Diwali 2016 : Laxmi puja And Diwali pujan vidhi – दीपावली पर इस आसान विधि से करें लक्ष्मी पूजा

दीपावली दीपों या रोशनी का उत्सव है, इसीलिए इसे दिवाली या दीपावली का नाम दिया गया है। दीपावली शब्द का संधि विच्छेद करें तो यह इस प्रकार होता है, दीप + अवली (पंक्ति) = दीपावली। यानि दीपों की पंक्ति या कतार। दीपावली में घर की सजावट दीपों से इस प्रकार की जाती है की घर का हर कोना प्रकाशमान हो जाता है। कहते हैं की अंधेरे को प्रकाश की सहायता से हराया जा सकता है इसी बात को ध्यान में रखकर कोने कोने में लोग दीपक जलाकर अपने घर का अंधेरा दूर करने का प्रयास करते हैं।

दीपावली से जुड़ी एक और धार्मिक मान्यता यह है की प्रकाश में लक्ष्मी का वास होता है, इसीलिए लोग दिवाली के दिन लक्ष्मी के स्वागत के लिए दीपों की कतार बनाते हैं और माँ लक्ष्मी का स्वागत करते हैं। हर कोई चाहता है कि, उनके घर में सदैव माँ लक्ष्मी अर्थात धन और वैभव का वास हो। माँ लक्ष्मी की कृपा बनाए रखने के लिए उनका विधि विधान से पूजन ज़रूरी है, तो आइये आपको बताते हैं की कैसे सरल विधि से करें लक्ष्मी पूजा।

लक्ष्मी पूजा को हिन्दू धर्म में विशेष स्थान दिया गया है। घर में सौभाग्य और धन वैभव बनाए रखने के लिए अधिकांश लोग माँ लक्ष्मी की विधि पूर्वक उपासना करते हैं और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं ताकि उनकी कृपा हमेशा घर पर बनी रहे और कभी भी किसी प्रकार की कोई कमी न हो।

दीपावली विशेष पर लक्ष्मी पूजन की आसान विधि (Laxmi Puja Vidhi in Hindi)

वैसे तो हर किसी को अपनी क्षमतानुसार ही पूजन की सामग्री इकट्ठा करनी चाहिए, ईश्वर आपके मन की भावनाओं को देखते हैं न कि आपके द्वारा किए गए व्यय को, तो इस बात का ध्यान रख कर आप अपनी इच्छा व क्षमतानुसार चीजों को एकत्र कर माँ लक्ष्मी का ध्यान करें उनकी कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी। अगर आप सक्षम हैं तो नीचे दी गयी इन चीजों को यथाशक्ति एकत्र कर पूजा की तैयारी करें, ये कुछ खास चीज़ें हैं जिनका प्रयोग करने पर माँ लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती हैं और यह खास चीज़ें उन्हें अतिप्रिय भी हैं। लक्ष्मी पूजन के लिए महत्वपूर्ण सामग्री इस प्रकार है,

  • कमल पुष्प
  • बेल पत्र
  • दूर्वा
  • लाल चन्दन
  • इत्र (गुलाब, केवड़ा, चन्दन)
  • गन्ना
  • सीताफल
  • अनार
  • नारियल
  • केला
  • सिंघाड़ा
  • कमल गट्टा
  • सफ़ेद मिठाई (प्रसाद में)

इन वस्तुओं का लक्ष्मी पूजा में विशेष महत्व होता है जिनके द्वार आमा लक्ष्मी की आराधना कर उन्हें जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है इसके अलावा अन्य पूजा में जिन सामान्य वस्तुओं की आवश्यकता होती है उनका प्रयोग भी लक्ष्मी पूजा में उसी प्रकार किया जाता है।

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा की तैयारी (Diwali Puja vidhi with Laxmi Poojan)

एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उसमें लक्ष्मी गणेश और सरस्वतीजी की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा रखते समय इस बात का ध्यान रखें की पूजा के समय आपका या पूजा करने वाले का मुख पूर्व दिशा की तरफ हो। लक्ष्मीजी के दाहिनी तरफ गणेश जी को रखना चाहिए। प्रतिमा के सामने चावल पर नारियल वाला कलश स्थापित करें इस कलश को जल से भरें और इसमें पाँच पत्तों के साथ आम की डाली का अग्रभाग भी रहें। नारियल पर एक लाल कपड़ा या लाल धागा लपेट दें।

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अब अपनी मुट्ठी में चावल लेकर नौ ग्रहों की स्थापना करें। चावल के नौ ढेरी में नौ सुपारी, लौंग इलायची और एक एक सिक्का रखें। इसके साथ ही षोडश मातृकाओं की भी स्थापना कर उनका भी विधि विधान से पूजन करें।

अब पूजा की चौकी में दो दीपक रखें एक दीपक को गाय के घी से और दूसरे को सरसों के तेल से भरें, सरसों की जगह आप तिल के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी को तिल का दीपक दिखाना अति उत्तम होता है।

अब एक पात्र में जल भरकर उसे अपने पास रखें और जल लेकर इस मंत्र का उच्चारण करें।

ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा। यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥

पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः

कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥ ‘’

इसके साथ आप पूजा के लिए जिस आसान का प्रयोग कर रहे हों उस आसान को जल छिड़क कर पवित्र करें।

इस मंत्र का उच्चारण करते हुए सभी देवी देवताओं पर छिड़क कर पवित्र करें। इसी तरह पूजा की सामग्री को भी पवित्र करने  के पश्चात धरा देवी यानि पृथ्वी को पूजा के स्थान के रूप में पवित्र करें।

मंत्र :

ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता।

त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥

पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः

अब अपने मुंह में तीन बार हाथ की उँगलियों से पानी छिड़कते हुए आचमन करें

मंत्र

ॐ केशवाय नमः 

ॐ नारायणाय नमः 

ॐ वासुदेवाय नमः 

इन तीन मंत्रों का तीन बार बारी बारी से उच्चारण करते हुए आचमन करें। अब ॐ हृषिकेशाय नमः उच्चारित करते हुए अपने हाथ धोएं। इसके बाद हाथ में जल, पुष्प और अक्षत लेकर संकल्प करें। नौ गृह उपासन, षोडश मातृकाओं की उपासन और संकल्प के बाद श्री गणेश की पूजा करें और उसके बाद कलश पूजन करना चाहिए। पूजा की चौकी में प्रतिमा के पास चाँदी के सिक्के व कुछ रुपये भी रखें। तीनों देवी देवताओं को मौली अर्पित करें और पूजा के बाद इसे रक्षा सूत्र के रूप में अपने हाथों में बँधवा लें।

आपने पूजा के लिए जिन जिन सामग्रियों को एकत्र किया है उन्हें माँ लक्ष्मी, गणेश व सरस्वती को अर्पित करें। सबसे पहले प्रतिमा पर जल छीड़कें इसके बाद कुमकुम और चन्दन आदि लगाएँ, चन्दन के बाद अक्षत का टीका लगाएँ, तत्पश्चात फूल मालाओं आदि से तीनों देवी देवता को सजाएँ और धूप गंध अर्पित करें। इसके बाद प्रसाद का भोग दिखाएँ। प्रसाद में खील, बताशे, चावल की खीर और दूध के पेड़े प्रमुख होते हैं। यथाशक्ति फलों का प्रसाद भी चढ़ाएँ।

माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए श्रीसूक्त व लक्ष्मीसूक्त का पाठ करना चाहिए।

आँखें बंद कर ध्यान द्वारा माँ लक्ष्मी की उपासना करें और उनसें निवेदन करें की उनकी कृपा हमेशा आपके घर पर बनी रहे और आपके घर के भंडार सदैव भरे रहें।

पूजन के पश्चात मंत्र द्वारा क्षमा प्रार्थना करें।

क्षमा प्रार्थना मंत्र : (Kshama Prarthana Mantra For Laxmi Puja In Hindi)

आवाहन न जानामि न जानामि विसर्जनम |
पुजा चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर |
मंत्रहीन क्रियाहीन भक्तिहीन सुरेश्वर |
यतपूजित मया देव ! परिपूर्ण तदस्तु मे ||

इस आसान विधि के द्वारा दिवाली की रात लक्ष्मी पूजा कर अपने घर में सुख व समृद्धि बनाएँ रखने का निवेदन माँ लक्ष्मी से करें। माँ लक्ष्मी आपकी मनोकामना ज़रूर पूरी करेगी।

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