Blood test to diagnose depression – अवसाद (डिप्रेशन) की जांच के लिए खून की जांच

हाल ही में नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं द्वारा किये गए एक शोध के मुताबिक़ अपने शुरूआती समय में तनाव का पता खून के जांच के परीक्षणों से लगाया जा सकता है। यह शोध पत्र ट्रांसिशनल साइकिएट्री में भी छपा है। शोधकर्ताओं द्वारा किये गए शोध के मुताबिक़ ३२ मरीज़ जो कि ज्ञात चिकित्सा जांचों द्वारा तनाव के शिकार मान लिए गए थे और अन्य ३२ लोग जिन्हें तनाव की कोई समस्या नहीं थी, परीक्षण के लिए चुने गए। उनका खून इकट्ठा किया गया और ९ बायो मार्कर्स की सहायता से उनकी जांच की गयी। ये बायो मार्कर्स तनाव की जांच करने के लिए बनाए गए थे।

अवसाद का इलाज, इस शोध के आधार पर ना सिर्फ शोधकर्ताओं को बायो मार्कर द्वारा रक्त जांच से तनाव के शिकार लोगों को चुनने में सहायता मिली, बल्कि इससे उन्हें अगले १८ हफ़्तों तक मार्कर में आने वाले परिवर्तनों के गहन निरीक्षण का भी मौका मिला। इस अवधि के दौरान मरीज़ों को कॉग्निटिव बिहेवियरियल थेरपी दी जा रही थी।

तनाव दूर करने के कारगर उपाय

इस कार्य में जुटे अन्य अनुभवी लोगों का यह मानना है कि जो चिकित्सकीय परिक्षण तनाव की स्थिति का पता लगाने के लिए मरीज़ों का किया जा रहा है वह तनाव की स्थिति जानने का काफी तेज़ एवं काफी आसान तरीका है। डिप्रेशन का इलाज, यह शोध काफी फायदेमंद साबित हुई है क्योंकि इससे आम मनुष्यों और डॉक्टरों को किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति का पता लगाने में आसानी होगी। इसके अलावा इस स्थिति से यह भी पता लगाया जा सकता है कि कॉग्निटिव बिहेवियरियल थेरपी के द्वारा मरीज़ की अवस्था में किस प्रकार से सुधार हुआ है।

डिप्रेशन के उपाय, क्योंकि इस तरह के परीक्षण इस दिशा में पहला कदम है, जैसा कि नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में हुए शोध के एक शोधकर्ता का मानना है, तो इससे डॉक्टरों को काफी फायदा होगा क्योंकि इससे उन्हें उपचार का अपने मरीज़ पर हो रहे असर का सही प्रकार से पता चलेगा।

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