Home remedies in Hindi for pitted nails – नाखून के गड्ढों का घरेलू इलाज

नाखूनों में गड्ढे होना आज कई लोगो की,खासतौर पर महिलाओं की मुख्य समस्याओं में से एक है। इस समस्या से भुगतने वाले आमतौर पर सोरायसिस का शिकार होते हैं। यह असामान्य केराटाइनीज़ेशन के कारण होता है। जब आप अपने हाथ धोते हैं तो आपके नाख़ून पानी की संगत में आते हैं।इससे असामान्य केराटाइनीज़ेशन अपने आप धुल जाता है लेकिन अपने पीछे नाखूनों के गड्ढे छोड़ जाता है। न नाख़ुनों के गड्ढों का एक और कारण ऐलोपेसिया भी हो सकता है जिसकी वजह से नाखूनों के गड्ढे उथले से हो जाते हैं। कई बार एक्जिमा भी इन गड्ढों के लिए ज़िम्मेदार होता है।

नाखूनों के गड्ढे होने के मुख्य कारक (Causes of nail pitting)

नाखून के रोग, नाखूनों के गड्ढे कई कारणों से हो सकते हैं। कुछ मुख्य कारक निम्नलिखित हैं:-

  1. एक्जिमा
  2. सोराइसिस
  3. इंकॉन्टीनेंशिया पिग्मेंटी
  4. रेईटर्स सिंड्रोम

नाखूनों के गड्ढे पैदा होने के कारण कई होते हैं। कुछ छोटे होते हैं तो कुछ बड़े। गड्ढे होने की स्थिति में पूर्ण इलाज के लिए किसी फिजिशियन को दिखाएं। इसका निदान ज़रूरी है पर कई बार यह काफी मुश्किल हो जाता है,अतः डॉक्टर को दिखा देने से सही निदान होने में सुविधा होगी।

प्राकृतिक तरीके से नाखून को नीचे से सफेद करने के लिए

नाखूनों के गड्ढे ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Home remedies for nail pitting)

आप घर में मौजूद प्राकृतिक उत्पादों द्वारा इलाज करें। ये पद्दतियां काफी असरदार तरीके से काम करती हैं। कुछ उपाय नीचे दिए गए हैं :-

  1. नाखून की देखभाल, उपचार शुरू करने से पहले नाखूनों की असली समस्या को जान लें। नाखूनों में फंगस का उगना किसी भी समस्या की शुरुआत होती है और यह आमतौर पर पैर के नाख़ून में पाया जाता है। ऐसी दशा में नाखून काफी मोटे हो जाते हैं। नाखूनों की एक और समस्या रंग खोना है।
  2. अपने नाखूनों को पोषण और नमी प्रदान करें। इसके लिए कुछ घरेलू पद्दतियाँ हैं। अगर आप विटामिन एवं मिनरल से युक्त भोजन ग्रहण करेंगे तो आपकी नाखूनों की समस्या ख़त्म हो जाएगी।
  3. नाखूनों की समस्या को दूर करने के लिए टी ट्री आयल एक काफी उपयोगी साधन है। यह एक असरदार एंटीसेप्टिक भी है जो नाखूनों पर आए बैक्टीरिया और फंगस से आपकी रक्षा करता है। आप फीके नाखूनों पर टी ट्री आयल की एक या दो बूँदें लगाकर देखें।
  4. नाख़ून के ऊपरी चमड़ी को ना उखाड़ें। महिलाएं आमतौर पर नाखूनों का यह भाग, जिसे क्यूटिकल भी कहते हैं,निकालती रहती हैं। पर नाखूनों के गड्ढे होने की दशा में ऐसा करना बिलकुल उचित नहीं है। अगर आप क्यूटिकल को हटा रहे हैं,इसका मतलब आप नाख़ुनों की रक्षा करने वाली परत हटा रहे हैं। सुरक्षा परत के अभाव में बैक्टीरिया एवं फंगस काफी सक्रिय हो जाते हैं अतः इस परत को ना निकालें। स्वस्थ नाखूनों की दिशा में यह काफी आवश्यक कदम है।

नाखूनों की देखभाल – पानी (Water)

नाखूनों के दाग के घरेलू उपचार

पानी नाखूनों के गड्ढे भरने की एक प्रमुख औषधि है। पानी के ऐसे कई उपचार उपलब्ध हैं जो कि हर आयुर्वेदिक क्लीनिक, हेल्थ स्पा तथा ऐसी ही अन्य जगहों पर कराए जा सकते हैं। डॉक्टर भी ऐसे लोगों के लिए हाइड्रो थेरेपी का उपचार कराने के लिए कहते हैं, जिन्हें नाखूनों का सोराइसिस होता है। नाखूनों को स्वस्थ रखने के लिए शरीर की अशुद्धियों को निकालना भी काफी आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में पानी के सेवन से आप आसानी से शरीर से टॉक्सिन्स निकाल सकते हैं।

खानपान (Diet – nakhun ka ilaj)

अगर आप नाखूनों के गड्ढों से बचना चाहते हैं तो सही खानपान काफी आवश्यक है। नाखूनों के गड्ढों की समस्या को दूर करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले घरेलू नुस्खों में अच्छे खानपान का नुस्खा सबसे फायदेमंद होता है। जब आपके नाखूनों में गड्ढे होते हैं तो कई भोजन आपके लिए करना हानिकारक सिद्ध हो सकता है। रास्ते में मिलने वाले भोजन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, तथा इनके सेवन से आपको सोराइसिस की समस्या हो सकती है।

नाखूनों को डुबाना (Soaking of nails)

एप्सोम नमक तथा पानी का एक मिश्रण बनाएं तथा नाखूनों के सोराइसिस से प्रभावित होने की स्थिति में इस मिश्रण में अपने नाखून डुबोएं। इस प्रक्रिया को निरंतर करने से नाखूनों के गड्ढों वाली त्वचा धीरे धीरे निकल जाएगी। परन्तु इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि मिश्रण का यह पानी ज़्यादा गर्म ना हो। इस मिश्रण में १५ मिनट से ज़्यादा अपने नाखून ना डुबोएं तथा एक बार समय सीमा समाप्त हो जाने पर त्वचा को धो लें।

मसालों का सेवन (Spicing)

जिन लोगों के नाखूनों में गड्ढे होते हैं, वे दर्द से भी जूझते हैं। ये दर्द तीव्र है या हल्का, ये बात उस मनुष्य के प्रतिरक्षा के स्तर या इस बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करती है। कैपसईसिन तथा काली मिर्च जैसे मसालों का सेवन करें। काली मिर्च शरीर के अंदर ताप का उत्पादन करती है और शरीर के उन भागों को राहत प्रदान करती है जिनमें दर्द हो रहा हो। ये मसाले आपके शरीर के अंदर तक जाते हैं जिससे आपके शरीर की संवेदक नसों का संचार टूट जाता है।

टेरी नेल – कारण, लक्षण और निदान

नीम का तेल (Neem oil)

नीम शरीर की तमाम अशुद्धियों को दूर करने में पूरी तरह सक्षम है तथा इसके स्वास्थ्य आधारित गुण भी हैं। नीम से निकाला हुआ तेल नाखूनों के सोराइसिस की स्थिति में काफी फायदेमंद है। इस विधि के अंतर्गत हर नाखून के ऊपर नीम के तेल की एक बूँद डालें जिससे कि नाखूनों की ये स्थिति ठीक हो जाए। सैलिसिलिक एसिड ज़्यादातर लोगों के घरों में सैलिसिलिक एसिड पाया जाता है क्योंकि आप इसे दवाई की दुकानों से बिना प्रिस्क्रिप्शन के खरीद सकते हैं। अगर आपको नाखूनों में ज़्यादा गंभीर सोराइसिस की समस्या नहीं है, तो आप सैलिसिलिक एसिड का उपयोग कर सकते हैं। इस विधि से आप बाहरी खराब परत से छुटकारा पा सकते हैं। इस एसिड की मदद से आपके नाखूनों की बाहरी परत मुलायम और समतल हो जाती है।

नाखूनों की देखभाल – सिरका (Vinegar)

सिरके में एल्कलाइन होता है जो कि नाखूनों के गड्ढे भरने में काफी उपयोगी है। नाखूनों के ऊपर सिरके के प्रयोग के बाद आपको इसे 5 मिनट तक रखना पडेगा। इस समय सीमा के बाद इसे ठन्डे पानी से धो दें, अन्यथा यह आपके नाखूनों के आसपास की त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकती है।

विटामिन डी (Vitamin D)

हम सभी जानते हैं कि विटामिन डी में कई तरह के स्वास्थ्य सम्बन्धी गुण होते हैं, तथा विभिन्न रोगों के मरीज़ इससे फायदा प्राप्त कर सकते हैं। विटामिन डी नाखूनों के गड्ढे भरने की स्थिति में भी काफी फायदेमंद है। अगर आप भी इस स्थिति से पीड़ित हैं तो अपने खानपान में विटामिन डी की मात्रा अवश्य शामिल करें।

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