How to prevent cataract formation – कैटरेक्ट / मोतियाबिंद को बनने से कैसे रोके?

हमारे शरीर का सबसे बढ़िया भाग आँख है। आँखों से हम प्रकृति को देख सकते है, अपनी यादों को जिन्हें हमने इन आँखों से देखा है उन्हें समेट सकते है। मोतियाबिंद क्या है? अगर कुछ समय बाद आप अपनी आँखों से सफाई से कुछ भी ना देख सकें तो? समय और उम्र के साथ अगर आपकी तेज़ नज़र धुंधलाने (blur) लगी तो? आप क्या करोगे अगर आपको कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) हो गया तो? कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) एक ब्लाइंड स्पॉट (blind spot) है या आँखों के लेंस पर अस्पष्टता (opacities) जमने को कैटरेक्ट (cataract) कहते है जो उम्र के साथ बढ़ता जाता है।

दुनिया में 505 लोगो से ज्यादा लोग कैटरेक्ट की समस्या से गुज़र रहे है जिनका शिकार वो 65 साल की उम्र के बाद बने है। कैटरेक्ट कुछ दिन या हफ्तों में नहीं बनते बल्कि इन्हें पूर्ण तरह से बनने के लिए कुछ महीने या साल लग जाते है। इसको आप आँखों पर मोती (cloud) जमना कह सकते है जो कुछ समय के लिए या हमेशा के लिए अंधा बना सकते है, यह कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) के आकार पर निर्भर है। यह ज्यादातर 60 से 75 साल के लोगो में पाए जाते है।

इसके शुरूआती चरण में लोगो को दिखने में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन यह ब्लाइंड स्पॉट (blind spot) को बना सकता है जिस से आप हमेशा के लिए अपनी आँखों की रौशनी को खो सकते है। इसलिए यह आवश्यक है की आप जाने के कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) कैसे बनते है और इसका असर आपकी आँखों पर कैसे पड़ता है। आँखों में, प्यूपिल (pupil) के एक दम पीछे लेंस स्तिथ है जो रौशनी को सही रूप में रेटिना (retina) पर डालते है।

आँखों की लेंस एक जेली (jelly) जैसे पारदर्शक पदार्थ (transparent material) की होती है जो प्रोटीन से भरपूर होती है। मोतियाबिंद के कारण, उम्र के साथ प्रोटीन से भरपूर जेली जैसा पारदर्शक पदार्थ या लेंस में प्रोटीन की कमी होती जाती है। इस कारण लेंस पर क्षति पहुंचती है और आँखों पर मोती (cloudiness) छाने लगता है।

मोतियाबिंद के लक्षण, मोती पूर्ण तरह से बनने के बाद यह कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) में तब्दील हो जाती है जिस से आप अपनी आँखों की रोशनी आधी या पूर्ण रूप से खो बैठते है।

कुछ स्तिथि में कुछ लोग कैटरेक्ट / मोतियाबिंद के शिकार बचपन से ही होते है और कुछ लोग स्टेरॉयड (steroid) और ड्रग्स (drugs) या आँखों पर क्षति पहुँचने से, आँखों की सर्जरी या डायबिटीज (diabetes) के कारण कम उम्र में कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) का शिकार बनते है। और बाकी मामलो में कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) उम्र के बढ़ने के कारण बनते है जो उम्र की समस्या (aging process) से सम्बंधित है।

Subscribe to Blog via Email

Join 45,326 other subscribers

कंप्यूटर की हानिकारक किरणों से कैसे बचाएं आँखों को

हाल ही की रिसर्च के अनुसार यह पता चला है की कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) फ्री रेडिकल (free radical) जो एक क्षति पहुंचाने वाले मॉलिक्यूल (molecule) के कारण बनता है। आँखों के लेंस (lens) को क्षति पहुँचने के बारे में अंडे को बनाने की विधि के अनुसार उदहारण दिया गया है। जब अंडे को उबला जाता है तब वाइट पारदर्शक (white transparent) भाग (albumin) अपारदर्शी (opaque) में बदल जाता है क्योंकि पकते समय अंडे का प्रोटीन घट जाता है। कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) भी इस प्रकार बनते है।

धूम्रपान से फ्री रेडिकल (free radical) ज्यादा बनते है जिस से क्षति जल्द पहुंचती है। यह देखा गया है की लगातार धूम्रपान करने वाले लोग (chain smoker) कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) का शिकार जल्दी बनते है। बढती जनसँख्या के अनुसार रिसर्च यह बताती हैं की लोग जो कैटरेक्ट/ मोतियाबिंद का शिकार बन रहे है उनकी संख्या दोगुनी (डबल) या तीगुनी (ट्रिपल) हो गयी है। ऐसा नहीं है की इस से बहार निकलने का कोई उपाय नहीं है लेकिन जो उपाय है वो लोगो से बहुत दूर है। कैटरेक्ट सर्जरी (cataract surgery) से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है लेकिन इसका इलाज आपके ऊपर भारी पड़ सकता है अर्थात यह कराने के लिए आपको बहुत सारे पैसो की आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन आप चिंतित ना होए क्योंकि नीचे कुछ ऐसे उपाय दिए गए है जिन से आप इनको आने से रोक सकते है और इस से छुटकारा प्राप्त कर सकते है।

मोतियाबिंद / कैटरेक्ट को कैसे रोके? (How to prevent cataract formation?)

हाल ही में यह पता लगा है की कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) को कुछ आसान उपाय, सही परिमाण (proper measures) , आहार में बदलाव , धूम्रपान से दूर और अन्य चीजों के कारण इन से बचा जा सकता है। उम्र के बढ़ने के कारण से कैटरेक्ट/ मोतियाबिंद बनाना शुरू हो जाता है लेकिन सही समय पर सही उपाय से आप इन्हें आने से रोक सकते है। फ्री रेडिकल को एंटी ओक्सिदंट्स जैसे बीटा कैरोटीन (beta carotene) , विटामिन E और विटामिन C से समाप्त किया जा सकता है। धूम्रपान छोड़ने से आप कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) को 28% तक बनने से रोक सकते है। जितना ज्यादा एंटी ओक्सिदंट्स (anti oxidants) आप खायेंगे उतना ही आप कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) को आने से रोक सकेंगे। सही और प्रभावशाली मल्टीविटामिन (multivitamins) को लेने से आप इस समस्या को 60% आने से रोक सकते है। जैसे की हम जानते है की कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) हफ्तों में नहीं बनते बल्कि यह उम्र के साथ बनते है। कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) से छुटकारा पाने के लिए सप्लीमेंट (supplement) एक लाभकारी उपाय है। विटामिन c के सप्लीमेंट को 8 से 10 साल तक लेने से आप कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) को बनने से 70% तक रोक सकते है। विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट के साथ सही आहार भी कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) को आने सी रोकती है। नीचे कुछ ऐसे उपाय दिए गए है जिनसे आप कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) को आने से रोक सकते है और इनसे छुटकारा पा सकते है।

मोतियाबिंद का उपचार है सही मल्टीविटामिन ले (Take a good multivitamin hai motiyabind ke upay)

बच्चों के लिये बेहतरीन आंखों की देखभाल की सलाह

65 साल के पहले या बाद से जो मल्टीविटामिन लेना शुरू करते है वो कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) को आने से 25% या 27% तक रोकते है क्योंकि मल्टीविटामिन में एंटी ओक्सिदंट्स भरपूर रहते है। उन मल्टीविटामिन्स (multivitamins) और मिनरल को ले जिन्मे विटामिन C और विटामिन E मौजूद हो। टेबलेट (tablet) या कैप्सूल (capsule) के रूप में आप इन मल्टीविटामिन को मार्किट से आसानी से प्राप्त कर सकते है।

विटामिन A और C से सम्बंधित सप्लीमेंट (Supplement with vitamins A and C)

हमारी आँखों को सही देखभाल की आवश्यकता होती है क्योंकि यह सब अंगो (organs) में से सबसे ज्यादा नाज़ुक होती है। विटामिन A और विटामिन C जैसे एंटी ओक्सिदंट्स आँखों पर ज्यादा जमे होते है। यह आँखों को फ्री रेडिकल (free radical) से सुरक्षित रखते है। विटामिन A और विटामिन C से आप अपनी आँखों की रोशनी को कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) से बचाते है। 65 साल की उम्र के बाद भी आँखों की रोशनी को बचाए रखने के लिए आपको रोजाना विटामिन A के 5000 यूनिट जैसे बीटा कैरोटीन (beta carotene) और विटामिन C के 2500 यूनिट को लेना होगा।

ध्यान रखे की आप ल्युटीन और ज़ीअक्सनथिन ज्यादा ले रहे है (Ensure that you’re getting enough lutein and zeaxanthin)

रिसर्च के अनुसार महिलाए 60 साल की उम्र से ज्यादा हो, उनमे अगर बड़ी मात्रा में ल्युटीन (lutein) और ज़ीअक्सनथिन (zeaxanthin) होता है तो वे 33 प्रतिशत तक कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) की शिकार बनने से बच जाती है। इसलिए बेहतर होगा की रोजाना आप 15 से 30 mg तक ल्युटीन ले और 2 से 3 mg तक ज़ीअक्सनथिन को लें।

मोतियाबिंद का इलाज के लिए बिल्बेर्री ले (Take bilberry hai motiyabind ka ilaj)

बिल्बेर्री (ब्लूबेरी) (blueberry) वसोदिलेटर (vasodilator) की तरह काम करते है, जो खून का बहाव आँखों के वस्कुलेटर (vasculature) तक पहुँचता है। जिस से टिश्यू और केपिलरी वाल पोटेंसी (capillary wall potency) बढ़ते है। बहुत से मामलो में इस से आप कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) को 97% तक बनने से रोक सकते है। इसलिए बेहतर होगा की आप रोजाना 30 mg बिल्बेर्री लें जिसमे 25% तक एंथोसाय्निदिंस (anthcyanidins) हो।

चश्मा पहनने से हुए डार्क सर्कल्स से छुटकारा कैसे पाएँ

सन्ग्लास्सेस को निकाल दे (Take off your sunglasses)

हम सब यह जानते है की सन्ग्लास्सेस (sunglasses) एक ऐसा उपकरण है जो सभी के लिए आवश्यक है और कोई भी चीज़, सन्ग्लास्सेस के मुकाबले उतनी महत्वपूर्ण नहीं लगती। ज्यादातर लोग सन्ग्लास्सेस को UV रेस (अल्ट्रा वायलेट रेस) (ultra violet rays) से बचने के लिए पहनते है क्योंकि उन्हें पता है की UV रेस से उनकी आँखों को क्षति पहुँच सकती है। कुछ लोग सन्ग्लास्सेस को अपना स्टैण्डर्ड (क्लास) बढाने के लिए पहनते है। लेकिन हर समय सन्ग्लास्सेस को पहनना सही नहीं है। क्योंकि सन्ग्लास्सेस से आप आँखों को पोषण पहुंचाने वाले लाइट में मौजूद वेवलेंथ (wavelength) को दूर रखते है और इस कारण अपनी आँखों को स्वस्थ नहीं रख पाते। इसलिए यह बिलकुल भी हानिकारक नहीं होगा अगर आप अपनी आँखों पर कुछ सूरज की किरणों को पड़ने दें तो। इस से आपकी आँखों को कुछ विशेष एंटी ऑक्सीडेंट (anti oxidant) प्राप्त हो सकते है।

loading...