Hindi tips to avoid stomach gas – पेट के गैस से बचने के लिए अच्छे सुझाव

एक सामान्य व्यक्ति एक दिन में करीबन 14 से 23 बार वायु छोड़ता है। कई बार यह इतना भी बुरा नहीं होता कि हम इसे घृणास्पद कह सकें। यह एक प्राकृतिक चीज़ है जो हर व्यक्ति के साथ होती है। फिर भी अगर आप पेट की वायु को कम करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए कुछ सामान्य नुस्खों का पालन करें।

गैस का बनना और बाहर निकलना सामान्य बात है। गैस वास्तव में हवा का ऑक्सीजन से और भोजन की अशुद्धियों के पाचन की वजह से तैयार होती है। इसमें से कुछ गैस डकार के माध्यम से बाहर आती है और बाकी छोटे आंत्र पथ से गुजरकर बाहर जाती है।

कुछ व्यक्तियों के पेट में अतिरिक्त गैस बनती  है जो उनके लिए बहुत असुविधाजनक हो सकता है। उचित आहार लेकर गैस उत्पादन में कटौती हो सकती है। पेट की गैस को नियंत्रित करने के लिए कुछ सरल गैस का आयुर्वेदिक इलाज नीचे दिये गये हैं।

आलू, मक्का, नूडल्स जैसे स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ और गेहूं गैस के उत्पादन के जोखिम में वृद्धि करते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ कम खाएं। चावल ही केवल ऐसा स्टार्च युक्त पदार्थ है जो गैस नही बनाने देता।

क्या खाएं? (What to eat?)

हमारे पेट में काफी अच्छे बैक्टीरिया (bacteria) होते हैं जो हमें तेज़ी से भोजन पचाने में मदद करते हैं। ये वाही बैक्टीरिया हैं जो बड़ी आँतों के द्वारा खाना हज़म करवाते हुए गैस का भी निर्माण करते हैं। पेट में गैस बनाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थ निम्नलिखित हैं :-

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  • बीन्स (beans) और दालें
  • अंकुरित अनाज, बंदगोभी, ऐस्पैरागस (asparagus), ब्रोकली (broccoli) आदि
  • फ्रुक्टोस (fructose) की प्राकृतिक चीनी जो प्याज, नाशपाती, पेय पदार्थों, गेहूं आदि में मौजूद रहती है।
  • दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों से प्राप्त होने वाला लैक्टोस (Lactose)
  • मटर और फाइबर (fiber) से युक्त भोजन
  • आलू, पास्ता (pasta), मकई तथा स्टार्च (starch) युक्त अन्य भोजन
  • ताज़े फल और नकली मिश्रित चीनी
  • भूरे चावल, साबुत गेहूं, ओटमील (oatmeal) और साबुत अनाज।

ये सारे भोजन स्वास्थ्यकर हैं और हम आपसे इनका सेवन बंद करने को भी नहीं कह रहे। आपको सिर्फ कुछ चीज़ों का ध्यान रखना पड़ेगा।

  • एक छोटी पुस्तिका लें जिसमें आप अपने द्वारा खाए जाने वाले भोजन का ब्योरा लिखेंगे। अगर आपके पेट में गैस की समस्या उत्पन्न होती है तो आप इस पुस्तिका के द्वारा जान सकते हैं कि क्या खाकर यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
  • अगर आपको लगता है कि कोई ख़ास चीज़ खाकर आपको ज़्यादा गैस हो रही है तो उसका सेवन ना करना ही अच्छा है। उदाहरण के तौर पर कई लोग दूध हज़म नहीं कर पाते। अगर आपको लगता है कि सादे दूध के सेवन से गैस उत्पन्न हो रही है तो पेट के गैस से बचने के लिए किसी अन्य दुग्ध उत्पाद का सेवन करें या इसे स्वास्थ्यकर पेय पदार्थों या कॉर्न फ्लेक्स (cornflakes) आदि के साथ लें।
  • ऐसे भोजन से परहेज करें जो गैस उत्पन्न करता हो। ऐसे कुछ खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनका सेवन करके हमें हमेशा ही गैस की समस्या होती है। स्वास्थ्यकर भोजन का सेवन करें जिससे गैस की समस्या अगर पूरी तरह ठीक ना भी हो तो भी नियंत्रित हो ही जाए।

खानपान को नियंत्रित कैसे करें ? (How do adjust your diet?)

कई बार दिन के गलत वक्त पर भोजन करने से गैस की समस्या उत्पन्न हो जाती है। अतः अपनी दिनचर्या को बदलकर इस स्थिति को आने से रोकें।

अगर आपको पता है कि किसी भोजन से आपके पेट में गैस उत्पन्न होती है, तो उसका सेवन कम से कम करें। अगर यह साबुत अनाज और हरी सब्जियों जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ हैं तो इनकी जगह कोई और भोजन चुनकर अपनी पाचन प्रणाली को आराम दें।

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स्वस्थ पाचन प्रणाली के उपाय (Tips to a healthier digestive system)

  • व्यस्त जीवन का अर्थ यह नहीं है कि आप भोजन करने के लिए 10 – 15 मिनट नहीं निकाल सकते। खाते समय भोजन को जितना हो सके चबाने की कोशिश करें। बड़ा ग्रास निगलने से पेट में वायु की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • धूम्रपान, अतिरिक्त गम (gum) चबाने या मिठाई खाने से गैस की समस्या उत्पन्न होती है।
  • किसी सामाजिक कार्यक्रम या मीटिंग (meeting) में जाने से पहले ज़्यादा भोजन ना करें। जब आपका पेट भरा हो और आपको गैस निकालने में असुविधा हो रही हो तो आप काफी कष्ट का अनुभव करते हैं।
  • फिजी (fizzy) पेय पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें।
  • रोजाना व्यायाम करें। आप सुबह उठकर चहलकदमी कर सकते हैं या फिर जिम (gym) भी जा सकते हैं। अपने सभी अंगों को स्वस्थ रखने के लिए जिम जाना काफी ज़रूरी है।
  • ऐसी मीठी चीज़ों या उत्पादों का सेवन ना करें, जिनमें सोर्बिटोल (sorbitol) पाया जाता हो। ऐसी दवाइयों से भी परहेज करें जिसमें इस तत्व की मात्रा हो।
  • आप रेड वाइन (red wine) या काली चाय पीकर गैस की तकलीफ से निजात पा सकते हैं।
  • आरामदायक कपड़े पहनें। कसे हुए कपड़े आपको कष्ट देते हैं और पेट में सूजन पैदा करते हैं। इससे गैस निकलने में भी कठिनाई होती है और यह आपके पेट के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है।

गैस को कम करने के घरेलू नुस्खे (How to reduce and avoid stomach gas)

दालचीनी (Cinnamon)

गैस का आयुर्वेदिक इलाज, यह आपके पेट को आराम देता है और गैस से बचाता है। पेट के गैस से बचने के लिए आधे चम्मच दालचीनी पाउडर को एक गिलास गर्म दूध में मिश्रित करें। इसे अच्छे से मिलाएं और पी लें। आप स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद भी मिश्रित कर सकते हैं। आप दालचीनी की चाय भी बना सकते हैं। इसके लिए सिर्फ उबलते पानी में थोड़ा सा पाउडर मिलाएं और इसे पी लें।

अदरक (Ginger)

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गैस्ट्रिक का इलाज, अदरक खाना हजम करने के लिए काफी उपयोगी साबित होता है। पिसे हुए अदरक को सौंफ और इलायची की बराबर मात्रा के साथ लें। इन सबको अच्छे से मिलाकर एक गिलास पानी में डालें। इसमें थोड़ी सी हींग मिश्रित करके दो बार पियें। अदरक का बार बार भोजन में सेवन करने से गैस से निजात मिलती है। आप भारी भरकम भोजन करने के बाद कच्चा अदरक चबाकर भी गैस की स्थिति से मुक्ति पा सकते हैं।

लहसुन (Garlic)

गैस्ट्रिक का इलाज, लहसुन में पेट की आग को बुझाने के गुण होते हैं जिससे गैस बननी भी बंद हो जाती है। लहसुन का सूप (soups) गैस कम करने और हाजमा सही करने के लिए काफी अच्छा होता है। पिसे हुए लहसुन को उबालकर उबलते पानी में भी मिलाया जा सकता है। इसमें काली मिर्च और जीरा भी डालें। इसे छानकर हल्का गर्म रहते हुए ही इसे पी लें।

सौंफ (Fennel)

गैस्ट्रिक का इलाज, आपने कई जगह देखा होगा कि भोजन के बाद सौंफ दिया जाता है, क्योंकि यह मुखशुद्धि के रूप में कार्य करता है और भोजन पचाने में भी सहायता करता है। अगर आप पेट में गैस पैदा नहीं करना चाहते तो भी आप सौंफ का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए गर्म पानी में थोड़ा सा सौंफ मिलाएं और इसके गर्म रहते हुए ही इसे पी लें। आप इलायची के साथ सौंफ और पुदीने के पत्तों को उबलते पानी में मिलाकर और इसे पीकर पेट की गैस से निजात प्राप्त कर सकते हैं।

इलायची (Cardamom)

इलायची एक और रसोई का उत्पाद है जो पेट की गैस से मुक्ति दिलाता है। आप भुनी हुई इलायची का प्रयोग सब्जियों, डाल और चावल में कर सकते हैं और बाद में गैस की समस्या से बच सकते हैं।इलायची के 2 – 3 फाहे रोजाना खाकर मुंह ताज़ा करें और पेट साफ़ करें। आप इसे चाय में मिलाकर इसे स्वादिष्ट बना सकते हैं।

अन्य घरेलू नुस्खे (gharelu nuskhe for stomach gas)

  • गैस का उपचार, कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ मुख्य रूप से गैस पैदा करते हैं। इसलिए शक्कर से भरे खाद्य पदार्थ कम खाएं। लैक्टोज, रफ्फिनोस, सोर्बिटोल, फ्रुक्टोज ऐसी प्रकार की शक्कर गैस तैयार करती हैं। फलों के रस, नाशपाती, प्याज, मीठी टॉफी और च्युइंग गम ऐसी चीनी से भरे हैं। इसलिए ऐसे पदार्थ कम खाएं।
  • पेट में गैस्ट्रिक का इलाज, गैस को कम करने के लिए सिमेथिकोन युक्त फोमिंग एजेंट आसानी से डकार करके आपके पेट से बाहर निकालने में सक्षम हैं।
  • एसिडिटी के उपाय (acidity ke upay), ज्यादा शराब पीना पाचन कम करता है। गैस की समस्या दूर करने के लिए शराब छोड़ना  महत्वपूर्ण है।
  • गैस की तकलीफ ज्यादा होने पर आसानी से मिलनी वाली दवाएं या अंटएसिड लें।

अमीबारुग्णता के लक्षण और कारण

  • अगर दूध पिने से गैस हो तब लाक्टोस एंजाइम का घटक वाले फलों के रस या गोलियां ले जो दूध के पाचन में मदद करता है।
  • गैस का दर्द, धुम्रपान न करें।
  • अघुलनशील लिनेन भरे खाद्य पदार्थ कम खाएं। यह खाद्य पदार्थ कुछ ज्यादा समय के लिए पाचन आंत्र पथ में रहते हैं और गैस उत्पादन का कारण बनते हैं।
  • गैस के घरेलू उपाय, गैस को कम करने के लिए पानी ज्यादा पियें। कोल्ड्रिंक का सेवन न करें।
  • अगर आपको कब्ज की समस्या है तो ज्यादा पानी पियें जिससे यह समस्या दूर हो जाये।
  • गैस का आयुर्वेदिक इलाज(gas ki dawa), कुछ दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट से गैस तैयार हो सकती हैं | इसलिए कोई दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरुरी है।
  • गैस को कम करने के लिए खाते समय हवा कम निगलें। इसलिए खाते समय खाना धीरे से और चबाकर खाएं।
  • खाने के बाद तुरंत सोना मना है | इससे गैस तैयार होना कम होता है।
  • अगर ऊपर दिए गए उपायों का उपयोग न हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
  • कुछ लोगों को कुछ पदार्थ खाने से गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए खाने पर ध्यान देकर ऐसे पदार्थ खाना कम करें या बंद करें।