What is autoimmune disease? State its effect on women and remedies – स्वप्रतिरक्षित रोग क्या हैं? ऑटोइम्यून डिजीज के लक्षण और महिलाओं पर प्रभाव

ऐसे कई तरह के रोग होते हैं जो महिलाओं और पुरुषों, दोनों को ही प्रभावित करते हैं और इन रोगों के लक्षण और शरीर पर प्रभाव में प्रायः भिन्नता हो सकती है. कुछ रोग सामान्य लक्षणों जैसे हल्का बुखार, थकान या कमजोरी आदि शामिल हैं. इसी तरह स्वप्रतिरक्षित रोग (Autoimmune Disease) भी कुछ लक्षणों के साथ सामने आते हैं जिनमें लक्षण आते जाते रहते हैं. स्वप्रतिरक्षित रोग में कुछ लोगों में यह लक्षण बहुत ही सामान्य होते हैं लेकिन कई लोगों में यह देखा गया है कि लक्षणों का प्रभाव बहुत गंभीर होने लगता है.

स्वप्रतिरक्षित रोग एक ऐसी समस्या है जिसमें रोगप्रतिकारक शरीर के विरुद्ध व्यवहार करने लगते हैं और शरीर के उत्तकों पर ही आघात करना शुरू कर देते हैं. स्वप्रतिरक्षित रोग अलग अलग तरह के लक्षणों और व्यवहार के साथ सामने आते हैं जिसमें से कुछ को आसानी से पहचाना जा सकता है जबकि कुछ को नहीं.यह एक ही समय में एक से अधिक प्रकार की बिमारियों को उत्पन्न कर सकते हैं.

स्वप्रतिरक्षित रोग के लक्षण हिंदी में

  • चेहरे और सिर से बालों का झड़ना
  • शरीर के अन्य हिस्सों में हेयर लोस
  • कलाई और घुटनों में लाल रैश
  • नसों और धमनियों में खून के थक्के जमना
  • गर्भपात
  • खुजली
  • जोड़ों में दर्द
  • पेट में गड़बड़ी और
  • लीवर का बढ़ना
  • आँखों में सफेदी
  • त्वचा के रंग में पीलापन

स्वप्रतिरक्षित रोग के लक्षणों में डायबिटीज टाइप 1 भी एक है जो इन्सुलिन का निर्माण करने वाली कोशिकाओं पर आघात करने की वजह से होता है. यह हमारी नसों, किडनी और मसूड़ों को भी आसानी से नुकसान पहुंचा सकता है. दिल के रोगों व समस्याओं के अलावा कुछ इस तरह के और भी लक्षण इस रोग में सामान्य होते हैं,

  • आँखों का धुंधलापन
  • रूखी और खुश्क त्वचा
  • वजन में कमी
  • बार बार पेशाब जाना
  • पैरों में झुनझुनाहट
  • अत्यधिक प्यास लगना

ग्रेव्स ऑटोइम्यून डिसिज (Graves- autoimmune disease)

यह शरीर के थायरोइड को प्रभावित करता है. इसकी वजह से थायरोइड का स्तर बहुत अधिक हो जाता है. इसके साथ कुछ इस तरह के लक्षण सामने आते हैं जैसे,

  • वजन कम होना
  • पसीना आना
  • नींद की समस्या
  • गर्मी के प्रति संवेदनशीलता

गियान बारे ऑटो इम्यून डिजीज (Guillain batrree auto immune disease)

इस रोग से ग्रसित लोगों की उन नसों पर प्रभाव पड़ता है जो रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क से जुडी होती है. जब मस्तिष्क शरीर को नसों के द्वारा सूचना प्रेषित करता है तो इसे सूचना के माध्यम से पहुंचाने में बहुत कठिनाई होती है.

गियान बारे ऑटो इम्यून डिजीज के लक्षण हिंदी में (Symptoms of Guillain batrree auto immune disease in Hindi)

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  • लकवा
  • पैरों में कमजोरी और झुनझुनी

महिलाओं पर ऑटोइम्यून डिजीज का प्रभाव हिंदी में (Effects of autoimmune disease on women)

ऑटोइम्यून डिजीज का प्रभाव महिलाओं पर गंभीर रूप से दिखाई देता है. इसकी वजह से ध्यान केन्द्रित करने में समस्या उत्पन्न होती है जो पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक दिखाई देता है. इस रोग के साथ महिलाओं में कई तरह के संक्रमणजन्य रोग हो सकते हैं. शरीर में दर्द का अहसास होना भी एक आम बात होती है. ऑटोइम्यून डिजीज के प्रभाव से महिलाओं के शरीर में हार्मोन का असंतुलन होता है.

ऑटोइम्यून डिजीज के घरेलू इलाज हिंदी में (Home remedy for Autoimmune disease in Hindi)

अंकुरित अनाज (Sprouted seeds)

महिलाओं में ऑटोइम्यून डिजीज के घरेलू उपाय के लिए अंकुरित अनाजों का प्रयोग किया जाना चाहिए जिनमें अलसी के दानें और सिया सीड्स सबसे अधिक उपकारी हैं. इनमें प्रचुर मात्रा में फाइबर और हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता होती है.

हड्डियों का शोरबा (Bone broth)

ऑटोइम्यून डिजीज के उपचार के लिए हादियों से बने सूप या जूस का प्रयोग अबसे अच्छा चुनाव है इसमें एमिनो एसिड और कोलेजन की भरपूर मात्रा होती है.

किण्वित भोजन या सब्जियां (Fermented vegetables)

फरमेंटेड या किण्वित किये हुए भोजन अथवा सब्जियों का प्रयोग महिलाओं को इस समस्या से राहत देता है. यह बड़ी आंत में पीएच लेवल को सही करता है.

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