Simple and natural ways to protect your eyes – आँखों की सुरक्षा के आसान और प्राकृतिक तरीके

आँखें हमारे शरीर की सबसे खूबसूरत और सबसे महत्वपूर्ण संवेदक अंग (sensory organ) मानी जाती है। हर तरह की संवेदनाएं आँखों से ही बाहर आती हैं। आँखें चेहरे के हाव भाव को निर्धारित करने में भी काफी अहम भूमिका निभाती हैं। यह लोगों से बातचीत करने का एक बेहतरीन तरीका भी है।

हम छोटे अक्षर देखने, कंप्यूटर स्क्रीन (computer screen) पर वक़्त बिताने तथा अपने सेल फ़ोन्स (cell phones) पर आँखें गड़ाए रखकर इन्हें थकान का अनुभव करवाते हैं और इससे आँखों की समस्या में इज़ाफ़ा होता है। आँखों की दृष्टि का स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए नीचे कुछ आँखों की देखभाल के नुस्खे दिए गए हैं।

निरंतर आँखों की जांच करवाएं (Regularly check your Eyes)

आँखों की जांच काफी आवश्यक है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि आपकी आँखें अच्छी स्थिति में हैं और उनका स्वास्थ्य अच्छा है। एक विसुअल एक्विटी टेस्ट (visual acuity test) से आपकी आँखों का विशेषज्ञ (optometrist) इस बात का पता लगाता है कि अपनी आँखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आपको चश्मे या लेंस (lense) की आवश्यकता है या नहीं। आँखों की जांच तथा उनसे सम्बंधित कुछ समस्याओं या इन्फेक्शन जैसे ग्लूकोमा (glaucoma), मोतियाबिंद (cataract) या उम्र से जुड़े मैकुलर डीजेनेरेशन (macular degeneration) की स्थिति में आपको एक डाइलटेड आई टेस्ट (dilated-eye test) करवा लेना चाहिए।

अपने परिवार की आँखों का इतिहास जानें (Understand your family’s eye history)

कांटेक्ट लेंस के प्रयोग में की जाने वाली गलतियां

आंखों की समस्या, क्या आपके परिवार में किसी को ग्लूकोमा (glaucoma) की समस्या है? क्या किसी को कभी मोतियाबिंद हुआ है? आँखों की कई समस्याएं आनुवांशिक (hereditary) होती हैं। अगर आपको लगता है कि आपके आँखों के इन्फेक्शन से प्रभावित होने का ख़तरा काफी ज़्यादा है, तो इससे बचने के आप उपाय कर सकते हैं।

अपना चश्मा पहनें (Wear your sunglasses)

चश्मा पहनने से मोतियाबिंद तथा क्रोस फ़ीट (crow’s feet) की समस्या दूर हो जाती है। अल्ट्रा वायलेट (ultraviolet) किरणों से साल के किसी भी समय आपकी आँखें खराब हो सकती हैं, तथा ये सिर्फ दोपहर में ही नहीं, शाम के वक़्त भी आपको प्रभावित कर सकती है। बड़े लेंस वाले या त्वचा से चिपकने वाले चश्मों – जो 99% से 100% UVA और UVB रेडिएशन डिफेन्स – का प्रयोग करें।

आँखों की इन्फेक्शन से बचने के लिए कम्यूनिकेट लेंस को सुरक्षित रखें (Take care of communicate lenses to avert eye infections)

लेन्सेस (lenses) को छूने से पहले हमेशा अपने हाथ धो लें और आँखों के संक्रमण से बचने के लिए इन्हें साफ़ तथा इन्फेक्शन से मुक्त करें। आँखों के रोग, इसके अलावा अपनी आँखों के विशेषज्ञ द्वारा सुझाए गए कम्यूनिकेट लेन्सेस को संभालकर पहनें।

आँखों के पोषण के लिए सही भोजन करें (Consume right food to keep your eyes nourished)

रक्तमय और लाल आँखों से बचाव

यह बात सही है कि गाजर में मौजूद बीटा कैरोटीन (beta carotene) आपकी आँखों के लिए काफी अच्छा होता है। इसके अलावा विटामिन सी (vitamin C), विटामिन इ (vitamin E), जिंक (zinc), तथा ओमेगा 3 फैटी एसिड्स (omega-3 fatty acids) भी आँखों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। ये सब आँखों से AMD के खतरे को कम करने में सहायता करते हैं। AMD एक प्रकार का आँखों का इन्फेक्शन होता है, जिसकी वजह से अंधापन भी हो सकता है। विटामिन सी के लिए संतरे, स्ट्रॉबेरी (strawberries) तथा हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ खाएं। जिंक की शरीर में पूर्ति के लिए टर्की (turkey) तथा पुल्लेट (pullet) का सेवन करें। विटामिन इ के लिए बादाम और पीनट डेरी स्प्रेड (peanut dairy spread) का सेवन करें और ओमेगा 3 (omega-3) के लिए सालमन, टूना या हालिबट (halibut) का सेवन करें।

कंप्यूटर के सामने ज़्यादा देर ना बैठें (Prevent computer eyestrain)

हममें से ज़्यादातर लोग कंप्यूटर (computer) या टीवी (TV) के सामने बैठने के समय कुछ देर के लिए ब्रेक (break) लेना या अपनी पलकें झपकाना भूल जाते हैं। इससे आपकी आँखें थकी और सूखी सी हो जाती हैं। इससे आपको काफी ज़्यादा सिरदर्द का सामना भी करना पड़ सकता है। आँखो की कमजोरी, आँखों के बोझ को कम करने के लिए 20-20-20 के नियम को अपनाएं – हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए अपने से 20 फ़ीट दूर देखना शुरू कर दें।

सूखी और थकी आँखों को राहत दें (Heal dry, irritated eyes)

क्या आपकी आँखों में खुजली, सूखेपन या जलन की समस्या है ? जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, वैसे वैसे आँखों की शक्ति कम होती जाती है, जिससे सूखी आँखों की समस्या सामने आती है। इस समस्या से बचने के लिए विटामिन ए (vitamin A) युक्त पदार्थों का सेवन करें, जैसे खरबूजा (cantaloupe), गाजर तथा आम। सूखी हवा को नमीयुक्त बनाने के लिए ह्यूमिडिफायर (humidifier) का प्रयोग करें। जिस दिन काफी हवा चल रही हो, या फिर काफी तेज़ धूप निकली हो, उस दिन चश्मा पहनकर ही बाहर निकलें।

नेत्र दृष्टि बढ़ाने के घरेलू उपचार

अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए आँखों की जांच करवाएं (Check your eyes for signals of other health troubles)

अगर आपकी आँखों की जांच करने वाला विशेषज्ञ यह देखता है कि आपके आँखों की रक्त वाहिकाएं थकी हुई या किसी परेशानी से युक्त लग रही हैं तथा लाल की जगह तांबे या भूरे रंग की दिख रही हैं, तो ये उच्च रक्तचाप (high blood pressure) या मधुमेह की निशानियाँ हो सकती हैं, जिसकी वजह से आपके आँखों की रोशनी भी जा सकती है। शरीर के द्रव्य युक्त नसों का बंद होना या आँखों में जलन ऑटो इम्यून संक्रमण (autoimmune infection) की ओर इशारा करते हैं जिससे नज़र कमज़ोर होने, दर्द, रोशनी के प्रति संवेदनशील होने तथा आँखों के लाल होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

अच्छी नज़रों के लिए व्यायाम (Workout for better vision)

कठोर व्यायाम जैसे दौड़ना आपकी आँखों को मोतियाबिंद तथा AMD से बचाने में सक्षम है। अगर आपको दौड़ना पसंद नहीं है तो ऐसा कोई भी व्यायाम करें जिससे आपका दिल स्वस्थ रहे, जैसे बाइकिंग (biking), रोलर स्केटिंग (roller skating), तैराकी या वज़न उठाना। ये आपके शरीर की सूजन को दूर करेंगे, जिससे आपकी आँखें प्रभावित होंगी तथा उनकी रोशनी में भी वृद्धि होगी।

आँखों की चोट से बचने के लिए अपनाएं बचाव (Use defence to avert eye injuries)

चाहे आप कोई खेल खेल रहे हों या घर के ज़रूरी काम कर रहे हों, अपनी आँखों को किसी संभावित चोट से बचाने के लिए बचाव तरीके अपनाएं। अगर आप टेनिस या बेसबॉल (tennis or baseball) खेलते हुए आमतौर पर चश्मा पहनते हैं तो इस बात को सुनिश्चित करें कि इनके फ्रेम्स (frames)  पोलीकार्बोनेट (polycarbonate) से बने हों, जो कि काफी मज़बूत तत्व होता है। जब आप घर की सफाई के उपकरणों का प्रयोग कर रहे हों तो अपनी आँखों पर केमिकल (chemical) पदार्थ जाने से बचाने के लिए सिक्यूरिटी गॉगल्स (security goggles) का प्रयोग अवश्य करें। इसके अलावा इन पदार्थों का प्रयोग करने के बाद हाथ अच्छे से धो लें।

तेज़ आँखों के लिए भोजन (Food for bright eyesight – nazar badhane ke liye)

सूजी हुई आँखें ठीक करने के घरेलु नुस्खे

आँखों को अच्छे से काम करने के लिए कई पोषक पदार्थों की आवश्यकता होती है। इनमें से कुछ हैं : –

  • विटामिन ए, सी तथा इ (vitamins A, C, E) तथा कॉपर एवं जिंक (copper and zinc) जैसे खनिज
  • आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए, एंटी ऑक्सीडेंट (antioxidant) सूरज की किरणों से होने वाली हानि से आँखों के मेक्यूला (macula) को बचाते हैं। एंटी ऑक्सीडेंट्स के मुख्य स्त्रोत हैं गाढ़ी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, अंडे का पीला भाग, पीली मिर्च, कद्दू, मीठे आलू और गाजर। शोधों से साबित हुआ है कि पीली और हरी सब्ज़ियाँ खाने से उम्र से जुड़े मैकुलर जनरेशन (macular generation) को रोकने में मदद मिलती है, जो अंधेपन का एक प्रमुख कारण होते हैं।
  • सल्फर, सिस्टीन तथा लेसीथिन (sulfur, cysteine, and lecithin) से युक्त भोजन आँखों की लेंस (lens) पर मोतियाबिंद को होने से रोकते हैं। लहसुन, प्याज, शैलॉट्स एवं केपर्स (shallots and capers) इन तत्वों से भरपूर होते हैं।
  • जामुन, अंगूर तथा गोजी बेरीज (goji berries) एंटी ऑक्सीडेंट तथा जलन दूर करने वाले गुणों से युक्त होते हैं जिससे नज़र तेज़ करने में सहायता मिलती है।
  • DHA एक फैटी एसिड (fatty acid) है जो जंगली सालमन, सारडाइन्स, कॉड एवं मैकेरल (wild salmon, sardines, cod, and mackerel) जैसी मछलियों में पाया जाता है। DHA सेल मेम्ब्रेन (cell membranes) के ढाँचे को सहारा देकर आँखों के स्वास्थ्य में काफी वृद्धि करता है।

आँखों के लिए व्यायाम (Exercise for eyes)

  • आँखो का इलाज, आँखों को सेंक देने के लिए अपनी हथेलियों को रगड़कर ताप उत्पन्न करें तथा इसे अपनी आँखों पर करीब 5 सेकंड तक रखें। इस प्रक्रिया को तीन बार दोहराएं।
  • एक कलम लेकर इसे एक हाथ दूर रखें तथा इसपर ध्यान लगाएं। धीरे धीरे इस कलम को अपने चेहरे के इतना करीब लाएं कि यह आपकी नाक से करीब 6 इंच की दूरी पर आ जाए। इसके बाद धीरे धीरे इसे वापस ले जाएं और सारे समय कलम पर नज़रें गड़ाए रखें। आँखों की रोशनी बढाना, इस प्रक्रिया का पालन 10 बार करें।

सिर की मालिश अंगूठों की उलटी दिशा से (thumb knuckles) छोटी गोलाकार मुद्राओं में करें। इस प्रक्रिया का पालन 20 बार एक दिशा में करें तथा 20 बार विपरीत दिशा में। इस प्रक्रिया को भौंहों के बीचोंबीच तथा इसके बाद आँखों के नीचे और नाक के दोनों तरफ भी दोहराएं।

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