What is bacterial vaginosis? Causes and treatment – बैक्टीरियल वेजिनोसिस (बी.वी.) क्या है? कारणों और उपचार प्रक्रिया

योनि स्त्रियों का प्रजनन अंग है जो उन्हें स्त्री बनाता है। योनिक समस्याओं और कठिनाइयों के कारण स्त्रियों को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शोधों को अनुसार, स्त्री जननांग में अच्छे बैक्टीरिया के साथ नुकसानदायक बैक्टीरिया भी पाया जाता है।

इसलिये इनमें संतुलन होना अत्यावश्यक है। लेकिन बैक्टीरियल वैजाइनॉसिस एक ऐसी स्थिति है जब इन दोनों तरह के बैक्टीरिया में असंतुलन हो जाता है। इस असंतुलन में नुकसानदायक बैक्टीरिया की संख्या अच्छे बैक्टीरिया से अधिक हो जाती है।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कारण (Causes of Bacterial Vaginosis)

महिलाओं में बैक्टीरियल वैजाइनॉसिस होने के विषय में अस्पष्ट तथ्य है। विभिन्न राष्ट्रों में  हुये शोधों के अनुसार महिलायें आसानी से इस रोग से ग्रसित हो जाती हैं। कुछ प्रमुख कारण इस बिमारी के हैं-

  • असुरक्षित यौन संबंध होना
  • यौन संबंध करते समय कंडोम का सेवन न करना।
  • हर बार आप यौन संबंध के लिये नए यौन सम्बंधी को रखना
  • कई सेक्स पार्टनर को अपनाना
  • जन्म नियंत्रण करने के लिए आईयूडी या अंतर्गर्भाशयी डिवाइस का प्रयोग करना

घरेलू महिलाओं की तुलना में, इस बैक्टीरिया का प्रभाव अक्सर यौन संबंध करने वाली महिलाओं में सामान्य रूप से पाया जाता है। फिर भी, चिकित्सा विज्ञान सेक्स जीवाणुओं के संतुलन को कैसे परिवर्तित करता है का पता नहीं लगा पाया है।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस के खतरे के बारे में कुछ मिथक (Some myths about Bacterial vaginosis attack)

  • टॉयलेट सीट के माध्यम से होना
  • स्विमिंग पूल से होना
  • आपके अपने पड़ोस के आसपास की वस्तुओं को छूने से
  • बिस्तर पर जाने से

बी.वी. के लक्षण (Signs of BV)

महिलाओं में असामान्य योनि रस के साथ दुर्गंध की समस्या इसका लक्षण है। कुछ महिलाओं में यौन सम्बंध करने के बाद मछली की तरह दिखायी पड़ती हैं। निकलने वाले स्राव का रंग एक महिला से दूसरी महिला में अलग अलग हो सकता है। कुछ महिलाओं में ग्रे रंग का तो दूसरे समूह की महिलाओं में सफेद रंग का हो सकता है। झागदार और पानीदार दोनों चिन्ह एक तरह की समस्या हो सकते है।

अगर आपको पेशाब करते समय जलन की समस्या है, तो इसका मतलब हौ कि आप बी.वी से पीड़ित हैं। कुछ महिलाओं को स्त्री जननांग/योनि के आस पास योनी खुजली (yoni ki khujli) और जलन होती है। यह हर बार आवश्यक नहीं है कि किसी में ये लक्षण दिखायी दें तो उसे बी.वी. की बीमारी है। इन समस्याओं के कारण महिलाओं को अन्य बीमारी भी हो सकती है।

बी.वी. का उपचार (Treatment of BV)

अगर आप इसके उपचार के लिये डॉक्टर के पास जाते हैं तो वह आपको एंटीबायोटिक दवाइयां उपलब्ध करायेगा। यह सिद्ध हो चुका है कि बी.वी . से प्रभावित महिलाओं को किसी भी इलाज की जरूरत नहीं होती है। लेकिन यह विशेष बैक्टीरिया केवल महिला सहयोगी के कारण फैलता है। इसलिये, सहयोगियों को इस संक्रमण के बारे में एक दूसरे से बात करनी चाहिये। उपचार के बाद, यह एक बार पुन: पैदा और फैल सकता है।

कुछ महिलायें इस तथ्य के बारे में सुनिश्चित नहीं होती है कि गर्भवती महिला जो बी.वी. से संक्रमित होती है उसका उपचार सुरक्षित होता है। महिला जो बैक्टीरिया संक्रमण से पीड़ित है उसकी जांच वास्तविकता में बहुत ही महत्वपूर्ण है। अगर आप ऐसी महिला है जिसने समय से पहले प्रसव या कम वजन के बच्चे को जन्म दिया है तो यह सम्भव है कि वह बी.वी. से पीड़ित हो जाय। चिकीत्सा विज्ञान आज बहुत आधुनिक हो चुका है इसलिये एक गर्भवती महिला जो बी.वी बैक्टीरिया से संक्रमित है गर्भावस्था के किसी भी समय इसका उपचार करा सकती है।

बी.वी. के जोखिम को कम करने के तरीके (Ways to lower the risk of BV)

बी.वी. के जोखिम,योनि संक्रमण को कम करने के विभिन्न तरीके हैं। ये हैं:

  • योनि की देखभाल, आपको नियमित आधार पर अपने श्रोणि का परीक्षण कराने के लिये जाना चाहिये। इस परीक्षण को एसटीआई के नाम से भी जाना जाता है।
  • अपनी योनि और गुदा (yoni rog gharelu upchar) को नियमित आधार पर साफ करने के लिये मृदु शैम्पू का उपयोग करना चाहिये जिससे कि योनि बैक्टीरिया संतुलित रहे।
  • योनि की देखभाल, पानी के फुहारे को अधिक नहीं लगाना चाहिये क्योंकि यह कुछ सामान्य बैक्टीरिया को हटाने के लिये उत्तरदायी होता है जो आपको संक्रमण से बचाता है।
  • योनिशोथ, अगर डॉक्टर ने किसी दवा की सलाह दी है तो आप पहले उसे खत्म करें।