Hindi tips to gain weight – तुरंत वेट बढ़ाने के उपाय – जल्दी वजन बढ़ाने के तरीके

आम तौर पर ज्यादातर लोग वेट बढ़ाने के वजह से कम करने की कवायद में लगे रहते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कम वजन की समस्या से गुजर रहे हैं। मोटा होने के उपाय के तौर पर लोग बाजार के महंगे उत्पाद खरीद लेते हैं, लेकिन ये उत्पाद मानवीय शरीर के सुरक्षित है या नहीं ये जानना बेहद जरूरी है। मोटा होने के लिए जरूरी नहीं कि आप बाजारी उत्पाद पर ही निर्भर रहें, कुछ प्राकृतिक उत्पाद भी हैं जिनके इस्तेमाल से बिना साइड इफेक्ट के वजन बढ़ाया जा सकता है।

कम वजन के कारण (Reasons for underweight)

कई बार ऐसा होता है कि हमें अपने वजन कम होने का सही कारण ही पता नहीं होता। इस कारण हम अलग अलग उपाय करते हैं जिससे कि हमारा वजन बढ़ सके लेकिन वो सब कुछ व्यर्थ हो जाता है। वजन कम होने के सबके अलग अलग कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों से परामर्श के बाद कम वजन के निम्नलिखित कारण पता चल पाए हैं।

असंतुलित आहार

यह वजन कम होने के मुख्य कारणों में से एक हो सकता है। कई बार वे लोग जो असंतुलित आहार यानी कि समय पर भोजन नहीं करते, उनका वजन इसी कारण कम हो जाता है। यह अधिकांश लोगों में पाया गया है और इस विकार से निबटने के लिए आज ही संतुलित आहार लेना शुरू करें।

मानसिक तनाव

कई लोगों में यह पाया गया है कि मानसिक तनाव और अशांति के कारण उनका वजन काफी ज्यादा कम हो जाता है। डिप्रेशन (Depression) और एँजायीटी (anxiety) के कारण तुरंत वेट कम हो जाता है।

आनुवांशिक विकार

इस विकार से ग्रसित मरीज का वजन बढ़ाने से रुक जाता है। यह आनुवांशिक विकार होता है। जैसे यदि आपके परिवार में सभी लोगों का वजन कम है तो आपका वजन कम होने की संभावना भी 100 प्रतिशत बढ़ जाती है। यह मेटाबॉलिज्म की सक्रियता से आता है जो कि आपको जन्म से ही मिला है।

दवाइयां

यदि आप लंबे समय से किसी बीमारी से ग्रसित है और आपको इसके उपचार के लिए कई सारी दवाइयां खानी पड़ रही है तब भी कई बार आपका वजन बढ़ाने से घटता है।

पाचन तंत्र विकार

कई बार ऐसा होता है कि वजन कम होने का कारण हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है जो कि अलग अलग खाद्य पदार्थों के पोषक तत्वों को अच्छी तरह ग्रहण नहीं कर पाता।

वजन कम होने के पीछे शारीरिक विकार या बीमारियां

कई बार ऐसा होता है कि कुछ बीमारियों के कारण भी लोगों का वजन कम हो जाता है। ये बीमारियां निम्नलिखित हैं :-

  • थायराइड :- थायराइड एक ऐसी बीमारी है जिससे ग्रसित मरीज का वजन निश्चित तौर पर कम हो जाता है। यह इसीलिए होता है क्यूंकि थायराइड के दौरान मेटाबॉलिज्म सक्रिय हो जाता है। इसकी सक्रियता के कारण वजन कम हो जाता है।
  • ग्लूटेन ईंटोलरेंस :- ये मानव शरीर को पूरी तरह तोड़ देती है और परिणाम के तौर पर वजन काफी ज्यादा कम हो जाता है।
  • शुगर :- शुगर या डायबिटीज के दौरान भी ग्रसित मरीज का वजन कम हो जाता है।
  • कैंसर :- इस सूची मे शामिल सभी बीमारियों में सबसे ज्यादा भयावह कैंसर है। इससे ग्रसित मरीज का वजन काफी तेजी से कम होता है और शरीर कमजोर हो जाता है।
  • इन्फेकशन :- एचआईवी एड्स जैसे इन्फेकशन के कारण भी वजन कम हो जाता है।
  • इनोरेक्सीया नरवोसा :- यह एक ऐसी बीमारी जिसमें कि शरीर मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से कमजोर हो जाता है।

वजन बढ़ाने के दो तरीके (Two ways two increase weight)

  • वजन बढ़ाने का पहला तरीका यह है कि आप किसी प्रोफेशनल जिम ट्रेनर की देखरेख में व्यायाम करें उसके द्वारा बनाई गई सूची के अनुसार भोजन करें एवं एक अच्छा शरीर प्राप्त कर लें। गौरतलब है कि यह तरीका काफी ज्यादा खर्चीला है लेकिन इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है।
  • वजन बढ़ाने का दूसरा तरीका और सबसे आम तरीका है वसा भरे खाद्य पदार्थों का सेवन करना। जब भी आप किसी से भी पूछेंगे कि वजन कैसे बढ़ाया जाए तो वो आपको यही बताएंगे।

तेजी से वजन बढ़ाना हो तो खाइए ये आहार (List of food items to become fat instantly)

वजन बढ़ाने के लिए आपके आहार में वसायुक्त पदार्थो की मात्रा प्रचुर होनी चाहिए। इन पदार्थों में विटामिन और कार्बोहाइड्रेट होना चाहिए जिससे कि आपका वजन तेजी से बढे और आपके शरीर को पोषक तत्व भी प्राप्त हो जाएं जिससे आपका वेट बढ़ाने के लिए मदद करेगा| वे पदार्थ निम्नलिखित हैं :-

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चावल खाने से तुरंत बढ़ता है वजन (Rice)

एक कप चावल में करीब 200 कैलोरीज होती है। चावल को कार्बोहाइड्रेट का काफी अच्छा स्रोत माना गया है। ये वजन बढ़ाने में काफी ज्यादा सहायक होता है। कई लोगों को चावल खाने से अधिक आसानी होती है क्योंकि इसे प्रोटीन एवं सब्जियों से युक्त भोजन के साथ बिना किसी परेशानी के साथ खाया जा सकता है।

सीरियल बार्स (Cereal bars)

सीरियल बार्स अनाज में मौजूद विटामिन एवं खनिज पदार्थ की प्रचुर मात्रा में प्रदान करते हैं। यदि आप अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं तो ऐसे बार का सेवन जरूर करें। ये बार अनाजों फलों से भरपूर होते हैं। मगर ऎसे बार से परहेज करें जिनमें अत्यधिक चीनी की मात्रा होती है।

कार्बोहायड्रेट युक्त साबुत अनाज (Whole grain rich in carbohydrates)

वजन बढाने के लिए आपको अपने भोजन में कार्बोहायड्रेट की पर्याप्त मात्रा शामिल करनी पड़ेगी। कार्बोहायड्रेट एक काफी ख़ास पोषक तत्व है, जो आपके भोजन को पचाकर उसे ऊर्जा (Energy) के रूप में बदलने में काफी अहम भूमिका निभाता है। यह बात सही है कि भोजन को पचाए बिना भी आप अपने वज़न में वृद्धि कर सकते हैं, पर उस स्थिति में आपका शरीर चर्बी से भर जाता है, जो अस्वास्थ्यकर होता है। अतः कार्बोहाइड्रेट्स तथा विटामिन्स प्राप्त करने के लिए साबुत अनाज का सेवन करें। सफेद आटे की जगह साबुत गेंहू का प्रयोग करें।

मांस के इस्तेमाल से बढता है वजन (Wise inclusion of meat)

जब आप अपने भोजन में मांस को शामिल करें तो इस मामले में सचेत रहें। मांस वजन बढ़ाने में काफी कारगर होता है, पर अत्याधिक मांस, खासकर लाल मांस, शरीर के लिए अच्छा नहीं होता, क्योंकि इससे कोलेस्ट्रोल और दिल की बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है। लाल मांस की जगह चिकन का प्रयोग करें। हफ्ते में इसका 3 से 4 बार ही सेवन करें।

सैचुरेटेड वसा युक्त भोजन (Food rich in saturated fats)

अनसैचुरेटेड वसा आपके शरीर के लिए हानिकारक होता है और इसलिए आप सैचुरेटेड वसा का सेवन कर सकते हैं। सैचुरेटेड वसा आसानी से आपका वजन बढाने में सहायक सिद्ध होता है और वह भी दिल की बीमारी के खतरे के बिना। बुरे की जगह अच्छे वसा पर ध्यान केन्द्रित करें क्योंकि अनसैचुरेटेड वसा कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है, जिसे आपका शरीर एक समय के बाद सहन नहीं कर पाता। जिन खाद्य सामग्रियों का आपको सेवन करना चाहिए उनमें मुख्य है सालमन, अवोकाडोस, पीनट मक्खन और नट्स।

पूर्ण वसा युक्त दुग्ध उत्पाद (Dairy products with full fat)

मानव शरीर के लिए विटामिन और कैल्शियम काफी आवश्यक होते हैं। आप ये दोनों तत्व दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों से प्राप्त कर सकते हैं। कैलोरी की मात्रा बढाने के लिए डेयरी उत्पादों का भरपूर सेवन करें। जो लोग चर्बी की परत को कम करना चाहते हैं, वे डबल टोंड डेयरी उत्पादों का सेवन करते हैं। जब आप पनीर पका रहे हों तो तेल के बदले मक्खन का इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे शरीर में चर्बी की परत बढ़ती है।

कैलोरी युक्त उत्पाद का सेवन करें और मोटे हो जाये (Ingredients rich in calories)

जब आप अपने लिए या किसी ऐसे व्यक्ति के लिए भोजन बना रहे हों, जिसे वेट बढ़ाने के लिए तो कैलोरी युक्त भोजन का प्रयोग करें। अगर आप सलाद का सेवन कर रहे हैं तो इसमें अच्छे से उबले हुए अंडे मिश्रित करें। अपने पिज़्ज़ा में भी काफी मात्रा में चीज़ और म्युनिस डालें। अगर आप कुछ रसदार बना रहे हों तो इसमें मांस का मिश्रण करें। क्योंकि यह प्रोटीन से भरपूर होता है, अतः इसकी मदद से निश्चित रूप से आपका वजन बढ़ता है।

दही (Yogurt)

पूर्ण वसा युक्त दही आपको प्रोटीन एवं अन्य पोषक तत्व प्रदान करता है। फ्लेवर्ड एवं कम वसा वाले योगर्ट का सेवन न करें। ऐसे प्रकार के योगर्ट में चीनी की मात्रा अत्यधिक होती है जो कि स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा हानिकारक होती है। यदि आप चाहें तो फलों एवं नट्स की मदद से अपने योगर्ट में फ्लेवर भी डाल सकते हैं, ये पूर्ण रूप से प्राकृतिक होंगे और काफी ज्यादा स्वादिष्ट भी होंगे।

सोयाबीन और इससे बने उत्पाद (Soya products)

अगर आप प्राकृतिक रूप से वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो सोयाबीन और इससे बने उत्पाद भोजन के साथ लें। इसमें प्रोटीन अधिक होता है जो मांसपेशियों को बढ़ाने में मदद करता है। बॉडी बिल्डिंग करने वाले भी इसका सेवन अधिक करते हैं। सोया बड़ी, सोया मिल्क, टोफू आदि का प्रयोग वजन बढ़ाने के घरेलु उपाय में शामिल हैं।

दूध और केले (Milk and banana)

प्राकृतिक तरीके से वजन बढ़ाना हो या मोटा होना हो तो दूध और केले का सेवन अवश्य करें। रोज नाश्ते में अच्छी तरह पके हुए दो केले को गाय के दूध में मसल लें और इसमें गुड़ मिलाकर खाएं। यह सेहत के लिए पोषक तत्वों से भरपूर एक बढ़िया नाश्ता है साथ ही मोटा होने में भी मदद करता है।

वजन बढ़ाने के लिए कुछ मीठा खाएं (Have some Deseret)

मीठा खाकर वजन को तेजी से बढ़ाया जा सकता है, हालांकि वजन बढ़ाने के लिए भी आपको अधिक चीनीयुक्त भोजन नहीं करना चाहिए, परंतु बीच बीच में कुछ मीठा खाने से कोई समस्या नहीं होती। यदि आप हेल्दी डाइट खाकर बोर हो गए हैं तब केक या आइसक्रीम के मजे लेने से खुद को न रोकें। विशेषज्ञों द्वारा ऐसा माना जाता है कि खाना खाने के बाद कुछ मीठा जरूर खाना चाहिए। इस कारण कम चीनी की मात्रा एवं स्वास्थ्यकारी मीठे विकल्प चुनें, जो कि मीठे होने के कारण स्वादिष्ट निश्चित तौर पर होंगे। डार्क चॉकलेट, फलों एवं ग्रेनोला, के साथ होल फैट योगर्ट, ट्रेल मिक्स, ग्रेनोला बार या साबुत अनाज की पेस्ट्री सेहत के लिए अच्छे विकल्प हैं।

वजन बढ़ाने के लिए ऐसा हो आपका डाइट प्लान (Make a diet plan like this)

पुरुषों के लिए वजन बढ़ाने वाले आहार के लिए नाश्ते में 2 कच्चे अंडे और लंच के साथ 2 उबले अंडे जरूर खाने चाहिए। अंडे प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं। महिलाओं के शरीर का आकार और संरचना पुरुषों के शरीर से अलग होती है। इस कारण उनका खानपान भी पुरुषों के मुकाबले अलग होना चाहिए। महिलाओं को वजन बढ़ाने के लिए अत्यधिक कैलोरीज की जरूरत होती है। जैसे कि पनीर, आलू के चिप्स, पिज्जा, तेल युक्त भोजन आदि का सेवन उन्हे करना चाहिए। डाइट प्लान के दौरान निम्नलिखित निर्देशों का भी पालन करें जिससे कि आपको जल्दी परिणाम देखने को मिलें :-

  • थोड़ा थोड़ा खाएं (eat less, eat healthy) :-कई बार लोगों के मन में यह भ्रम घर कर जाता है कि वे ज्यादा खाने से मोटे हो जाएंगे या उनका पतलापन दूर हो जाएगा। दरअसल यह सच तो है लेकिन यह आधा सच है। पूरा सच यह है कि यदि आप ज्यादा खाएंगे और थोड़ा थोड़ा करके खाएंगे तभी यह आपके शरीर में जाकर लगेगा। इस कारण वजन बढ़ाने के लिए दिन भर में चार पांच बार कुछ न कुछ थोड़ा थोड़ा खाएं।
  • कैलोरी की खपत बढ़ाए (enhance calories consumption) :- उच्च कैलोरी युक्त भोजन जैसे कि अंडे, मछली, मांस और अन्य डेरी उत्पादों को अपनी डाइट मे शामिल करें। गौरतलब है कि ऐसा करने से वजन बढ़ने के साथ साथ शरीर मजबूत भी बनेगा। आप यदि स्वाद के शौकीन हैं तोचॉकलेट और मिठाइयां भी ले सकते हैं।
  • मिनी मिल्स (increase weight by mini meals) :-वजन बढ़ाने के लिए केवल ब्रेकफस्ट, लंच और डिनर पर ही निर्भर न रहें। यदि आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो बीच बीच में हल्का फुल्का भोजन लेते रहें। ये स्नेक्स के रूप में लिए जा सकते हैं।
  • स्वस्थ आहार लें (take healthy food) :-सोडा या कोल्डड्रिंक जैसे पेय पदार्थों से दूर बनाकर रखें, इनके स्थान पर दूध पीएं या जूस का सेवन करें। यही आप मुख्य आहार के साथ भी कर सकते हैं। फास्ट फूड को हटाकर फल खाएं।
  • अनहेल्दी फूड को ना कहें (say no to unhealthy food) :-जंक फूड से उचित दूरी बनाकर रखें एवं उनके स्थान पर आप फल खा सकते हैं। बाजार में कई अन्य चीजें भी उपलब्ध हैं जिन्हे खाया जा सकता है और उनमें स्वाद एवं सेहत को फायदा पहुँचाने वाले तत्व भी प्रचुर मात्रा में होते हैं।
  • संतुलित भोजन करें (have balanced diet for weight gain) :- वजन बढ़ाने के लिए आहार को अधिक संतुलित बनाएं और उसमें सभी तरह के पोषक तत्व जोड़ लें। गौरतलब है कि आपकी थाली में सभी पोषक तत्व मौजूद होने चाहिए।
  • खूब पानी पीयें (Stay hydrated) :- शरीर में पानी की कमी ना होने दें। काफी अधिक मात्रा में पानी, दूध, फलों का रस पीयें। रोज़ कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीयें। भोजन के पहले या भोजन के दौरान पानी पीयें क्योंकि इससे कैलोरी की मात्रा कम होती है। वजन घटाने की अपेक्षा बढ़ाना सरल है। वजन बढ़ाना मतलब ज़्यादा कैलोरी लेना और वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवा,अतिरिक्त वसा को शरीर से दूर रखना।

जल्दी वजन बढ़ाने के सबसे अच्छे उपाय (Best tips to gain weight quickly)

ऐसे कई उपाय हैं जिनकी मदद से आप आसानी से अपने वजन में इजाफा कर सकते हैं। पर इसके साथ ही साथ आपको अपनी सेहत का भी ख्याल रखना पड़ेगा। वे उपाय निम्नलिखित हैं :-

देर से रात का भोजन (Late dinner)

जब आप रात का भोजन कर रहे हों तो खाने के तुरंत बाद सोने का प्रयास करें। जिन्हें वजन घटाना है, वे इसका उल्टा करें। क्योंकि मानव शरीर को सोते समय काफी कम कैलोरी की आवश्यकता होती है, अतः अगर आप अपने शरीर की जरूरत से ज्यादा की खपत करेंगे तो यह अतिरिक्त खपत आपके शरीर में वसा की परत बनकर दिखाई देगी। इस तरह से आप अपना वजन बढ़ा सकते हैं।

प्रोटीन शेक्स (Protein shake)

प्रोटीन शेक, प्रोटीन पाउडर और दूध से मिलकर बने होते हैं और आपके शरीर को काफी मात्रा में ऊर्जा प्रदान करते हैं। आप बाज़ार में भी कई तरह के प्रोटीन पाउडर प्राप्त कर सकते हैं जो आपकी मांसपेशियों को सुडौल बनाते हैं। प्रोटीन शेक्स में फलों का मिश्रण करने से भी आपको अतिरिक्त शक्ति मिलती है। आप सारे दिन में कभी भी इनका सेवन करके वजन और मांसपेशियों में वृद्धि कर सकते हैं।

भोजन से पहले कोई द्रव्य ना लें (No liquid before meals)

पानी युक्त द्रव्य आपके पेट को भर देते हैं और इस वजह से जब आप खाने बैठते हैं तो आपके पेट में बिलकुल जगह नहीं होती। अतः भोजन करने से आधे घंटे पहले कोई भी पेय पदार्थ लेने का प्रयास ना करें। इससे आपके पेट में जगह बनेगी और आप ज़्यादा से ज़्यादा भोजन कर सकेंगे।

रिफाइंड चीनी से परहेज

हर दिन हम कई बार चीनी का सेवन करते हैं। पर रिफाइंड चीनी आपके स्वास्थ्य के लिए बिलकुल भी अच्छी नहीं होती। अगर आप उच्च कैलोरी पर भी ध्यान दें तो भी रिफाइंड चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे आपको प्रोसेस्ड चीनी से ज़्यादा पौष्टिक तत्व भी नहीं मिलेंगे और हार्मोनल असंतुलन, मधुमेह, दिल की बीमारी आदि का ख़तरा बना रहता है। बिना चमकाई गयी चीनी का सेवन करें, क्योंकि यह प्रोसेस्ड चीनी से ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक होती है।

हम सबके लिए स्वास्थ्यकर रूप से वजन बढ़ाना ही सही होता है। अतः ऐसे उपायों और भोजन से परहेज करें जो आपके शरीर के लिए हानिकारक हों। ज़्यादा तैलीय और मसालेदार भोजन से परहेज करें। चीनी युक्त भोजन से भी परहेज करने की कोशिश करें।

अपने बीएमआई की जांच करें (Check your BMI)

तेज़ी से वजन बढ़ाने का प्रयास करने से पहले अपने शरीर का बीएमआई (BMI) जांच लें। यह बॉडी मास इंडेक्स (Body mass index) की जांच होती है, जिसके अंतर्गत आपको जांचना होता है कि आपके शरीर का वजन आपकी लम्बाई के अनुपात में सही है या नहीं। अगर इसके परिणाम नकारात्मक आए तो इलाज प्रारम्भ करना काफी आवश्यक होता है। अगर आपका वजन सामान्य से कम है तो इस बात का पता लगाएं कि आपका वज़न सामान्य से कितना कम है।

प्रोटीन का सेवन (Take protein)

अगर आप स्वस्थ हैं और आपको किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक समस्या नहीं है तो आपके कम वजन का काफी आसानी से इलाज हो सकता है। अपने भोजन में काफी मात्रा में प्रोटीन शामिल करें, जिससे आपको अतिरिक्त ऊर्जा और शक्ति प्राप्त हो। इससे आपका वजन आपकी लम्बाई के हिसाब से बढ़ेगा। प्रोटीन युक्त भोजन के कुछ उदाहरणों में लीन मीट , अंडे, नट्स आदि मुख्य हैं। आप किसी खाद्य विशेषज्ञ से परामर्श लेकर खाद्य तालिका बनवा सकते हैं। इस खाद्य तालिका का पालन करें और अच्छे स्वास्थ्य के साथ वजन बढ़ाएं।

पेय पदार्थ लेते रहें (Take liquids)

शुद्ध पानी, दूध, ताजा फलों का जूस पीते रहें। शरीर में पानी की कमी भी वजन कम होने के कारणों में से एक होती है।

एक लक्ष्य निर्धारित करें (Set a goal)

किसी भी कार्य को करने से पहले एक लक्ष्य निर्धारित करना काफी आवश्यक होता है। वजन तेज़ी से बढाने के लिए भी एक व्यक्ति को अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। लक्ष्य बनाते समय इस बात को भी ध्यान में रखें कि आप कितना वजन बढ़ाना चाहते हैं। एक बार जब लक्ष्य निर्धारित हो जाए तो आप आसानी से इसे पूरा करने के तरीके निकाल सकते हैं। इससे आपको अपने आप वजन बढाने में सहायता मिल जाएगी।

क्योंकि आपकी इच्छा अपना वजन बढाने की है, अतः यहाँ मुख्य कदम यह है कि आपके शरीर में जितना खाना पच जाए, उससे ज़्यादा आहार ग्रहण करें। इसका अर्थ यह है कि कैलोरी (calorie) को पचने से रोकें, जिसके लिए आपको ज्यादा खाना होगा एवं निरंतर खाना होगा।

धीरे धीरे वजन बढ़ाएं (Gain weight step by step)

कुछ लोगों को अपना वजन बढाने की इतनी ज़्यादा जल्दी होती है कि इससे उनके शरीर में कई तरह के साइड इफेक्ट्स दिखने लगते हैं। ऐसे वक़्त में लोगों की अपनी क्षमता से काफी अधिक भोजन करने की आदत पड़ जाती है। परन्तु यह काफी गंभीर समस्या बन सकती है, क्योंकि इससे आपको हाजमे की समस्या, रक्तचाप के स्तर में वृद्धि, कोलेस्ट्रोल की मात्रा का बढ़ना आदि परेशानियाँ हो सकती हैं, अतः धीरे धीरे वजन बढ़ाना शुरू करें। सबसे पहले इतनी मात्रा में कैलोरी लें, जो आपके सामान्य सेवन से 200 ग्राम ज्यादा हो। एक बार जब आपके शरीर को इतनी कैलोरी की आदत पड़ जाए तो धीरे धीरे कैलोरी के सेवन में और वृद्धि करें। इससे आपका वजन बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के बढ़ सकेगा।

सही खानपान से वजन बढ़ने का तरीका (Right way to gain weight)

वजन बढाने और तुरंत वेट के लिए आपको अपने खानपान के समय और सेवन की मात्रा आदि की सूची बनानी चाहिए। आमतौर पर एक मनुष्य एक दिन में तीन बार भोजन का सेवन करता है। पर जो लोग अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें दिन में सिर्फ 3 बार भोजन करने से कोई लाभ नहीं होगा। आपको 3 स्थाई भोजनों के आगे जाना चाहिए। इसके लिए इन भोजनों के बीच बीच में कुछ स्वास्थ्यकर नाश्ता करते रहें।

परन्तु खाना खाने का यह मतलब नहीं है कि आप कुछ भी खा लें, बल्कि आपको इसके संतुलन पर गौर करना चाहिए। हमेशा संतुलित आहार करने पर ध्यान दें। जो भोजन आप कर रहे हों, उसमें पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स, विटामिन्स एवं खनिज होना चाहिए। ये तीनों पोषक पदार्थ आपका वजन प्रभावी रूप से बढाने में काफी सहायक सिद्ध होते हैं।

वजन बढाने के लिए व्यायाम (Strength training)

एक बार जब आपका खानपान तय हो जाए, तो अपनी ऊर्जा को इस तरह नियंत्रित करें, जिससे आपके शरीर को शक्ति प्राप्त हो। आपको कुछ ऐसे असरदार व्यायाम करने शुरू करने होंगे, जिनसे मांसपेशियां बनती हैं। इन व्यायामों से आपके द्वारा सेवन किया गया भोजन आपका वजन बढ़ाने और तुरंत वेट के लिए काम में आता है, और इससे आपकी मांसपेशियां आकर्षक और गठीली बनती हैं। एक बार जब आपकी मांसपेशियां बन जाएं तो इससे यह बात साबित होगी कि आपका अतिरिक्त वजन वसा में परिणत नहीं हुआ, बल्कि ऊर्जा में बदल गया।

वजन कम होने के असल कारण का पता लगाएं (Find out actual reason of underweight)

अगर आपका वजन सामान्य से कम है तो इसके कारणों का पता लगाएँ। अगर यह वंशानुगत है तो इससे आनुवांशिक समस्या को बढ़ावा मिल सकता है। अगर किसी चिकित्सकीय समस्या के फलस्वरूप आपका वजन कम है तो उस समस्या का सबसे पहले हल करें। अगर आपकी जीवनशैली में परिवर्तन हुआ है और यह स्वास्थ्य समस्या जीवनशैली में परिवर्तन की वजह से पैदा हुई है तो यह समय अपनी जीवनशैली में परिवर्तन लाने का है।

वजन कम होने की वजह से होने वाली स्वास्थ्य परेशानियां (Health issues due to being underweight)

कम वजन होने के कारण कई बार शरीर अत्यधिक कमजोर हो जाता है जिस कारण रक्षण तंत्र कमजोर हो जाता है। ऐसा होने से कई तरह के संक्रमण फैलाने वाले वायरस हमारे शरीर के संपर्क में आ जाते हैं। वजन कम होने के कारण शारीरिक तंत्र भी सही तरह से काम नहीं करता। वजन कम होने से कई सारी बीमारियां भी हो सकती हैं। वे बीमारियां निम्नलिखित हैं :-

कमजोर शारीरिक तंत्र

जिन लोगों का वजन कम होता है उनके बीमार होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ऐसा इस कारण होता है क्यूंकि उनका शरीर अलग अलग तरह के वायरस से लड़ने में नाकामयाब होता है और वे वायरस संक्रमण फैलाकर उन्हे बीमार कर देते हैं। कमजोर शारीरिक तंत्र और संतुलित कोशिकीय विकास के कारण कैंसर होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।

एनिमीया

कम वजन के कारण होने वाली बीमारियों में एनीमिया भी एक है। इसके शुरुआती लक्षण है बहुत ज्यादा थकान महसूस करना। एनीमिया होने का प्रमुख कारण खून में पोषक तत्वों की कमी होता है और जिन लोगों का वजन कम होता है उनमें यह देखा गया है कि उनके खून में पोषक तत्वों की काफी कमी होती है।

जनन समस्याएं

वे महिलाएं जिन्हें वजन कम होने की समस्या की शिकायत है, वे महिलाएं गर्भधारण करने में बहुत परेशानी का सामना करती हैं। गौरतलब है कि जनन एक लंबी प्रक्रिया है और इस दौरान एक माँ को कई ऐसी घटनाओं से गुजरना पड़ता है जहां पर उसे अपना और अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का भरपूर ख्याल रखना होता है। इस दौरान उसे भरपूर पोषक तत्व मिलने भी जरूरी है और कम वजन वाली महिलाएं खुद ही पोषक तत्व ग्रहित नहीं कर पाती। पोषक तत्वों की उपलब्धता के कारण शुक्राणु निषेचित नहीं हो पाते, जिस कारण गर्भ में भ्रूण का निर्माण ही नहीं होता। वजन कम होने के कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और भ्रूण की पनपने के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।

हड्डियों में कैल्शियम की कमी

कई बार आपने यह गौर किया होगा कि जिन लोगों का वजन कम होता है उन्हे अलग अलग जोड़ों में दर्द की शिकायत होती है ऐसा इस कारण होता है क्यूंकि पोषक तत्व कम होने के कारण उनके शरीर से कैल्शियम की कमी हो जाती है।