Precautions taken to breast feed babies – माँ को बुखार होने पर बच्चों को स्तनपान देते समय की सावधानियाँ

चूँकि माँ को अपने शिशु के स्वास्थय की हमेशा चिंता होती है वह खुद बीमार होने पर भी उसे अपने बच्चे को स्वस्थ रखने की इच्छा होती है। मौसम में बदलाव के कारण लोग बीमार हो जाते हैं। उसी तरह नवजात शिशु की माँ भी बुखार से पीड़ित हो सकती है। क्या इस समय बच्चे को स्तनपान देना उचित होगा? संशोधकों के अनुसार ऐसी बहुत ही कम बीमारियाँ हैं जो माँ के दूध द्वारा बच्चे तक पहुँच सकती हैं।

मातृत्व जानकारी – माँ के दूध से कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता (No side effects of breast milk)

माँ को खुद बुखार होने पर भी वह शिशु को स्तनपान करा सकती है। माँ के दूध में कीटाणु से मुकाबला करनेवाले घटक होने के कारण शिशु सुरक्षित रहता है। बुखार कम करने के लिए माँ अगर दवाई लेती हैं तो उसका असर माँ के दूध द्वारा शिशु पर भी दिख सकता है।

ऐसी दवाई लेने के बजाय अगर बुखार दूर करने के लिए अदरक, तुलसी और शहद से बना काढ़ा लें तो बच्चे पर दूध का कोई असर नहीं होगा। ऐसी और कई प्राकृतिक औषधियां हैं जो बुखार कम करने में मदद करती हैं।

स्तनपान के लाभ – बुखार के दौरान स्तनपान रोकने का असर (Effect of stopping breast feeding during fever)

कुछ माएं बुखार होने पर स्तनपान पूरी तरह से बंद कर देती हैं और तेज दवाइयां लेना शुरू कर देती हैं। ऐसा करने से लाभ नहीं होता बल्कि नुकसान ही होता है। उन्हें स्तन के सुजन की समस्या हो सकती है। ज्यादा दिनों तक स्तनपान बंद करने से स्तनों में दूध निर्माण होना कम हो जाता है। कोई भी दवाई लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। शिशु को पहले ६ महीने स्तनपान कराना अत्यंत आवश्यक होता है। उसके शरीर की प्रतिकार शक्ति इसी दूध से बनती है।

स्तनपान कराने वाली माँ – आपकी बिमारी के दौरान बच्चे को सुरक्षित रखने की सावधानियां (Precaution for keeping your baby safe during illness)

बुखार होना शरीर में कोई संक्रमण होने का नतीजा होता है। बच्चे के आसपास रहने से थोड़ी सावधानियां लेना जरुरी होता है।

  • शिशु को छूने से पहले हाथों को गरम पानी और कीटाणुरोधक साबुन से धो लें।
  • अगर आप खुद की सफाई के लिए टिश्यू इस्तेमाल करती हो तो इस्तेमाल के बाद उन्हें सीधे कूड़े में फेक दें।
  • खाँसने या छींकने से पहले अपना मुंह रुमाल से ढंक लें।
  • आप बीमार हो तब शिशु को न चूमे।

ऐसी बीमारियाँ जब स्तनपान कराना शिशु के लिए सुरक्षित होता है (Type of illness when baby is safe)

जब माँ को साधारण बिमारी जैसे खाँसी, बुखार, फ्लू और स्तनों में सुजन हो तब स्तनपान देना सुरक्षित होता है। पर आपको डॉक्टर को ये बताना जरुरी है की आपका दूध पिता शिशु भी है। ऐसा करने से डॉक्टर माँ और शिशु दोनों को सुरक्षित ऐसी ही दवाई देंगे।

बच्चों को बाहरी दुनिया से काफी ख़तरा रहता है। उनके माँ बाप उन्हें हर मुसीबत से बचाकर रखते हैं जिससे कि उन्हें कोई संक्रमित बीमारी या चीज़ छू ना पाए। हर बच्चे के लिए माँ की गोद सबसे आरामदायक स्थान होती है। इसके अलावा एक शिशु को माँ के द्वारा स्तनपान करवाने से भी काफी सुख प्राप्त होता है। पर क्या आपने कभी ये सोचा है कि अगर माँ बीमार हो जाए तो बच्चे का क्या होता है ! ऐसी स्थिति में बच्चा भी बीमारी से ग्रस्त हो सकता है। एक बच्चा अपने माँ की साँस से भी संक्रमित हो सकता है। यहाँ तक कि त्वचा की छुअन से भी बच्चे संक्रमित हो सकते हैं। नीचे कुछ ऐसे बचाव उपाय दिए गए हैं जिनका पालन उन माओं को करना चाहिए जो बीमार हैं तथा जिनके बच्चों की उम्र स्तनपान की हो।

बीमार और स्तनपान करवाने वाली माओं के लिए बचाव उपाय (Precautions taken by breast fed mother when she is sick)

स्तनपान के समय के बचाव उपाय (Precautions for breast feed)

जब माँ सर्दी और खांसी से परेशान हो तो बच्चे के लिए कोई ख़तरा नहीं होता। बल्कि स्थिति तब भी खराब हो जाती है जब माँ के बीमार होने की स्थिति में बच्चे को स्तनपान ना करवाया जाए। ऐसे समय आप आसानी से बच्चे को स्तनपान करवा सकती हैं। पर अपने डॉक्टर को यह जानकारी दे दें कि आप एक बुखार से ग्रस्त माँ हैं। वह आपको ऐसी दवाई दे देगा जो स्तनपान करवाने के साथ आप ले सकती हैं।

मास्क का प्रयोग करें (Use a mask)

संक्रमण आमतौर पर माँ की नाक या मुंह से ही फैलता है। अतः माँ के लिए यही अच्छा होगा कि वह मास्क का बचाव उपाय अपना ले। इससे माँ से बच्चे को सर्दी या बुखार के जीवाणु नहीं फैलेंगे। बच्चे के साथ आमने सामने आने से बचें। ऐसा हर समझदार माँ को करना चाहिए जिससे उसका बच्चा स्वस्थ रह पाए।

अपने बच्चे को किस ना करें (Do not kiss your baby)

हर माँ के लिए उसका बच्चा उसकी आँखों का तारा होता है। वह हमेशा अपने बच्चे को सहलाना और उसकी देखभाल करना चाहती है। बच्चे को प्यार करने के लिए उसका गाल सहलाना और उसे चूमना काफी सामान्य है। पर जब आप बीमार हों तो इन चीज़ों से बचकर रहें। अपने बच्चे के लिए अपने दिल में उमड़ रहे सारे प्यार और दुलार को तब तक सीने में दबाकर रखें, जब तक आप पूरी तरह रोगों से मुक्त ना हो जाएं। इससे आपका बच्चा आसानी से संक्रमण से बचकर रहेगा।