Home remedies for Arthritis – Hindi tips to treat Arthritis naturally – जोड़ों के दर्द के प्राकृतिक घरेलू इलाज

आपने अवश्य ही अपने दादा दादी क जोड़ों के दर्द से जूझते हुए देखा-सुना होगा।इससे कई लोगों को लग सकता है कि जोड़ों का दर्द केवल बुज़ुर्ग लोगों को होता है जो 55 साल की आयु पार कर चुके हैं। परन्तु शोधों से साबित हुआ है कि यह लोगों की गलत धारणा है।  जोड़ों का दर्द एक ऐसी बीमारी है जो विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकती है। परन्तु जोड़ों के दर्द का एक प्रकार ओस्टेओआर्थराइटिस (osteoarthritis) उम्र के साथ बढ़ता है।  हालिया शोध के अनुसार जोड़ों के दर्द से ग्रस्त हर 5 में से 3 मरीज़ की आयु 65 वर्ष से कम पायी गयी है।

जोड़ों के दर्द के कारण (Causes of arthritis)

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जोड़ों के दर्द का असल कारण किसी व्यक्ति को हुए जोड़ों के दर्द के प्रकार पर निर्भर करता है।  इसके सामान्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • आनुवांशिकता
  • असामान्य मेटाबोलिज्म (metabolism)
  • अति कार्यशील प्रतिरोधक क्षमता
  • संक्रमण

जोड़ों के दर्द के अन्य कारणों में कार्टिलेज (cartilage), जो मानव शरीर में जोड़ों की सुरक्षा के लिए काफी आवश्यक है, का तेज़ी से टूटना है। जब आप जोड़ों पर दबाव डालते हैं तो कार्टिलेज उस झटके से उबरने में आपकी सहायता करता है।  जब भी आप चलते हैं तो आपके शरीर के विभिन्न अंगों में काफी बड़े परिवर्तन आते हैं। यदि आपके शरीर में पर्याप्त कार्टिलेज नहीं है तो हड्डियों के आपस में रगड़ खाते ही आपको दर्द एवं सूजन का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में आप अकड़न के भी शिकार हो सकते हैं।

जोड़ों के दर्द से निपटने के घरेलू नुस्खे (Home remedies to treat arthritis)

हल्दी युक्त अदरक की चाय (Ginger tea with turmeric)

अदरक एवं हल्दी दोनों में ही जलनरोधी गुण होते हैं।  यह रियूमाटॉइड (rheumatoid) तथा ओस्टेओआर्थराइटिस ठीक करने में काफी प्रभावी साबित होता है। हल्दी को काफी सालों से एंटीसेप्टिक (antiseptic) उत्पाद के रूप में भी मान्यता दी जाती रही है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (curcumin) नामक कार्यशील उत्पाद में भी एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो मानव शरीर के लिए काफी आवश्यक हैं। मूल रूप से हमारे शरीर के दो एन्ज़इम्स (enzymes) जलन पैदा करने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। हल्दी जलन पैदा करने वाले इन दोनों एन्ज़इम्स के स्तर को कम करने में मदद करता है। आप चाय में अदरक एवं हल्दी का मिश्रण डालकर एक बेहतरीन पेय पदार्थ बना सकते हैं।

जोड़ों के दर्द के लिए मैग्नीशियम (Magnesium in diet for Arthritis)

मैग्नीशियम एक काफी प्रभावी उत्पाद है जिसकी आवश्यकता मानव शरीर को जोड़ों के दर्द से खुद को बचाये रखने के लिए पड़ती है। 300 से भी अधिक बायोमैकेनिकल (biomechanical) प्रतिक्रियाएं मैग्नीशियम की सहायता से संभव होती हैं। यह आपकी हड्डियों एवं मांसपेशियों को दर्द एवं अकड़न से बचाता है। मैग्नीशियम हमारे दिल को धड़कने में भी सहायता करता है। ऐसी कई सब्ज़ियां हैं जिनमें मैग्नीशियम काफी मात्रा में पाया जाता है तथा इनसे जोड़ों के दर्द का इलाज करने या इनसे बचने में सहायता मिलती है। ऐसे खाद्य पदार्थों में लेग्यूम्स (legumes), पालक एवं अन्य हरी पत्तेदार सब्ज़ियां शामिल हैं। आप मैग्नीशियम के तेल का प्रयोग कर सकते हैं, जिसे आपके शरीर में लगाने से आपके जोड़ों एवं मांसपेशियों के दर्द मिलती है।

कुकरौंधा की पत्तियां (Dandelion leaves)

आप कुकरौंधा की पत्तियों का प्रयोग जोड़ों के दर्द के इलाज के लिए कर सकते हैं क्योंकि यह विटामिन सी एवं विटामिन ए (vitamin C and Vitamin A) से भरपूर होता है। यह उस कोशिका की मरम्मत में काफी सहायता करता है जो जोड़ों के दर्द की समस्या की वजह से क्षतिग्रस्त होती है। इससे आपके रक्त की सारी अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं। आप एक कप चाय बनाकर इन पत्तियों का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए 3 चम्मच कुकरौंधा की पत्तियां लें एवं बिना दूध की चाय बनाएं। आप इसे मीठा बनाने के लिए शहद का प्रयोग कर सकते हैं।