Discover the “common types of heart diseases“ – दिल की सामान्य बीमारियां

दिल की बीमारियां अमेरिका में लोगों की मृत्यु की काफी बड़ी वजह है। करीब 60% अमेरिकी लोग दिल की किसी ना किसी बीमारी से पीड़ित हैं। नीचे दिल की बीमारियों के विभिन्न प्रकार दिए गए हैं।

दिल की बीमारियां कई तरह की होती हैं। कई लोग पैदा ही इस बीमारी के साथ होते हैं, वहीँ दूसरी तरफ ज़्यादातर लोगों को यह बीमारी समय के साथ प्रभावित करती है। दिल की बीमारियां काफी घातक होती हैं क्योंकि ये काफी देर में विकसित होती हैं तथा लोगों को काफी दोनों तक इसका पता भी नहीं चलता।

ज़्यादातर दिल की बीमारियों का कारण रक्त की धमनियों, जो दिल में रक्त का संचार करती हैं, का अत्याधिक वसा और कोलेस्ट्रोल (cholesterol) की वजह से बंद होना होता है। ये लक्षण बताएंगे दिल की बीमारी है या नहीं। अगर धमनियों का अंदरूनी भाग प्लाक (plaque) की वजह से पतला हो जाए तो रक्त का थक्का जम जाता है और इस वजह से धमनियों के द्वारा थोड़ी मात्रा में ही रक्त का संचार हो पाता है।

इस स्थिति को एथेरोसक्लेरोसिस (atherosclerosis) या धमनियों का कड़ा होना कहा जाता है। दिल में रक्त का संचार पर्याप्त मात्रा में ना हो पाने से दिल के दौरे की संभावना बढ़ जाती है, जबकि मस्तिष्क में रक्त का संचार ठीक से ना हो पाने की स्थिति में सेरेब्रोवैस्कुलर दौरे (cerebrovascular attack) का ख़तरा काफी बढ़ जाता है।

धमनियों की कोरोनरी बीमारी (Coronary artery disease)

कोरोनरी धमनियों में ब्लॉकेज (blockage) की स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिसीज़ कहते हैं। इस स्थिति के अंतर्गत दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन (oxygen) प्राप्त नहीं होता है। इस तरह की बीमारी में बिना किसी पूर्वाभास के मृत्यु की भी संभावना होती है। इस खतरे के शिकार वे सभी होते हैं जिन्हें दिल की किसी ना किसी बीमारी ने घेरा हुआ है।

कोरोनरी आर्टरी डिसीज़ के प्रकार (Types of coronary artery disease)

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इस्केमिया (Ischemia)

धमनियों से जुड़ी दिल की इस बीमारी में दिल की मांसपेशियों की तरफ रक्त का प्रवाह काफी कम हो जाता है, पर इस स्थिति में आपको ना कोई दर्द महसूस होता है और ना ही किसी प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं। जो भी थोड़ी बहुत परेशानी होती है, वह व्यायाम करते समय ही होती है।

एन्जिना पेक्टोरिस (Angina pectoris)

ये लक्षण बताएंगे दिल की बीमारी है या नहीं। छाती, पीठ, हाथ या जबड़े में दर्द या किसी प्रकार का दबाव महसूस होना भी इस बात की ओर इशारा करता है कि आपके दिल की मांसपेशियां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन (oxygen) ग्रहण नहीं कर पा रही हैं। एन्जिना धमनियों के पतले होने या दिल की नसों के अंदर की मांसपेशियों में अकड़न उत्पन्न होने के कारण भी हो सकता है। इस अकड़न के पैदा होने का कारण धूम्रपान, ठन्डे तापमान में निवास, संवेदनशीलता में इज़ाफ़ा या इसके अलावा भी कुछ हो सकता है। यह बात जाननी काफी आवश्यक है कि एन्जिना दिल की कोई समस्या नहीं है और इससे आमतौर पर दिल को कोई स्थाई नुकसान नहीं पहुंचता। हालांकि इससे एक्ने (acne) की समस्याओं में इज़ाफ़ा अवश्य होता है। एन्जिना से होने वाले दर्द को दिल में सही मात्रा में ऑक्सीजन का संचार करके या दिल के लिए ऑक्सीजन की ज़रुरत में कमी करके कम किया जा सकता है।

एन्जिना (Angina)

एन्जिना की स्थिति में आपको काफी परेशानी तथा दर्द का भी सामना करना पड़ता है। यह इस बात का संकेत है कि आपके दिल को पोषक पदार्थों के अलावा पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त नहीं हो पा रहा। एन्जिना के मुख्य कारण एथेरोक्लेरोसिस या दिल की धमनियों में अकड़न (coronary artery spasm) होते हैं। जब कोई व्यक्ति इस समस्या का शिकार होता है तो उसका दिल सामान्य से ज़्यादा काम करने लगता है। इस समय दिल भोजन के बाद तथा शारीरिक और मानसिक तनाव के दौरान ज़्यादा काम करता है। आपके आराम करते समय भी आपका दिल काम करते रहता है। आमतौर पर एन्जिना छाती में मुख्य रूप से पैदा होता है, तथा इसके बाद बाएं हाथ से नीचे जाता है। इसके अलावा इस स्थिति में आपको कन्धों, पीठ के ऊपरी हिस्सों, दोनों हाथों, गले और जबड़े में भी पीड़ा महसूस हो सकती है।

एन्जिना के लक्षण (Signs or symptoms of Angina)

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  • दर्द, अंगों का सुन्न पड़ जाना तथा थोड़ी सी गुदगुदी
  • तेज़ दर्द
  • मरोड़ें (Cramping)
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • काफी मात्रा में पसीना निकालना और चक्कर आना
  • सीना भारी होना और दिल में तकलीफ
  • छाती में सिकुड़न का अहसास।
  • इन लक्षणों को देखने पर व्यायाम छोड़कर बैठ या लेट जाएं और शरीर को ढीला छोड़ दें।

अगर ये लक्षण बार बार दिखने लगें तो डॉक्टर से अवश्य सलाह करें।

हार्ट इन्वेशन – मायोकार्डियल इन्फ़्रेक्शन (Heart invasion (Myocardial infarction)

यह स्थिति  उत्पन्न होती है जब दिल के एक भाग में रक्त का संचार बंद हो जाता है तथा दिल की मांसपेशियों का एक भाग क्षतिग्रस्त या मृत हो जाता है। अगर दिल की यह ब्लॉकेज (blockage) कम समय के लिए होती है और कुछ समय बाद आपका दिल रक्त, ऑक्सीजन (oxygen) एवं पोषण प्राप्त करने लगता है तो इस अवस्था को सुधारा जा सकता है। इसलिए दिल की बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के लिए डॉक्टरी उपचार लेना काफी आवश्यक है।

दिल की बीमारी के सूचक (Indicators of any heart condition include)

  • सीना भारी लगना, दबाव, छाती में असहनीय दर्द या दबाव जो कुछ मिनट तक चले।
  • ऐसा दर्द जो कन्धों, गले या हाथों की तरफ ज़्यादा हो।
  • चक्कर आना या बेहोश हो जाना।
  • काफी कमज़ोरी।
  • दिल की धड़कनों का बढ़ना।
  • सांस लेने में तकलीफ होना।
  • काफी मात्रा में पसीना निकलना।
  • उलटी तथा मतली।

अगर इनमें से कोई भी लक्षण 15 मिनट से ज़्यादा रहें और आपको लगे कि ये सारे दिल से जुड़े हुए हैं तो तुरंत एक एम्बुलेंस (ambulance) बुलाएं तथा अपने किसी नज़दीकी को आपको तुरंत अस्पताल ले जाने को कहें।

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दिल का दौरा (Heart failure)

दिल का दौरा ऐसी स्थिति में पड़ता है जब आपका दिल आपके शरीर की ज़रुरत के मुताबिक़ रक्त पंप (pump) नहीं कर पा रहा हो। इसका यह मतलब नहीं है कि आपकी मृत्यु होने वाली है। इसका सिर्फ यह मतलब है कि दिल को अपनी ज़रुरत के मुताबिक़ रक्त और ऑक्सीजन प्राप्त नहीं हो रहे हैं। दिल का दौरा आमतौर पर नीचे दिए जा रहे कारणों के कारण पड़ता है  : –

कोरोनरी आर्टरी डिसीज़ (Coronary artery disease)

  • जन्म से दिल की समस्या।
  • दिल का दौरा पहले भी पड़ चुका हो।
  • उच्च रक्त चाप (blood pressure)
  • मधुमेह।
  • दिल के वाल्व (heart valves) से जुड़ी बीमारियां।
  • कार्डिओमायोपैथिस (cardiomyopathies) या ऐसी बीमारियां जो दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाए।
  • फेफड़े की बीमारी जैसे एम्फ़िसेमा (Emphysema)।

अगर आपको दिल के दौरे से सम्बंधित कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

  • पैरों तथा टखनों में सूजन जिसे एडिमा (edema) भी कहा जाता है।
  • फेफड़ों में द्रव्य जम जाना जिसे पल्मोनरी ब्लॉकेज (pulmonary blockage) भी कहते हैं।
  • अन्य लक्षणों में मुख्य है सांस लेने में परेशानी, स्लीप एपनिया (sleep apnea), कफ तथा थकान।

अरिदमिया (Arrhythmia)

कई बार आपके दिल का विद्युत विभाग ठीक से काम नहीं करता। यह कभी तेज़ होता है, कभी धीमा, कभी असामान्य और कई बार इनके चलने की गति असमान होती है। इससे आपका दिल सामान्य से तेज़ या धीमा धड़कने लगता है। इस असमान गति को अरिदमिया कहते हैं। इनके कई लक्षण होते हैं जैसे चक्कर आना, बेहोश हो जाना, थकान, सांस लेने में परेशानी, छाती में दर्द, कंपकंपाहट, थरथराहट तथा दिल का ज़ोर से धड़कना। अगर इसे नज़रअंदाज़ कर दिया जाए तो अरिदमिया जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसके कुछ प्रकार नीचे दिए गए हैं।

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ब्रैडीकार्डिया (Bradycardia)

यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब दिल का विद्युत सिग्नल (electrical signal) धीमा या बंद हो जाता है, जिससे दिल की धड़कनें सामान्य से धीमी हो जाती हैं अगर यह स्थिति ज़्यादा उत्पन्न नहीं होती तो ब्रैडीकार्डिया से डरने की कोई ज़रुरत नहीं है। लेकिन अगर यह स्थिति लम्बे समय तक रहे तो शरीर में रक्त का संचार पर्याप्त रूप से नहीं होगा, जो काफी खतरनाक हो सकता है। दिल की बीमारी और कई ड्रग्स (drugs) लेने से ब्रैडीकार्डिया की समस्या उत्पन्न हो सकती है, और आपको ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। इसके उपचार के अंतर्गत आपकी कोई पूर्व दवाई बंद करवाई जा सकती है या पेसमेकर (pacemaker) हटाया जाता है जिससे कि दिल सामान्य रूप से धड़के।

असमान या अतिरिक्त रूप से दिल का धड़कना (Irregular or even extra heartbeats)

कई बार बिलकुल स्वस्थ लोगों को भी असमान या अतिरिक्त रूप से दिल धड़कने की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई स्थितियों में असमान या अतिरिक्त दिल की धड़कनों के फलस्वरूप आपका दिल काफी तेज़ी से धड़कने लगता है जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक होता है।

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