Best ways on how to stop breastfeeding for your baby – बच्चे के स्तनपान को रोकने के सबसे अच्छे उपाय

एक माँ का अपने बच्चे को स्तनपान (Breastfeeding) कराना बहुत ज़रूरी होता है, आखिर यही वो एहसास है जिसके द्वारा माँ और बच्चे के बीच का संबंध और प्रगाढ़ होता है। धरती पर पाये जाने वाले लगभर हर स्तनधारी की यह विशिष्टता होती है के वे अपने बच्चे को जन्म देकर अपने दूध से उनका प्रथम पोषण करते हैं।

और इसी तरह हमारा शरीर खुद बच्चे को जन्म देने के पहले ही उसके आहार यानि उसके स्तनपान की की तैयारी करने लगता है, जैसे जैसे बच्चे के जन्म का समय नज़दीक आता है वैसे ही शरीर में दूध के निर्मित होने की प्रक्रिया भी शुरू होने लगती है। तो अगर आपको किसी तरह की कोई बिमारी या समस्या जैसे शरीर में दूध का कम बनना आदि नहीं है या स्तन में किसी प्रकार की कोई पीड़ा नहीं है तो बच्चे को जन्म से लेकर 6 महीने तक दूध पिलाना उत्तम होता है।

इन 6 महीनों में ही बच्चे के शरीर की प्राकृतिक इम्यून क्षमता तैयार होना शुरू हो जाती है और इसके बनने में माँ के दूध की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर आपको कम दूध आने की शिकायत है तब भी आप कम से कम 6 माह तक अपने बच्चे को दूध ज़रूर पिलाएँ। ब्रैस्ट फीडिंग छुड़वाना, 6 महीने के बाद आप धीरे धीरे इस आदत को छुड़ाने की कोशिश करें।

स्तनपान धीरे धीरे बंद करें (Stop breastfeeding gradually)

अगर आप स्तनपान बंद करवाना (stanpan rokne ke tarike) चाहती हैं तो इसे आपको धीरे धीरे बंद करना होगा। स्तनपान एक साथ एक ही बार में बंद कर देना न केवल बच्चे के लिए कठीन होता है बल्कि यह आपके शरीर पर भी प्रभाव डाल सकता है और बहुत सी समस्याओं का कारण बन सकता है। भरे हुये स्तन, स्तनों में सूजन और शिराओं में जमाव या उनका बंद हो जाना ये कुछ आम समस्या हैं जो अचानक एक साथ स्तनपान रोक देने पर उत्पन्न हो सकती है। तो आप इस प्रक्रिया को धीरे धीरे करना शुरू कीजिये।

आपको यह जानना भी बेहद ज़रूरी है की बच्चे के लिए स्तनपान बहुत महत्वपूर्ण होता है, न केवल बेहतर पोषण के लिए बल्कि उसे सुरक्षा और आपकी निकटता का एहसास दिलाने के लिए भी। स्तनपान हर बच्चे के लिए एक आरामदायक अनुभव है और अगर यह जबर्दस्ती छुड़ा दिया जाए तो निश्चित रूप से बच्चे पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। तो अब अगर आप अपने बच्चे के स्तनपान की आदत को छुड़ाना चाहतीं हैं तो धैर्य के साथ नीचे दिये हुये चरणों को अपनाएं।

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स्तनपान छुड़ाने में कितना समय लगेगा, यह हर बच्चे के लिए भिन्न भिन्न हो सकता है। और हर बच्चा अपनी गति के अनुकूल इसका अभ्यस्त होता है। और इसके साथ ही महत्वपूर्ण बात यह है की इसके लिए बच्चे को समय दें, परिणाम प्राप्त करने की जल्दबाज़ी ना करें।

स्टेज 1 (Stage 1)

अपने बच्चे को अच्छी तरह दूग्धपान कराएं, अब जब उसका पेट पूरी तरह भर चुका हो तब थोड़ी सी मात्रा में उसे कोई ठोस आहार दें। यह तय कर लें की आप जो भी उसे दे रहें हैं वह चबाने में आसान और सुपाच्य (digestive) हो। बच्चे को विभिन्न स्वादों और प्रकारों से अवगत कराएं, ताकि उसे माँ के दूध के अलावा दूसरे तरह के भोजन में भी दिलचस्पी हो। उसे अलग अलग तरह का भोजन दें जो रंग, आकार और स्वाद में भिन्न भिन्न हो साथ ही इन्हें अलग अलग समय पर दें।

स्टेज 2 (Stage 2)

जब आपको लगे की आपका बच्चा दूसरे प्रकार के भोजन में दिलचस्पी लेने लगा है और उसे पर्याप्त आहार के साथ पोषण भी मिल रहा है तो अब धीरे से उसके स्तनपान को कम कर दीजिये। अगर आप उसे दिन में 6 बार दूध पिलतीं हैं तो कम से कम 2 बार स्तनपान के पहले किसी अन्य भोजन से उसका पेट भरें। ऐसा करने से वह ठोस आहार में दिलचस्पी लेता है तो इसके बाद पेट भरा होने की वजह से ज़्यादा स्तनपान के लिए वह आपको परेशान भी नहीं करेगा। और अगर स्तनपान के पहले बच्चे ने ठोस आहार से अपना पेट नहीं भरा तो उसे स्तनपान कराएं। इस बात का खास ध्यान रखेँ जब आपने बच्चे का स्तनपान कम कराया हो तो खाने के साथ साथ उचित मात्रा में पानी की भी पूर्ति होनी चाहिए। क्योंकि माँ के दूध के साथ पानी की कमी पूरी हो जाती है, इसीलिए बच्चे को ठोस आहार के साथ साथ पानी भी समय समय पर पिलाते रहना चाहिए।

स्टेज 3 (Stage 3)

यह प्रक्रिया स्तनपान को धीरे धीरे कम कर बच्चे में भी ठोस आहार के प्रति रुचि जगाती है, और साथ ही आपके लिये भी ज़रूरी है की आप बच्चे के दूध की जगह चतुराई से ठोस आहार को जगह दें। अगर आप देखें की बच्चा अभी भी दूध पर ही निर्भर रहना चाहता है तो उसे दूध की जगह फॉर्मूला दूध दें। बच्चे की भावनात्मक ज़रूरत को पूरा करने के लिए उसे दिन में 1 या 2 बार स्तनपान कराएं और साथ ही धैर्य बनाएँ रखें।

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स्टेज 4 (Stage 4)

बच्चे को स्तनपान छुड़वाने के तरीके, दूध छुड़ाने की इस प्रक्रिया में कुछ हफ्तों से 6 माह तक का समय लग सकता है और कभी कभी कुछ बच्चों को 1 साल तक का समय भी लग जाता है। इसमें सबसे ज़्यादा ज़रूरी बात यह है की आप धैर्यवान बनें रहें। जब बच्चा दिन में 1 से 2 बार स्तनपान तक अभ्यस्त हो जाता है तो दिन और हफ्ते जल्दी ही बीत जाते हैं।

नोट अपने बच्चे में स्तनपान की आदत छुड़ाते समय इस बात का बहुत गंभीरता से ध्यान रखना चाहिए की बच्चे को सही पोषण मिल रहा है या नहीं? माँ का दूध बंद करने पर उसे सही पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, तो अगर आपने स्तनपान रोक दिया है और फिर भी बच्चा ठोस आहार के साथ उचित तालमेल नहीं बिठा पा रहा है तो यह उसके स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है और उसकी सेहत और वज़न में भी कमी आ सकती है। तो जब आप स्तनपान रोक देते हैं तो लगातार बच्चे का वज़न देखते रहें, ताकि आप उसके सही पोषण के लिए सुनिश्चित रह सकें।

बच्चे को प्रोत्साहित करें (Baby led weaning)

बच्चे को स्तनपान से रोकने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना एक अन्य उपाय है जो अनेक स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा दिया जाता है। इसमें बच्चे की ज़्यादा से ज़्यादा देखभाल और उनकी भावनात्मक जरूरतों को पूरा करने पर ज़ोर दिया जाता है। इसके अलावा अगर कोई अन्य कारण नहीं हैं, जैसे दोबारा नौकरी में जाना आदि, तो आप तब तक स्तनपान करा सकतीं हैं जब तक आपका बच्चा चाहे, और इसमें कोई परेशानी भी नहीं है, चाहे आपका बच्चा 2 से 3 साल की उम्र का शिशु हो।

दूध छुड़ाने के लिए प्रोत्साहित करना बच्चे की पसंद और ज़रूरत पर निर्भर करता है इस प्रक्रिया को बच्चा खुद ही संचालित करता है। तो इस समय अगर आप चाह रहीं हैं की आपका बच्चा या बच्ची दूध छोड़ दें तो आपको उन्हें खुद प्रोत्साहित करना होगा जो इस प्रकार होता है की आप बच्चे को स्वयं बताएँगे की अब उन्हें यह छोड़ देना चाहिए। और सबसे दिलचस्प बात यह है की आप स्तनपान का प्रस्ताव देकर ही उन्हें इसे छोड़ने को कहते हैं।

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अपने बच्चे को सुलाने के कुछ असरदार तरीके

स्तनपान छुड़वाने के तरीके, अगर आपका बच्चा अभी छोटा ही है और भोजन से पोषण ग्रहण कर अपना पेट भर रहा है पर फिर भी उसकी स्तनपान की आदत अभी भी बनी हुई है तो निश्चित रूप से अब उसे रोक देना चाहिए। यह आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यह पहले भी उल्लेख किया जा चुका है की स्तनपान केवल पोषण के लिए नहीं होता जब बच्चा दूसरे भोजन पर निर्भर रहना सीखने लगे तो स्तनपान उसके भावनात्मक सहारे के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, जिसकी उसे ज़रूरत होती है।

तो, अगर आपका बच्चा भी 3 साल का हो चुका है लेकिन उसकी स्तनपान की आदत अब तक नहीं जा रही है तो, जब भी वह इसकी मांग करे तो तुरंत मांग पूरी करने के बजाए उसे थोड़ी देर बाद देने का दिलासा दें। अगर बाद में वह भूल जाए तो इस तरह एक बार का स्तनपान छूट जाता है और फिर इसी प्रक्रिया को बाद में भी दोहराएँ।

इस समय उसे अपने आस पास आपकी उपस्थिति की ज़्यादा ज़रूरत हो सकती है तो उसकी भावनाओं का सम्मान करे और उसे ज़्यादा समय दें। ऐसे बच्चे जब जल्दी ही स्तनपान छोड़ देते हैं तो बीमार पड़ने पर वे फिर से इसकी मांग करते हैं ऐसी अवस्था में उनके स्वास्थ्य और दिमागी सकारात्मकता के लिए स्तनपान अवश्य कराएं।

एक बार जब बच्चा इस उम्र में पहुँच जाता है तो उसे बताएं की अब उसे स्तनपान नहीं करना चाहिए। उसे यह भी बताएं की कैसे यह उसके दांतों को हानि पहुंचा सकता है। और उससे बाकी और भी कारण साझा करें। उम्मीद है की इससे उसे समझने में मदद मिलेगी और वो स्तनपान बंद कर देंगे।

नोट इस प्रक्रिया के दौरान हो सकता है की आपको कुछ भावनात्मक एहसास चुकाने पड़ें क्योंकि स्तनपान आपके और आपके बच्चे के बीच एक मजबूत कड़ी स्थापित करता है। पर आपके लिए यह समझना भी ज़रूरी है की इसे समय पर रोक देना अच्छा होता है जो सेहत के लिए भी ज़रूरी है और साथ ही आपको यह नहीं सोचना चाहिए की स्तनपान रोक देने से बच्चा आपसे दूर हो जाता है। बच्चे के साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय गुजारिए, स्थिति अपने आप सामान्य हो जाएगी।

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