Stem cell therapy: effectiveness in medical field in Hindi – स्टेम सेल थेरेपी: मेडिकल क्षेत्र में प्रभावशालिता

मानव शरीर की गतिविधियों के अंतर्गत स्टेम सेल्स का अनूठापन उनके पुनर्जन्म एवं विभाजन की कला की वजह से सबसे अलग है। यह सेल समाज को कई जानलेवा बीमारियों के इलाज का आश्वासन देने के साथ कई खूबियों से भरपूर होती है। कैंसर के मरीज़ का इलाज करते समय डॉक्टर भी ना कहकर उन्हें ढांढस नहीं बंधाते हैं। पर यह जानलेवा बीमारी अब स्टेम सेल थेरेपी के माध्यम से ठीक हो सकती है। कैंसर की बीमारी में कोशिकाओं के अनियंत्रित विभाजन के फलस्वरूप कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। पर अब आप स्टेम सेल की इस स्थिति के बारे में जानकर इसके राज़ एवं इसके विभाजन के प्रारूप पर से पर्दा हटा सकते हैं। दौरे, पार्किंसंस रोग (Parkinson’s disease), मधुमेह, रीढ़ की हड्डी में चोट तथा ह्रदय की बीमारियों का इलाज विकसित करने की प्रक्रिया में स्टेम सेल की पुनरुत्पादक खूबियां काफी प्रभावी होती हैं। परन्तु एम्ब्रियोनिक (embryonic) स्टेम सेल थेरेपी की विवादित की वजह से स्टेम सेल का शोध हमारे देश में सीमित है।

चिकित्सकीय क्षेत्र में प्रभावशालिता (Effectiveness in medical field)

स्थायी रूप से मधुमेह किस प्रकार दूर करें

स्टेम सेल थेरेपी कई प्रकार की जानलेवा बीमारियों से पीड़ित छह हज़ार मरीज़ों के इलाज में काफी प्रभावी साबित होगी। हेमाटोपीटिक कोशिकाओं (hematopoietic cells) के अलावा कॉर्ड्स में कोशिकाओं के अन्य प्रकार भी होते हैं। इस विशेष सेल को मेसनकैमल (Mesenchymal) कोशिका के नाम से जाना जाता है। वैज्ञानिकों ने इस प्रकार के कॉर्ड सेल का नाम ‘सुपर सेल’ (super cell) रखा है, क्योंकि इनमें एक सामग्री होती है एवं ये पौराणिक विकास की सीमा में रहते हैं। चिकित्सकीय विज्ञान का दृढ़ विश्वास है कि ये कोशिकाएं काफी प्रभावी होती हैं तथा ऐसी कई संभावित रूप से गंभीर रोगों का इलाज करने की क्षमता रखती हैं जो समाज में कई लोगों को प्रभावित करते हैं। यह समस्या ह्रदय, एडीपोज़ टिश्यूज़ (adipose tissues), हड्डी या न्यूरल (neural) से सम्बंधित हो सकती है।

जिन वैज्ञानिकों ने पार्किन्सन्स या अल्झाइमर्स जैसी बीमारियों के इलाज का तरीका ढूँढने के क्षेत्र में काम किया है, उन्हें पूरी उम्मीद है कि रीढ़ की हड्डी में लगी चोट भी स्टेम सेल थेरेपी के माध्यम से पूर्ण रूप से ठीक हो सकती है। अतः कई अभिभावकों को लगता है कि दोनों प्रकार की कोशिकाएं परिवार में कोई गंभीर समस्या आने की स्थिति में इलाज के लिए इकठ्ठा की जा सकती हैं।

चिकित्सकीय क्षेत्र में स्टेम सेल थेरेपी (Stem cell therapy in medical field)

विभिन्न जीव जंतुओं में स्टेम सेल थेरेपी का प्रयोग करने के लिए कई प्रकार के क्लीनिकल ट्रायल्स (clinical trials) किये गए हैं। इन क्लीनिकल ट्रायल्स की जांच से कई सकारात्मक परिणाम निकले हैं। ल्यूकेमिया (leukemia) की बीमारी का इलाज करने में स्टेम सेल थेरेपी काफी उपयोगी साबित हुई है। यह थेरेपी इतनी प्रभावी साबित हुई है कि यह ग्राफ्ट (graft) बनाम ल्यूकेमिया प्रभाव को नियंत्रित करती है।

स्वास्थ्यकर कोशिकाओं का उत्पादन (Generation of healthy cells)

स्टेम सेल थेरेपी में खराब कोशिकाओं को स्वस्थ कोशिकाओं से बदला जाता है। स्टेम सेल थेरेपी की प्रभाविता से चिकित्सा विज्ञान ने एक क्रांति को जन्म दिया है। इनमें क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करने के गुण होते हैं। स्टेम सेल थेरेपी की मदद से कोशिकाओं का पुनरुत्पादन भी संभव है। यदि रीढ़ की हड्डी में लगी चोट से जुड़ी कोई समस्या है तो यह स्टेम सेल थेरेपी के माध्यम से दूर की जा सकती है। इलाज की यह प्रक्रिया कैंसर, अल्झाइमर्स (Alzheimer’s), दौरे, जलने आदि की स्थिति में काफी कारगर साबित होती है। कैंसर की कोशिकाओं का इलाज काफी मुश्किल होता है, परंतु इसे भी स्टेम सेल की प्रभावी पद्दति के माध्यम से दूर किया जा सकता है।

नयी औषधियों का प्रभावी परीक्षण (Testing new drugs effectively)

स्टेम सेल थेरेपी का क्रांतिकारी इलाज लोगों में बिना किसी साइड इफेक्ट्स (side effects) के नयी औषधियों के परीक्षण का बेहतरीन तरीका है। यह प्रभाव औषधियों की गुणवत्ता से भी प्राप्त किया जा सकता है। यह ह्रदय एवं गुणवत्ता जांच के लिए भी काफी आवश्यक है। इसका औषधि विकास एवं एक व्यक्ति के इलाज प्राप्त करने की इच्छा प्रक्रिया पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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