Home remedies for dyshidrotic eczema, itchy fingers – डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा के घरेलू उपचार जो खाज से छुटकारा पाने में मदद करते है

कई लोगों को जलन और खाज से जुडी समस्याएं होती हैं जिसमें अगर हथेली और तलवे की त्वचा पर फफोले पड़ने लगे तो इसे डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा कहते हैं। ये फफोले 3 सप्ताह तक रहते हैं और इनके कारण खुजली भी होती है एवं इनके सूखने पर त्वचा में दरार पड़ जाती है। इस प्रकार की त्वचा का उपचार वेट कॉम्प्रेस, पराबैंगनी किरणों या ऊष्णकटिबंधीय (ट्रॉपिकल) क्रीम्स के उपयोग से किया जा सकता है।

यह एक ख़ास तरह का एक्जिमा है जहां हाथ और पैर आपके शरीर के प्रभावित भाग होते हैं। इस स्थिति के अंतर्गत पूरे शरीर में खुजली नहीं होती, बल्कि पैरों की एडियां, पैरों का ऊपरी भाग और हाथ ही खुजली से प्रभावित होते हैं। भागों पर होने वाली फुंसी और फोड़े अपेक्षाकृत छोटे आकार के होते हैं, पर इनपर काफी ज़्यादा मात्रा में खुजली होती है। यह एक काफी सामान्य खुजली की समस्या है जिसके शिकार पुरुष और महिलाएं दोनों होते हैं। इस स्थिति में आपको हमेशा ही पीड़ा का सामना करना पड़ता है। पर त्वचा की इस समस्या को कुछ घरेलू विधियों की मदद से भी ठीक किया जा सकता है। जब भी त्वचा के साथ कोई समस्या पेश आए तो डॉक्टर के पास तुरंत जाना काफी स्वाभाविक है, पर सबसे पहले कुछ घरेलू नुस्खों का प्रयोग भी काफी स्वास्थ्यप्रद साबित हो सकता है।

डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा होने के कारण (eczema ke karan  – causes of Dyshidrotic eczema?)

परागज ज्वर (हे फीवर) एक कारण हो सकता है डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा का एवं दमा (अस्थमा) भी इसका कारण हो सकता है। एलर्जिक रायनाइटिस की वजह से त्वचा में जलन होती है,जोकि त्वचा की कोशिकाओं और बाहरी चीज़ों के बीच का एक सीरम है। त्वचा परस्पोंजिओसिस का विकास सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा जा सकता है।

डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा की वजह से खुजली होती है जिससे असहज महसूस होता है। इसकी वजह से हाथों में दर्द हो सकता है और हाथों द्वारा किये जाने वाले कार्यों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। कुछ घरेलू उपचारों सेडिसहाईड्रोटिक एक्ज़िमा द्वारा होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

एक्जिमा का उपचार – डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा के घरेलू उपचार (eczema ka desi ilaj – eczema ka upay)

महिलाओं में श्वेत प्रदर (सफ़ेद पानी ) की समस्या के घरेलू नुस्खे

  • निकलसे पूर्णतः दूर रहे।
  • डिसहाईड्रोटिक एक्ज़िमा से पीड़ित व्यक्ति को नाखून खुजाने से बचना चाहिए।
  • खाज खुजली का इलाज, प्रभावित स्थानों को नमक के पानी से भिगो कर रखना चाहिए, सफ़ेद सिरके का उपयोग भी किया जा सकता है।
  • अगर आपको घमोरियां हैं तो उन्हें न खुजाएँ।
  • खाज खुजली का इलाज, अपनी त्वचा को पानी के संपर्क में न लायें।
  • स्नान करते समय ऐसे साबुन एवं ऐसे अन्य उत्पादों का उपयोग न करें जिनमें कोई गंध न आती हो।
  • खाज खुजली का इलाज, हाथ धोने के बाद उनमें मॉइस्चराइजर लगायें जिससे उनमें नमी बनी रहे।
  • खाज खुजली का इलाज, गुनगुने पानी से नहाया जा सकता है पर गर्म पानी से न नहाएं।
  • सुगन्धित साबुनों का उपयोग न करें।
  • कठोर प्रक्षालक (डिटर्जेंट) का उपयोग न करें।
  • खुजली में सहजता के लिए वेट कम्प्रेशन और कोल्ड कम्प्रेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा से पीड़ित व्यक्ति अपनी देखभाल स्वयं कर सकते हैं। बाजार में उपलब्ध हानिकारक रसायनों वाले उत्पादों के बजाय इसका घरेलू उपचार ज्यादा बेहतर है। खुजली रोकने के लिए एंटीहिसटामाइन का प्रयोग किया जा सकता है।

फोटोथेरेपी इसे ठीक करने के लिए अच्छी है पर इसको करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। इसमें दवाओं और पराबैंगनी किरणों का प्रयोग साथ में किया जाता है। एक नयी प्रकार की पराबैंगनी बी किरणों को मिलाकर और अच्छा परिणाम पाया जा सकता है।

कुछ लोग ये विश्वास रखते हैं कि टोक्सिन इंजेक्शन से डिसहाईड्रोटिक एक्ज़िमा को ठीक किया जा सकता है। हलांकि यह उपाय इतना प्रचलित नहीं है पर इसके परिणाम अच्छे मिल रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई हर्बल उपचार भी हैं जिनकी सहायता से आप ठीक हो सकते हैं,पर इनका पूरा लाभ लेने के लिए आपको धैर्य से काम लेना होगा।

ऐसे कई आयुर्वेदिक उपचार भी उपलब्ध हैं, जिनका प्रयोग समाज में रहने वाले लोग कर सकते हैं। क्योंकि प्रकृति में अनायास ही सामान्य जड़ी बूटियां उपलब्ध होती हैं, अतः इनकी मदद से आपके द्वारा सहन की जा रही शारीरिक समस्या का निदान करना काफी आसान हो जाएगा। प्रतिरोधी क्षमता को दबाने वाले तत्व भी इस स्थिति में काफी कारगर साबित होंगे। आप अवश्य ही इसके सारे गुणों के साथ इसे आजमाने के लिए लालायित होंगे।

डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा के फलस्वरूप हुई खुजलीदार उँगलियों को ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Home remedies for dyshidrotic eczema that helps to get rid of itchy fingers)

मोइस्चराइज़र्स (Moisturizers)

आपके घर में अवश्य ही मोइस्चराइज़र उपलब्ध होगा। इसे अपने हाथों और पैरों पर पर्याप्त रूप से लगाएं। सिर्फ एक बार लगाना ही काफी नहीं होगा। इसकी बजाय दिन में दो बार इसका प्रयोग अपने हाथों और पैरों पर करें। एक बार द्फोपहर के वक्त स्नान करने के बाद और दूसरी बार रात को सोने जाने से पहले इसका प्रयोग करें। इसका प्रयोग एक या दो हफ़्तों तक करने के बाद आपको काफी सकारात्मक परिणाम नज़र आने लगेंगे।

जैतून का तेल (Olive oil)

त्वचा पर जैतून के तेल के प्रयोग का उपचार डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा को दूर भगाने का काफी अच्छा तरीका साबित होता है। यह एक अलग तरह की त्वचा की समस्या होती है जिसके अंतर्गत आपकी हथेलियों, एड़ियों, पैरों, टांगों आदि पर छोटे छोटे फोड़े हो जाते हैं। इसके लिए अपने हाथों में थोड़ा सा जैतून का तेल लें और जब भी आपको ऐसी कोई परेशानी हो तो इसे अपने हाथों पर रगडें। ऐसा ही अपने पैरों के साथ भी करें।

नारियल का तेल (Coconut oil)

डिसहाईड्रोटिक एक्जिमा का एक और प्राकृतिक उपचार और कुछ नहीं बल्कि नारियल का तेल साबित होता है। अन्य किसी भी तेल की तरह आपको इसे अपने हाथों, हथेलियों, एड़ियों और उन सभी भागों  पर लगाने की ज़रुरत होती है जहां आपको इस अजीब से एक्जिमा की परेशानी सता रही है। त्वचा के तेल को सोख लेने तक प्रतीक्षा करें। इसके बाद इसे धो लें या फिर इसे छोड़ दें और खुद ही फर्क महसूस करें। आज ही इसका इस्तेमाल करें और खुश रहें।

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