Hindi remedies for urinary incontinence in women – महिलाओं में मूत्र असंयमितता के कारण

कई बार लोग अनचाहे ही मूत्र विसर्जन करने में असमर्थता महसूस करते हैं जिसे मूत्र असंयमितता कहा जाता है। इसकी वजह से कुछ महिलाओं को खांसने या दौड़ने की स्थिति में भी मूत्र की कुछ बूँदें निकल आने की समस्या पेश आती है। कुछ महिलाओं को काफी मात्रा में मूत्र निकलने के पहले ही मूत्र लगने की आशंका सी हो जाती है। अगर मूत्र निकलने के बाद दुर्बलता आती है तो मूत्र असंयमितता काफी चिंता का विषय है। कुछ महिलाओं में मूत्र विसर्जन की प्रवृत्ति कुछ अधिक होती है अतः वे किसी घरेलू कार्यक्रम में या दोस्तों के साथ कहीं जाने में हिचकिचाती हैं। संभोग की प्रक्रिया के दौरान भी मूत्र निकल आने की समस्या पेश आ सकती है। इससे पति पत्नी के बीच मानसिक एवं भावनात्मक तनाव उत्पन्न होता है।

महिलाओं में मूत्र असंयमितता का समय (Time of causing urinary incontinence in women)

महिलाओं में मूत्र असंयमित्ता की परेशानी मुख्यतः दो बार होती है। एक बार तो तब जब वे गर्भवती होती हैं और दूसरी बार उन्हें ये परेशानी रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज़ के दौरान होती है। पर अगर वे स्नायु तंत्र की चोट से ग्रस्त हैं तो मूत्र असंयमितता की परेशानी काफी आम है।

जैसे जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है वैसे वैसे उनकी कम उम्र की महिलाओं के मुकाबले मूत्र असंयमितता से ग्रसित होने की संभावना अधिक होती है। पर ये ध्यान रखें कि इस परेशानी का महिलाओं की उम्र से कोई लेना देना नहीं है एवं किसी भी उम्र की महिला को यह समस्या हो सकती है।

मूत्र असंयमिता का योग द्वारा उपचार

अनियंत्रित मूत्राशय की समस्या – महिलाओं में मूत्र असंयमितता होने के कारण (The causes of urinary incontinence in women)

महिलाएं कई कारणों से मूत्र असंयमितता की शिकार हो सकती हैं। कुछ प्रमुख कारण हैं :-

  • मूत्र असंयम, जन्मजात दोष
  • कई बार स्क्लेरोसिस की प्रक्रिया होना
  • मूत्र असंयम, उम्र का बढ़ना
  • स्नायु तंत्र में चोट लगना
  • मूत्र असंयम, दौरा

कई महिलाओं को मांसपेशियों एवं स्नायु की समस्या के कारण भी मूत्र असंयमितता का सामना करना पड़ सकता है। वे लम्बे समय तक मूत्र का विसर्जन करने में या मूत्र को रोकने में असमर्थ होती हैं, या यूँ कहें कि उनका मूत्राशय इन कामों में असमर्थ साबित होता है। मनुष्य का गुर्दा पानी एवं अन्य गन्दगी निकालकर शरीर में जमा रखता है। मूत्राशय और कुछ नहीं बल्कि एक ऐसा अंग है जो इंसान के शरीर में मूत्र को रोके रखता है। मूत्राशय मूत्रमार्ग से जुड़ा होता है जिसकी वजह से मूत्र शरीर के अंदर रहता है। मूत्राशय की दीवारों में खिंचाव उत्पन्न होने की वजह से मूत्र मूत्राशय से निकलकर मूत्रमार्ग में जाता है।

कई लोग मूत्र असंयमितता की समस्या को दूर करने के लिए कई चिकित्सा पद्दतियों पर काम कर रहे हैं,पर इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि हर पद्दति हर महिला को जंचे ऐसा ज़रूरी नहीं है। क्योंकि इस स्थिति में मांसपेशियां काफी कमज़ोर होती हैं अतःखिंचाव की स्थिति में ये मूत्र रोकने की सही स्थिति में नहीं रहती और कई बार कम दबाव में भी मूत्र निकल जाता है।

मूत्र असंयम के कारण – अस्थायी मूत्र असंयमितता के कारण (Causes of temporary urinal continence)

निम्नलिखित चीज़ों का सेवन करने से आपको अस्थायी मूत्र असंयमितता की समस्या हो सकती है :-

मासिक धर्म के दर्द को रोकने के लिये उपाय

  • कैफीन
  • कार्बोनेटेड पेय पदार्थ
  • कॉर्न सिरप
  • विटामिन बी का ज़्यादा सेवन
  • शराब
  • कैफीन रहित चाय या कॉफ़ी
  • नकली स्वीटनर
  • अधिक मात्रा में चीनी युक्त फल
  • विटामिन सी का ज़्यादा सेवन

कुछ लोग मांसपेशियों को स्थिर करने वाली दवाई या इस तरह की अन्य औषधियों के साइड इफ़ेक्ट की वजह से भी मूत्र असंयमितता के शिकार होते हैं।

मूत्र असंयमितता के प्रभाव (Effects of urinary incontinence)

कब्ज़ (Constipation)

महिलाओं का उत्सर्जन तंत्र पुरुषों की तरह नहीं होता जहां मलद्वार एवं गुप्तांग एक दूसरे से अलग होते हैं। महिलाओं का उत्सर्जन तंत्र ऐसा होता है जहां मलाशय ठीक मूत्राशय नीचे स्थित होता है। अतः इस बात की काफी संभावना होती है कि मलद्वार के बैक्टीरिया मूत्राशय में प्रवेश कर जाएं। इससे मूत्राशय में ज़्यादा खिंचाव पैदा होगा एवं मूत्र लगने की प्रक्रिया कई बार होगी।

मूत्र पथ के संक्रमण – मूत्र पथ में इन्फेक्शन (Urinal tract infection)

कभी कभी इन्फेक्शन होने की स्थिति में बार बार मूत्र लगने की संभावना बढ़ जाती है। इस इन्फेक्शन के कई लक्षण होते हैं जैसे खराब बू,त्वचा का जलना एवं मूत्र विसर्जन की प्रक्रिया का दिन में कई कई बार होना।

मूत्र पथ के संक्रमण – मूत्र पथ में लगातार रहने वाला इन्फेक्शन (Persistent urinary tract infection)

महिलाओं की सेहत और स्तन वृद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ एस्ट्रोजेन युक्त खाद्य पदार्थ

कई कारणों की वजह से लोग लगातार मूत्र पथ में रहने वाले इन्फेक्शन से परेशान रहते हैं:-

  • उम्र में बदलाव
  • गर्भाशय का ऑपरेशन
  • स्नायु तंत्र की समस्या
  • बच्चे का जन्म
  • रजोनिवृत्ति
  • मूत्राशय का बड़ा हो जाना

हॉर्मोन में परिवर्तन एवं वज़न बढ़ने की वजह से भी महिलाओं के मूत्र पथ पर प्रभाव पड़ता है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाएं कम मात्रा में एस्ट्रोजन निर्मित करती हैं। उम्र बढ़ने की वजह से भी इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है।

Subscribe to Blog via Email

Get Hindi tips to your inbox everyday