How to study well, Best study tips for students – इन तरीकों से करें पढ़ाई, बेस्ट स्टडी टिप्स

परीक्षा का समय नजदीक है और बच्चों के साथ बड़ों के मन में भी काफी प्रेशर हो जाता है। अक्सर बच्चे इस दौरान ज़्यादा चिंतित हो जाते हैं और इस वजह से पढ़ाई में फोकस नहीं कर पाते, कुछ आसान उपाय और बड़ों का मार्गदर्शन बच्चों को उम्मीद की एक नई किरण दे सकता है, इसीलिए जितना हो सके उतना बच्चों को प्रोत्साहित करें। बच्चों के लिए पढ़ाई करने के कई तरीके लोगों द्वारा बताए जाते हैं।

इस लेख में बच्चों के लिए पढ़ाई के कुछ आसान टिप्स द्वारा यह मदद करने की कोशिश की जा रही है कि इसे पढ़कर बच्चे या माता पिता परीक्षा की तैयारी में व्यस्त बच्चों को पढ़ाई की सही योजना का तरीका बता सकेंगे, यह आसान टिप्स पढ़ाई को थोड़े आसान तरीके से करने में भी बच्चों की सहायता करेगा।

पढ़ाई करने के तरीके, सुबह जल्दी उठें (Wake up early in the morning, Study tips in Hindi)

सुबह जल्दी उठना हर किसी के लिए अच्छा होता है। अगर आप विद्यार्थी हैं तो यह आपके लिए विशेष रूप से लाभदायक हो सकता है। परीक्षा नजदीक है और पढ़ाई के लिए कम समय बाकी रह गया है। कुछ महीनों पहले से ही सुबह जल्दी उठने का प्रयास करें। सुबह अपने नियमित कार्यों को कर अपनी पढ़ाई शुरू करें। जल्दी उठ जाने पर आपका बहुत सा समय बच जाता है और दिन में आपको अधिक समय अपनी पढ़ाई के लिए मिलता है। सुबह उठकर पढ़ाई के लिए समय निकालना सबसे बेहतर स्टडी आइडिया (best study idea) माना जाता है, क्योंकि इस वक़्त वातावरण में चारों तरफ शांति का माहौल रहता है, पक्षियों की चहचहाहट और सुबह की मंद हवा मन को सुकून देती है। अगर आप सुबह की हल्की सैर पर जाएँ तो भी आपका मन और शरीर फ्रेश महसूस करता है और पढ़ने में अच्छी तरह मन लगता है।

टाइम टेबल बनाएँ और पालन करें (Study tips for students)

पढ़ाई करने के लिए एक सही योजना की भी ज़रूरत होती है। अपने पूरे दिन को एक योजनाबद्ध रूप से व्यवस्थित करें। अपने सुबह से रात तक के समय का टाइम टेबल बनाएँ और उसमें यह भी श्मिल करें की कब कऔन सा काम आपको करना है। जैसे खेलने का समय और पढ़ाई का समय क्या होगा? किस विषय को कब पढ़ना है यह भी तय करें।

एग्जाम की तैयारी नज़र अंदाज न करें (Study tips for students in hindi)

अपने हर विषय और प्रत्येक अध्याय को अच्छी तरह पढ़ें। किसी भी अध्याय को यह सोच कर न छोड़ें कि यह ज़रूरी नहीं। किताबों में दी हुई हर बात ज़रूरी होती है। अगर इस बार की परीक्षा में यह न भी आए तो हो सकता है कि भविष्य की कक्षाओं में यह गहराई से पढ़ना पड़े, उस स्थिति में आप इसे समझ नहीं पाएंगे क्योंकि आपका बेस या आधार ही कमजोर होगा। जिस प्रकार छोटी कक्षाओं में ठीक तरह से गिनती या पहाड़े याद न हो तो आप आगे जाकर गणित नहीं बना पाएंगे, उसी प्रकार आज का पाठ्यक्रम हमारे भविष्य की पढ़ाई का एक छोटा किन्तु महत्वपूर्ण अंश होता है जिसे ठीक तरह से पढ़कर समझना ज़रूरी होता है।

एग्जाम के लिए टिप्स परीक्षा का सामना करें (Best study tips in hindi)

मेन एक्जाम के पहले ही स्कूल या ट्यूशन क्लास में प्री टेस्ट या एक अभ्यास टेस्ट आदि आयोजित किए जाते हैं। कई बच्चे इन अभ्यास परीक्षाओं को ज़्यादा तवज्जो नहीं देते और सोचते हैं कि, इसमें क्या रखा है, हम तो मेन एक्जाम की तैयारी करेंगे। पर किसी भी स्टूडेंट के लिए यह सोच बहुत नकारात्मक हो सकती है, दरअसल यह बच्चों के मन के भीतर का डर होता है जो उन्हें ऐसे एक्जाम या टेस्ट का सामना नहीं करने देता। पर आप बिना किसी डर के इस परीक्षाओं में हिस्सा लें, परिणाम चाहे जो भी हो यह आपके फायदे के लिए ही होगा। यह आपके परीक्षा के पूर्व मूल्यांकन का समय होता है। अगर अप अच्छे नबरों से पास होते हैं तो आपको अपनी तैयारी के बारे में पता चल जाता है, अगर आप काम अंक प्राप्त करते हैं तो भी इससे यह पता चल जाता है कि आप कहाँ कमजोर हैं और अब आपको कितनी मेहनत की ज़रूरत है।

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पढ़ाई के पहले ध्यान करें (Tips for concentration in study in hindi)

ध्यान एक ऐसी क्रिया है जो मन को विचलित होने से रोकती है और एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करती है। बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए एकाग्रता की ज़रूरत होती है। अगर मन विचलित रहा तो वह कुछ याद नहीं रख पाएगा और चीज़ें उसे समझ में भी नहीं आएंगी। ध्यान के द्वारा मनस्थिति को काबू में किया जा सकता है इसके परिणाम बहुत ही सकारात्मक पाये गए हैं। बच्चों को ध्यान करना सिखाएँ। ध्यान के लिए किसी शांत जगह का चुनाव करें। ज़मीन पर एक आसान बिछाकर बैठें और आँखें बंद कर लें। ओम का उच्चारण करते हुये गहरी साँसे लें और इस क्रिया को कुछ मिनट तक दोहराएँ आप जब ध्यान की मुद्रा में होंगे तो आपका मस्तिष्क विचार शून्य होगा। इसके बाद आप मन लगाकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित कर पाएंगे।

परीक्षा की तैयारी कैसे करे, ग्रुप स्टडी करें (Study tips for exams)

साथ बैठ कर पढ़ना जिसे आम भाषा में ग्रुप स्टडी कहा जाता है, बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इसमें आप एक विषय पर सभी के साथ खुलकर चर्चा कर सकते हैं। अगर किसी विषय में कोई परेशानी है जिसे आप अपने टीचर से या क्लास में नहीं पूछ पा रहे हैं तो अपने दोस्तों से बेझिझक पूछें। दोस्त आपकी हर हाल में मदद करते हैं और इस बात के लिए वे किसी तरह से आपका मज़ाक भी नहीं उड़ाते।

सीखने में शर्मिंदा महसूस न करें (How to do well on final exams, pariksha ki taiyari)

किसी विद्वान का कथन है कि, “अभिमानी होना उतनी बुरी बात नहीं है जितना कि सीखने की इच्छा का न होना।” अगर आप भी परीक्षा में अच्छे नंबर लाकर पास होना चाहते हैं तो इसका सबसे पहला नियम यह है कि आपको ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी होना चाहिए। अगर आपको किसी विषय के बारे में कुछ शंका या समस्या है तो खुल कर उसे अपने शिक्षक या दोस्त या अपने से बड़े किसी जानकार का मार्गदर्शन लें। सीखने में कभी संकोच न करें। सीखना ही आगे बढ़ने की पहली निशानी होती है।

परीक्षा की तैयारी टिप्स, समय का दुरुपयोग न करें (Utilize time effectively (How to study for long hours)

किसी भी हालत में समय का दुरुपयोग न करें। समय का सही उपयोग न करना भी समय का दुरुपयोग कहलाता है। फालतू कामों में समय नष्ट न करें। प्रत्येक मिनट का सही उपयोग करने की कोशिश करें। पर इसका मतलब यह नहीं कि हर समय अप केवल किताबों में ही डूबे रहें, कुछ समय बाकी के ज़रूरी कामों को अवश्य दें। घर के छोटे मोटे कामों में सहयोग दें, अपने काम खुद करें इन्टरनेट, टेलीविज़न औए मोबाइल आदि में समय न गवाएँ।

अतिआत्मविश्वास न दिखाएँ (How to study for final exams in high school)

आत्मविश्वास का होना बहुत अच्छी बात है लेकिन अतिआत्मविश्वास (overconfident) ज्ञान को काम कर देता है। पढ़ाई से संबन्धित किसी भी बात को लेकर अतिउत्साह या अतिआत्मविश्वास न दिखाएँ, यह आपकी प्रगति में बाधक हो सकता है। जो भी आपने तैयार किया है उसे शांत मन से अभ्यास करते रहें आपको सफलता ज़रूर मिलेगी। आत्मविश्वास से किया हुआ काम हमेशा कामयाबी देता है। खुद के ऊपर विश्वास के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, मुश्किल विषयों को अपनी कमजोरी न बनने दें और उनका सामना करें।

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