Psoriasis ka aahar – सोरायसिस का आहार

सोरिओसिस से बचने के लिए सोरायसिस का डाइट लेना अति आवशयक है। जो लोग सोराइसिस के शिकार होते हैं उन्हें दिल की बीमारी तथा मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियां होने की संभावना भी काफी ज़्यादा होती है। कुछ ख़ास भोजनों को ग्रहण करके और शरीर के लिए अनुपयुक्त भोजनों से परहेज करके आप सोराइसिस एवं सोरियाटिक आर्थराइटिस से होने वाली जलन से छुटकारा पा सकते हैं।

सोरायसिस का आहार (Psoriasis ka diet)

रंगीन फल और सब्ज़ियाँ

रंगीन फल और सब्ज़ियाँ खाने से आपकी सेहत में काफी सुधार आता है। फलों और सब्ज़ियों में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट्स और विटामिन जैसे ए और सी सेहत को बरकरार रखने के लिए काफी आवश्यक होते हैं। ब्लूबेरी तथा संतरे जैसे फल और गाजर एवं खरबूजे जैसी सब्ज़ियाँ खाएं क्योंकि इनमें काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स एवं विटामिन होते हैं। इन विटामिनों की मदद से त्वचा की नमी बरकरार रहती है।

मछली

ओमेगा 3 फैटी एसिड प्राप्त करने के लिए मछली काफी बेहतरीन खाद्य पदार्थ है। पसोरिओसिस का आहार जैसे फैटी एसिड उन मरीज़ों के लिए काफी आवश्यक हैं जिन्हें सोराइसिस की समस्या है। अपने भोजन में ठंडी मछली शामिल करना आपके लिए काफी बेहतर होगा। इसके अलावा आप अन्य प्रकार की विभिन्न मछलियाँ जैसे सालमन, ट्यूना, ट्राउट आदि भी खा सकते हैं। पसोरिओसिस का आहार ग्रहण करने से दिल की बीमारी के खतरे को दूर करने के लिए डॉक्टरों द्वारा भी उच्च वसा युक्त मछली हफ्ते में दो बार खाने की सलाह दी जाती है।

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मटन (meat)

डॉक्टरों द्वारा अधिक मात्रा में लाल मांस खाने से लोगों को मना किया जाता है क्योंकि इससे दिल की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके विकल्प के तौर पर पतली बीफ का सेवन करें जिसमें उच्च वसा की मात्रा नहीं होती। आप सफ़ेद मीट जैसे चिकन और टर्की को भी अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं जिससे कि आपका ह्रदय सुचारू रूप से चले और आप मीट का बढ़िया स्वाद भी कर पाएं।

हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ

जो लोग पतली बीफ और मछली खाना पसंद नहीं करते वे हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और पटसन के बीज ग्रहण कर सकते हैं जिनमें काफी मात्रा में ओमेगा ३ फैटी एसिड होते हैं। हरी सब्ज़ियों और पटसन के बीज द्वारा आप अपना वज़न भी नियंत्रित कर सकते हैं। इन सबके अलावा ये सब्ज़ियाँ शरीर के टोक्सिन निकालने में भी काफी सहायक होते हैं। इससे शरीर ज़रूरी पोषक पदार्थ अपने अंदर सोख लेता है और इससे सोराइसिस के लक्षण भी दिखने कम हो जाते हैं। इसलिए इन सोरिओसिस से बचने के लिए सोरायसिस का डाइट सही प्रकार से लेना अति आवशयक है

लहसुन

सोरायसिस का डाइट में लसुन भी महत्वपूर्ण है। लहसुन को अपने भोजन में शामिल करें क्योंकि इनमें एंटी बायोटिक गुण होते हैं। लहसुन अपने लाइपोक्सीजीनस इन्हिबिटर द्वारा सोराइसिस से जुडी जलन कम करता है। इसे सूप,सलाद और अन्य व्यंजनों में डालकर इसके दिल की बीमारी को ठीक करने वाले गुण का प्रयोग करें और सोराइसिस की समस्या का भी साथ ही में समाधान कर लें।

सेब का सिरका / एप्पल साइडर विनेगर (Apple cider vinegar)

सोरायसिस का आहार में सेब का सिरका एक ऐसा उत्पाद है जो सोरिओसिस से बचने में मदद कर सकता है। इसे अंदरूनी या बाहरी रूप से प्रयोग करें और आराम पाएं। नहाने के तब में एक कप सेब का सिरका मिलाएं या फिर एक चम्मच सेब का सिरका पियें।

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ग्लटन का सेवन ना करें (gluten)

कुछ भोजन सोराइसिस के लक्षणों को कम करते हैं तो कुछ इन लक्षणों को बढ़ाते भी हैं। इनमें से एक भोजन ग्लटन भी है जिसका परहेज आवश्यक है। ग्लटन ब्रेड, मसालों एवं पास्ता में पाया जाता है, अतः सोराइसिस ठीक करने के लिए इन भोजनों का त्याग कर दें।

इसके अलावा स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद सोराइसिस ठीक करने के लिए काफी आवश्यक है। डिब्बाबंद खाने और तेल एवं वसा युक्त खाने से परहेज करें। सोरायसिस का आहार में शराब और तम्बाकू दूर करें ।