How to protect eyes from computer radiation – कंप्यूटर की हानिकारक किरणों से कैसे बचाएं आँखों को

कंप्यूटर आज हमारे दैनिक जीवन का एक खास हिस्सा बन चुका है। आज हम न सिर्फ हमारे ऑफिस या काम के लिए इसका प्रयोग करते हैं बल्कि मनोरंजन और अपने करीबी लोगों से कम्यूनिकेशन बनाए रखने के लिए इसका सहारा लेते हैं। जहाँ यह उपकरण हमारे रोज़मर्रा के जीवन को इतना सुगम बनाता है वहीं इससे होने वाले कुछ नुकसान भी हैं।

इससे निकलने वाली किरणें या रेडिएशन हमारी आँखों को बहुत नुकसान पहुँचती है। ये रेडिएशन आँखों में जलन और लालिमा का कारण बनते हैं। टेक्नॉलॉजी के इस युग में कंप्यूटर से दूर रहना नामुमकिन है पर अधिक से अधिक एहतियात बरतकर हम इससे होने वाले खतरों को कम कर सकते हैं।

सबसे अच्छी बात यह है कि, केवल कुछ आसान उपायों से ही आप इन रेडिएशन से आँखों पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव को कम कर सकते हैं। अगर आप रोज़ एक या दो घंटे कम्प्युटर के सामने बैठते हैं तो आँखों पर थोड़ा ही तनाव पड़ता है लेकिन आप अगर रोजाना आठ घंटे तक इसके सामने बैठते हैं तो आँखों से जुड़ी समस्या सामने आने लगती है।

तो अगर आप भी दिन का ज़्यादातर समय कम्प्युटर स्क्रीन के सामने बिताते हैं तो आपको भी जल्दी अपनी आँखों को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।

कम्प्युटर से निकलने वाली हानिकारक रेडिएशन पर आए दिन बहस होती रहती है। बहुत से लोगों के अनुसार कम्प्युटर से निकलने वाली चुम्बकीय किराने या रेडियो तरंगें हमारे शरीर को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचाती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार कम्प्युटर के सामने बैठकर बिताने वाले समय अवधि को कम कर हम इस खतरे को भी न्यूनतम कर सकते हैं।

कम्प्युटर से आने वाली नीली रोशनी के रेडिएशन हमारी आँखों का तनाव बढ़ाकर अन्य समस्याएँ भी पैदा कर देते हैं। आंखों का सूखापन, जलन खुजली आदि आम समस्या हैं। इसके अलावा आँखों का धुंधलापन और सिर में दर्द भी इन्हीं किरणों के दुष्परिणामों में से कुछ एक हैं।

Subscribe to Blog via Email

Join 45,326 other subscribers

जब आप कम्प्युटर पर बिताने वाले समय को कम कर देते हैं तो इसके दुष्परिणाम भी अपने आप ही कम हो जाते हैं। अगर यह उपाय आपके लिए संभव नहीं होता है या आप उन नौकरीपेशा लोगों में से एक हैं जो अपने ज़्यादातर कम कम्प्युटर पर ही करते हैं तो यहाँ हम आपको कुछ आसान उपाय बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप कम्प्युटर रेडिएशन से आँखों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को कम कर सकते हैं ये आसान उपाय आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होंगे।

सूजी हुई आँखें ठीक करने के घरेलू नुस्खे

सही तरीके से कम्प्युटर का प्रयोग करें (Use the computer in the right way)

कम्प्युटर का सही तरीके से उपयोग करने पर यह आपके आँखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करता है। यहाँ कुछ सही तरीके बताए जा रहे हैं इन्हें नोट कर आप आँखों को हानिकारक किरणों से बहुत हद तक बचा पाएंगे।

आँखों की देखभाल के लिए सही दूरी बनाएँ रखें (Maintain the right distance)

यह सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी तरीका है जिसकी मदद से आप हानिकारक किरणों से बच सकते हैं। कम्प्युटर की स्क्रीन और आपके आँखों के बीच की दूरी आपके हाथ के बराबर से कम नहीं होनी चाहिए। यह कहा गया है कि अगर आप कम्प्युटर कि अगर आप पीछे की ओर झुके बिना कम्प्युटर कि स्क्रीन पर अपनी हथेली से ताली बजा सकते हैं तो समझ लीजिये की आप सही स्थिति में बैठे हैं। हालांकि कई बार हम इस दूरी को बनाएँ रखने की कोशिश करते हैं पर एक हाथ वाली दूरी में बैठने से यह कम प्रभावशाली होती है।

सही कोण का ध्यान रखें (Get the right angle for aankhon ki dekhbhal)

जब आप सही दूरी में बैठते हैं तो इसके साथ यह भी बहुत ज़रूरी है की आप जिस स्थिति में बैठे हों वह स्थिति भी सही होनी चाहिए। कम्प्युटर कि स्क्रीन आपकी आँखों के बराबर की ऊंचाई पर नहीं होनी चाहिए। यह आपकी आँखों से कम से कम 4 से 5 इंच नीची होनी चाहिए। ताकि आपकी आँखें स्क्रीन पर लगभग 20 डिग्री के आस पास के कोण पर देख सके।

सही रोशनी है ज़रूरी (Proper lighting is important)

अपनी कम्प्युटर स्क्रीन को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए रेडिएशन को कम करना बहुत ज़रूरी होता है। इसके लिए आपको सुनिश्चित करना चाहिए कि, आपके आस पास पर्याप्त रोशनी हो। ताकि स्क्रीन से आने वाली लाइट का आपकी आँखों पर कम से कम प्रभाव पड़े। अंधेरे में कम्प्युटर का इस्तेमाल करने से आँखों पर ज़्यादा तनाव पड़ता है। इसीलिए आप जिस जगह कम्प्युटर का प्रयोग कर रहे हैं वहाँ ज़्यादा से ज़्यादा या भरपूर रोशनी होनी चाहिए।

बच्चों के लिये बेहतरीन आंखों की देखभाल की सलाह

ब्राइटनेस और कनट्रैस्ट को सही करें (Adjust the Brightness and contrast)

स्क्रीन का ब्राइटनेस और कनट्रैस्ट आँखों पर पड़ने वाले रेडिएशन के दुष्प्रभावों को कम करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें आरामदायक बनाए रखें। अत्यधिक या अत्यंत कम ब्राइटनेस दोनों ही आँखों पर बुरा प्रभाव डालते हैं। ज़्यादा कनट्रैस्ट चीजों को सटीक और बहुत साफ दिखाने में तो मदद करता है पर इससे आँखों पर तनाव भी ज़्यादा पड़ता है। इसीलिए स्क्रीन के ब्राइटनेस और कनट्रैस्ट दोनों को ही सही स्थिति में रखें ताकि आपकी आँखों पर ज़ोर न पड़े और आँखों को ज़रूरत के अनुसार आराम भी मिलता रहे। आँखों को रेडिएशन से बचाने के लिए यह उपाय बहुत ज़्यादा आवश्यक है।

आँखों की सुरक्षा के लिए ग्लेयर प्रोटेक्टर का करें इस्तेमाल (Use a glare protector on the computer screen)

जो लोग रोजाना 8 घंटे तक लैपटाप या कम्प्युटर के सामने काम करते हैं उन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है। ऐसे लोगों को अपने लैपटाप की स्क्रीन पर ग्लेयर प्रोटेक्टर का इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए। यह आँखों पर पड़ने वाली हानिकारक रोशनी से बचाता है। इसके उपयोग से आप आँखों को अनेक प्रकार के खतरों से बचा सकते हैं। आजकल अच्छी और बड़ी कंपनियों के लैपटाप में मौजूद होता है अतः आपको इसके लिए अलग से पैसे खर्च करने की ज़रूरत नही पड़ती।

आँखो का इलाज है स्क्रीन को साफ रखें (Keep the screen clean)

अपने कम्प्युटर स्क्रीन को धूल, किटाणु और हाथों व उँगलियों के निशान से दूर रखें। यह उपाय हानिकारक रिफलेक्शन को कम करने में सहायक होता है। रिफलेक्शन कम होने पर यह आँखों के लिए आरामदायक होता है। इसीलिए अपने कम्प्युटर की स्क्रीन को हमेशा साफ सुथरा रखें। स्क्रीन को किसी साफ सूखे कपड़े से पोछना चाहिए, इसके लिए आप सूती का मुलायम कपड़ा इस्तेमाल कर सकते हैं। हमेशा ध्यान रखें की स्क्रीन साफ होनी चाहिए और उसमें किसी तरह की धूल या गंदगी आदि नहीं दिखनी चाहिए।

आँखों की सुरक्षा के लिए अपनाएँ ग्लासेस (Buy a protective glass for your eyes)

बाज़ार में आँखों की सुरक्षा के लिए विभिन्न  तरह की विशेषताओं वाले ग्लास या चश्मे मौजूद हैं जो इन हानिकारक किरणों से बचाने में आपकी मदद करते हैं। इन चश्मों को खरीद कर आपको इनका प्रयोग करना चाहिए। जब भी आप लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठें तो इनका प्रयोग ज़रूर करें। जिन लोगों को आँखों में लेंस या चश्मा लगाने की ज़रूरत पड़ती है उनके लिए खास कोटिंग वाले चश्मे बाज़ार में मौजूद हैं।

आंखों की समस्या के लिए पलकें झपकाते रहें (Blink more often)

पलकें झपकना एक प्राकृतिक क्रिया है जो आँखों को आराम देने के लिए ज़रूरी है। पलकें झपकाने से आँखों का तनाव भी कम होता है। जब हम स्क्रीन के सामने बैठ कर काम कर रहे होते हैं तो अक्सर पलकें झपकना भूल जाते हैं या सामान्य से कम बार हमारी पलकें झपकती हैं। पर आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि, कम पलके झपकाना आँखों की सेहत के लिए हानिकारक होता है इसके साथ ही आँखों में जलन और खुजली होती है। तो अब से जब भी आप कम्प्युटर स्क्रीन के सामने बैठें, समय समय पर पलकें झपकाना न भूलें।

एक निश्चित अंतराल में थोड़ा ब्रेक लें (Take frequent breaks)

अगर आप कम्प्युटर के सामने अपने काम के घंटे कम नहीं कर सकते तो आपको के निश्चित अंतराल लेते हुये थोड़ा समय कम्प्युटर से दूर रहना चाहिए। थोड़े थोड़े समय के बाद आप उठकर थोड़ा टहल लें या संभव हो तो कुछ देर स्क्रीन बंद कर दें। आप हर 20 मिनट में तो अपना काम छोड़ कर नहीं उठ सकते इसके बदले कुछ अंतराल में 20 सेकंड तक स्क्रीन से अलग दूसरे जगह कि तरह मुंह करें और देखें। इस दौरान आपकी आँखों का संपर्क स्क्रीन से नहीं होना चाहिए। इसे आप प्रत्येक डेढ़ घंटे के अंतर में भी कर सकते हैं। इस अंतराल के दौरान आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारे। यह आँखों का धुंधलापन, जलन और आँखों में तनाव से राहत देता है।

कम्प्युटर स्क्रीन से टेक्स्ट के आकार को बदलें (Change the text size on the screen)

आँखों को राहत देने के लियी आप अपनी कम्प्युटर स्क्रीन से टेक्स्ट के आकारों में भी परिवर्तन कर सकते हैं। सेटिंग्स पर जाकर टेक्स्ट साइज़ को आँखों के अनुकूल रखें। कम्प्युटर स्क्रीन से निकलने वाली हानिकारक किरणों से आँखों को बचाने के उपाय बहुत सरल हैं, आप अपनी दिनचर्या में थोड़े से परिवर्तन कर आँखों को इन खतरों से बचा सकते हैं। ये सभी उपाय बड़े ही प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं और आपकी आँखों की सुरक्षा में आपकी मदद भी करते हैं। शुरुआत के समय यह सभी उपाय आपको थोड़े असहज लग सकते हैं पर इनके रोज प्रयोग से ये जल्दी ही आपकी आदत में शामिल हो जाते हैं। अगर आप कम्प्युटर या लैपटाप पर अपने काम के समय में कटौती नहीं कर सकते तो आपको इन उपायों का पालन आवश्यक रूप से करना चाहिए। ये छोटे छोटे परिवर्तन आँखों की सेहत और सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है। ये सामान्य और छोटे छोटे उपाय बड़ी परेशानियों को दूर रखने में आपकी मदद कर सकते हैं। अगर आप अपना अधिकांश समय इन हानिकारक किरणों का सामना करते हुये बिताते हैं तो इस सभी उपायों को ज़रूर आजमाएँ।

loading...