Causes of hair loss in women & diagnosis as per AHLA – महिलाओं में हेयर लॉस के कारण, डायग्नोसिस और टेस्ट

हेयर लॉस (hair loss) के विभिन्न कारण होते हैं. कुछ कारण ऐसे होते हैं जिन्हें सामान्य लोग समझ या जान नहीं पाते. क्या आप कल्पना कर सकती हैं कि मेल होरमोन (Male hormone) जिसे टेस्टेस्टेरॉन कहा जाता है, के बढ़ने से हेयर लॉस की समस्या पैदा होती है? पर यह सच है.

DHT या डाईहाइड्रो टेस्टेस्टेरॉन बालों के झड़ने की एक प्रमुख वजह है जिसे सामान्य लोग समझ नहीं पाते. इसका असर महिलाओं और पुरुष दोनों पर समान रूप से पड़ता है और यही नहीं बल्कि यह विभिन्न तरह से बाल झड़ने का कारण होता है. अपने एक खास तरह के गंजेपन के बारे में सुना होगा जो पुरुष और महिला दोनों में दिखाई देता है. मेडिकल की भाषा में इसे एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया के नाम से जाना जाता है.

एक समय था जब लोग गंजेपन की समस्या को अनुवांशिकी से जोड़ कर देखते थे लेकिन अब परिस्थिति बदल गई है. इस तरह के गंजेपन का सामना महिलाओं को भी करना पड़ता है जो अत्यधिक बाल झड़ने की समस्या का परिणाम होता है. आइये जानें महिलाओं में गंजेपन (Baldness) के कुछ अन्य कारण और क्या हो सकते हैं?

टेलोजेन इफ्लुवियम (Telogen Effluvium)

महिला होने की वजह से उनके शरीर को कई तरह के आघातों का सामना करना पड़ता है. प्रेगनेंसी के बाद बच्चे को जन्म देना एक बहुत ही कष्टदायी अनुभव होता है जिसके कारण शरीर कई तकलीफों से गुजरता है. मेजर सर्जरी, कुपोषण और अत्यधिक तनाव में रहने की वजह से यह स्थिति निर्मित होती है जिसमें बहुत अधिक बाल झड़ते हैं.

एंडोजेनेटिक एलोपेसिया (Andogenetic Alopecia)

एंडोजेनेटिक एलोपेसिया कि स्थिति तब बनती है जब शरीर में पुरुष हार्मोन सामान्य से अधिक मात्रा में उपस्थित होता है. इसमें एक प्रमुख लक्षण के ररूप में पतले बालों के साथ बाल झड़ने की शुरुआत को देखा जा सकता है. इसमें बाल अत्यधिक पतले हो जाते हैं और हाथों से खींचने पर टूट जाते हैं. इस समस्या के भी कई कारण हैं जैसे किसी महिला को ओवरी में सिस्ट (cysts) होने के कारण यह दिक्कत आती है. इसमें बाल असामान्य रूप से झड़ना शुरू हो जाते हैं. ऐसी महिलाऐं जो अधिक मात्रा में गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग करती हैं, उन्हें भी यह समस्या का सामना करना पड़ता है.

एनाजेन इफ्लुवियम (Anagen Effluvium)

यह उन महिलाओं में दिखाई देता है जो बालों के प्रति लापरवाह रवैया रखती है और उनके प्रति जवाबदार नहीं होतीं. कई बार कैंसर के उपचार के दौरान कीमोथेरेपी ली जाती है जो कैंसर को शरीर से दूर करने का प्रयास करती है पर इनसे निकलने वाली किरणें कई तरह से घटक होती हैं जो बालों को मुख्य रूप से नुकसान पहुंचाती हैं. कैंसरकारक तत्व तो बाहर चले जाते हैं लेकिन बालों पर धीरे धीरे इनका दुष्प्रभाव होता रहता है. इस थेरेपी के दौरान लगभग 90 प्रतिशत बाल गिर जाते हैं.

ट्रेक्शन एलोपेसिया (Traction Alopecia)

हम में से कई लोगों को बालों को नया नया स्टाइल देना पसंद होता है जिसके लिए हम बालों पर कई तरह के नए प्रयोग जैसे कर्लिंग, स्ट्रेटनिंग, कलर आदि करते हैं जिन कृत्रिम तरीकों का बालों पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इससे बालों की बाहरी परत क्षतिग्रस्त हो जाती है और जडें भी कमजोर होने लगती हैं और बालों का झड़ना शुरू हो जाता है.

AHLA डाईग्नोसिस (AHLA Diagnosis in Hindi)

महिलाओं और पुरुषों बड़ा अंतर होता है. इनमें बालों का प्राकृतिक तरीके से झड़ना भी अलग है. पुरुषों के विपरीत, महिलाओं में बालों के झड़ने के कई अलग अलग कारण होते हैं. पर पुरुषों में यह समस्या अधिकांशतः वंशानुगत प्रभावों की वजह से देखी जाती है. AHLA (American Hair loss Association) के अनुसार, बालों के झड़ने के वास्तविक कारणों को पहचानना बहुत ज़रूरी होता है. इसमें कुछ तरह के टेस्ट या जांच कराई जाती है.

बाल झड़ने के कारणों को पहचानने के लिए जांच (Diagnosis and test)

  •  सीरम फेरिटिन
  • VDRL (उपदंश के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट
  • टोटल आयरन बाइंडिंग कैपेसिटी
  • सीरम आयरन
  • कम्पलीट ब्लड काउंट (CBC)
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