Hindi tips to make your baby sleep – अपने बच्चे को सुलाने के कुछ असरदार तरीके

एक नवजात शिशु अपने माँ और पिता के साथ सोने की आदत जल्दी नहीं बना पाता। कई लोगों को अपने बच्चे को सुलाने में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई लोग इस भ्रम में रहते हैं कि की बच्चे को सुलाने में दिमाग का प्रयोग करने का कोई अर्थ नहीं है। यह बात सिर्फ किसी बच्चे की माँ ही समझ सकती है। कुछ महिलाएं अपने बच्चे को पालने में रखकर ज़्यादा सुकून का अनुभव करती हैं क्योंकि ऐसे उनका बच्चा बिना किसी परेशानी के सोता है। पर हर माँ को अपने बच्चे को मनचाहे प्रकार से सुलाने का सुख नहीं मिलता। दोपहर के वक़्त बच्चे को अच्छी नींद सुलाने (bachche ko kaise sulaye) की एक तकनीक होती है। बच्चे को सुलाने के तरीके :-

बच्चे को सुलाना – एक बेहतरीन डायपर बैग (A perfect diaper bag – bacche ko sulana)

अगर आप अपने बच्चे को चैन की नींद सुलाना चाहती हैं तो आपके पास डायपर बैग होना चाहिए। कई नवजात शिशुओं की माओं में से एक ने यह तरीका खोज निकाला है। ऐसा नहीं करने पर माओं के लिए बहुत ज़्यादा समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। अगर आप इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार कर रही हैं तो आपको बच्चे को सही समय पर सुलाने के तरीकों के बारे में जानना होगा। आप एक स्ट्रॉलर में बच्चे को बैठा सकती हैं और उसे हिला हिलाकर बच्चे को आराम से सुलाने का प्रयास कर सकती हैं। जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है वैसे ही उसे सुलाने के तरीकों में भी आपको बदलाव करना पड़ता है। ऐसी तकनीकों के बारे में सोचें जो उसके बड़े होने के बाद उसे सुलाने के लिए आपको प्रयोग में लानी पड़ेंगी।

शिशु को नहलाते वक्त ध्यान रखें योग्य ख़ास बातें

बच्चे को सुलाना – बच्चे के सोने की शैली पर ध्यान दें (Gain knowledge on infant nap work)

अगर आप नवजात बच्चे की माँ हैं तो आपको उसके सोने के बारे में चिंता नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि शुरूआती समय में बच्चा इतना ज़्यादा और अजीब ढंग से सोता है कि उसे अलग से सुलाने की कोई आवश्यकता ही नहीं होती। आपको यह जानकार काफी अचम्भा होगा कि जन्म के पहले दो महीने में एक शिशु पूरे दिन में १० से लेकर १८ घंटों तक सोता है। अतः इस समय माँ और पिता दोनों, खासकर माँ अपना काम बिना किसी रूकावट के कर सकते हैं। बच्चे के लिए अच्छे से सोना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उसके शरीर की बढ़ोत्तरी में उसे मदद मिलती है। आप कई नवजात शिशुओं को सारा दिन सोते हुए भी देख सकते हैं। उसका इस समय सोना काफी आवश्यक है क्योंकि उसका कुछ ही समय पहले दुनिया में आना होता है और दुनिया का सामना करने से पहले उसका तरोताज़ा होना होना ज़रूरी है, अतः उसके सोने पर इतना ध्यान दिया जाता है। कुछ बच्चे ज़्यादा नहीं सोते। वे स्तनपान करते हैं और फिर मात्र १० से १५ मिनट की ही नींद लेते हैं। यह बच्चे के शुरूआती दौर में उतनी बड़ी समस्या नहीं होती है, बल्कि इस समय अगर उसकी नींद लम्बी नहीं होती तो उसके लिए यह अच्छी बात ही होती है। पर अगर यह स्थिति लम्बे समय तक चलती रहे तो यह समस्या का कारण ज़रूर बन सकता है। इस स्थिति में आपको अपने शिशु को किसी बच्चों के डॉक्टर से दिखलाना चाहिए और उनकी राय लेनी चाहिए।

बच्चों में नींद की समस्या – घर पर सोना (Napping at home)

घर पर बच्चे को अच्छे से सुलाना काफी मुश्किलों भरा कार्य है। जब आप घर पर आकर घर की सारी बत्तियां जलाते हैं तो आपके बच्चे की आँखें भी झट से खुल जाती हैं। कुछ लोग अपने बच्चे को कार की सीट पर झुलाते हैं जिससे कि वो वहाँ सो जाए। आप बच्चे को सुलाने के लिए बेबी सिटर या अनुभवी नर्स रख सकती हैं और आप स्तनपान के दौरान भी अपने बच्चे को सुला सकती हैं।

बच्चों में नींद की समस्या – सोने का समय (Nap schedule)

माँ को बुखार होने पर बच्चों को स्तनपान

आपको अपने बच्चे के सोने की एक नियमित समय सूची बनानी पड़ेगी। इसमें आपको शुरूआती दौर में कठिनाइयाँ पेश आएंगी पर धीरे धीरे यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी क्योंकि आपके बच्चे को इसकी आदत हो जाएगी। आप बच्चे की सोने में मदद करने के लिए उसे लोरी सुना सकती हैं या अपने मुंह से कोई मधुर आवाज़ निकाल सकती हैं जिसे सुनकर वो सो जाए। अगर आप खुद गाना गाने का कुछ गुनगुनाने का शौक नहीं रखती तो कोई सुकून भरा गीत बजा दें जिससे बच्चे को सोने में आसानी हो। हालांकि बच्चे के ९ महीने का हो जाने पर यह समय सूची बदलकर आपको  एक नयी सूची बनानी पड़ेगी।

जब बच्चा घर में सो रहा होता है तो उसके माँ और पिता घर में ही बंध से जाते हैं। अतः आपको इस प्रक्रिया में कुछ बदलाव करना होगा तथा बच्चे को ऐसे ढालना होगा कि उसके सोने का समय लचीला हो जाए। आप अपने बच्चे को अपने दोस्तों या सेज सम्बन्धियों के घर ले जा सकते हैं जिससे कि उसके सोने का समय परिवर्तित हो जाए। इससे आपका बच्चा खुद को किसी भी स्थिति के अनुसार ढाल सकेगा तथा आपको भी परेशानी कम होगी।

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