्द है.

टोंसिल के रोगी को ठन्डे मौसम और ठन्डे पदार्थों के सेवन में अत्यधिक तकलीफ महसूस होती है. अगर रोग नया हो तो इसमें सुधार किया जा सकता है लेकिन पुराने टोंसिल के रोग में मरीज की हालत बहुत खराब हो जाती है. इस समय किसी भी तरह का ठंडा पदार्थ खाने में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

टोंसिल में गले के साथ साथ दर्द कान के हिस्से तक पहुँच जाता है और साथ ही दिन में सिर दर्द की समस्या भी हो सकती है. लार या भोजन को निगलना बहुत कठिन होता है. भूख में भी कमी आ जाती है. मरीज को बोलने में तकलीफ होने के साथ ज्वर भी बना रहता है.

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टोंसिल के घरेलू उपाय हिंदी में (Home remedies in Hindi)

घर या रसोई में कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो टोंसिल के घरेलू इलाज या उपाय के लिए इस्तेमाल की जा सकती है. ये चीजें संक्रमण को दूर करने में उपयोगी हैं.

गर्म पानी (Warm water)

गर्म पानी दर्द और सूजन में आराम देता है. दिन में 2 से 3 बार गर्म पानी में गरारा करने से सूजन में कमी आती है और दर्द में भी राहत मिलती है.

हल्दी (Turmeric)

हल्दी में दर्दनिवारक गुण होते हैं. हल्दी का प्रयोग गर्म पानी में मिलाकर गरारे के रूप में किया जा सकता है. इसके अलावा हल्दी का एक और प्रयोग भी है. गर्म पानी में हल्दी, काला नमक और काली मिर्च मिलाकर उबालें. इस पानी का प्रयोग गरारे के रूप में दिन में एक बार करें. रात को सोने के पहले इस प्रयोग को करना अधिक लाभदायक होता है.

काली मिर्च (Black pepper)

काली मिर्च एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से युक्त एक औषधि है. यह दर्द को भी कम करने में मदद करता है. काली मिर्च का पाउडर दिन में 3 से 4 बार विभिन्न तरीकों से सेवन किया जाना लाभदायक है.

तुलसी अदरक की चाय (Basil ginger tea)

अदरक, तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी के उबालकर काढ़ा बना लें. इसे ठंडा करके रखें. रात को सोने से पहले इसे दूध में मिलाकर पी लें.

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