How to improve Hindi handwriting, Hindi handwriting tips – हिन्दी की लिखावट को सुधारने के आसान तरीके, हिन्दी हैंडराइटिंग टिप्स

सुंदर लिखावट (sundar likhavat) हर किसी की इच्छा होती है, हर कोई चाहता है कि उसकी लिखावट की सब तारीफ करें और साथ ही बच्चों की लिखावट के लिए भी कई माता पिता अतिरिक्त रूप से परेशान रहते हैं। आपकी लिखावट आपके व्यक्तित्व का दर्पण होती है। जिसकी लिखावट जितनी सुंदर होती है उसके व्यक्तित्व को भी उतना ही आकर्षक माना जाता है खैर, यह सब एक अलग बात है यहाँ हम उन संदर्भ में बात करने जा रहे हैं जो लिखावट की वजह से आपके जीवन को नई ऊँचाइयाँ देती है या फिर आपकी खराब लिखावट की वजह से आपके प्रगति के मार्ग में बाधक बनती है। कई लोग लिखावट खराब होने की वजह से सार्वजनिक रूप से लिखने में कतराते हैं और शर्म भी महसूस करते हैं, अगर आप भी उन लोगों में से हैं तो यह कोई बहुत कठिनाई भरा काम नहीं है जो कभी संभव न हो सके। अगर आप मेहनत करने को तैयार हैं तो आपकी हैंडराइटिंग भी खूबसूरत और आकर्षक हो सकती है।

बहुत से लोग यह मानते हैं कि एक उम्र के बाद हैं हैंड राइटिंग सुधारी नहीं जा सकती। तो हम आप को बताना चाहते हैं कि, यहाँ हम कोई कद या लंबाई के बारे में बात नहीं कर रहे हैं जो एक उम्र के बाद नहीं बढ़ती, आपकी लिखावट या आपकी हैंडराइटिंग में केवल आप स्वयं ही सुधार कर सकते हैं। आपने सुना ही होगा, करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान, रसरी आवत जात, सील पर करत निशान। इसका मतलब यह है कि, बार बार एक पतली सी रस्सी के घिसाव से कठोर पत्थर पर भी लकीर या निशान बन जाता है। अभ्यास और दृढ़निश्चय आपको हर कुछ संभव करने को प्रतिबद्ध कर देता है। अगर आप निश्चित कर लें की आप अपनी लिखावट सुधारना चाहते हैं तो यह अवश्य संभव है।

चार लाइन वाली कॉपी से करें शुरुआत (Hindi handwriting improvement)

बच्चों को लिखना सिखाने के लिए बाज़ार में चार लाइन वाली कॉपी मिलती है, जिस पर आप लिखावट सुधारने के तरीके की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें आप जो भी लिखते हैं वह एक आकार में होता है। जिससे लिखने का यह अभ्यास आदत में बदल जाता है और आप अक्षरों को एक सही आकार में लिखते हैं।

शुद्ध लेखन और पुनरावृत्ति (Hindi handwriting practice)

अच्छी हैंडराइटिंग एक या दो बार के अभ्यास से नहीं आती। इसके लिए आपको लगातार कई दिनों तक मेहनत करने की ज़रूरत पड़ती है। कुछ खास अक्षरों और वाक्यों को बार बार लिखने का अभ्यास करें। उसके बाद शुद्ध लेखन का भी अभ्यास ज़रूरी है। किसी आलेख या कहानी को पढ़कर उसे बार बार लिख के दोहराते रहें और उनमें जो भी कठिन अक्षर हो उसे हर बार चेक करें की आपने इस बार कितना सुधार किया है।

सुंदर हिन्दी लिखावट के उपाय (Hindi Handwriting kaise sudhare?)

हिन्दी लिखने का सही तरीका, गोल आकार में लिखने की कोशिश करें (How to improve handwriting in Hindi)

हिन्दी के किसी भी अक्षर को गोल आकार देने की कोशिश करें। चाहे कोई भी अक्षर हो उसे गोलाई देते हुये लिखें यह साफ़ और सुंदर अक्षरों की पहली पहचान होती है इससे हर अक्षर साफ और सुंदर दिखाई देते हैं। जैसे ट, ह, थ आदि कोई भी अक्षर जब भी आप लिखें तो पहले इनकी बनावट पर ध्यान दें। इन्हें हर तरीके से लिखन एकी कोशिश करें और अंत में गोलाई के साथ लिखें, आप पाएंगे की गोल आकार में अक्षर ज़्यादा सुंदर लगते हैं।

लिखने के तरीके, सुंदर लिखावट के लिए खड़ी रेखाओं पर ध्यान दें (How to improve hindi handwriting with vertical lines)

आपने हिन्दी के अक्षरों को अगर ध्यान से देखा हो तो पाएंगे कि, कुछ खास अक्षर जैसे म, न, भ, आ, य आदि को लिखने के लिए खड़ी लाइन खींचने की ज़रूरत पड़ती है। इस खास अक्षरों की लकीरों को बिलकुल सीधा खींचना चाहिए, यह लिखने का सही तरीका होता है, अगर जैसे ‘म’ या ‘भ’ अक्षर की ये नन्ही सी लकीर अगर सीधी न होकर थोड़ी दायें आय बाई तरफ झुकी हो तो यह अक्षर के आकार को बिगाड़ देती है, जिससे पूरे अक्षर के साथ आपकी लिखावट भी खराब हो जाती है, तो इस अक्षरों को लिखने से पहले इन महत्वपूर्ण खड़ी लकीरों का खास ध्यान रखें।

लिखावट में सुधार, सुंदर लेखन कला में शिरोरेखा का महत्व (Tips to improve Hindi handwriting with Shirorekha)

हिन्दी के अक्षरों में ऊपर की ओर लगाई जाने वाली रेखा को शिरोरेखा कहते हैं, इसे आम बोलचाल की भाषा में शीर्षरेखा या अक्षर के ऊपर लाग्ने वाली लाइन भी कहते हैं। यह शिरोरेखा अक्षर को सुंदर बनाने में एक मत्वपूर्ण योगदान देता है। यह किसी भी वर्ण या अक्षर को सम्पूर्ण करता है। बिना इस आदि रेखा के अक्षर अनाकर्षक और अधूरे लगते हैं। इन्हें भी एक सीधी लाइन के रूप में किसी भी वर्ण या अक्षर के ऊपर खींचना चाहिए। शिरोरेखा टूटी या कटी हुई नहीं होनी चाहिए और इसे शब्द के एक मिमी पहले से शुरू करते हुये उसी  शब्द के एक मिमी बाहर तक खींचना चाहिए, कुछ लोग केवल अक्षर या शब्द के ठीक ऊपर ही शिरोरेखा खींचते हैं जो गलत है यह अक्षर से थोड़ा बड़ा होना चाहिए।

लिखने का सही तरीका : मात्राओं के आकार पर ध्यान दें (How to make beautiful handwriting in Hindi)

लिखावट के समय वाक्य बनाने या अक्षरों को पूरा करने के लिए मात्राओं का प्रयोग किया जाता है। इन मात्राओं को किसी भी अक्षर के साथ लगाने के लिए उसका एक आकार सुनिश्चित करना ज़रूरी है। आपके अक्षर जिस आकार के हैं ये मात्राएँ उन अक्षरों के आकार के साथ मेल खानी चाहिए। कई बार लोग ‘इ’ या ‘ई’ की मात्रा को अक्षर से बना रूप दे देते हैं। यह देखने में भद्दा तो लगता ही है साथ ही आपकी लिखावट को भी खराब कर देता है।

हैंडराइटिंग कैसे सुधारे? सही मुद्रा में बैठें (How to improve handwriting for adults in Hindi)

लिखने के लिए हमेशा सही मुद्रा या स्थिति में बैठना ज़रूरी है, खासकर जब आप लिखावट सुधारने का प्रयास कर रहे हों तब यह और भी ज़रूरी हो जाता है। लिखावट सुधारने के उपाय (likhavat sudharne ke upay) में सही और समतल जगह पर बैठना उचित समझा जाता है साथ ही जिस जगह पर रख कर लिख रहे हों वह भी समतल होनी चाहिए।

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