Tips in Hindi to calculate the most fertile days in women – महिलाओं के फर्टाइल दिनों की गणना करने के तरीके, जानें गर्भाधान का श्रेष्ठ समय

ओव्यूलेशन (Ovulation) के समय के दौरान सेक्स करना गर्भवती होने के लिए काफी आवश्यक है। मैच्योर अंडे को गर्भाशय से निकालने की प्रक्रिया को जो नाम दिया गया है, उसे ओव्यूलेशन या डीम्बोत्सर्जन कहते हैं। ज़्यादातर महिलाओं के लिए ये प्रक्रिया महीने में एक ही बार होती है। अगर एक महिला के पीरियड्स काफी जल्दी जल्दी और नियमित अंतराल पर आते हैं तो उसकी ओवुलेशन की प्रक्रिया के बारे में पता लगाना काफी आसान कार्य होता है।

गर्भधारण करने के लिए किसी भी महिला को एक बेहतर समय की ज़रूरत होती है अगर उस समय में संबंध बनाये जायें तो गर्भ ठहरने की संभावना अधिक रहती है. महिलाओं में कुछ खास दिनों में सम्भोग करने पर गर्भावस्था प्राप्त हो सकती है, इसके लिए माहवारी या मासिक धर्म के दिनों पर ध्यान देना सबसे ज़रूरी है. अगर आपके पीरियड्स नियमित हैं तो आप आसानी से दिनों की गणना कर गर्भावस्था के लिए उपयुक्त समय का लाभ ले सकती हैं, पर असली समस्या उन महिलाओं के लिए आती है जिनके पीरियड्स नियमित अंतराल पर नहीं होते। अतः उनके लिए ओवुलेशन के समय का पता लगाना काफी कठिन होता है। परन्तु यह कार्य नामुमकिन भी नहीं है। जिन महिलाओं के पीरियड्स अनियमित रूप से होते हैं, वे भी गर्भवती होती हैं। आप अपने सबसे फर्टाइल दिनों के बारे में जानने के लिए किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynecologist) से मिलने के बारे में सोच सकती हैं।

फर्टाइल दिनों के बारे में जानने के तरीके (Ways to find out fertile days)

आखिरी पीरियड का पहला दिन नोट करना (Marking first day of last period hai pregnant hone ka sahi samay)

गर्भधारण करने का सही समय

पिछले महीने हुए पीरियड के पहले दिन की तारीख को नोट करके रखना आपके लिए काफी अनिवार्य है। अगर आपको ये तिथि याद नहीं है तो इस दिनांक को किसी डायरी में लिख लें या फिर अपने कैलेंडर में उस तिथि को गोलाकार मुद्रा बनाकर दर्शाएं। इस पद्दति की मदद से आपको अपने ओवुलेशन के समय के बारे में एक अच्छा खासा अंदाज़ा हो जाएगा। कई अफवाहों के अनुसार हर महिला अपने मासिक धर्म (menstrual cycle) के दो हफ्ते के बाद ओवुलेशन की प्रक्रिया को संपन्न करती है। परन्तु यह तथ्य सही नहीं है क्योंकि यह हर महिला के ऊपर लागू नहीं होता। एक महिला का साइकिल 4 हफ़्तों का होता है और यह समय उसके असल पीरियड के शुरू होने के दिन से दो हफ़्तों के बाद शुरू होता है।

गर्भधारण का सही समय के लिए तापमान का ध्यान रखना (Monitoring temperature se pregnant hone ke upay hindi)

अगर आप गर्भवती होती हैं तो आपके शरीर का तापमान भी बदल जाता है। यह काफी आवश्यक है कि एक गर्भवती महिला के बिस्तर से उठते ही आप उसके शरीर के तापमान की जांच करें। इस तरह शरीर का तापमान जानने की पद्दति को बैसल बॉडी टेम्परेचर कहा जाता है। परन्तु अगर आप बीमार हैं या बुखार से पीड़ित हैं तो गर्भावस्था को जांचने की यह विधि ठीक से काम नहीं करेगी। आपके ओवुलेशन की प्रक्रिया शुरू करने के कुछ मिनट पहले से ही आपके शरीर के बैसल तापमान में गिरावट आने लगती है। परन्तु जैसे ही आप ओवुलेट करती हैं, तो आपके शरीर का तापमान करीब आधी डिग्री तक बढ़ने की काफी संभावना होती है। यह काफी आवश्यक है कि आप अपने सामान्य रहने के समय से लेकर अपने ओवुलेशन के समय तक होने वाले परिवर्तनों को अच्छे से नोट करके रखें, जिससे कि आपको अपनी गर्भावस्था की असल स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।

गर्भ धारण करने का उचित समय के लिए सर्वाइकल म्यूकस की जांच करें (Checking cervical mucus se jaldi pregnant hone ke tips in hindi)

गर्भधारण के लिए बचे दिनों की गणना

अपने सर्वाइकल म्यूकस की जांच करना भी अत्यंत आवश्यक है। जैसे ही आपके शरीर में ओवुलेशन की प्रक्रिया होती है तो आपकी गर्भाशय ग्रीवा (cervix) से काफी ज़्यादा मात्रा में म्यूकस निकलने की संभावना बढ़ जाती है। इस प्रक्रिया के पहले शायद आपके सर्विक्स से साफ़ और पारदर्शी म्यूकस निकलता है, परन्तु ओवुलेशन की प्रक्रिया में आ जाने के बाद आपका म्यूकस ज़्यादा चिपचिपा (slippery), गाढ़ा तथा सफ़ेद रंग का हो जाता है। आपके शरीर से निकलने वाले इस गाढ़े म्यूकस के ज़रिये आप अपनी गर्भावस्था की स्थिति को काफी अच्छे से जांच सकते हैं।

प्रेग्नेंट होने के लिए क्या करें, प्रेडिक्टर किट का प्रयोग (Using a predictor kit se grabvati hone ka sahi samay)

जैसे जैसे औषधि विज्ञान तथा बायोलॉजिकल टेस्ट की पद्दति की तकनीकों में निरंतर रूप से सुधार हुआ है, वैसे वैसे इस बात का पता लगाना काफी आसान हो गया है कि आप गर्भवती हैं या नहीं। आप आसानी से एक ऐसी किट दवाई की दुकान से खरीद सकती हैं जो कि आपके ओवुलेशन के होने की प्रक्रिया के बारे में आपको पहले से ही आगाह कर देती है। दवाई की दुकान से यह किट खरीदने के लिए आपको किसी प्रकार के प्रिस्क्रिप्शन की ज़रुरत नहीं पड़ती। इस ओवुलेशन प्रेडिक्टर किट को प्रेगनेंसी डिटेक्शन किट के नाम से भी जाना जाता है। मूत्र के सैंपल की मदद से यह पता लगाया जाता है कि कोई महिला गर्भवती है या नहीं। ओवुलेशन प्रेडिक्टर किट में दर्शाए गए परिणामों को लेकर आप आश्वस्त हो सकती हैं, क्योंकि इनके सही होने का अनुमान 99 प्रतिशत से कम नहीं होता।

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