Cord blood banking – ask questions associated with its value and treatment – कॉर्ड ब्लड बैंकिंग – फायदे तथा उपचार

आपके नवजात शिशु की गर्भनाल (Umbilical cord) तथा प्लेसेंटा (Placenta) में बचे हुए रक्त को इकठ्ठा किया जाता है तथा इसे कॉर्ड ब्लड बैंक (Cord blood bank) में रखा जाता है, जिससे कि इसका भविष्य में अन्य बीमारियों के उपचार में प्रयोग किया जा सके।

जिस तरह लोग समाज की भलाई के लिए रक्तदान करते हैं, उसी प्रकार कॉर्ड ब्लड (cord blood) भी वातावरण में फैली जानलेवा बीमारियों के उपचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है। कॉर्ड ब्लड में जीवनदाई स्टेम सेल (stem cell) मौजूद होता है, जो विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए काफी लाभदायक होता है।

आमतौर पर कॉर्ड ब्लड / गर्भनाल रक्त बैंकिंग इकट्ठा करने के दो तरीके होते हैं।

  • बच्चे के कॉर्ड ब्लड को पब्लिक कॉर्ड ब्लड बैंक (public cord blood bank) में जमा करना, जहां से ज़रूरतमंदों को आसानी से खून मिल जाता है।
  • आप बच्चे के खून को फॅमिली कॉर्ड ब्लड बैंक (family cord blood bank) में भी जमा करवा सकते हैं, जिससे कि ज़रुरत पड़ने पर परिवार का कोई भी सदस्य इसका उपयोग कर सके।

गर्भनाल बैंकिंग – कॉर्ड ब्लड जमा करने की विधि (What is the Collection methodology of cord blood?)

गर्भवती महिलाओं के लिए आहार

सामान्य डिलीवरी (normal delivery) के अंतर्गत नवजात बच्चे के जन्म के तुरंत बाद जब महिला के गुप्तांग से द्रव्य निकलता है, तो उसकी गर्भनाल/अंबिलिकल कॉर्ड (umbilical cord) को पकड़कर  काट दिया जाता है। यह कार्य डॉक्टर (doctor) या महिला का साथी भी कर सकता है। महिला की गर्भनाल से कॉर्ड ब्लड निकालने की विधि काफी सुरक्षित है, तथा इसमें बिलकुल भी दर्द का अनुभव नहीं होता है।

क्लाम्पिंग और कटिंग (Clamping and cutting)

कॉर्ड ब्लड जमा करने के समय आप कॉर्ड को जोर से पकड़ने (clamping) की प्रक्रिया में थोड़ी देर कर सकते हैं। पर आपको इस बात काध्यान रखना होगा कि देरी का समय काफी कम होना चाहिए। अगर ज़रुरत से ज़्यादा देर हो गयी तो कॉर्ड में जमा खून में एक थक्के (clot) का निर्माण हो जाता है।

बैंक में रक्त पहुंचाना (Transfer to the bank)

ऊपर दी गयी प्रक्रिया की मदद से निकाले गए रक्त को कॉर्ड ब्लड बैंक (cord blood bank) पहुंचाया जाता है। कॉर्ड का यह रक्त (cord blood banking ke labh) कई तरह के परीक्षण से भी गुज़रता है। एक बार बैंक की गुणवत्ता के मापदंड पर इस रक्त के खरे उतरने पर कॉर्ड बैंक इसे काफी अच्छी तरह से संभालकर रखता है। शोधकर्ता ऐसे और भी प्रभावी तरीकों की खोज में लगे हैं, जिनकी मदद से कॉर्ड का रक्त सही प्रकार से इकठ्ठा किया तथा सहेजकर रखा जा सके।

गर्भावस्था के दौरान पीठ में दर्द के कारण

कॉर्ड रक्त के लाभ – कॉर्ड रक्त निकालने की विधि (Way of extracting cord blood)

सर्जन (surgeon) गर्भनाल की नसों (umbilical vein) में सुई से उस जगह छेद करता है, जो भाग प्लेसेंटा (placenta) से जुड़ा हुआ होता है। आपको घबराकर चिंतित नहीं हो जाना चाहिए, क्योंकि ये सुई आपके बच्चे को कोई हानि नहीं पहुंचाएगी। इस तरह जमा किया गया सारा रक्त एक बैग (bag) में डाल दिया जाता है। आमतौर पर करीब 1 से 5 औंस (ounce) रक्त इकट्ठा किया जाता है। इस सारी प्रक्रिया में सिर्फ 10 मिनट ही लगते हैं।

कॉर्ड रक्त के गुण (cord blood banking ke gun) – कॉर्ड रक्त के कीमती गुण (What are the Valuable factors of cord blood?)

कॉर्ड रक्त स्टेम सेल्स के काफी अच्छे स्त्रोत होते हैं। यह जानना काफी आवश्यक है कि स्टेम सेल्स हमारी प्रतिरोधक क्षमता (immune system) तथा खून के पीछे के सबसे बड़े कारक हैं। इनमें अन्य किसी भी प्रकार के सेल्स में परिवर्तित हो जाने कीभी काबिलियत होती है। यह खून की धमनियों, टिश्यू (tissue) तथा शरीर के अन्य अंगों को ठीक करने की प्रक्रिया का भी काफी बड़ा हिस्सा है।

कॉर्ड रक्त के फायदे, आप स्टेम सेल्स को बालों के फोलिकल्स (follicles), मानव एम्ब्रियो (embryo), बच्चों के दांत, मांसपेशियों, भ्रूण के टिश्यू (fetal tissues) आदि में पा सकते हैं। परन्तु हर भाग के स्टेम सेल्स बीमारियों को दूर करने की क्षमता नहीं रखते।

थाइरोइड का महिलाओं की गर्भावस्था पर प्रभाव

हर तरह के मरीज़ का उपचार अलग ढंग से होता है। कॉर्ड रक्त के फायदे, उदाहरण के तौर पर ल्यूकेमिया से प्रभावित मरीज़ को कीमोथेरपी (chemotherapy) दी जाती है। यह उपचार बीमार सेल्स पर किया जाता है, जिससे रक्त के सामान्य सेल्स के उत्पादन में ज़्यादा समय ना लगे। पर हर स्थिति में यह उपचार काम नहीं करता। हाल के शोधों के मुताबिक़ स्टेम सेल की पद्दति ल्यूकेमिया (leukemia) के इलाज का सबसे बेहतर विकल्प है।स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (Stem cell transplant) और कुछ नहीं बल्कि बोन मेरो (bone marrow), कॉर्ड रक्त तथा पेरिफेरल रक्त (peripheral blood) में स्टेम सेल्स के ट्रांस्फ्युशन (transfusion) की प्रक्रिया है, जो एक स्वस्थ डोनर (donor) के माध्यम से होने पर काफी कारगर होती है।