Home remedies for avoiding fatty liver – लीवर में फैट – लिवर से वसा हटाने के घरेलू नुस्खे

आजकल की पीढ़ी में लिवर से जुडी समस्याओं में काफी वृद्धि हुई है। लिवर के सही प्रकार कार्य ना करने से शरीर के खाना पचाने की शक्ति में काफी कमी आती है तथा पोषक पदार्थ सोखने में, वसा को विभाजित करने में तथा शरीर की अशुद्धियों को दूर करने में भी काफी दिक्कतें पेश आती हैं। लिवर में वसा, लीवर में फैट(liver me fat) का जम जाना लिवर की सबसे सामान्य बीमारियों में से एक है। यह खुद तो एक बीमारी है ही, परन्तु यह खुद ही दूसरी बीमारियों को जन्म देने की क्षमता भी रखती है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में अत्याधिक मात्रा में वसा की कोशिकाएं जमा हो जाती हैं, हालांकि लिवर में थोड़ी सी मात्रा में वसा का होना आम बात है। लिवर की वसा (liver mai vasa honi) कोशिकाओं में जमती रहती है तथा और तंतुओं के बीच की जगह को भर देती है जिससे वे भारी होकर फ़ैल जाते हैं। लिवर में वसा बढ़ने से शराब आधारित या अन्य प्रकार की लिवर की बीमारियां भी हो सकती हैं।

लीवर की बीमारी – शराब आधारित लिवर की बीमारी (Alcoholic fatty Liver Disease)

लीवर की बीमारी, लिवर में वसा जमने का एक कारण थोड़ी या ज़्यादा मात्रा में शराब पीना भी हो सकता है। शराब आधारित लिवर की बीमारी माँ बाप द्वारा द्वारा बच्चों को भी हो सकती है। शराब आधारित लिवर की बीमारी के अन्य कारण हैं हेपेटाइटिस सी, शरीर में आयरन की ज़्यादा मात्रा, मोटापा तथा खानपान।

अन्य कारणों से हुई लिवर की बीमारी (Non-alcoholic fatty liver disease (NAFLD)

अन्य कारणों से हुई लिवर की बीमारी ही हाल के समय में दीर्घकालिक लिवर की समस्या का प्रमुख कारण रही है। यह एक सामान्य स्थिति नहीं है, पर यह उतनी गंभीर भी नहीं है जब तक कि इससे लिवर में जलन या अन्य कोई समस्या ना आ जाए।

पेट की सूजन से निपटने के उपाय

लीवर की देखभाल, कुछ लोग जिन्हें लिवर में अतिरिक्त वसा होने की समस्या होती है, उनके लिवर में वसा जमने का कोई कारण नहीं होता है। हालांकि ये सामान्य नहीं है पर जलन या अन्य समस्या न होने की स्थिति में ज़्यादा गंभीर भी नहीं है। यह शराब आधारित लिवर की समस्या जैसी होती है पर इस रोग से ग्रस्त मनुष्य शराब का काफी कम मात्रा में सेवन करता है या शराब का सेवन करता ही नहीं है। इसके फलस्वरूप लिवर को स्थाई क्षति हो सकती है। इससे लिवर बड़ा हो जाता है तथा लिवर की कोशिकाओं के बदले खराब ऊतक आ जाते हैं। इस बीमारी को सिरॉसिस कहते हैं जिसमें लिवर सही प्रकार से काम नहीं करता तथा मनुष्य के लिवर में खराबी आ सकती है, उसे लिवर से वसा, लिवर का कैंसर हो सकता है या फिर लिवर से जुडी कोई अन्य समस्या हो सकती है।

लिवर में वसा जमने के कारण (Causes of Non-alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD))

1. यह बीमारी लोगों के वंश में हो सकती है क्योंकि इसके कारणों का पता अभी नहीं चला है। यह अधेड़ उम्र के लोगों और काफी मोटे लोगों को ज़्यादा होती है।

2. लीवर की सूजन, दवाइयाँ, वायरल हेपेटाइटिस, तेज़ गति से वज़न का घटना तथा कुपोषण इसकी अन्य वजहें हो सकती हैं।

3. कुछ शोधों से पता चला है कि छोटी आंत में बैक्टीरिया के बढ़ने से भी लिवर में वसा जमने वाली बीमारी हो सकती है।

लिवर में वसा जमने के लक्षण (Symptoms of fatty liver disease)

1. लिवर रोग के लक्षण, वसा जमने की सामान्य स्थितियों में कोई भी लक्षण नहीं देखे जाते। कभी कभी पेट के दाएं भाग में दर्द होता है जो लिवर में चर्बी जमने की ही निशानी है। गंभीर स्थितियों में लिवर बड़ा हो जाता हैं जिसे सिरॉसिस कहते हैं।

2. सिरॉसिस के लक्षण हैं सूजा पेट, त्वचा में खुजली, उलटी, मतिभ्रम होना, मांसपेशियों में कमज़ोरी तथा आँखों में पीलापन आना।

लिवर का इलाज – लिवर की चर्बी के उपचार (Treatment of fatty liver disease)

1. लिवर की सूजन, शराब आधारित लिवर की बीमारी में लिवर सिरॉसिस का पता चलने पर तुरंत शराब पीना बंद कर देना चाहिए।

2. सामान्य रूप से लिवर में वसा जमने वाली बीमारी का कोई उपचार नहीं है। लीवर की खराबी, जीवनशैली में परिवर्तन, अत्याधिक मात्रा में वज़न का घटना, शारीरिक श्रम का बढ़ना एवं मधुमेह तथा उच्च कोलेस्ट्रोल का इलाज करवाने से यह बीमारी ठीक हो सकती है।

लिवर के उपाय – घरेलू उपचार (Home Remedies for fatty liver disease)

कान का दर्द

  • लिवर का उपचार – वज़न घटाए (Lose weight) – ज़्यादा मोटे व्यक्ति कैलोरी ग्रहण करना कम करें तथा वज़न घटाने के लिए शारीरिक श्रम करना शुरू करें। आपसे अगर घर में वज़न कम नहीं होता तो आप किसी पेशेवर से मदद ले सकते हैं।
  • फैटी लीवर उपचार – स्वस्थ भोजन को चुने (Choose a healthy diet) – फल, सब्ज़ियों और साबुत अनाज से भरपूर खानपान आपके लिवर की कार्यशैली के लिए काफी अच्छा होगा।
  • लिवर का उपचार – खूब व्यायाम करें (Exercise and more activity) – कम से कम हफ्ते में 5 दिन आधे घंटे का व्यायाम अवश्य करें।
  • फैटी लीवर उपचार – मधुमेह को नियंत्रित करें (Control diabetes) – मधुमेह को दवाइयों एवं खून में रक्त की मात्रा की जांच के द्वारा नियंत्रित रखें।
  • फैटी लीवर का उपचार – कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम करें (Lower cholesterol) – स्वस्थ वनस्पति युक्त भोजन, शारीरिक व्यायाम तथा सही दवाइयों की मदद से आपका कोलेस्ट्रोल और ट्राईग्लिसराइड्स सही मात्रा में रह सकते हैं।
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