Hindi tips to prevent breast sagging for women – महिलाओं को ढीले स्तनों से बचाने की बेहतरीन सलाह – ब्रेस्‍ट को लूज होने से रोकने के लिए टिप्स

स्तन विभिन्न मास्पेशियों और कोशिकाओं से बना होता है जो उम्र के साथ सिकुड़ता है। स्तनों के सिकुड़ने के कारण ये ढ़ीले पड़ने लगते हैं। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो महिलाओं में पचास वर्ष के बाद शुरू होता है। लेकिन ऐसे कई कारण होते है जिसके कारण कम उम्र की महिलाओं के भी स्तन फैलने लगते हैं। स्तन शरीर का एक आवश्यक अंग है जो महिलाओं को पुरुषों से अलग करता है।

एक महिला के सही आकार को उसके सीने और आकार से निर्धारित किया जाता है। उम्र और किसी अन्य कारण से महिलाओं के स्तन ढ़ीले हो जाते हैं। लेकिन ऐसे कई तरीके है जिनसे महिलायें उचित आकार के सीने को पा सकती हैं। अगर आप अपने पेट और जांघों की वसा को लेकर चिंतित है तो आपको अपने ढ़ीले स्तनों की देखभाल करनी चाहिये।

एक महिला के स्तन आकर्षण और स्त्रियत्व के प्रतीक हैं, यद्य्पि, प्राय: उम्र बढ़ने की प्राकृतिक प्रक्रिया ढीले स्तनों का कारण होती है। यह अन्‌चाहा परिणाम उम्रवृद्धि, क्रोध करने, गर्भावस्था और नाजायज अभ्यास के कारण होता है।

एक महिला की शारीरिक पहचान उसके स्तनों से होती है। उनके ये उभार ही उन्हें पुरुषों से अलग बनाते हैं। हर महिला अपने स्तनों एवं अपने शरीर को लेकर गर्व का अनुभव करती है। कुछ महिलाओं के स्तन काफी बड़े एवं चौड़े होते हैं, जिसकी वजह से उन्हें उम्रदराज होने के बाद समस्याएं होती हैं। जी हाँ, उम्र बढ़ने के साथ ही एक महिला के स्तन ढीले पड़ते जाते हैं। ऐसे कुछ तरीके अवश्य हैं, जिनका प्रयोग करके महिलाओं के स्तनों के ढीला पड़ने की प्रक्रिया को रोका जा सकता है।

यह प्राय: वृद्ध महिलाओं में दिखायी पड़ता है, लेकिन आधुनिक जीवन शैली के कारण किशोर स्त्रियां भी इसकी शिकार होती हैं। आप प्रकृति के विरुद्ध लड़ाई नही लड़ सकती हैं, आप इन सलाहों को अपनाकर अन्‌चाहे और पूर्व विकसित स्तनों के ढ़ीलेपन से बच सकती हैं|

स्तनों (ब्रेस्‍ट) के ढ़ीले होने के कारण (Causes of breast sagging)

खूबसूरत ब्रेस्ट / स्तन प्राप्त करने के टिप्स

ऐसे कई कारण है जिससे स्तन ढ़ीले हो जाते हैं। उम्र के अलावा अनुचित वस्त्र पहनावा, जीवनशैली में बदलाव, हार्मोनों में बदलाव और अचानक से वजन में कमी या वृद्धि भी प्रमुख कारण है। गर्भावस्था भी स्तनों के फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। गर्भावस्था के दौरान लिगामेंट में फैलाव के कारण स्तनों के आकार में वृद्धि हो जाती है। कुछ बिमारियां जैसे स्तन कैंसर या श्वसन समस्या जैसे तपेदिक ढ़ीले स्तनों को बढ़ावा देता है। इनके अतिरिक्त धूम्रपान, नशीले पेय और कार्बोनेट आधारित पेय भी स्तनों को ढ़ीला कर सकते हैं। एक महिला के स्तन स्त्रियत्व की अस्ति और आकर्षण का प्रतीक होती हैं। यद्यपि, प्राय: जीवन की प्राकृतिक वृद्धि निर्दयी ढ़ीले स्तनों को प्रोत्साहित करता है। यह अन्‌चाहा परिणाम उम्रवृद्धि, क्रोध करने, गर्भावस्था और नाजायज अभ्यास के कारण होता है।

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  • सही फिटिंग की ब्रा पहनें (Wear a correct fitting bra) : ढ़ील्र स्तनों का सबसे प्रमुख कारण उचित ब्रा का चयन न करना है।यह बहुत ही आवश्यक है कि सही आकार की ब्रा का चुना जाय, यह स्तन को सही रूप में रखता है और सम्पूर्ण आकर्षण को बढ़ाता है। ब्रा पहनने के बाद सुनिश्चित करें कि आपके स्तन उछलें नहीं। जब पट्टियां ढ़ीली हो जाय, या तो उसे सिकोड़ या बदल दें। अगर आपको अपने ब्रा का साइज़ नहीं पता है तो किसी पेशेवर से अपने साइज़ को सही तरीके से मूल्यांकित करायें। कई ब्राण्डेड लिंजरी दुकानों पर यह सेवा मुफ्त में उपलब्ध है।
  • मालिश (Massage) : ब्रेस्‍ट को सही आकार में रखने के लिये रोज़ मॉइस्चराइज़र लगायें। यह त्वचा को कोमल रखेगा और आपके स्तनों को की लोचता बनाने में सहायता करेगा। अपने स्तनों पर हल्के हाथों से नीचेसे ऊपर और ऊपर से नीचे गोला करते हुये मालिश करें।
  • सही ढ़ंग (Correct posture) : बुरा ढ़ंग ब्रेस्‍ट को ढ़ीला होने में प्रोत्साहन कर सकते हैं। अपने स्तनों को सुदृढ़ और उठा हुआ बनाये रखने के लिये, आदतन सीधे खड़े हो और उठते या कार्य के समय झुके नहीं।
  • स्थिर भार (stable heaviness) : नियमित व्यायामऔर संतुलित आहार के द्वारा वजन को स्थिर बनाये रखें। वजन का लगातार घटना और बढ़ना त्वचा को फैला देता है जिसके कारण स्तनों की लोचता फैल जाती है।
  • अन्चाहे अभ्यास (unwarranted workout) : आवश्यकता से अधिक कोई भी चीज़ बुरी है इसलिये अन्चाहे अभ्यास में कमी करें। इसे अधिक समय तक न हिलायें और सहायता देने वाले और चिपके ब्रा को पहने जब व्यक्तिगत कार्य आवश्यक हो। बड़े स्तनों का भार लुढ़के स्तनों के द्वारा त्वचा को बढ़ा देता है।
  • नम रहें (Be Hydrated) : अपने शरीर को नम रखने के लिये प्रतिदिन कम से कम 8 ग्लास पानी पियें।कम पानी वाली त्वचा प्राय: झुर्रीदारऔर ढ़ीली होती है। ढीले स्तनों के कारण आप चिंतित और अल्प-आत्मविश्वासी हो सकती है, याद रखें सुगठित स्तन सम्पूर्णत्व को वयक्त करते है जिसे आप आसानी से पाकर आकर्षक और बेहतर दिख सकती हैं।

स्तनों (ब्रेस्‍ट) को ठोस रखने के तरीके (Ways to firm the breasts – loose breast ke upay hindi me)

निपल्स को छोटा बनाने के उपाय

वजन का ध्यान रखें (Maintain a proper weight)

हर किसी को उचित वजन रखना चाहिये, वजन में कमी या वृद्धि स्तनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। स्तनों की त्वचा वजन बढ़ने के साथ फैलती है और अचानक से वजन में कमी ढ़ीलेपन को बढ़ाती है।

बहुत सारा पानी पियें (Consume plenty of water)

ऐसा विश्वास किया जाता है कि त्वचा कोशिकाओं से बनी होती है जिसमें पानी भरा रहता है। स्तनों की त्वचा पानी की कमी के कारण सुस्त और सिकुड़ने लगती है। पानी की कमी त्वचा पर सूखेपन, परतदार और झुर्रियों को देता है। यह उम्र से पहले स्तनों को ढ़ीला और फैला हुआ बना देता है।

पोषण और व्यायाम (Nutrition and excercise se stano ko tight karne ke tarike)

स्वास्थ्यकारी खाद्य और नियमित व्यायाम अतिरिक्त वजन को हटाने में काफी प्रभावी होता है। पोषण जैसे प्रोटीन की कमी स्तनों की वृद्धि और सहायता के लिये आवश्यक है। आहार में प्रोटीन की कमी स्तन मासपेशियां को मजबूत और ठोस होने में कमी को बढ़ावा देता है जो स्तनों को ढ़ीला बना सकता है।दैनिक संतुलित आहार में शामिल पोषण जैसे प्रोटीन, खनिज, कार्बोहाइड्रेट और वसा स्तन के चारों ओर की त्वचा को स्वस्थ रखता है। यह आपको सलाह दी जाती है कि दैनिक भोजन में गाजर, पत्तागोभी, टमाटर, फूलगोभी आदि को शामिल करना चाहिये। पोमीग्रांट स्तनों के ढ़ीलेपन से बचाने के लिये एक आदर्श सामग्री है। पोमीग्रांट बीज का तेल पोषणों से भरपूर है जो स्तनों को ठोस बनाने में सहायता करता है।

स्तनों (ब्रेस्‍ट) का हिलना (Breast Movement)

स्तन वसा से बने होते है न कि मांसपेशियों से, इसलिये इसमें कसाव लाने के लिये कुछ भी नहीं है। सीने के व्यायाम स्तन के चारों ओर के लिगामेंट को मजबूत करने में सहायता करते हैं जो स्तनों को भरने में सहायता करते हैं। सीने के लिये सबसे आसान व्यायाम पुश-अप है जिससे स्तनों के नीचे की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह सीने के चारों ओर जमा वसा को कम करने में सहायता करके स्तनों को सही आकार देता है।

स्तन (ब्रेस्‍ट) के फैलने से बचाने के टिप्स (Tips to prevent sagging breast)

स्तन के दूध की उत्पत्ति में सहायक सर्वश्रेष्ठ भोजन

स्वस्थ आहार (Healthy diet se stano ko firm karna)

आपका शरीर जिसमें स्तन भी शामिल, को सभी प्रकार के विटामिन और पोषकों की आवश्यकता है। आपका शरीर हमेशा संतुलित आहार चाहता है जिससे नये और स्वस्थ कोशिकायें पुरानी कोशिकाओं की जगह बन जायें। आपके आहार में समुचित विटामिन को शामिल करने से, आपके स्तन की कोशिकायें मजबूत होंगी। जिससे अपने आप ही फैलाव से दूर हो सकेंगी। आपको अपने शरीर में ओमेगा3 वसा अम्ल को शामिल करना चाहिये जिससे कि आप स्तन कैंसर से आसानी से बच सकते हैं। ताजे सब्जियों जैसे गाजर, पालक, चुकंदर आदि के साथ विभिन्न आनज स्वस्थ रखेंगे।

धूम्रपान छोड़ें (Quit smoking)

कुछ महिलाओं को नियमित सिगरेट पीने की आदत होती है। यह कभी सोचा भी नहीं गया था कि कभी नशे की आदतों से पुरूषों को दूर रखने वाली महिलायें आज के समय में नशे के लत की शिकार हो रही है। यह महिलाओं के शरीर में विभिन्न समस्याओं को दे रही है। इनमें से स्तनों का ढ़ीलापन एक है। आपको तुरंत धूम्रपान छोड़ना चाहिये अगर आप स्तनों को ढ़ीला होने से बचना चाहती हैं।

पुरानी ब्रा को बदलें (Replacement of old bra)

कुछ महिलायें होती है जो लगातार अपनी पुरानी या ढ़ीली ब्रा को पहनती रहती हैं। वे कहती है कि ये आरामदायक होती है। लेकिन, वे इस तथ्य से अंजान होती हैं कि इन ढ़ीली ब्रा को पहनना स्तनों को फैला देगा। अच्छा होगा हर छ: महीने में ब्रा को बदल दें जिससे कि यह आपके स्तनों को सम्भाले रहे और फैलने से भी बचाये रहे। अगर आपके स्तन भारी है, तो अच्छा होगा कि आप ऊपर उठाने वाले ब्रा का चुनाव करें।

जैतून के तेल का उपयोग करे (Use olive oil – loose breast ka ilaj)

जैसे आप शरीर के सभी अंगों पर मालिश करते हैं, उसी प्रकार स्तनों की मालिश भी आवश्यक है अगर आप आने वाले वर्षों में फैले हुये स्तन नहीं चाहती हैं। जैतून के तेल का एंटीऑक्सीडेंट गुण आपके शरीर से मुक्त रैडिकल को हटा देगा। अगर आप नियमित इसका उपयोग करती हैं तो आपको मांसल स्तन आसानी से मिल जायेंगे। इसके लिये अपने हाथों पर जैतून तेल की कुछ बूंदें लेकर स्तन के चारों ओर निप्पल को छोड़कर लगायें। आपको अपनी हथेलियों से स्तन को नीचे से ऊपर की ओर रगड़ना चाहिए। आपको अपने स्तन गोलाकार गति में ऊपर उठाते हुये मालिश करना चाहिये जिससे कि ये ऊपर उठे और फैलने से भी रूके।

प्राकृतिक रूप से स्तनों का विकास कैसे करें?

अंडे से उपचार (Egg white treatment)

कुछ लोगों को शायद पता नही हो कि अंडे का सफेद भाग त्वचा के पोषण गुण को रखता है जो स्तन कोशिकाओं की मरम्मत करता है। अगर आपके स्तन के चारों ओर की त्वचा ढ़ीली हो रही है तो इस समय इसके लाभ को लेना चाहिये। आप एक अंडा लेकर जर्दी को निकालें और इसके सफेद भाग को फेंट लें। इसको फेंटने पर झाग मिलेगा। एक ब्रश की सहायता से अपने स्तनों के ऊपर लगा लें। 20 मिनट तक इंतजार करें जबतक कि यह आपके स्तनों को कस नहीं लेता है। 20 मिनट के बाद पानी के साथ धुल दें।

फैले स्तनों के लिये खीरा और अंडा (Cucumber and egg yolk for saggy skin)

अंडे और खीरे को मिलाकर एक अद्भुत मास्क बना सकते हैं। जर्दी को बाहर निकालकर इस प्रकार से फेंट लें जिससे कि यह हल्का पीले रंग का हो जाय। 2 चम्मच मसले हुये खीरे को इसमें मिला दें। अब इसमें एक चम्मच क्रीम या मक्खन मिला दें जिससे एक अच्छा लेप बन जाय। इसे अपने स्तन के ऊपर लगायें और 30 मिनट के लिये छोड़ने के बाद ठंडे पानी से धुल दें। आपके स्तन लम्बे समय तक ठोस और खूबसूरत रह सकेंगे।

स्तन (ब्रेस्‍ट) का मास्क (Breast mask)

यह मास्क विटामिन ई के तेल, दही और अंडे को साथ मिलाकर बनाया जाता है। इन सभी सामग्रियों को मिलाकर स्तन पर लगा लें। 10 मिनट तक लगाये रखने के बाद ठन्डे पानी से धुल दें।बर्फ से मालिश (Ice massage) बर्फ, त्वचा और स्तन को रंगत देने में सहायता करता है। कुछ बर्फ के टुकड़े को लेकर स्तन पर मालिश करें। इसको करने के लिये बर्फ को मसल लें और एक ज़िप से बंद होने वाले बैग में भरकर दिन में कई बार स्तनों की मालिश करें जिससे स्तन की त्वचा ठोस हो सकेगी।

पौधे के तेल (Plant oils)

वनस्पतियों के तेल जैसे नारियल तेल, बादाम तेल, जैतून तेल और अंगूर के बीज के तेल से स्तन के चारों ओर मालिश त्वचा को पोषण देकर ठोस बनायेगा। वनस्पति तेलों के अतिरिक्त आवश्यक तेल जैसे, गाजर तेल, नीबू घास का तेल और सौंफ बीज तेल त्वचा में लोचता और कोमलता को फिर से पाने में सहायता करेगा। दिन के दौरान कई बार इन तेलों से मालिश करना आपको लाभ पहुचायेगा।

बर्फ की मालिश (Ice massage)

यह भी स्तनीं के ढीलेपन को दूर करने का काफी बेहतरीन उपाय है। यह स्तनों और इसके आसपास की त्वचा की टोनिंग (toning) करने में काफी मददगार सिद्ध होता है। इसके लिए बर्फ के कुछ टुकड़ों को अपने स्तनों पर रगडें। इसके लिए बर्फ के पिसे टुकड़ों को एक बंद बैग (bag) में डालें और दिन में कई बार स्तनों की मालिश करें। इससे स्तनों की त्वचा कस जाएगी।

एलोवेरा (Aloe vera se stan ko sudol banane ke upay)

आपने एलोवेरा के बेहतरीन गुणों के बारे में अवश्य सुना होगा। यह एक काफी उपकारी पौधा है जिसका प्रयोग त्वचा की कसावट के लिए किया जाता है। स्तनों के ढीले पड़ने की वजह से त्वचा पर फ्री रेडिकल्स (free radicals) भी पैदा हो जाते हैं। आप स्तनों पर एलो वेरा का जेल (gel) लगाकर स्तनों के ढीलेपन की समस्या को दूर कर सकते हैं। एलो वेरा के पौधे की पत्तियां लम्बी होती हैं। इसे बीच से काटकर इसका जेल निकाल लें। अब इस जेल का प्रयोग अपने स्तनों पर करें और 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद आप इसे धो सकती हैं।

स्तनों का पैक (Breast pack)

आपने अपने चेहरे के लिए घर में कई प्रकार के फेस पैक का निर्माण किया होगा। पर क्या आपने कभी स्तनों के फेस पैक का निर्माण किया है ? अप कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से एक बेहतरीन स्तनों का पैक बना सकती हैं। इसके लिए आपको जो सामाग्रियां चाहिए वो हैं संतरे के छिलके का पाउडर, दूध और शहद। 2 चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर, 1 चम्मच शहद तथा 2 से 3 चम्मच दूध लें। इन सबको अच्छे से मिश्रित करके अपने स्तनों पर लगाएं। इसे आधे घंटे के लिए छोड़ दें और फिर धो दें।

पुश अप ब्रा (Push up bra)

क्योंकि आपके स्तनों और इसके आसपास की त्वचा का भाग ढीला पड़ गया है, अतः आपको कुछ ऐसी तकनीकों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे ये दोबारा कस जाएं। इस स्थिति में बाज़ार में उपलब्ध पुश अप ब्रा आपकी काफी मदद करेंगे। इससे आपके स्तन तने हुए रहेंगे और इस ब्रा की मदद से ये ढीले भी नहीं पड़ेंगे। आप किसी भी लॉन्जरी (lingerie) की दूकान पर इन्हें प्राप्त कर सकती हैं। अगर आको दूकान में जाकर इन्हें खरीदने में परेशानी हो रही है तो ऑनलाइन (online) दुकानों से खरीदारी करें। इससे वह उत्पाद आपके घर पर भी पहुंचा दिया जाएगा।

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