How to control blood pressure during pregnancy – गर्भावस्था के दौरान रक्त चाप को नियंत्रित करने का घरेलू उपाय

जब आपके शरीर में रक्त दबाव 140/90 mm Hg से अधिक हो जाए तो उसे उच्च रक्तचाप कहते हैं। गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप के कारण, उच्च रक्तचाप से पीड़ित गर्भवती को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है और भ्रूण के साथ उस महिला को भी कई समस्यायें हो सकती हैं। यह गर्भवती महिलाओं की मृत्यु का बड़ा कारण हो सकता है।

प्राकृतिक उपाय : गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तदाब को कम करने के लिए हर्ब, पूरक, व्यायाम, स्वस्थ भोजन की आदत, और शरीर तथा मस्तिष्क को आराम दें।

उच्च रक्तचाप के कारण (Causes of high blood pressure or bp high ke lakshan)

आप पाएंगे कि उच्च रक्तचाप के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से कुछ नीचे दिए गए हैं : –

  • कार्यशील ना रह पाना
  • शराब पीना
  • परिवार में पहले से किसी को गुर्दे की बीमारी गंभीर हाइपरटेंशन या प्रीएक्लेम्पसिया (chronic hypertension or preeclampsia) की शिकायत होना
  • 40 वर्ष से ज़्यादा की आयु का होना
  • सामान्य से ज़्यादा वज़न बढ़ना
  • धूम्रपान
  • पहली बार गर्भवती होना
  • गर्भ में एक से ज़्यादा बच्चों को जनना
  • सहायक तकनीक के रूप में IVF का प्रयोग।

गर्भावस्था के दौरान खानपान की व्यवस्था

गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप होने के दुष्परिणाम (High blood pressure complications while pregnant)

अगर गर्भावस्था के 20 हफ्ते बीत जाने के बाद भी आपको उच्च रक्तचाप की शिकायत बनी रहती है तो आपको गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में प्रीएक्लेम्पसिया, जिसे टोक्सेमिया (toxemia) कहा जाता है, तथा गर्भावस्था से जुड़ी हाइपरटेंशन विकसित हो सकती है। इससे आपके शरीर के अंगों, जिनमें मस्तिष्क और गुर्दे भी शामिल हैं, को काफी नुकसान पहुँचने की आशंका रहती है। प्रीएक्लेम्पसिया के लक्षणों में मूत्र में प्रोटीन (protein), हाथों और पैरों में असामान्य सूजन आ जाना और बार बार सिर में दर्द होने की समस्याएं आम हैं। इससे बच्चे की विकास दर पर काफी प्रभाव पड़ता है और जन्म के समय उसका वज़न काफी कम होता है। अन्य समस्याओं में प्लेसेंटल ऐब्रप्शन (placental abruption) तथा समय से पहले बच्चे के जन्म होने की समस्याएं मुख्य है, जिसके फलस्वरूप आपको गंभीर एवं त्वरित रूप से उपचार की आवश्यकता होती है।

उच्च रक्तचाप का उपचार, उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए पोषण में बदलाव (Nutritional changes to lower high blood pressure / rakt chaap)

नमक/सोडियम को कम उपभोग करना- गर्भवती महिला को उच्च रक्तदाब से बचने के लिए नमक का उपभोग कम करना चाहिये। परिष्कृत चीज़, अस्वस्थ्यकर भोजन और तले हुये भोजन से बचना चाहिये।

  • DASH (उच्च रक्तचाप को रोकने का आहार आधार) आहार: इसमें सब्जियों, फलों, और निम्न वसा वाले डेयरी उत्पाद का प्रयोग करें। इसमे अनाज, कुक्कुट उत्पाद, मछली और नट आते हैं। आहार में वसा का कम उपभोग, लाल मांस और चीनी के पेय की सलाह है। यह आदर्श और सम्पूर्ण आहार है जो महिलाओं के रक्तचाप को नियंत्रित कर सकते हैं।
  • दिन में बहुत सारा पानी पिये यह रक्त शर्करा को कम करेगा।
  • गर्भावस्था के दौरान एल्कोहल का प्रयोग कम या न करें तो अच्छा होगा।

गर्भावस्था के दौरान बुरे सपनों से बचने के लिए सलाह

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य, उच्च रक्तचाप को कम करने के पूरक (Supplements to lower high blood pressure)

दवा या कैप्सूल के रूप में उच्च रक्तचाप के पूरक लिए जा सकते हैं, लेकिन अच्छा होगा अगर आप इसे आहार पूरकों के रूप में लें। इनमें शामिल हैं-

  • एल्फा लिनोलेनिक अम्ल जो सोयाबीन, अखरोट, अलसी और गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक आदि से प्राप्त किया जा सकता है।
  • ओमेगा3 फैटी अम्ल को सार्डाइन, साल्मन और कॉड मछ्ली आदि से प्राप्त कर सकते हैं।

हर्ब और घरेलू उपाय उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए (Herbs and home remedies for lowering high blood pressure)

उच्च रक्तचाप के लिए घरेलू उपचार के लिए कोकोआ (Cocoa): प्रतिदिन पांच कप गर्म कोकोआ का उपभोग उच्च रक्तचाप से बचायेगा या नियंत्रित रखेगा। कोकोआ में एंटीऑक्सीडेंट और सूजनविरोधी गुण पाया जाता है। कोकोआ शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाता है जो हृदय, मस्तिष्क और अन्य अंगों तक रक्त बहाव को तेज़ करता है।

उच्च रक्तचाप के लिए घरेलू उपचार के लिए लहसुन (Garlic): लहसुन में एंटीकोलेस्ट्रॉल गुण होता है। अगर नियमित लिया जाय तो उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखेगा। यह नब्ज़ को धीम करता है, चक्कर, छोटी सांसों में आराम पहुंचाता है जो गर्भवती महिलाओं में सामान्य रूप से पाया जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर के उपाय के लिए योगा और श्वास का व्यायाम (Yoga and breathing exercises) : इसे गर्भवती महिलाओं द्वारा उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए अपनाया जा सकता है। योग की आराम देने की तकनीकि तनाव के स्तर को कम करती है और रक्त दबाव को कम करती है। सुखासन और शवासन गर्भवती महिलाओं के उच्च रक्तचाप के लिए ज्यादा फायदेमंद है।

प्रेग्नेंट होने के टिप्स

प्यार और लगाव के साथ लोगों से मिलना आराम पहुंचाने के लिए सबसे अच्छा है। हंसना तनाव और उच्चरक्तचाप को कम करने के लिए अच्छा है।

गर्भावस्था के दौरान रक्त शर्करा को प्राकृतिक रूप से कैसे कम करें (How to naturally low blood sugar during pregnancy)

  • भावनात्मक तनाव गर्भावस्था के दौरान रक्त चाप को बढ़ा देता है बेहतर होगा कि आप इन भावनात्मक तनावो को दूर रखें।
  • गर्भवती महिला को अपने प्रतिदिन के कामों में व्यस्त रहना चाहिये बजाय किसी क्षण के लिए तनाव में रहने के।
  • अंतर्विरोधों को अपने दोस्तों से बात करके या लिखकर तनाव के स्तर को कम करें।
  • गर्भवती महिला को आपने शरीर से मिलने वाले थकान के संकेतों को सुनना चाहिये। यह सलाह दी जाती है कि कभी अधिक कार्य नहीं करना चाहिये।
  • हाई बीपी का इलाज, गर्भवती महिला को कुछ देर प्राकृतिक वातावरण की गोद में रहकर मन और मस्तिष्क को शांत रखना चाहिये।
  • अपना कुछ समय शान्ति पहुंचाने वाले संगीत और बच्चे से गर्भ में बात करना चाहिये।
  • हाई ब्लड प्रेशर के उपाय, बच्चों और पालतू जानवर के साथ खेल में, पिक्चर देखकर और लोगों को आते जाते देखकर समय व्यतीत करना चाहिये।
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