Causes and effects of depression in women tips in Hindi – महिलाओं में तनाव के कारण एवं प्रभाव

तनाव आज के दौर की एक ऐसी समस्या है जो हर वर्ग और हर उम्र के लोगों को होती है। आजकल लोग अपने मालिक को प्रसन्न करने के लिए अपने ऊपर अतिरिक्त तनाव ले लेते हैं। तनाव तब होता है जब जो काम आप चाहते थे वो न हो। तनाव के शिकार हर व्यक्ति के लक्षण और प्रभाव अलग अलग होते हैं।

महिलाओं में तनाव के लक्षण पुरुषों से काफी अलग होते हैं। महिलाओं में तनाव के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से एक कारण हैं प्रजनन के हॉर्मोन।महिलाओं पर सामाजिक दबाव की वजह से भी उन्हें तनाव हो जाता है।

महिलाओं में तनाव का कारण (Causes of depression in women – tanav ke karan)

मानसिक तनाव के कारण – बांझपन और गर्भावस्था (Infertility and pregnancy) जब महिलाएं बांझपन का शिकार होती हैं तो उनके हॉर्मोन्स में परिवर्तन आता है। गर्भावस्था के दौरान भी हॉर्मोन्स में कई परिवर्तन आते हैं। गर्भावस्था के उच्छ मोड़ में महिलाओं में गर्भपात का भी काफी ख़तरा रहता है। इन सब कारणों से तनाव हो सकता है।

स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं (Health problems) कई महिलाएं कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से भी पीड़ित रहती हैं। कुछ स्वास्थ्य समस्याओं में मुख्य है मानसिक समस्याएं, डाइटिंग से उत्पन्न हुई समस्या,विकलांगता, धूम्रपान छोड़ने की समस्या आदि। क्योंकि महिलाएं शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं रह पाती अतः उन्हें मानसिक बीमारियां होने की भी काफी ज़्यादा संभावना रहती है जिससे तनाव होता है।

महिलाओं में थाइरोइड की समस्याओं के कारण

मानसिक तनाव के कारण – रजोनिवृत्ति (Menopause) हर महिला रजोनिवृत्ति के समय एक अजीब तरह की मानसिक प्रक्रिया से गुज़रती है। यह वह समय होता है जब एक महिला का मासिक धर्म चक्र पूरी तरह रूक जाता है। वो बच्चा पैदा करने की शक्ति से वंचित हो जाती है। इस समय उसके प्रजनन अंगों में भी बदलाव आना शुरू हो जाता है। अगर महिला का तनाव का इतिहास रहा है तो ये तनाव उसे दोबारा होगा।

शरीर सम्बन्धी समस्याएं (Body image issue) जब महिलाएं युवावस्था में प्रवेश करती हैं तो लिंग में भिन्नता का तनाव उत्पन्न होता है। जवानी के दिनों में लिंग की भिन्नता काफी तनाव उत्पन्न करती है। अपने शरीर से संतुष्ट न होना भी तनाव उत्पन्न करता है। जवानी में महिलाओं में होने वाले शारीरिक परिवर्तन भी तनाव के लिए ज़िम्मेदार होते हैं।

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अत्याधिक दबाव (Excess stress) जो लोग अपनी सहनशक्ति से ज़्यादा कार्य अपने ऊपर ले लेते हैं वे ज़्यादा तनाव का शिकार होते हैं। पुरुषों के मुकाबले घरेलू एवं कामकाजी महिलाओं के तनाव में आने की संभावना ज़्यादा रहती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक़ महिलायें पुरुषों से ज़्यादा तनाव के हॉर्मोन पैदा करती हैं।

जो महिलाएं तनाव का शिकार होती हैं वे हमेशा नकारात्मक बातें ही सोचती हैं। उनके ख्याल में कोई सकारात्मक बात आती ही नहीं है।

मानसिक तनाव के लक्षण – तनाव के लक्षण (Symptoms of depression)

आपको कैसे पता चलेगा कि आप तनाव की शिकार हैं ? आप इसका पता कुछ लक्षणों (tanav ke lakshan) से लगा सकती हैं।

1. भारी मात्रा में किसी बात का पश्चाताप होना

महिलाओं में रजोनिवृति के लक्षण और कारण

2. नींद आने में परेशानी

3. शरीर में ऊर्जा की कमी

4. थकान

5. वज़न में परिवर्तन

6. खानपान से अनिच्छा

7. किसी काम में ध्यान न लगना

8. मृत्यु की चिंता करना

9. ख़ुदकुशी का ख्याल मन में आना

आज ही किसी डॉक्टर को दिखाएँ और उनसे जानें कि किन स्थितियों में लोगों में, खासकर महिलाओं में तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है।

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