Disadvantages of eating more Salt – ज्यादा नमक खाने के नुकसान

ज़्यादा नमक खाने से रक्तचाप बढ़ जाता है। हाइपरटेंशन (hypertension) की वजह से आपको दिल का दौरा भी पड़ सकता है और है और दिल की अन्य बीमारियां भी घेर सकती हैं। UK में मौत और विकलांगता के कारणों में से एक अधिक नमक का सेवन करना भी है। कई लोगों के अनुसार अधिक नमक खाने से पेट का कैंसर (cancer) और मोटापे, ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) और किडनी (kidney) की कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

ज़्यादा नमक खाने से वैस्कुलर डेमेंटिया (vascular dementia) और पानी सोखने की समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती हैं। नमक का ज़्यादा सेवन करने से दमे की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। इससे मधुमेह की समस्या भी उत्पन्न होती है और यही कारण है कि आज से ही नमक के सेवन में सावधानी बरतें।

शरीर के लिए ज़रूरी सोडियम मुख्य रूप से नमक द्वारा मिलता है लेकिन आवश्यकता से अधिक सोडियम की मात्रा (namak khane ke nuksan) बॉडी के लिये हानिकारक हो सकता है। मायो क्लिनिक के अनुसार ज्यादातर लोग 3,400 मि.ग्रा. सोडियम प्रतिदिन की डाइट में लेते हैं जबकि 1500 से 2,300 मि.ग्रा. संतुलित आहार के लिए पर्याप्त होता है। जितनी ज्यादा सोडियम की मात्रा आप लेते हैं उतना ही बीमार होने का खतरा बढ़ता जाता है।

अधिक नमक के सेवन से स्ट्रोक की सम्भावना (Salt Intake can cause stroke hai namak khane ke nuksan)

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स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग में रक्त का संचार होना बंद हो जाता है। इससे दिमाग के मुख्य भाग में ऑक्सीजन (oxygen) का बहाव भी कम हो जाता है, जिसकी वजह से कोशिकाएं मृत हो जाती हैं। स्ट्रोक्स दो तरीके से हो सकते हैं। आप इश्चेमिक स्ट्रोक (ischemic stroke) से पीड़ित हो सकते हैं, जो तब होता है जब रक्त कोशिकाओं में अवरोध उत्पन्न हो जाता है। आपको हेमरेजिक स्ट्रोक (hemorrhagic stroke) भी हो सकता है, जो तब होता है जब आपके रक्त की वाहिनियां फट जाती हैं और इससे मस्तिष्क में अत्याधिक रक्तस्त्राव होता है। गंभीर व्यस्क विकलांगता का मुख्य कारण स्ट्रोक होता है। स्ट्रोक उच्च रक्तचाप की वजह से हो सकता है और उच्च रक्तचाप नमक के अतिरिक्त सेवन से होता है। यही कारण है कि स्ट्रोक होने का मुख्य कारण नमक है। यह बात बिल्कुल गलत है कि उम्र बढ़ने पर ही स्ट्रोक की समस्या पैदा होती है। नमक का सेवन कम करने से स्ट्रोक की संभावना को कम किया जा सकता है।

अधिक नमक के सेवन से कोरोनरी दिल की बीमारी (Excess salt intake can cause coronary heart disease)

अत्याधिक नमक के सेवन से आपको कोरोनरी दिल की बीमारी भी हो सकती है। यह बीमारी तब होती है जब रक्त का दिल की तरफ संचार कम हो जाता है या फिर रक्त के बहाव में कोई रूकावट आती है। इससे दिल की कोई बड़ी समस्या हो सकती है और आपको दिल का दौरा भी पड़ सकता है। UK में हर साल करीब 300000 लोग दिल की बीमारी के शिकार होते हैं। अगर आपका रक्तचाप बढ़ा हुआ हो तो आपके कोरोनरी दिल की बीमारी से पीड़ित होने की काफी ज़्यादा सम्भावना होती है। जब रक्तचाप ज़्यादा होता है तो रक्त की धमनियों की दीवारें मोटी हो जाती हैं। यह इतनी संकरी हो जाती है कि इससे दिल में रक्त का संचार नहीं हो पाता। अगर ऐसा लगातार होता रहे तो इससे दिल की मांसपेशियों के मोटे होने की समस्या जन्म लेती है। इससे दिल की शरीर के हर कोने में रक्त का संचार करने की शक्ति काफी कम हो जाती है और इससे दिल का दौरा पड़ता है। दिल में पर्याप्त मात्रा में रक्त का संचार ना होने से दिल का दौर पड़ सकता है। अधिक नमक खाने से रक्तचाप बढ़ा रहता है और इससे दिल की बीमारी होने की काफी ज़्यादा सम्भावना होती है। अतः यह काफी ज़रूरी है कि आप नमक का सेवन कम करें और साथ साथ ही वज़न घटाने और जीवनशैली में परिवर्तन करने की ओर पहला कदम लें।

अधिक नमक के सेवन से मोटापा (Salt intake can cause obesity)

शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ाने के प्राकृतिक नुस्खे

यह बात आपके लिए जाननी काफी ज़रूरी है कि अतिरिक्त नमक के सेवन से वयस्कों में मोटापे की समस्या देखी गयी है। एक बार जब आप मोटापे के शिकार हो जाते हैं तो आपके उच्च रक्तचाप, कोरोनरी दिल की बीमारी, मधुमेह, स्लीप एपनिया (sleep apnea) आदि से ग्रस्त होने की सम्भावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। अधिक नमक से सेवन से आपको प्यास लगती है और इसी वजह से आप ज़्यादा द्रव्यों का सेवन करते हैं। अगर ये द्रव्य मीठे हुए तो आपका वज़न बढ़ने की पूरी सम्भावना है। चीनी युक्त पेय पदार्थों में काफी शक्ति होती है और इसीलिए इनका सेवन करने से वज़न बढ़ता है।

अधिक नमक से उच्च रक्तचाप (Salt Intake can cause high blood pressure)

सोडियम की बड़ी हुई मात्रा को किडनी द्वारा शरीर से बाहर निकाला जाता है पर जब सोडियम की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है तो किडनी पूरी तरह से इसे बाहर नहीं निकाल पातीं और खून में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है और हृदय को इसे पंप करने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है जिसके फलस्वरूप ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है।

दमा (Asthma jada namak khana se)

अधिक नमक के सेवन से दमे की समस्या भी आपको सता सकती है। हर 11 में से एक बच्चा और हर 12 में से एक व्यस्क दमे का शिकार होता है। अगर आपके बच्चे को दमे की समस्या है तो उसके खाने में नमक की मात्रा को कम करें, अन्यथा स्थिति विकट हो सकती है। एक बार नमक का सेवन कम करने से आपके स्वास्थ्य में निखार आएगा।

अधिक नमक खाने से जल अवरोधन (Fluid retention)

सेंधा नमक के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

प्राकृतिक रूप से नमक (jada namak khana) पानी को सोखता है नमक की बढ़ी हुयी मात्रा से शरीर में पानी की कमी होती है। पानी की कमी स्वास्थ्य की लिये हानिकारक होती है पैरों की सूजन, जोड़ो में दर्द, वजन का अचानक बढ़ना या कम हो जाना आदि लक्षण वाटर रिटेंशन को दर्शाते हैं। जिसके कारण ह्रदय रोग, गुर्दे की खराबी, फेंफड़ों की खराबी और आर्थराइटिस जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इसलिये डॉक्टर हमेशा सोडियम की संतुलित मात्रा लेने की सलाह देते हैं।

नमक के नुकसान और अन्य खतरे (Other dangers)

भोजन में अधिक मात्रा में लिया गया नमक बॉडी के वाटर लेवल को असंतुलित करता है। सोडियम, पोटेशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ मिलकर शरीर के तत्वों के लेवल को संतुलित रखता है, लेकिन सोडियम की बढ़ी हुई मात्रा की वजह से ये बैलेंस अव्यवस्थित हो जाता है और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है जिससे हार्ट डिजीज, किडनी की खराबी, और स्ट्रोक जैसी समस्यायें उत्पन्न होने लगती हैं।

स्त्रोत (Source)

प्रोसेस्ड और डब्बा बंद खाना सोडियम का सबसे प्रमुख स्त्रोत होता है, बाजार में मिलने वाले पैक किये हुये चिप्स, पिज़्ज़ा, कैंड सूप आदि में सोडियम की अच्छी खासी मात्रा होती है जो शरीर सोडियम लेवल को बढ़ाती है । इसके अलावा ब्रेड, पनीर और कुछ स्नेक्स भी सोडियम के मुख्य स्त्रोत होते हैं। किसी भी तरह की खाद्य सामग्री बाजार से खरीदते समय उसमे सोडियम की मात्रा की जांच करें और कम मात्रा वाले प्रोडक्ट ही खरीदें, अपने सोडियम लेवल पर हमेशा नज़र रखें।

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