Home remedies for sore breast – पीड़ादायी स्तनों के लिए घरेलू उपचार

स्तन प्रत्येक महिला के शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह एक ऐसा अंग है जो महिलाओं को पुरुषों से अलग बनाता है। शरीर के अन्य अंगों की तरह ही स्तन को भी स्वस्थ और कई तरह की समस्याओं से बचाया जा सकता है। उचित मात्रा में सही आहार ना लेने से और शरीर को ज़रूरी प्रोटीन तथा विटामिन्स ना मिलने की अवस्था में महिलाओं को स्तनों में पीड़ा की समस्या से गुज़रना पड़ता है।

गर्भधारण के दौरान जब किसी महिला के शरीर में बच्चे को दुग्धपान कराने के लिए अंदर प्रक्रिया चलने लगती है तब कई बार देखा गया है की उन्हें इस तरह के दर्द से गुजरना पड़ता है। इसे और भी आसानी से तब पहचाना जा सकता है जब स्तन से अल्प मात्रा में तरह पदार्थ का स्त्रावण होता है। कभी कभी स्तन में दर्द का मुख्य कारण होर्मोन्स की वजह से भी होता है। इस समस्या का घरेलू दवा, तेल और कुछ तरह के विटामिनों की मदद से घरेलू उपचार संभव है।

जो स्तनों से तरल को रोकते हैं और उन्हें दर्दरहित बनाते हैं। ये प्राकृतिक उपाय सरल और सुरक्षित हैं। शरीर के अन्य अंगों की तरह ही स्तनों को स्वस्थ रखने के लिए उनमें रक्त का संचरण सही तरीके से होना आवश्यक होता है और यह देखा गया है की कुछ प्राकृतिक तेलों से स्तनों पर अच्छी मसाज की जाए तो वे स्वस्थ रहते हैं। तो आइये कुछ ऐसे ही प्राकृतिक उपायों को जानें जो पीड़ादायक दर्द से राहत दिला सकते हैं।

पीड़ादायक स्तन बहुत सी महिलाओं में सामान्य रूप से देखी जाने वाली समस्या है। मासिक धर्म के दौरान भी इसे महसूस किया जाता है। इसमें दर्द के साथ बेचैनी और भारीपन का एहसास होता है। इनके साथ ही यह समस्या प्रेग्नेंसी, मेनोपोज़ और दूध पिलाने वाली माओं को भी होती है।

स्तन में होने वाले इस प्रकार के दर्द को दो प्रकार में बांटा गया है। पहला चक्रीय (Cyclical), इसमें मासिक धर्म के दौरान दर्द लगातार कम और ज़्यादा होता रहता है। इसका मुख्य कारण प्रेग्नेंसी या मासिक धर्म के दौरान होर्मोंस में परिवर्तन होता है।

और दूसरा अचक्रीय (Non-cyclical), जिसमें स्तन दर्द मासिक धर्म के दौरान एक जैसा ही रहता है। यह समस्या और भी कई बातों से जुड़ी हो सकती है जैसे, किसी दुर्घटना की वजह से स्तन का आकार, पुट्टी या कुछ और। कभी –कभी यह दर्द शरीर में फैटी एसिड के असंतुलन, गलत साइज़ की ब्रा या मासिक धर्म की वजह से भी होता है।

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टिप्स और उपाय से अपनी रिलेशनशिप को मजबूत बनाएँ

पीड़ादायी स्तनों के लिए घरेलू उपचार (Home remedies for sore breast – breasts mai sujan)

जैतून के तेल की मालिश (Olive oil massage)

आपको अपने व्यस्त दिनचर्या से थोड़ा समय अपने स्तनों की अच्छी सेहत के लिए निकालना होगा। स्तनों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक रूप से इन पर जैतून के तेल से मालिश करनी चाहिए। नियमित रूप से नहाने के पहले अपनी हथेली में कुछ मात्रा में जैतून के तेल की लेकर उसकी मालिश स्तन दर्द से राहत देती है। निप्पल के अलावा पूरे हिस्से में इसकी मसाज करनी चाहिए। अपने सीने के मध्य भाग से शुरू करते हुये सर्कुलर मोशन में मसाज कीजिये अब अपने बाएँ हाथ की ओर वाले हिस्से पर सर्कुलर मोशन (circular motion) में मसाज कीजिये। यह आपके शरीर में रक्त के प्रवाह को जल्दी से बढ़ा देता है। जिससे दर्द में राहत मिलती है।

बर्फ से स्तन की सूजन का उपचार (Ice)

अगर आपके स्तनों में सूजन आ रही हो तो बर्फ से बहुत आराम मिलता है। आप किसी तौलिये या किसी कपड़े में बर्फ के टुकड़ों को लेकर इसकी मसाज ले सकते हैं। या बर्फ की थैली बनाकर सूजे हुये स्थान पर इसकी ठंडी सेंक लेने से भी आराम मिलता है। इसे बहुत धीमे धीमे और हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में घूमा कर मसाज करनी चाहिए।

स्तन की सूजन का इलाज सोयाबीन से (Soya)

सोयाबीन में फाइटोस्ट्रोजिन (Phytoestogen) उपस्थित होता है यह एक ऐसा होर्मोन है जो शरीर के हार्मोन्स के उतार चढ़ाव को संतुलित करता है। बहुत बार देखा जाता है की स्तन में दर्द का कारण होर्मोन का असंतुलन है, तो आपको अपने स्तनों को स्वस्थ रखनें के लिए उचित मात्रा में सोया से बने पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

मिथाइल सम्मिश्रित पदार्थों से बचना चाहिए (Restricts Methylxanthine)

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यह कैफीन (caffeine) के साथ थियोब्रोमीन (theobromine) और थियोफिलिन (theophyline) का सम्मिलित रूप होता है, जो चाय, कॉफी, बीयर, चीज़, मशरूम, वाइन, चॉकलेट और पिनट बटर में पाया जाता है। तो अगर आप स्तन में पीड़ा की समस्या से तकलीफ में हैं तो आपको इन सब चीजों से परहेज रखना चाहिए।

स्तनों की पीड़ा दूर करें विटामिन बी6 और E (Vitamin B6 and E to reduce breast pain)

अगर आप अपने आहार में विटामिन बी 6 और विटामिन ई का नियमित प्रयोग करते हैं तो स्तनों में पीड़ा की समस्या कम होती है। आपको अपने भोजन में संतुलित मात्रा में इन तत्वों का सेवन करना चाहिए। बहुत से फलों में विटामिन बी 6 और विटामिन ई पाया जाता है। इसके साथ ही कई प्रकार के अनाज जैसे गेंहू आदि के अलावा  आवाकेडो और पालक में भी भरपूर मात्रा में इनकी उपस्थिति होती है। बाज़ार से खरीदकर इनके नियमित सेवन से आप पीड़ादायी स्तनों की समस्या से मुक्त हो सकते हैं।

स्तन के दर्द को कम करे रेशेदार चीज़ें (Use of fiber to get rid of sore breasts)

स्तनों से संबन्धित किसी भी तरह की समस्या से दूर रहने के लिए आपको अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में रेशेदार खाद्य पदार्थों का उपयोग करना बहुत ज़रूरी है। प्राकृतिक रूप से रेशे खासकर फलीदार सब्जियों जैसे काले बीन्स आदि में पाये जाते हैं, इनके अलावा कुछ अन्य सब्जियों और फलों में भी रेशे प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं। ये प्राकृतिक रेशे हर तरह के स्तन संबंधी तकलीफ़ों को कम करते हैं।

स्तन की पीड़ा कम करता है सोडियम उचित का सेवन (Intake of sodium)

कुछ लोग सोडियम ग्रहण करने के उद्देश्य से ज़रूरत से ज़्यादा मात्रा में नमक का इस्तेमाल करते हैं पर हमेशा याद रखें कि, आवश्यकता से ज़्यादा नमक शरीर के लिए नुकसान दायक होता है शोध में यह पाया गया है कि ज़रूरत से ज़्यादा सोडियम (sodium) का सेवन स्तन में सूजन को बढ़ा सकता है। इसीलिए सलाह दी जाती है कि सोडियम का संतुलित मात्रा में ही सेवन उचित होता है।

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मालिश के द्वारा करे इलाज (Self massage to reduce breast pain)

आप अपने हाथों से मसाज द्वारा स्तनों कि पीड़ा को कम कर सकते हैं । मसाज (massage) से शरीर के अंगों में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है जो दर्द के एहसास को कम करता है। नहाने के बाद आप मसाज कर सकते है या सबसे बेहतर जैतून तेल (olive oil) कि मालिश होती होती है। जैतून के तेल को हल्का गरम कर दिन में दो बार इसकी मालिश से स्तनों की पीड़ा कम होती है। इसके अलावा आप इस गेंहू के छिलके (wheat germ oil) से बने तेल के साथ मिलाकर भी प्रयोग में ला सकते हैं। इसके रोजाना प्रयोग से आपके स्तन स्वस्थ और दर्दरहित होते हैं।

स्तनों के दर्द को दूर करने के लिए पत्तागोभी का प्रयोग (Cabbage leaves for prevent sore breast)

पीड़ादायी स्तनों के उपचार में पत्तागोभी के प्रयोग को बहुत असरकारी पाया गया है। पत्तागोभी के पत्तों को साफ कर उसे अपने स्तन के आस पास अच्छी तरह ढककर एक साफ सूती कपड़े से बांध लें। खासकर स्तनों के लिए पत्तागोभी के पत्तों में दर्दनिवारक क्षमता होती है।

ईवनिंग प्रिमरोज ऑइल करें प्रयोग (Evening primrose oil)

स्तनों की सूजन (satano ki sujan) को कम करने के लिए यह सबसे बेहतर उपाय है , अगर आपके स्तनों में दर्द की शिकायत है तो आप नियमित रूप से इसका प्रयोग कीजिये, इस ऑइल में एक ऐसा तत्व होता है जो शरीर में असंतुलित होने वाले होर्मोंस (hormons) को संतुलित करता है जिसकी वजह से स्तन में होने वाला दर्द कम होता है। ऐसे लोग जिन्हें मिर्गी (Epilepsy) के दौरे आते हैं उन्हें इसकी मालिश नहीं लेनी चाहिए साथ ही वे महिलाएँ जो गर्भवती हैं, उन्हें भी इस तेल की मालिश से बचना चाहिए।

स्तनों के स्वास्थ्य के लिए निर्गुण्ठी का प्रयोग (Use of Chaste berry in breast pain)

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निर्गुण्ठी  (chaste berry) एक औषधीय तत्व है जो मुख्य रूप से स्तन में होने वाली चक्रीय (cyclical) पीड़ा पर असर करता है। यह हर्बल औषधि पिट्यूटरी ग्रंथि (pituitary gland) से होने वाले प्रोलेक्टीन (prolactin) के स्त्राव को रोकती है जो मासिक धर्म के दौरान होने वाले स्तन के सूजन और दर्द से संबन्धित है। निर्गुण्ठी अर्क (extract) और तरल (liquid) दोनों ही अवस्था में उपलब्ध होती है। इसे कुछ महीनों तक लगातार सुबह के समय पानी के साथ लेना लाभकारी होता है।

सिंहपर्णी का प्रयोग दर्दकारक स्तनों के उपचार में (Use of Dandelion in sore breasts)

प्राकृतिक उपचार में इस औषधि के प्रयोग का उल्लेख मिलता है, स्तनों के दर्द और सूजन को कम करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। इसमें उच्च मात्रा में पोटेशियम की उपस्थिति होती है जो अतिरिक्त तरल पदार्थ को साफ करने में मदद करता है तथा शरीर के जल धारण की क्षमता को बेहतर रखता है। यह स्तनों के दर्द को कम करने में सहायक होता है। सिंहपर्णी की जड़ को सूखा कर उसे पानी में उबाल लीजिये। अब इसे छानकर पानी से अलग कीजिये। अब इस में शहद (honey) की कुछ बूंदें मिलकर हर्बल टी (herbal tea) के रूप में दिन में तीन बार लें।

सौंफ के सेवन से पीड़ादायी स्तन से मिलती है राहत (Fennel seed to get rid of painful breast)

मासिक धर्म के दौरान होने वाले स्तनों की पीड़ा में सौंफ (fennel)के सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। यह शरीर में होर्मोंस के बदलाव को संतुलित रखने में मदद करता है और साथ की शरीर की जलधरण क्षमता को भी सुचारु रखता है। सौंफ शरीर से टॉक्सिन (toxin) को निकाल कर इसे भीतर से सुरक्षित करता है। सौफ के दानों से चाय बनाकर दिन में 3 बार पीने से इस समस्या में राहत मिलती है।

पीड़ादायी स्तनों को आराम देता है सेब का सिरका (Apple cider vinegar)

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सेब के सिरके (apple cider vinegar) में बहुत से गुण होते हैं पर यह स्तनों में होने वाले दर्द को कम करने के लिए भी लाभकारी होता है। यह शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है और शरीर के अंदर हो रहे होर्मोंस के बदलाव को संतुलित कर शरीर को राहत देता है। सेब के सिरके को हल्के गरम पानी के साथ मिला लीजिये अब इसमें थोड़ा सा शहद मिलकर दिन में 2 से 3 बार पीने से स्तनों में दर्द की समस्या से राहत मिलती है।

मैग्नेशियम कम करता है स्तनों का दर्द (Magnesium)

यह एक मुख्य पोषक तत्व है जो मासिक धर्म के दौरान होने वाले स्तनों में दर्द को कम कर राहत देता है। यह शरीर में तरल पदार्थों के स्त्रावन को बचा कर शरीर की सुरक्षा करता है। इसके उपयोग से स्तन की सूजन भी कम होती है।

सोया की मदद से पीड़ादायी स्तनों से बचाव (Soya for good health of breasts)

सोया (soy) एक बहुपयोगी पोषक तत्व है जो सोया मिल्क, सोयाबीन्स और सोया बर्गर में पाया जाता है। स्तनों के स्वास्थ्य की दृष्टी से सोया को बहुत लाभकारी माना जाता है। सोया में ऐसे गुणकारी तत्वों की बहुलता होती है जो स्तन के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं।

स्तनों के दर्द को कम करने में उपयोगी है आयुर्वेद (Corn silk, uva ursi and buchu)

स्तनों की पीड़ा (satan ka dard) को कम करने के लिए आयुर्वेद से बेहतर कुछ भी नहीं है। प्रकृति द्वारा प्राप्त औषधियों की मदद से स्तन के दर्द का सुरक्षित इलाज संभव है। मकई रेशम (corn silk), मंजानिता (manzanita) और अग्थोस्मा (bearberry) कुछ ऐसी जड़ी बूटियाँ हैं जो स्तन सूजन, स्तनों के दर्द को दूर करने में आयुर्वेद के ज्ञानियों द्वारा अपनाई जाती है।

अलसी के बीज़ दूर करे स्तनों का दर्द  (Flax seeds prevent sore breast)

अलसी (flax) के बीजों के नियमित सेवन से कम समय में स्तन का दर्द दूर होता है। इन बीजों को पीसकर आइसक्रीम, फ्रूट जूस और दही के साथ लिया जा सकता है। तो अगर आप इन्हें कच्चा खाना पसंद नहीं करते तो इन सब के साथ मिलाकर खाने से इसके स्वाद से भी बच जाते हैं और इससे होने वाले लाभों को भी प्राप्त कर सकते हैं।

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