Hindi tips for migraine headache – माइग्रेन का इलाज या आधा सिर दर्द हेतु प्राकृतिक घरेलु नुस्खे

दुनियाभर में कई लोगों को माइग्रेन के दौरे पड़ते हैं। ये सिर में रह रह के होने वाला दर्द है, जो सिर के एक तरफ ही होता है। इसके साथ ही रोशनी और आवाज़ के प्रति संवेदनशीलता, उल्टी और मतली होती है। इस बात का ध्यान रखें कि सिरदर्द लगातार ना होने लगे और आपको स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना ना करना पड़े।

लैवेंडर ऑइल (Lavender oil)

लैवेंडर ऑइल की खुशबू ना सिर्फ काफी अच्छी होती है, बल्कि इसके प्रयोग से माइग्रेन का दर्द भी काफी आसानी से दूर हो जाता है। आप या तो लैवेंडर के तेल का सेवन कर सकते हैं, या फिर इसे सूंघ सकते हैं। 2 से 4 बूँदें लैवेंडर के तेल को दो से चार कप उबलते पानी में मिश्रित करें और इसे सूंघें। इससे आपको सिर के माइग्रेन के दर्द से राहत प्राप्त होती है। आपको इसका प्रयोग करने के लिए इसे अन्य तेलों की तरह पानी के साथ भी मिश्रित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। लेकिन लैवेंडर के तेल को मौखिक रूप से ना लें।

एक्यूपंक्चर (Acupuncture adhe sir ka dard ke liye)

अन्य उपचारों के विपरीत एक्यूपंक्चर का प्रभाव दवाइयों के जैसा ही होता है। लेकिन जब आप एक्यूपंक्चर का प्रयोग माइग्रेन का दर्द दूर करने के लिए करते हैं तो इसके लम्बे समय तक चलने वाले साइड इफेक्ट्स (side effects) का सामना आपको नहीं करना पड़ता है। हालांकि लोगों का यह मानना है कि एक्यूपंक्चर सिर्फ प्लेसिबो इफ़ेक्ट (placebo effect) की वजह से काम करता है, पर यह फिर भी आपको काफी राहत प्रदान करता है।

सेब का सिरका (Apple cider vinegar)

सर्दियों के मौसम के फल जो स्वास्थ्य की देखभाल के लिए उपयोगी हैं

ना सिर्फ सेब के सिरके के कई स्वास्थ्य से जुड़े गुण होते हैं जैसे शरीर से अशुद्धियों को दूर करना, उच्च रक्तचाप (blood pressure) को नियंत्रित करना, रक्त के शुगर (blood sugar) को नियंत्रित करना, वज़न घटाने में मदद करना हड्डियों के दर्द को कम करना और कब्ज़ से मुक्ति दिलाना, बल्कि यह माइग्रेन के दर्द को भी दूर करने में सहायता करता है। एक चम्मच सेब के सिरके को एक गिलास पानी में मिश्रित करें। इसमें एक चम्मच शहद के साथ मिलाएं। इसका सेवन रोज़ करने से आपको माइग्रेन के दर्द से मुक्ति मिलती है।

कायेन पेपर (Cayenne pepper)

कायेन पेपर एक बेहतरीन घरेलू नुस्खा है, जो माइग्रेन के दर्द को दूर कर सकता है। यह ना सिर्फ रक्त के संचार को बढ़ाता है, बल्कि रक्त के संचार को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद कैप्सेकिन (capsaicin) प्राकृतिक पेनकिलर (painkiller) का काम करता है। एक चम्मच कायेन पेपर को एक चम्मच गुनगुने पानी में घोलें। अगर आप इसका स्वाद बढ़ाना चाहते हैं तो इसमें शहद और नींबू का रस मिश्रित करें। इसका सेवन अपनी ज़रुरत के हिसाब से करें।

कैमोमाइल चाय (Chamomile tea)

कैमोमाइल में एंटीपास्मोडिक, जलनरोधी और सुकून भरे (antispasmodic, anti-inflammatory, and soothing)  गुण होते हैं, जो आपको माइग्रेन के दर्द से बचाते हैं। अगर आप जर्मन कैमोमाइल चाय (German chamomile tea) का प्रयोग कर रहे हैं तो आपको तुरंत प्रभाव दिखने लगेंगे। जब भी आपको लगे कि आप माइग्रेन के दर्द का शिकार हो रही हैं तो सिर्फ एक कप कैमोमाइल चाय बनाएं और इसे पी लें।

अदरक (Ginger adha sir dard ke liye)

अदरक प्रोस्टाग्लांडिंस (prostaglandins) नामक रसायन को शरीर में प्रवेश नहीं करने देता है, जिससे ना सिर्फ आपको जलन से छुटकारा मिलता है, बल्कि हॉर्मोन्स (hormones) को भी प्रभावित करता है और मांसपेशियों की सिकुड़न में मदद करता है। ज़्यादातर ज्वलनशील दवाएं भी ऐसे ही काम करती हैं। अगर आप माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं तो कच्चे अदरक का रस या अदरक की चाय का सेवन करें।

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फीवरफ्यू (Feverfew)

पर्थेनोलाइड (Parthenolide) फीवरफ्यू के पौधे में पाया जाने वाला एक कंपाउंड (compound) है, जो ना सिर्फ मांसपेशियों की अकडन से निजात दिलाता है बल्कि जलन को भी कम करता है। यह प्रोस्टाग्लैंडिंस को नियंत्रित करके आपके दर्द में कमी करता है। एक कप पानी में फीवरफ्यू की पत्तियों और पुदीने की पत्तियों का मिश्रण डालें और इसे आधे घंटे के लिए छोड़ दें। इस चाय को छानकर सारे दिन पीते रहें।

सेब (Apples)

अगर आप माइग्रेन का दर्द होने के समय सेब का सेवन कर लें तो इससे आपको माइग्रेन के दर्द से तुरंत छुटकारा प्राप्त हो जाता है। एक हरे सेब को सूंघने जैसी आसान प्रक्रिया का पालन करने से भी माइग्रेन का दर्द कम होता है और इसकी गंभीरता में भी काफी कमी आती है।

कॉफ़ी (Coffee se migraine ka ilaj)

माइग्रेन के दर्द का प्रभाव एक कप कॉफ़ी पीने से कम हो जाता है। कॉफ़ी में मौजूद कैफीन (caffeine) ना सिर्फ माइग्रेन के कारकों को रोकता है, बल्कि इसे पैदा करने वाली रक्त की धमनियों को भी संकुचित करता है। अपनी कॉफ़ी में थोड़ा सा नींबू का रस मिश्रित कर देने से इसका प्रभाव काफी हद तक बढ़ जाता है।

पटसन के बीज (Flaxseed)

कई बार माइग्रेन का दर्द जलन की वजह से भी होता है। जब आप ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं जिसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स (Omega-3 fatty acids) की मात्रा होती है, तो माइग्रेन के दर्द को कम किया जा सकता है। आप पटसन के बीज या तेल का प्रयोग माइग्रेन के दर्द को कम करने के लिए कर सकते हैं।

कुट्टू का आटा (Buckwheat)

कुट्टू रूटीन (rutin) का एक तत्व है।  यह एक तरह का फ्लावोनोइड (flavonoid) है जो माइग्रेन के दर्द को ठीक करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पौधों में पाया जाने वाला फ्लावोनोइड फाइटोकेमिकल्स (phytochemicals) होते हैं जिसमें एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) के गुण होते हैं। यह कोशिकाओं को हुई हानि की मरम्मत करता है।

पुदीने के तेल के स्वास्थ्य लाभ

नट्स खाएं (Eat nuts)

दवाइयों का सेवन करने की बजाय माइग्रेन का दर्द होने पर थोड़े से बादाम चबा लें। रोजाना के सिरदर्द का बादाम काफी प्रभावी उपचार साबित हो सकते हैं। सैलिसिन, जो कि एक तरह की दवा है, का अंश प्राकृतिक रूप से बादाम में पाया जाता है। यह एक दर्दनिवारक तत्व का काम करता है और माइग्रेन के दर्द को दूर करने में सहायता करता है।

मछली के तेल का सेवन करें (Drink some fish oil)

मछली के तेल का सेवन करने से माइग्रेन का दर्द कम होता है। ना सिर्फ मछली का तेल खून का थक्का जमने से रोकता है और जलन दूर करता है, बल्कि यह रक्तचाप को नियंत्रित करके दिल की धड़कनों को भी सुचारू रूप से भी चलाता है। ऐसा करने से माइग्रेन के दर्द का निवारण होता है।

अदरक की जड़ का सेवन करें (Eat some gingerroot)

प्रोस्टाग्लैण्डिन सिंथेसिस (Prostaglandin synthesis) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसका निर्वाह मनुष्य और जानवर दोनों करते हैं। इसके अंतर्गत उनकी कोशिकाओं में लिपिड कंपाउंड्स (lipid compounds) का उत्पादन होता है। ये कंपाउंड्स शरीर के न्युरोंस (neurons) को दर्द के बारे में सतर्क कर देते हैं और जलन की समस्या को रोकते हैं। अदरक का रस प्रोस्टाग्लैण्डिन सिंथेसिस की प्रक्रिया को अच्छे से रोकता है, जो कई प्रकार के रसायनों के फलस्वरूप होता है। अगर आप माइग्रेन के दर्द का सामना कर रहे हैं तो अदरक की जड़ ना सिर्फ इससे लड़ता है, बल्कि इसके फलस्वरूप हुई मतली को भी ठीक करता है।

बटरबर (Butterbur)

बटरबर एक पारंपरिक अमेरिकी दवाई है जिसका प्रयोग माइग्रेन के और सामान्य दर्द में किया जाता है। आजकल के समय में इस दवा का महत्त्व काफी बढ़ गया है। ना सिर्फ बटरबर प्राकृतिक बीटा ब्लॉकर (beta blocker) का काम करता है, बल्कि यह कई रसायनों में कमी करता है जो माइग्रेन के दर्द के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। हालांकि बटरबर का सेवन एक पूरक पदार्थ के रूप में ही करें, क्योंकि अन्य किसी भी रूप में यह विषैला हो सकता है।

शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ाने के प्राकृतिक नुस्खे

ध्यान लगाएं (Meditation)

ध्यान लगाने की प्रक्रिया से ना सिर्फ तनाव कम होता है, बल्कि माइग्रेन का दर्द भी दूर होता है।

मैग्नीशियम लें (Take magnesium)

शोधकर्ताओं के मुताबिक़ माइग्रेन के मरीजों को मैग्नीशियम के टेबलेट्स (tablets) का सेवन करना चाहिए। ऐसा साबित हुआ है कि माइग्रेन के दौरे के समय मरीजों के दिमाग में मैग्नीशियम की मात्रा काफी कम हो जाती है। यह भी सभव है कि उनके मस्तिष्क में सामान्य तौर पर ही मैग्नीशियम की कमी हो।

ठंडी या गर्म सेंक (Cold or hot compress)

हालांकि कोई नहीं जानता कि यह पद्दति कैसे काम करती है, पर लोगों को इसका फायदा भी मिला है। इसका या तो प्लेसिबो प्रभाव उत्पन्न हो सकता है या फिर मरीजों का ध्यान इस दर्द से भटक जाता है।

5 – HTP

शरीर ट्रिप्टोफैन (tryptofan) नामक एमिनो एसिड (amino acid) का प्रयोग करके 5 – हाइड्रोक्सीट्रिप्टोफैन (5-hydroxytryptophan) का उत्पादन करता है। यह ना सिर्फ माइग्रेन के दौरों को कम करता है, बल्कि इनकी गंभीरता में भी कमी लाता है। 5 – हाइड्रोक्सीट्रिप्टोफैन शरीर के सेराटोनिन (serotonin) के स्तर को नियंत्रित करके माइग्रेन के दर्द को कम करता है। हालांकि इसके सेवन से पहले आपको अपने डॉक्टर से सलाह मशविरा करना होगा।

कोएंजाइम क्यू 10 (Coenzyme Q10)

कोएंजाइम क्यू 10 एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट होता है, जिसपर शरीर की रक्त की धमनियों का स्वास्थ्य निर्भर करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट ना सिर्फ दिमाग में रक्त के संचार में वृद्धि करता है, पर ऑक्सीडेशन (oxidation) की वजह से कोशिकाओं को हो रहे नुकसान को रोकता है। यह शरीर के शुगर के स्तर को भी नियंत्रित करता है। आप कोएंजाइम क्यू 10 कई खाद्य पदार्थों से प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप ये पूरक पदार्थ लेना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से सलाह करें।

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विलो बार्क (Willow bark)

यह सिरदर्द का उपचार है और इसका प्रयोग एस्पिरिन (aspirin) में भी किया जाता है। इसमें सैलिसिन होता है जो दर्दनिवारक होता है।

अंगूर (Grapes se migraine ka upay)

अंगूर का रस माइग्रेन के दर्द से मुक्ति दिलाने का काफी महत्वपूर्ण विकल्प है। अंगूर के रस का सेवन दिन में कम से कम दो बार करें। अगर आप इसे स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं तो इसमें पानी या शहद भी मिलाया जा सकता है।

बंदगोभी की पत्तियां (Cabbage leaves)

बंदगोभी के पौधे की पत्तियां माइग्रेन के दर्द का प्रभावी उपचार सिद्ध होती हैं। बंदगोभी की कुछ पत्तियों को मसलें और इन्हें एक कपड़े में डाल दें। इस कपड़े को सिर के आसपास बाँध लें और सोने चले जाएं। इससे आपको माइग्रेन के दर्द से राहत मिलेगी। .

प्रिमरोज़ तेल (Primrose oil)

अपने जलनरोधी गुणों की वजह से यह तेल माइग्रेन का काफी महत्वपूर्ण उपचार सिद्ध होता है। यह मस्तिष्क की कसी हुई कोशिकाओं का उपचार करता है। आप इस तेल को घर पर भी बना सकते हैं और इसे दुकान से भी खरीद सकते हैं। आप इसे पानी और शहद के साथ भी मिश्रित कर सकते हैं या इसका प्रयोग सिर पर भी कर सकते हैं।

चन्दन का पेस्ट (Sandalwood paste)

चन्दन का पेस्ट बनाकर अपने सिर पर लगाएं और सो जाएं। सिर के दर्द को दूर करके इसे हटा लें।

हेना पेस्ट (Henna paste)

माइग्रेन के दर्द के समय हेना के पेस्ट को सिर पर लगाएं और सो जाएं। इसे बनाने के लिए हेना के फूओं को पीसकर इसे सिरके में डुबोएं।

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लहसुन (Garlic se migraine ke dard se chutkara)

लहसुन में जलनरोधी और एंटीबायोटिक (antibiotic) गुण होते हैं और यह माइग्रेन का काफी बेहतरीन उपचार है। आप या तो लहसुन का पेस्ट प्रभावित भागों पर लगा सकते हैं, या फिर इसके कुछ फाहों को चबा सकते हैं। अपने भोजन में लहसुन को शामिल करने से माइग्रेन के दर्द से छुटकारा मिलता है।

सरसों का तेल (Mustard oil)

अपने सिर के प्रभावित भाग पर सरसों का तेल लगाएं। इससे आपके सिर का दर्द तुरंत कम हो जाएगा। इस प्रक्रिया का पालन एक हफ्ते तक दिन में 2 से 3 बार करें और तुरंत परिणाम पाएं।

हाइड्रोजन पेरोक्साइड से स्नान (Hydrogen peroxide bath)

हाइड्रोजन पेरोक्साइड का प्रयोग करके स्नान करें। इसके लिए इसे एक बाल्टी गर्म पानी में मिश्रित करें, या फिर इससे स्पंज बाथ (sponge bath) लें। इससे आपको माइग्रेन के दर्द से तुरंत मुक्ति मिलेगी।

लंबी सांसें लें (Take deep breaths)

अगर आप प्रभावी रूप से लंबी सांसें लें तो आप खुद ब खुद माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। अगर आपको लगे कि आपको माइग्रेन का दौरा पड़ने वाला है तो धीमी और  लंबी सांसें लें। इससे आपको आराम मिलेगा और आप माइग्रेन के दौरे से बचे रहेंगे।

लाल रास्पबेरी के पत्तों की चाय (Red raspberry leaf tea)

यह उन महिलाओं के लिए काफी प्रभावी औषधि है जिन्हें उनके मासिक धर्म के दौरान माइग्रेन के दौरे पड़ते हैं। जब आप लाल रास्पबेरी के पत्तों से बनी चाय पीती हैं तो इससे ना सिर्फ आपके सिर का दर्द कम होता है, बल्कि अन्य लक्षणों से भी मुक्ति मिलती है।

तुलसी (Basil)

एवोकाडो के स्वास्थ्य एवं सौंदर्य लाभ

तुलसी के पत्तों या इससे बने तेल की खुशबू भर से ही आपके सिर के माइग्रेन का दर्द काफी हद तक ठीक हो जाता है। ना सिर्फ तुलसी का तेल मांसपेशियों को राहत देता है, पर यह शरीर के दर्द को भी दूर करता है। जब भी आपको दर्द का अनुभव हो तो या तो थोड़े से तुलसी का तेल लगाएं या फिर तुरंत राहत के लिए तुलसी के पत्तों को चबाएं। आप ठंडी सेंक का भी प्रयोग कर सकते हैं जिसमें विच हेज़ल (witch hazel) और तुलसी के पत्तों का प्रयोग किया जाता है।

वेलेरियन (Valerian se migraine ke dard ka upchar)

जब आप माइग्रेन दूर करने के लिए वेलेरियन का प्रयोग करते हैं तो यह आपको सुकून पहुंचाती है और मांसपेशियों को ढीला करती है। इससे माइग्रेन के दर्द की पीड़ा काफी कम हो जाती है।

धनिये के बीज (Coriander seeds)

उबलते पानी में  धनिया डालकर धनिया मिश्रित पानी तैयार करें और इसकी भाप को सूंघें। इससे आपको माइग्रेन के दर्द से काफी हद तक छुटकारा प्राप्त होगा। वैकल्पिक तौर पर आप धनिये को चबाकर  खा सकते हैं या फिर इसे अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

डोंग क्वाइ (Dong Quai)

यह जड़ माइग्रेन के दर्द की पीड़ा को कम करती है। इसके लिए डोंग क्वाइ युक्त क्रीम (cream) का प्रयोग अपने माथे पर करें। आप इस जड़ को उबलते पानी में भी मिला सकते हैं और इस पानी में शहद मिलाकर पी सकते हैं।

किसी काइरोप्राक्टर से मिलें (See a chiropractor)

अगर कोई भी घरेलू नुस्खा काम नहीं आता तो अपने काइरोप्राक्टर से अवश्य मिलें। जब आप निरन्तर रूप से अपने काइरोप्राक्टर से मिलेंगे तो आपके माइग्रेन के दर्द की पीड़ा और अंतराल कम हो जाएंगे।

मायग्रेन से हुए सिर दर्द असहनीय होते है| मस्तिष्क संबंधी विकार माइग्रेन सिर दर्द के लिए मुख्य कारण है| माइग्रेन के लक्षण, इसके लक्षण ध्वनि, प्रकाश , उल्टियाँ और सिर के केंद्र में होने वाला दर्द है| मायग्रेन से होने वाले दर्द की रोक-थाम के लिए निम्न कुछ घरेलु नुस्खे दिए गए है|

माइग्रेन का सिरदर्द – बर्फ का पैक (Ice pack)

कुछ बर्फ के टुकड़े एक पैक में लें| अब इस पैक को सिर दर्द की जगह पर रखें| बर्फ में एंटी इंफ्लैमटरी गुण होते है जिससे सिर का दर्द ठीक हो सकता है| बर्फ की जगह आप कोई और ठंडी चीज़ का भी पैक बना सकते है|

विटामिन बी का सेवन (Take vitamin B)

मस्तिष्क के विकार की वजह से माइग्रेन होता है| यह विकार विटामिन बी की कमी से पैदा होते हैं| विटामिन बी युक्त चीज़ो का सेवन करने से आपको सिर दर्द से राहत मिल सकती है| अपने भोजन में आपको विटामिन बी युक्त पदार्थ शामिल करना चाहिए जिससे माइग्रेन से बचा जा सके|

माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज – पुदीने का तेल (Peppermint oil)

पेट के गैस से बचने के लिए अच्छे सुझाव

कुछ बुँदे पुदीने के तेल की जीभ पर रखें और कुछ अपने सिर पर लगा कर मालिश करने से माइग्रेन (migraine ka ilaj) से आराम मिलता है| इस तेल में एंटी इंफ्लैमटरी गुण होते है जो सिर दर्द में आपको राहत दे सकते हैं|

आराम करें (Take rest)

आराम करने के तरीके जैसे ध्यान सिर दर्द मिटाने में कारगर हो सकते हैं| खुदको ध्वनि और प्रदूषित जगहों से बचा कर रखे| माइग्रेन के इलाज के लिए ध्यान करना सबसे अच्छा तरीका होगा|

जड़ी बूटियों का उपयोग (Herbal treatments)

कैफीन युक्त पदार्थ जैसे चाय या कॉफ़ी पीने से भी माइग्रेन सिरदर्द में राहत मिलती है| सिर दर्द में बाम को प्रयोग में लाएं| सिर पर बाम की हलकी मसाज देने पर रक्त संचार सामान्य हो जाता है तथा माइग्रीन से आराम मिलता है|

योग (Yoga)

योग में माइग्रेन को खत्म करने की शक्ति है| योग से काफी आराम मिल सकता है|

कमरे में अंधेरा करना (Switch off lights)

अक्सर तेज़ रौशनी से सिर का दर्द बढ़ जाता है| इस कारण अँधेरे और शांत कमरे में बैठने से भी माइग्रेन ठीक होता है|

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