Pregnancy tips for 4th month in Hindi – दूसरी तिमाही यानि गर्भावस्था का चौथा महीना

दूसरी तिमाही (2nd quarter) गर्भावस्था के चौथे महीने से आरंभ होती है। कई अच्छे कारण है जिनकी वजह से गर्भावस्था की 13-27 सप्ताह की इस अवधि को “हनीमून वीक” (honeymoon week) भी कहा जाता है। इस दौरान मतली (vomit) आना कम हो जाती है और और सहवास (sex) करने कि भावना बढ़ती है। गर्भपात होने का खतरा भी इस चौथे महीने में लगभग न के बराबर होता है।

इस पीरियड में पर्याप्त आराम के साथ साथ व्यायाम भी ज़रूरी होता है। इस दौरान पैदल चलने को सबसे बेहतर व्यायाम माना जाता है। इस महीने में पेट पर बेबी बम का उभार साफ़ नज़र आने लगता है जो आपके माँ होने के एहसास को और भी खुशनुमा बना देता है। इस दौरान आप अपने अन्दर बच्चे के घुमने को भी महसूस कर पाती है।

स्पष्ट बदलाव और गर्भावस्था में देखभाल (Apparent changes and cares during pregnancy)

गर्भावस्था के दौरान खाए जाने वाले सर्वश्रेष्ठ फल

  • शरीर में एस्ट्रोजन अधिक उत्पन्न होने से मतली और थकान कम होती है और महिलाएं यौन क्रिया (sex intercourse) के प्रति अधिक आकर्षित होती हैं।
  • स्नायुबंध खिचने से पेट में कभी कभी दर्द भी हो जाता है।
  • पेट में शिशु कीं हलचले महसूस होती हैं।
  • गर्भाशय के फूलने से सांस की गति सामान्य से बढ जाती है।
  • कमर और कूल्हों का व्यास बढ़ता है और वजन बढने लगता हैं।
  • पेट पर स्ट्रेच मार्क्स होने शुरू होते है हैं।
  • भाव (feelings) अच्छी होने लगती हैं और उदासी कम होती हैं।
  • कुछ महिलाओ को अजीब सपने भी आते है और साथ में ठंडा पसीना (cold sweats) हैं।

गर्भावस्था के चौथे महीने में भ्रूण विकास (Development of the fetus in the fourth month)

गर्भावस्था के इस महीने में शिशु के आकार और वज़न में वृध्दि होती है और यह 5.5 इंच तक लम्बा और वो 170 ग्राम तक भारी हो जाता है। इसी दौरान भ्रूण में अंगों का विकास (limbs development) होना शुरू हो जाता है, भ्रूण का सर बड़ा होने लगता है और हड्डियां विकसित होने लगती हैं। आँखे बंद रहती हैं मगर आँखों का रेटिना सवेंदनशील हो जाता हैं। इस अवधि के दौरान शिशु में लैंगिक भेद स्पष्ट रूप से देखें जा सकते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स

दूसरी तिमाही के व्यायाम (Exercises in the second trimester)

इस अवधि के दौरान व्यायाम करना बेहद फायदेमंद होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए विशेषज्ञों और चिकित्सकों द्वारा निर्देशित ख़ास योगासनों को अपनाये। तैराकी और वाटर स्विमिंग इस अवस्था में पैरों को आराम देते है टहलना रक्त संचार को स्वस्थ बनाये रखता है और शरीर को उर्जा देता हैं।

भावनात्मक परिवर्तन (Emotional changes)

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए सर्वोताम सुझाव

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही हमारे हॉर्मोन्स (hormones) बस के बाहर रहते हैं। इस दौरान हॉर्मोन्स में आए परिवर्तनों की वजह से महिलाएं काफी भावुक महसूस करती हैं। महिलाएं किसी भावुक चीज़ को देखकर खुद भी भावुक हो जाती है और इन परिवर्तनों के साथ सामंजस्य बैठाने में काफी समय लग जाता है।

जकड़न (Congestion)

जकड़न उस अवस्था को कहते हैं, जब आपके शरीर में रक्त का प्रवाह आपके म्यूकस मेम्ब्रेन (mucous membranes) की तरफ होने लगता है। इस समय आप खुद को खर्राटे लेते हुए भी महसूस कर सकती है।

पैरों और टखनों में सूजन (Swelling feet and ankles)

गर्भावस्था के इस महीने में पैरों और टखनों (ankle) में सूजन आनी शुरू हो जाती है और बच्चे के जन्म तक यही स्थिति बनी रहती है। इस को कम करने के लिए एक्टिव रहने का प्रयास करें और अपने पैरों को बार बार हिलाती रहें। लम्बे समय तक खड़े रहने या बैठने से परहेज करें और करवट लेकर सोएं।

पैरों में मरोड़ (Leg cramps)

लेग क्रेम्प्स की समस्या गर्भावस्था का दूसरी तिमाही में शुरू होती है और तीसरी तिमाही तक रहती है। इसका मुख्य कारण हॉर्मोन्स में परिवर्तन, वज़न के बढ़ने और शरीर में कैल्शियम, मैग्नीशियम (calcium, magnesium) की कमी होना है। इस समस्या से निपटने के लिए स्वस्थ तथा संतुलित आहार को अपने भोजन में शामिल करें।

चक्कर आना (Dizziness)

कब और कैसे ले केसर गर्भावस्था के दौरान

रक्तचाप (blood pressure) में बदलाव कि वज़ह से चक्कर आते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए छोटी छोटी मात्रा में भोजन ग्रहण करें और तरल प्रदार्थों का सेवन करें।

वज़न का बढ़ना (Weight gain)

गर्भावस्था के दूसरी तिमाही के दौरान आपके गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास करने के लिए शरीर का वज़न बढ़ जाता है। अगर गर्भावस्था की शुरुआत में आपका वज़न सामान्य था तो हर हफ्ते के एक पाउंड (pound) के हिसाब से आपका वज़न कुल मिलाकर 14 पाउंड तक बढ़ जाता है।

करवट लेकर सोना (Sleep on your side)

गर्भावस्था का दूसरी तिमाही में नींद पूरी करना पहली और तीसरी तिमाही के मुकाबले ज़्यादा आसान होता है। इस समय आपको करवटें लेकर सोने की इच्छा होने लगती है। क्योंकि आपके भ्रूण का बढ़ता वज़न आपके वेना केव (vena cava) पर दबाव डालता है, अतः इससे रक्त के संचार में परेशानी हो सकती है।

गर्भावस्था में कब्ज से बचें (avoid constipation in fourth month of pregnancy)

गर्भावस्था का दूसरी तिमाही के दौरान (Second trimester) अपने पाचन पर खास रूप से ध्यान दें। इस दौरान कब्ज की शिकायत अक्सर होती है। कब्ज से बचने के लिए रेशेदार चीज़ें अधिक खाएं। गर्भवती महिलाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पेय का सेवन करें। आसानी से पचने वाला और हल्का भोजन करें। रात के भोजन में अधिक देरी न करें।

कैलोरी की मात्रा बढ़ाएं (Increase caloric intake)

गर्भवती महिलाओं के लिए आहार

अगर गर्भवती होने से पहले आपका वज़न सामान्य था तो दूसरी तिमाही के दौरान आपको 300 से 350 अतिरिक्त कैलोरीज़ (calories) की जरुरत होगी। गर्भवती महिलाओं के लिए आप दो गिलास मलाई रहित दूध (skimmed milk) और एक कटोरी ओटमील (oatmeal) की मदद से ये अपना कैलोरी इन्टेक पूरा कर सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान सावधानियां (Precautions during pregnancy)

  • भारी वजन न उठायें एवं अधिक मेहनत वाले व्यायाम न करें।
  • थोड़े थोड़े अंतराल में पानी पीती रहें एवं व्यायाम के बीच में कुछ अल्पाहार लेती रहें।
  • शरीर में हो रहे बदलावों का आनंद लें और खुद को बच्चे के लिए तैयार करें आखिर आप अब एक माँ बनने वालीं हैं।