How to avoid pregnancy after one month without abortion – गर्भावस्था के एक महीने बाद कैसे बिना गर्भपात कर गर्भावस्था को दूर करें

गर्भावस्था / प्रेगनेंसी (pregnancy) किसी के लिए खुशियों का कारण बनती है तो कुछ के लिए स्ट्रेस और समस्या का कारण। अगर देखा जाए तो बहुत से प्रक्रिया है जिन से आप गर्भावस्था से छुटकारा पा सकती है लेकिन बहुत सी महिलाओ में देखा गया है की  गर्वपात के लिए ये प्रक्रिया काम नहीं करती और असफल हो जाती है जिस से महिला को गर्भावस्था / प्रेगनेंसी से गुज़ारना पड़ता है।

गर्भनिरोधक  कैसे करे यदि गर्भनिरोधक गोलियाँ (birth control pills) आपको संभोग के बाद 48 से 72 घंटो के अंदर इनका उपयोग करने से गर्भावस्था को आने से रोक सकती है। और ऐसे कुछ परिस्थिति भी है जिन कारण आपका शरीर स्वस्थ गर्भ (fetus) को नहीं संभाल पाता।

इन परिस्थिति में आपको परेशान होना चाहिए की आप  1 महीने के बाद गर्भावस्था से कैसे छुटकारा पा सकें? गर्वपात से बचने के लिए एक महीने के बाद तो गर्भनिरोधक गोलियाँ भी आपकी सहायता नहीं कर सकती और इसलिए आपके पास गर्भपात / एबॉर्शन के अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं बचता। गर्भपात / एबॉर्शन एक ऐसी चीज़ है जो बहुत ही निजी और एक कठिन फैसला होता है।

गर्वपात से बचने के लिए गर्भ के जीवित होने से पहले गर्भावस्था को ख़तम करना या गर्भ को गिराना, इस को गर्भपात कहते है। एबॉर्शन / गर्भपात का फैसला लेना आसान नहीं होता और वो भी गर्भावस्था के एक महीने बाद, इस कारण महिला की सेहत भी खराब हो सकती है।

एबॉर्शन / गर्भपात का फैसला लेने से पहले बहुत सी चीज़ों की देखभाल करनी आवश्यक है। एबॉर्शन / गर्भपात के कारण महिला केवल शारीरिक पीड़ा से नहीं गुज़रती बल्कि मान्सिक पीड़ा से भी गुज़रती है। अगर आगे जाकर महिला गर्भावस्था में होती है तो उसे बहुत सी समस्या से भी गुज़ारना पड़ता है। गर्भनिरोधक कैसे करे अपने डॉक्टर, काउंसलर या परिवार में किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात कर उनका परामर्श लेना चाहिए।

गर्वपात के लिए लेकिन अगर आप एबॉर्शन / गर्भपात नहीं कराना चाहती तो आप नीचे दिए गए उपाय को अपना सकती है और गर्भावस्था से छुटकारा पा सकती है। इस आर्टिकल में आपको गर्भावस्था के 1 महीने बाद, गर्भ को गिराने के उपाय के बारे में दर्शाया गया है। महिला की सेहत, उम्र और गर्भ की सेहत पर निर्भर ऐसे कुछ उपाय को नीचे दर्शाया गया है।

गर्भपात के बिना गर्भावस्था से बचने के तरीके

पपीता (Papaya)

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गर्वपात से बचने के लिए गूदायुक्त एवं स्वादिष्ट पपीता एक ऐसा फल है जिसके खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए काफी फायदे हैं। यह फल ऑक्सीटोसिन (oxytocin) एवं प्रोस्टाग्लैंडिन (prostaglandin) से भरपूर होता है, जो एक प्रकार के एंजाइम्स (enzymes) हैं जो लेबर (labour) के दौरान गर्भाशय में मरोड़ों को बढ़ावा देते हैं। यह फल फाइटोकेमिकल्स (phytochemicals) का भी स्त्रोत होता है जो प्रोजेस्टेरोन (progesterone) की गतिविधि को बाधित कर सकते हैं।  यदि गर्भपात ही आपका उद्देश्य है तो कच्चे पपीतों का भी सेवन किया जा सकता है।

दालचीनी (Cinnamon)

गर्वपात से बचने के लिए सबसे प्रसिद्ध घरेलू उपायों में कच्ची दालचीनी या दालचीनी के पूरक पदार्थ शामिल हैं। दालचीनी में मौजूद यौगिक लेबर उत्पन्न कर सकते हैं। क्योंकि दालचीनी के पूरक पदार्थ कुछ लोगों में एलर्जी (allergy) की सृष्टि करते हैं, अतः आगे बढ़ने से पहले किसी डॉक्टर से सलाह अवश्य कर लें।

गोजी बेरीज़ (Goji Berries)

पौराणिक काल से चीनी औषधियों का एक हिस्सा रही गोजी बेरियों के सेवन से पहले इन्हें सुखा लिया जाता है। गर्भवती महिलाओं को लेबर के दौरान मरोड़ के लिए तीसरी तिमाही के अंत में इन बेरीज़ का सेवन करने की सलाह दी जाती थी। क्योंकि इन बेरीज़ को मधुमेह या उच्च रक्तचाप से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक पाया गया है, अतः इनका सेवन करने से पहले एक डॉक्टर से सलाह कर लें।

इवनिंग प्रिमरोज़ तेल (Evening Primrose Oil)

इस तेल के गर्भवती एवं साधारण महिलाओं के लिए काफी स्वास्थ्य गुण होते हैं। हालांकि, जब इसका एक विशेष प्रकार से प्रयोग किया जाता है तो इवनिंग प्रिमरोज़ तेल गर्भपात का कारण बन सकता है। अपने सर्विक्स (cervix) पर इस तेल की अच्छी खासी मात्रा से मालिश करें एवं नियमित मात्रा में इस तेल से युक्त गोलियों का सेवन करें।

तिल (Sesame Seeds)

गर्भनिरोधक कैसे करे ? तुरंत गर्भपात के लिए एक जांचा परखा उपाय, तिल को रातभर पानी में डुबोकर रखें और सुबह इसका सेवन कर लें। आप तिल को तलकर इसका सेवन शहद के साथ भी कर सकते हैं।

मेडिकल की सहायता से (Medical method)

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यह प्रक्रिया एबॉर्शन/ गर्भपात की तरह है क्यूंकि यह मेडिकेशन (medication) के द्वारा की जाती है। गर्भ (fetus) को बढ़ने से रोकने के लिए कुछ दवाइयों की सहायता से इसे रोक सकते है। एक महीने के बाद गर्भावस्था को दूर करने के लिए मायिफप्रिस्टोन (mifepristone) और मेथोत्रिक्सेट (methotrexate) बहुत ही ज्यादा उपयोग की जाने वाली दवाइयाँ है। मायिफप्रिस्टोन (mifepristone) प्रोजेस्टेरोन (progesterone) के साथ काम कर गर्भ का नाश करती है। मेथोत्रिक्सेट (methotrexate) एक विषाक्त केमिकल पदार्थ है जो गर्भ के सेल्स (fetus cells) को ख़तम करता है और इस तरह एबॉर्शन / गर्भपात का परिणाम बनता है। मृत गर्भ को निकालने के लिए कुछ महिलाओं को मिसोप्रोस्टल (misoprostol) दिया जाता है। नीचे आप प्रक्रिया को देख सकते है,

प्रक्रिया (The process)

  • इस एबॉर्शन/ गर्भपात की प्रक्रिया के लिए अपनी प्रसूतिसास्री (gynecologist) से प्रक्रिया के अंत तक 3 बार मिलने जाए।
  • सबसे पहली दवाई आपको मायिफप्रिस्टोन (mifepristone) लेनी है।
  • जैसे ही आपने पहली गोली ले ली हो, कुछ दिनों के बाद आपको डॉक्टर से दोबारा मिलना होगा और फिर उनकी परामर्श से दूसरी दवाई मिसोप्रोस्टल (misoprostol) लेनी होगी।
  • यह दवाई गर्भाशय में सिकुड़न करता है जिस से गर्भाशय सूखा पड़ने लगता है।
  • इस एबॉर्शन की प्रक्रिया में खून का बह (bleeding) रहेगा जो की 2 हफ्तों तक रह सकता है।
  • कुछ हफ्तों के बाद खून का बहाव हल्का हो जाएगा।
  • अब अपने डॉक्टर के पास दोबारा जाए और जाने की गर्भपात हुआ है की नहीं, इसकी अच्छे से जांच कर लें।

चेतावनी (Warning)

  • अगर आप एक महीने से ज्यादा गर्भावस्था में है तो इस प्रक्रिया को ना करें।
  • अगर आप 35 साल की उम्र से बड़ी है तो इस प्रकिया को ना अपनाए।
  • अगर आप धूम्रपान करती है और दिन में 10 सिगरेट से जयादा पीती है तो इस प्रक्रिया को ना अपनाए।

सेलाइन वाटर मेथड  (Saline water method)

गर्वपात के लिए यह एक और प्रक्रिया है जिस से आप अपने गर्भ का नाश कर सकती है। इस प्रक्रिया में आपको अपनी कोख (womb) में नमक के पानी / साल्ट वाटर (salt water) को इंजेक्शन द्वारा डालना होगा। यह नमक गर्भ में विष भर देगा और इस कारण गर्भ अपने आप समाप्त हो जाएगा। यह गर्भ को मार देता है और फिर डीह्य्डरेशन (dehydration) कर देता है।

 प्रोस्टग्लैंडीन मेथड  (Prostaglandin method)

गर्वपात के लिए यह प्रक्रिया में कुछ विशेष हॉर्मोन को गर्भाशय में इंजेक्शन द्वारा डाला जाता है जिस से आपको लेबर पैन (labor pain) तो ज़रूर होगा लेकिन इस से आपका गर्भ भी समाप्त हो जाएगा।

केमिकल मेथड (Chemical method)

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गर्वपात से बचने के लिए यह प्रक्रिया में ज़्य्गोट (zygote) को गर्भाशय में इंजेक्शन द्वारा डाला जाता है जिस कारण गर्भपात हो जाता है। इसमें जो एबॉर्शन के लिए उपाय किया जाता है वही उपाय इसमें भी किया जाता है। ज्यादातर नुवा रिंग – वजिनल रिंग (Nuva Ring- Vaginal Ring) और ओर्ठो – एव्र बर्थ कंट्रोल पैच (Ortho- Evra Birth control patch) का दुनिया भर में उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया गोनाडोत्रोपिंस (gonadotropins) पर काम करता है जो की ओवुलेशन (ovulation) को बनाता है। गर्भाशय के अस्तर (lining) में बदलाव होने के कारण इसके अंदर कुछ भी दाखिल नहीं होगा। इस बदलाव से सर्वाइकल म्यूकस (cervical mucus) शुक्राणु (sperm) को गर्भाशय के अंदर नहीं दाखिल होने देंगे जिस से गर्भाशय की लाइनिंग / अस्तर पतली होने लगेगी। इस प्रक्रिया को तब ही अपनाए जब कोई भी प्रक्रिया आपका गर्भपात करने में असफल हो जाए।

 हर्बल एबॉर्शन / गर्भपात (Herbal abortion)

इस प्रक्रिया में बहुत से अनेक प्रकार के असुरक्षित और अनुचित उपाय है जिस से गर्भावस्था को रोका जा सकता है। यह बहुत ही कठिन प्रक्रिया है और इसलिए बहुत कम इसका उपयोग करते है। यहाँ गर्भावस्था को जड़ी बूटी / हर्ब के उपयोग से दूर किया जाता है। यार्रो (yarrow) जिसे वैज्ञानिक दृष्टी से अकिल्लिया मिल्लेफोलियम (achillea millefolium) कहा जाता है, जो की एक हर्बल फूल है जिसका उपयोग गर्भपात के लिए किया जाता है। गर्वपात से बचने के लिए यह एक स्वस्थ उपाय नहीं है जिसे गर्भावस्था के एक महीने बाद अपनाया जाए। आपको इस प्रक्रिया को अपनाने से पहले मान्सिक रूप से तैयार होना होगा।

 गोलियाँ लेना (Taking pills)

गोली एक सामान्य सी दवाई है जो नियमित समय पर ली जाए तो गर्भ को बढ़ने से रोक सकती है। इन गोलियाँ को आप अपने पिछले माहवारी / पीरियड्स के बाद 63 दिनों तक या 9 हफ्तों तक ले सकती है। इन गोलियों का एक नियमित समय या दौरान रहता है जिसे अगर आप सही रूप से पालन करेंगी तो अपने गर्भावस्था को दूर कर पाएंगी। ये गर्भावस्था की गोलियाँ/ प्रेगनेंसी पिल्स (pregnancy pills) बहुत ही प्रभावशाली है और यह 98% तक सफल रहती है। आपको नियमित रूप से अपने डॉक्टर से संपर्क में रहना है और इस प्रक्रिया के समाप्त होने के बाद अपने डॉक्टर से परामर्श लेना है की इन गोलियों का असर सही से हुआ है की नहीं? गर्भ को बढ़ने से रोकने के लिए कुछ गोलियों का सेवन किया जाता है और अगर गर्भपात इन गोलियों से नहीं हुआ तो बहुत ही गंभीर क्षति आपको पहुँच सकती है। इसलिए कोई भी दवाई को लेने से पहले अपने डॉक्टर से उस दवाई के पक्ष (pros) और विपक्ष  (cons) को अच्छे से जान लें। इन गोलियों को खाने से आप एलर्जिक रिएक्शन (allergic reaction) को महसूस कर सकती है या आपके गर्भाशय में इन्फेक्शन (infection) हो सकता है और कभी- कभी तो आपके गर्भाशय में खून भी जम (blood clotting) सकता है। इसलिए गर्वपात से बचने के लिए इस प्रक्रिया को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।