Hindi remedies for diaper rashes – डायपर के रैशेस हटाने के घरेलू नुस्खे

त्वचा रोग व उपचार, बच्चा हमेशा अपनी माँ के लिए काफी अनमोल रहता है। माँ अपने बच्चे को हर मुसीबत से बचाती है तथा उसे उसकी नयी दुनिया में सुकून का अहसास करवाती है। उनके शरीर में होने वाले रैशेस माँ के लिए काफी चिंता का कारण होते हैं। अपने छोटे से बच्चे के पृष्ठ भाग (bacche ki skin pe rash hona) में हुए इन डायपर रैशेस को देखकर किसी भी माँ का दिल घबरा सकता है।

यह समस्या आमतौर पर ज़्यादा देर तक डायपर पहनने के कारण होती है। पर अब आप सभी माओं के लिए अच्छी खबर है। कुछ घरेलू नुस्खों का प्रयोग करके आप अपने बच्चे को डायपर रैशेस से बचा सकते हैं। इस समस्या की वजह से आपके बच्चे में चिड़चिड़ेपन की भावना रहती है तथा उसकी त्वचा में जलन भी होती रहती है। क्योंकि डायपर के अंदर का वातावरण गर्म और आर्द्र रहता है, अतः वहां बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं और रैशेस उत्पन्न कर सकते हैं।

घरेलू नुस्खे (Some home remedies for diaper rashes)

1. त्वचा की एलर्जी, अपने बच्चों की त्वचा हमेशा सूखी रखने का प्रयास करें तथा उनका मल- मूत्र तुरंत साफ़ कर लें। ध्यान रखें कि मल-मूत्र आपके बच्चे के शरीर के संपर्क में ना आए।

2. त्वचा की एलर्जी, जैसे ही आपको पता चले कि डायपर गन्दा या गीला है, उसे तुरंत बदल दें।

3. खुजली और रैशेस, स्किन रैशेस रोकने के लिए डायपर के भाग को नरम सूती के कपडे से धो दें जो कि गुनगुने पानी में डूबा हुआ हो।

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4. त्वचा के चकत्ते, प्रभावित भाग पर कोई साबुन इस्तेमाल न करें अगर वो भाग गन्दा न हो। आप बाज़ार से नामी कंपनियों के बेबी सोप खरीद सकते हैं।

5. जिस जगह पर डायपर रैश हो उस जगह पर अल्कोहल मिले हुए बेबी वाइप का प्रयोग न करें। यह काफी खतरनाक होता है और आपकी त्वचा को जला भी सकता है।

6. त्वचा के चकत्ते, अगर आप बच्चे के शरीर के गीले भाग को सुखाना चाहते हैं तो इसके लिए ब्लो डायपर सेट का प्रयोग करें। इससे वो भाग सूखा रहेगा और रैशेस भी नहीं होंगे।

7. कपडे को डायपर की तरह प्रयोग करने के बजाय आम कपडे की तरह ही प्रयोग करें। इससे त्वचा पर रैशेस होने की संभावना काफी कम होती है।

8. आप डायपरिन, जिंक ऑक्साइड, डी ऑइंटमेंट आदि क्रीम्स का प्रयोग कर सकते हैं। माओं को कटी छिली जगह,स्किन रैशेस पर ये क्रीम नहीं लगानी चाहिए।

9. त्वचा पर चकत्ते, बच्चों को प्लास्टिक की पैंट्स ना पहनाएं क्योंकि इससे रैशेस होने की ज़्यादा संभावना रहेगी।

10. त्वचा पर चकत्ते (skin pe rashes), अगर बच्चे की उम्र 12 महीने से अधिक की हो गयी हो तो उसे करौंदे का रस पिलाएं। इससे उसका मूत्र कम गाढ़ा होगा।

11. अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे की त्वचा काफी नाज़ुक है तो आप उसे 10 मिनट तक गर्म पानी से नहलाएं। इस प्रक्रिया का प्रयोग दिन में 3 बार करें। बाथ टब में गर्म पानी और उसमें 2 चम्मच बेकिंग सोडा मिला होना चाहिए। पर उसे इतनी देर न नहलाएं कि उसकी नाभिरज्जु निकलकर बाहर आ जाए।

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