Sleeping direction & positions -Hindi tips – सोने की दिशा और अवस्थाएँ

वास्तु शास्त्र के अनुसार, नींद व्यक्ति के अच्छे स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण पहलू है। अगर आप गहरी नींद का आनंद लेना चाहते हैं तो आपके बेडरूम में एक शांतिपूर्ण वातावरण का होना आवश्यक है। किस दिशा में सोना चाहिए? इसके साथ ही सोने की दिशा का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है क्योंकि गलत दिशा में सोना कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। दिशाओं का हमारे मन और शरीर पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है. दिशाओं के सही होने से कई प्रकार के सकारात्मक परिणाम मिलते हैं वहीँ गलत दिशा की वजह से कई मानसिक और शारीरिक परेशानियाँ भी झेलनी पड़ सकती है. इसीलिए खास तौर पर सोने के लिए सही दिशा का ज्ञान और जानकारी है ताकि हम कई तरह की समस्याओं से बचे रह सकें.

सोते समय सिर पू्र्व दिशा की ओर होने से नींद बिना टूटे (अबाधित) आती है। इसी तरह पश्चिम की ओर सिर करके सोने से जागने  पर सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। सही दिशा में सोने से शरीर में रक्त-प्रवाह भी बढ़ता है। अच्छी नींद हर उम्र के व्यक्ति के लिए काफी ज़रूरी होती है। शोधकर्ताओं के अनुसार हर व्यक्ति को दिन में कम से कम 7 से 8 घंटे सोना चाहिए।

अच्छी नींद सोने से आप जो भी काम करेंगे, उसमें आप पूरी तरह एकाग्रचित्त होकर मन लगा सकेंगे। आजकल लोगों को अपने मस्तिष्क का काफी ज़्यादा प्रयोग करना होता है। इससे काफी मात्रा में तनाव और चिंता जन्म लेती है। सिर्फ 8 घंटे की नींद लेने से आप तनावमुक्त हो जाएंगे तथा आपके काम की चिंता काफी हद तक दूर हो जाएगी।

इसी के साथ साथ सोने की मुद्रा आपके गहरी नींद सोने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करती है। अगर आपकी सोने की मुद्रा सही ना हो तो इससे आपको कई तरह की मानसिक और शारीरिक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। आइए सोने की इन मुद्राओं और दिशाओं के बारे में चर्चा करें जिसका आपको ज्ञान होना चाहिए।

सोने का तरीका – उत्तर-दक्षिण दिशा (North South direction – sone ka tarika)

सोते समय अपना सर कभी भी उत्तर की तरफ़ ना करें क्योंकि प्रथवी का चुंबकीय प्रभाव उत्तर-दक्षिण दिशा में है जिससे आपका सर नकारात्मक ऊर्जा क्षेत्र में आ जाता है। इससे इस दिशा की ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो जाता है। इस दिशा में सोने से नींद टूटने और बुरे स्वपन आने जैसी परेशानियों होती हैं।

सोने का तरीका – दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र (South West sector)

विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिमी हिस्सा वास्तुशास्त्र का सबसे शक्तिशाली हिस्सा है जहाँ सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा का भंडार है।

सोने के विकारों से कैसे छुटकारा पायें

सोने का तरीका – दक्षिण दिशा की तरफ सिर करके सोना (Head facing south – sona kaise chahiye)

सोने की दिशा की कुछ धारणाएं व सिद्धांत भारतीय पौराणिक कथाओं से लिए गए हैं। इनके अनुसार  दक्षिण दिशा पर मृत्यु के देवता यम का स्वामित्व है। अत: दक्षिण की ओर पैर और उत्तर की तरफ सिर करके सोना निश्चय ही मृत्यु के देवता को  न्योता देना है।

पौराणिक कथाओँ की अवधारणाओं के अलावा सोते समय समय पैरों और सिर को रखने से संबंधित कुछ वैज्ञानिक स्पष्टीकरण भी हैं। भौतिक विज्ञान में चुंबकत्व का नियम कहता है, उत्तर ध्रुव नकारात्मक तथा दक्षिण ध्रुव सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। इसलिए जब व्यक्ति दक्षिण की ओर पैर और उत्तर की ओर सिर, जहाँ मस्तिष्क है, करके सोता है तब दिन भर काम करके थके मस्तिष्क को नकारात्मक ऊर्जा मिलती है और सुबह जागने पर भी तरोताजा महसूस नहीं होता। नतीजतन, वह व्यक्ति अगली सुबह ठीक से काम नहीं कर पाता। मस्तिष्क की दक्षता दिशा के इस प्रभाव से कम हो जाती है।

सोने के लिए सर्वश्रेष्ठ दिशा (Sone ki sahi disha)

भारतीय वास्तुशास्त्र और चीनी फेंग-सुई दोनों ही, सोते समय सिर रखने के लिए अनुकूल , कई भौगोलिक दिशाओं की बात करते हैं। सोते समय सिर रखने के लिए सबसे उपयुक्त हैं दक्षिण और पूर्व दिशा। उत्तर और पश्चिम दिशा में सिर न रखने से आप अपने आप को नकारात्मक प्रभावों से बचा पाएंगे। यदि आप पूर्व की ओर सिर रखेंगे तो आपकी जल्दी सीखने की क्षमता बढ़ेगी वहीं दक्षिण में सिर करके सोने वाले व्यक्ति और गुणी होते हैं।

सोने की दिशा और मुद्राएं (Sleeping direction, sleeping positions)

उत्तर की तरफ सोने को लेकर कुछ तथ्य (Facts on sleeping directions towards north)

क्या आप सोते समय अपना सिर उत्तर दिशा की तरफ रखते हैं। यह पूरी तरह से एक गलत आदत हो सकती है। विज्ञान कहता है कि धरती से निकल रही चुम्बकीय शक्ति उत्तर दक्षिणी दिशा में मौजूद होती है। अतः यह शक्तिशाली शक्ति आपको कई तरह की परेशानियों में डाल सकती है। आपको सोने के समय काफी बाधाओं का सामना करना पड़ता है और बुरे सपने भी आते हैं।

टेढ़ी मुद्रा में सोना (Sleeping in bent position)

सोने की दिशा के साथ ही सोने की मुद्रा भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर आप सोते समय अपने शरीर को किसी भी दिशा की ओर मोड़ने का काम करते हैं, तो आपको तम से भरपूर तिर्यक लहरों के फलस्वरूप काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह लहर वातावरण से आती है और आपके शरीर में प्रवेश कर जाती है। इसकी वजह से आपको कई तरह की समस्याओं जैसे अनावश्यक शारीरिक हलचल, रात को नींद ना आना और सोते समय बेचैनी का सामना करना पड़ता है। सोते समय अपने शरीर को सीधा रखना आपके लिए काफी ज़रूरी होगा।

पूर्वी पश्चिमी दिशा (East west direction)

विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वी पश्चिमी मुद्रा स्वास्थ्यकर और अच्छी नींद लेने हेतु हर व्यक्ति के लिए सबसे अच्छी मुद्रा साबित होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिशा में भगवान का आशीर्वाद हमेशा मौजूद रहता है। यह दिशा क्रिया शक्ति से भरपूर होती है। आपका शरीर इससे सात्विक लहरों से भर जाता है जिससे पांच मुख्य शक्तियां कार्यशील हो जाती हैं। इस दिशा में सोने से आपको काफी अच्छी नींद आती है और एक बार  उठने के बाद आप पूरी तरह ऊर्जा से ओतप्रोत हो जाते हैं।

loading...