Causes for bleeding in 4th month of pregnancy? – गर्भावस्था के चौथे महीने में रक्तस्राव के कारण

गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव कई नई माताओं की सामान्य समस्या है। परिवार के सदस्यों के साथ साथ गर्भवती स्त्री गर्भावस्था के दौरन हर एक स्तर पर चिंतित रहती है। गर्भावस्था के दौरन रक्तस्राव इस चिंता का एक कारण होता है। इस क्रम में कुछ औरतें गर्भपात का अंदाज़ा लगा लेती हैं। हर गर्भवती स्त्री को गर्भावस्था के प्रारम्भिक महीनों में सतर्क रहना चाहिये। लेकिन, कभी-कभी बहुत सारी सावधानियाँ अपनाने के बाद भी कई स्त्रियाँ रक्तस्राव से जूझती है। रक्तस्राव के बाद डॉक्टर विभिन्न कारण बताते है। जीवन में पहली बार गर्भवती हुई स्त्री के शरीर में गर्भावस्था के प्रारम्भिक महीनों में कई शारीरिक बदलाव होता है। जो पहले कुछ महिनों के दौरान रक्तस्राव का कारण हो सकता है।

गर्भावस्था के दौरान योनि से खून निकलने के कई कारण हो सकते हैं। कई महिलाओं को यह समस्या पहली तिमाही के चक्र के दौरान होती है। अगर जुड़वा बच्चे पैदा हो रहे हों तो रक्त निकलना काफी सामान्य माना जाता है। योनि से खून निकलना गर्भपात की निशानी भी मानी जा सकती है। इस समय यही अच्छा होगा कि आप डॉक्टर से इलाज करवा लें। यह चौथे से 9वें महीने के बीच हो सकता है।

रक्त निकलने के कुछ सामान्य कारण जैसे योनि की अंदरूनी परीक्षा के दौरान चिडचिडापन या फिर संभोग के फलस्वरूप समस्या खुद ब खुद ही जल्दी ठीक हो जाते हैं। गर्भनाल की चिकित्सा के बाद भी रक्तस्त्राव हो सकता है। निम्नलिखित कारणों की वजह से रक्तस्त्राव हो सकता है : –

गर्भावस्था के दौरान रक्त चाप को नियंत्रित करने का घरेलू उपाय>

  • गर्भपात
  • वासा प्रेविया (vasa previa)
  • प्लेसेंटा में समस्या (abruptio placentae)
  • लेबर (labor) का जल्दी होना
  • गर्भनाल में संक्रमण
  • सर्वाइकल पोलिप (cervical polyp)
  • अस्थानिक (ectopic) गर्भावस्था
  • संभोग के दौरान गर्भनाल को क्षति पहुँचना
  • रक्तस्त्राव के मुख्य कारण (prime reasons for bleeding)

गर्भावस्था में रक्तस्राव – रक्तस्राव के प्रमुख कारण (Prime reasons for bleeding)

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य – सेरविक्स(ग्रीवा) की समस्यायें (Complications in cervix)

गर्भावस्था के दौर से गुजर रही औरत की सेरविक्स बहुत ही संवेदनशील होती है। सेरविक्स में होने वाला बदलाव समस्या के लिये एक कारण हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के तीसरे माह में होने वाला अधिकतर रक्तस्राव सेरविक्स समस्या के कारण होता है। सभी गर्भवती स्त्रियों को स्त्रीरोग विशेषज्ञ से सम्पर्क करना चाहिये, अगर वह दाग और सेरविक्स में जलन के साथ रक्तस्राव पाती है। अगर आपकी सेरविक्स अक्षम है तो यह भी रक्तस्राव का कारण हो सकती है। सेरविक्स में अनियमितता रक्तस्राव के लिये अन्य कारण हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान अपनी खूबसूरती और अपनी देखभाल

गर्भावस्था में देखभाल – चिकित्सकीय परीक्षण (Medical examination)

Laboroflove.com के अनुसार, स्त्री जननांग का चिकित्सकीय परीक्षण गर्भावस्था के प्रथम चरण के दौरान रक्तस्राव का कारण हो सकता है। यद्यपि गर्भावस्था के समय स्त्री जननांग का परीक्षण सुरक्षित होता है, फिर भी बहुत सी स्त्रियां परीक्षण के तुरंत बाद रक्तस्राव के कष्ट को झेलती है। कुछ स्त्रियां समय अधिक लेती है, अगले दिन तक खून बहता है। अगर रक्तस्राव रंग में हल्का भूरा है और हल्का बहाव हो तो स्त्रियों को चिंता नहीं करनी चाहिये। लेकिन, अगर इसका उल्टा होता है तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाये।

गर्भावस्था की समस्याएँ – गर्भपात (Miscarriage – pregnancy main bleeding hona)

गर्भावस्था के दौरान भारी मात्रा में रक्तस्राव से पीड़ित स्त्रियों में गर्भपात का लक्षण हो सकता है। गर्भावस्था के चौथे महीने के दौरान, पेट में ऐंठन और भारी मात्रा में रक्तस्राव गर्भपात का कारण हो सकता है। आपको नियमित रूप से घाव, संक्रमण, निर्जलीकरण इत्यादि की स्थिति का पता लगाने के लिये, जो गर्भपात का परिणाम होता है, अल्ट्रासाउण्ड कराने जाना चाहिये। गर्भपात के बाद दवा का प्रयोग आवश्यक है और पूरा आराम करें। गर्भपात के बाद स्त्री शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से तनाव और उदासी में रहती है। एक गर्भवती स्त्री का अक्षम गर्भ भी गर्भपात का कारण हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान आपको अपनी शारीरिक स्थिति को अपने साथी और परिवार के सदस्यों से कभी छुपाना नही चाहिये। गर्भावस्था केवल आपके लिये ही महत्वपूर्ण नहीं है, यह आपके परिवार के सभी सदस्यों से जुड़ा हुआ मामला है। अत: अपनी गर्भावस्था के दौरान आप किसी भी अनियमितता से गुजरती है, तो यह आवश्यक होगा कि आप तुरंत डॉक्टर को दिखायें। गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित स्त्री को नियमित जांच द्वारा कारण का निदान करना बुद्धिमानी होगी। अपने गर्भवस्था के तीसरे महीने में होने वाले रक्तस्राव प्रकार के अनुभव को अपने डॉक्टर से अवश्य कहें।

प्लेसेंटा पर्विया (Placenta previa)

चौथे महीने की गर्भावस्था के समाप्त होने की स्थिति में प्लेसेंटा का जन्म होता है। प्लेसेंटा गर्भनाल को ढककर रखता है। इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं, जैसे पिछली गर्भावास्थाओं की वजह से गर्भाशय को क्षति पहुँचना, माँ बनने की उम्र 35 से ज़्यादा की होना, फाइबरोइड्स (fibroids) तथा धूम्रपान। इससे पेट में दर्द हुए बिना चमकीले लाल रंग का रक्त निकलता है। जैसे ही आपको इसका अहसास हो तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। यह आपके चिकित्सकीय इतिहास, गर्भावस्था के समय और भ्रूण के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

गर्भावस्था के दौरान हृदय रोग को कैसे संभाले करें?

प्लेसेंटा की समस्या (Placental abruption)

रक्तस्त्राव का एक कारण प्लेसेंटा की समस्या भी हो सकती है। इस स्थिति के दौरान प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार से अलग हो जाता है, हालांकि कई बार यह पूरी तरह से अलग नहीं होता। रक्तस्त्राव से यह पता चलता है कि प्लेसेंटा का कितना अंश गर्भाशय से अलग हुआ है। इस समस्या के मुख्य कारणों में पिछली गर्भावस्था के दौरान कोई समयसा उत्पन्न होना, उच्च रक्तचाप, एक से ज़्यादा बच्चे का जन्म होना या धूम्रपान आते हैं। इस स्थिति का कोई उपचार या नियंत्रण उपाय नहीं है। जैसे ही आपका रक्तस्त्राव हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें। भारी मात्रा में हेमरेज (hemorrhage) की स्थिति में रक्त प्रदान करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

गर्भावस्था के दौरान अपनी स्थिति अपने साथी या परिवारजनों से ना छिपाएँ। गर्भावस्था का समय ना सिर्फ आपके लिए, बल्कि आपके आसपास के लोगों के लिए भी बड़ा महत्वपूर्ण होता है। अतः अगर आपको गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की समस्या का अहसास होता है तो अपने डॉक्टर से तुरंत सलाह करें। इस सम निरंतर जांच से इस समस्या का निराकरण किया जा सकता है। अपने डॉक्टर से गर्भावस्था की तिमाही के दौरान होने वाले रक्तस्त्राव के प्रकार के बारे में बातचीत करें।

योनि से रक्तस्त्राव होने के घरेलू नुस्खे (Home remedies for vaginal bleeding)

  • जब तक आपको डॉक्टर की दोबारा अनुमति ना मिल जाए, तब तक संभोग की प्रक्रिया को शुरू करने से बचें।
  • अगर रक्तस्त्राव और मरोड़ें उठने की प्रक्रिया काफी दर्दनाक और गंभीर है तो काफी मात्रा में द्रव्य ग्रहण करें।
  • गर्भावस्था के समय के दौरान कामकाज कम करें। हो सके तो घर पर गर्भावस्था की पूरी अवधि के दौरान विश्राम करने का प्रयास करें।
  • घर में चहलकदमी करें या फिर हल्का कामकाज करें।
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